जानें कैसे वॉकिंग (Walking) है एक बेहतरीन एक्सरसाइज?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट अक्टूबर 19, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें
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वॉकिंग करना अनेक बीमारियों और समस्याओं का समाधान है। अगर आप जोड़ों के दर्द, तनाव, दिल की बीमारियों या मोटापे जैसी समस्याओं से परेशान हैं, तो पैदल चलना आप के लिए बेहतरीन विकल्प है। पैदल चलने से आप का शरीर चुस्त और फुर्तीला रहता है। आपको बताते हैं कि पैदल चलना हमारी सेहत को बेहतर बनाने में क्या योगदान देता है…

वॉकिंग के फायदे क्या हैं?

नियमित टहलने के निम्नलिखित फायदे हो सकते हैं। जैसे:

  • मोटापा कम करने में करती है मदद
  • हार्ट को हेल्दी रखता है वॉकिंग
  • डायबिटीज को नियंत्रित करने में है मददगार
  • हर तरह के शरीर के लिए लाभकारी है टहलना
  • डिप्रेशन और एंग्जाइटी के असर को कम करे
  • जोड़ों के दर्द से राहत मिल सकती है
  • इम्यून सिस्टम होता है स्ट्रॉन्ग

जानते हैं विस्तार से इन फायदों के बारे में 

  • मोटापा कम करने में करती है मदद

वॉकिंग आपके मेटाबोलिज्म को बढ़ा कर वजन घटाने में बहुत मदद करती है। यह एक बेहतरीन एक्सरसाइज है। शरीर से 70 से 75 कैलोरी को चार किलोमीटर चलने से बर्न किया जा सकता है। सामान्य व्यक्ति रोजाना दो किलोमीटर चल कर भी अपना वजन आसानी से घटा सकता है। कार और बाइक का इस्तेमाल न करते हुए करीबी जगहों पर पैदल जाना एक अच्छा विकल्प है।

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  • हार्ट को हेल्दी रखता है वॉकिंग

वॉकिंग आप के दिल को स्वस्थ्य रखने में मदद करती है। वॉकिंग से आप को हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और दिल की कई गंभीर बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। यह स्वस्थ्य जीवन पाने के लिए सरल, आसान और लंबे समय तक की जाने वाली एक्सरसाइज है।

  • वॉकिंग के फायदे – डायबिटीज को नियंत्रित करने में है मददगार

चलने से आपके शरीर में शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है। यह इंसुलिन के स्तर को कम करके डायबिटीज को काबू में रखता है। हर भोजन के बाद 15  मिनट चलना, आम समय में 45  मिनट तक चलने के बराबर फायदेमंद है। 

  • हर तरह के शरीर के लिए लाभकारी है टहलना 

गर्भास्वस्था, मोटापा, बुढ़ापा या गठिया रोग जैसी अनेक बीमारियों के शिकार लोगों के लिए पैदल चलना बहुत फायदेमंद है। अक्सर डॉक्टर्स आपको ज्यादा चलने की सलाह देते हैं। यह गंभीर बीमारियों की समस्या का असर कम करने में भी मदद करता है। आज ही से चलना शुरू करें। भले ही 10 मिनट ही क्यों न चलें।

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  • डिप्रेशन और एंग्जाइटी के असर को कम करे

चलने से आपके शरीर में एंडोर्फिन नाम का रसायन रिलीज होता है जो आपके मूड को बेहतर बनाने और आपको खुश रखने में मदद करता है। रोजाना नियमित रूप से चलने में स्ट्रेस, एंग्जाइटी और डिप्रेशन के लक्षणों को काफी हद तक कम करने में मदद करता है और आपके मूड को बेहतर बनाए रखता है।

  • चलने के फायदे – चलना सस्ता और आसान विकल्प है

चलने के लिए किसी भी प्रकार के पैसे नहीं लगते, आपको जिम मेंबरशिप की भी जरूरत नहीं होती। आपको सिर्फ आरामदायक कपड़ों और जूतों की आवश्यकता होगी। चलने को आसान और दिलचस्प बनाने के लिए स्टेप काउंटर्स, म्यूजिक प्लेयर्स और इयरफोन का इस्तेमाल किया जा सकता है।

  • जोड़ों के दर्द से राहत मिल सकती है

नियमित रूप से टहलना जोड़ों के दर्द से आपको बचा सकता है। टहलने के कारण मांसपेशियां स्ट्रॉन्ग होती हैं। रेगुलर वॉक से अर्थराइटिस जैसी बीमारी भी ठीक हो सकती है।

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  • इम्यून सिस्टम होता है स्ट्रॉन्ग

अगर आपको बार-बार सर्दी-जुकाम की समस्या है, तो आपको नियमित टहलना चाहिए। ऐसा करने से इम्यून सिस्टम स्ट्रॉन्ग होता है और आपको रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सकती है।

  • प्रतिदिन 30 मिनट वॉकिंग के फायदे

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए 30 मिनट रोजाना टहलना चाहिए। इस दौरान बॉडी को स्ट्रेट रखें और बिना गुनगुनाये वॉक करें। वॉक करने के दौरान अगर आप बात करेंगे या गाना गायेंगे तो आपको सांस लेने में परेशानी होगी और आप वॉक नहीं कर पायेंगे। इसलिए आधे घंटे वॉक करने के दौरान नियम से इसका पालन करें।

टहलने का शरीर पर अत्यंत लाभकारी प्रभाव पड़ता है। लेकिन हैलो स्वास्थ्य आपको बताने जा रहा है सुबह और शाम के वक्त टहलने के क्या-क्या शारीरिक लाभ मिल सकते हैं।

सुबह टहलने के फायदे क्या हैं?

वेट लॉस- मॉर्निंग वॉकिंग से वेट लॉस करने में सहायता मिलती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार बॉडी में मौजूद फैट सोने के दौरान बॉडी मूवमेंट न होने के कारण जमने लगता है, जिससे शरीर में फैट की मात्रा बढ़ने लगती है। इसलिए शरीर का वजन कम करने के लिए सुबह-सुबह टहलना अच्छा माना जाता है।

हेल्दी हार्ट- हृदय को स्वस्थ्य रखने के लिए सुबह-सुबह टहलना चाहिए। मॉर्निंग वॉकिंग से बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिलती है और गुड कोलेस्ट्रॉल का निर्माण होने लगता है, जो हृदय के लिए अति आवश्यक होता है।

ब्लड सर्क्युलेशन- सुबह टहलने शरीर में ऑक्सिजन लेवल बेहतर होता है, जो शरीर में ब्लड सर्क्युलेशन (रक्त प्रवाह) को बेहतर बनाता है और ह्रदय तक ब्लड आसानी से पहुंचता है।

ब्लड शुगर लेवल- नियमित रूप से सुबह टहलने से डायबिटीज की परेशानी ठीक हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें, तो सुबह टहलने से डायबिटीज की समस्या नहीं हो सकती है।

आंखें रहती हैं स्वस्थ्य- सुबह टहलने से आंखें स्वस्थ्य रहती हैं।

ध्यान फोकस करना- टहलने से शरीर में रक्त प्रवाह बेहतर होता है, जो हृदय के लिए लाभदायक होने के साथ-साथ ध्यान केंद्रित करने में भी सहायक होता है और आप काम बेहतर तरह से कर पाते हैं।

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शाम के वक्त टहलने के फायदे क्या हैं?

वजन करें कम- रोजाना शाम के वक्त टहलने से वजन कम करने में सहायता मिलती है। अगर आपके पास वक्त की कमी है और आप सुबह वॉक पर नहीं जा सकते और जिम भी जाना नहीं चाहते हैं, तो शाम के वक्त टहलें।

दूर होगी थकान- दिनभर की भाग-दौड़ और थकावट को दूर करने के लिए रोजाना शाम के वक्त आराम से वॉकिंग करें। इससे आप फ्रेश महसूस करेंगे, थकान दूर होगी और मानसिक तनाव से भी बचे रहेंगे।

दूर होगी पीठ दर्द की समस्या- आठ से नौ घंटे लगातर बैठने की वजह से अक्सर पीठ दर्द की शिकायत बनी रहती है। इसलिए शाम के वक्त काम से फ्री हो कर रोजाना वॉकिंग को अपनी हैबिट बनायें।

ब्लड फ्रेशर रहता है बैलेंस- अगर आपको ब्लड प्रेशर की समस्या रहती है, तो इवनिंग वाकिंग है आपके लिए बेस्ट ऑप्शन ब्लड प्रेशर को संतुलित बनाये रखने में। कम से कम आधे घंटे रोज शाम को टहलें और बीपी रखें कंट्रोल।

मूड बनाये बेहतर- दिभर के काम-काज के बाद अब वो चाहे ऑफिस वर्क हो या घर का काम। अगर आपको बोरियत फील होती है, तो आपको शाम के वक्त टहलना चाहिए। इससे आपको मूड बेहतर होगा।

मसल्स होते हैं स्ट्रॉन्ग- अगर आप मसल्स के लिए वर्कआउट करना चाहते हैं और आपको वक्त नहीं मिल पाता है, तो आप शाम के समय सैर पर जाएं। फिटनेस एक्सपर्ट्स के अनुसार इससे मसल्स को स्ट्रॉन्ग बनाया जा सकता है।

पाचन तंत्र होगा अच्छा- अगर आपको डायजेशन संबंधित परेशानी बनी रहती है, तो शाम के वक्त वॉकिंग करें। इससे डायजेशन बेहतर होता है और आप स्वस्थ्य रह सकते हैं।

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वॉकिंग को जीवन का हिस्सा बनायें

वॉकिंग को अपने डेली रूटीन में फॉलो करें। कोशिश करें की टहलना का समय फिक्स हो मतलब रोज एक ही समय पर टहलें। टहलने के दौरान एनर्जेटिक महसूस करें। ऐसा करने से आपक टहलने के वक्त अच्छा महसूस करेंगे। अगर आपको अकेले टहलना पसंद न हो तो अपने जीवनसाथी, फ्रेंड्स या फिर कोई और व्यक्ति जो आपको पसंद हो उनके साथ टहलें।

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वॉकिंग के दौरान पैडोमीटर का प्रयोग करें

वॉकिंग के दौरान पैडोमीटर पहने। इसकी मदद से ये समझना बेहद आसान हो जायेगा की आपने कितना स्टेप या किलोमीटर तय किया है। आजकल बाजार में ऐसी घड़ी (Watch) भी उपलब्ध है जिसे पहनकर आप दिनभर में किता चलते हैं, उसकी भी जानकारी मिल पाएगी। अगर आप वॉक पर जा रहें हैं तो एक युवा व्यक्ति को कम से कम 10,000 स्टेप या इससे ज्यादा चलना चाहिए।

वॉकिंग के दौरान वॉकिंग शूज का चयन करें

जिम जा कर भारी-भारी एक्सरसाइज करने वाले डंबल का प्रयोग करना कठिन हो सकता है लेकिन, वॉकिंग एक कंप्लीट वर्कआउट माना जाता है। हालांकि इस समय आरामदयाक कपड़ों के साथ-साथ आरामदायक जूते भी पहना चाहिए। अगर जूता आरामदायक नहीं होगा तो चलने या टहलने में परेशानी  है। वॉकिंग शूज चयन करते वक्त कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखें जैसे- जूतों में अत्यधिक हील्स न हो, सपोर्ट अच्छा हो, टाइट न हो या फिर पहनकर चलने में परेशानी न हो। टहलने के दौरान कोशिश करें पथरीली जगहों से बेहतर होगा की आप घांस वाली सतह पर चलें।

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वॉकिंग के दौरान किन-बातों का ध्यान रखना चाहिए?

टहलने के वक्त निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए। जैसे-

  1. अगर आप वॉक या एक्सरसाइज नहीं करते हैं और अब आप टहलने या वर्कआउट की सोच रहें हैं और अगर आपकी उम्र 40 साल या इससे ज्यादा है तो डॉक्टर से पहले सलाह लें।
  2. हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार कम से कम 10,000 स्टेप चलना चाहिए लेकिन, आप उतना ही टहलने जितनी आपकी शारीरिक क्षमता हो।
  3. आरामदयाक कपड़ों और जूतों का चयन करें टहलने के दौरान। आप चाहें तो टहलने के वक्त वाटरप्रूफ कपड़े पहन सकते हैं। वाटरप्रूफ कपड़े पहनने से चलने के दौरान पसीने से बचा जा सकता है।
  4. 2 से 3 लीटर पानी रोजाना पीएं। इससे डिहाइड्रेशन से बचा जा सकता है।
  5. अगर किसी फ्रेंड के साथ टहलना चाहते हैं, तो आप टहल सकते हैं। किसी दोस्त के साथ टहलना आनंदमय हो सकता है।
  6. टहलने के दौरान अगर आप म्यूजिक सुनना पसंद करते हैं, तो हेडफोन का इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन, बहुत तेज आवाज में गाना न सुने ये नुकसानदायक हो सकता है।

इस तरह चलना आपकी सेहत के लिए बहुत आवश्यक है। यह आपके पाचन को बेहतर बनाता है, ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है, हड्डियों में मजबूती पैदा करता है और शरीर में रक्त के संचार को बेहतर करता है। अब आप वॉकिंग के अद्भुत फायदों को तो जान ही चुके हैं, आज ही से चलना शुरू कर दें।अगर आप वॉकिंग से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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