Poorly fitting shoes- बिना फिटिंग के जूते पहनने से पैरों में दर्द क्यों होता है?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट May 28, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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बिना फिटिंग से शरीर पर दुष्प्रभाव

एक वक्त था जब लोग नंगे पांव घूमते थे, लेकिन आज का समय कुछ ऐसा है कि जब तक जूते सही साइज के न पहने तो पैरो में दर्द होने लग जाता है। यहां तक की डिजाइनर भी ऊंची एड़ी के जूते को ध्यान में रखते हुए डिजाइन करते हैं। दरअसल जो जूते खराब रूप से डिजाइन किए गए हैं या जो जूते ठीक से फिट नहीं होते हैं तो स्वास्थ्य से संबंधित समस्याएं पैदा हो जाती हैं। जो हमारे शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित करती हैं, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने पैरों पर क्या डाल रहे हैं इसका विशेष ध्यान रखें। बिना फिटिंग के जूते न पहनें।

बिना फिटिंग के जूते पहनने की समस्या

बिना फिटिंग के जूते पहनने से पैरों को तुरंत नुकसान पहुंच सकता हैं। जिन परिस्थितियों में शामिल हैं-

कॉर्न्स (Corns)-

कॉर्न्स एक कठोर स्कीन का प्लग होता है जिसमें डेड स्कीन बोनी प्रमुखता से अधिक होते हैं जैसे ज्वाइंट। बिना फिटिंग के जूते पहनने से ये सब होता है।

जूते जो बहुत ढीले होते हैं उसमें आपके पैर रगड़ा सकते हैं या कोई भी डिजाइन बने हो जो पैर के एक जगह पर ज्यादा दबाव डालते हैं। ये कॉर्न्स का कारण बनने के लिए सबसे संभावित दावेदार हैं।

नाखून की समस्या

बिना फिटिंग के जूते पहनने से नाखून की समस्याएं होना आम हैं जिसमें ज्यादातर लोग किसी न किसी रूप में संक्रमित होते हैं। बिना फिटिंग वाले जूते से नाखून के किनारे या आसपास की त्वचा को छेदते हैं जो दर्दनाक हो सकता हैं।

जूते और मोजे पहनने के बाद यदि ठीक से फिट नहीं होता हैं तो पैर की उंगलियों के किनारे दबाव डालता हैं जिससे नाखून में समस्या हो सकती हैं।

इसके अतिरिक्त, फंगल टॉयनेल संक्रमण न केवल भद्दा हो सकता है बल्कि नाखूनों में  इंफेक्शन पैदा हो सकता है। और आगे की जटिलताओं को जन्म देते हैं जिससे संक्रमण फैलता है। 

बेकार या बिना फिट वाले जूते पहनने से नाखून को नुकसान पहुंच सकता है और एक नम वातावरण बन सकता है जिसमें फंगल संक्रमण हो सकता है जिसे रोकने में फिटिंग के शूज मदद कर सकते हैं।

एथलीट फुट

एथलीट फुट एक डर्माटोफाइट के कारण होता है जो स्कीन पर रहने वाली एक कवक प्रजाति है। यह स्किन की तेज खुजली, सूजन और स्कीन हटने के वजह से होता है जो भद्दा, असुविधाजनक और बेहद संक्रामक है।

यह समस्या पैर और उंगलियों के बीच पसीने वाले जगहों पर होती है। खासकर पैर की उंगलियों के बीच खाली जगहों पर बिना फिटिंग वाले जूते पहनने से होता है। 

फिंटिंग जूते पहनने से आपकापैर स्वस्थ रहेगा इसके साथ ही एंटिफंगल क्रीम का उपयोग करके संक्रमण से बच सकते हैं। 

लंबे समय तक की समस्याएं-

गलत जूते पहनने से पैर के नीचे स्थायी नुकसान पहुंच सकता है, जिसके परिणामस्वरूप समस्याएं आपके पैरों तक ही सीमित नहीं रहती हैं। 

गिरी हुई मेहराब (collapsed arches)

यह तब होता है जब एचलिस टेंडन (Achilles tendon) में जकड़न हो जाता है और पैर के पीछे की मांसपेशियों में अकड़न होती है। इससे लिगामेंट्स में खिंचाव हो सकता है जो आर्च (स्प्रिंग लिगामेंट), प्लांटर फासिया (Plantar Fascia)और मांसपेशियों के टेंडन का समर्थन करता है जो चाप (Arch) को सहारा देने में भी मदद करता है। वहीं टिशू की संरचनाओं को नुकसान भी हो सकता है और एड़ी में दर्द के साथ मेहराब हो सकता है।

पीठ दर्द

पीठ में दर्द की समस्याएं भी लंबे समय तक बेकार जूते या ऊंची एड़ी के जूते पहनने से होती हैं जिससे पीठ में दर्द होता है। रीढ़ की हड्डी की मांसपेशियों में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है जिसके कारण सख्त हो सकता है। इसके अलावा, खराब फुटवियर के वजह से पीठ के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है। जहां संभव हो, कम जूते पहनें यदि आप ऊंची एड़ी के जूते पहनते हैं तो सुनिश्चित करें कि वे ‘अच्छी तरह से बने’ हैं और बहुत लंबे समय तक न पहने। 

जोड़ों का दर्द

बिना फिटिंग वाले जूते पहनने से जोड़ों में दर्द भी उत्पन्न हो सकता है विशेष रूप से ऊंची एड़ी के जूते पहनने से ये समस्याएं हो सकती हैं। चलने के दौरान जब एड़ी जमीन से टकराती है तब घुटने कम झटकों के वजह से अधिक झुकने के लिए मजबूर हो जाते हैं। जिसके वजह से जांघ के सामने की मांसपेशियों को चलने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। बिना फिटिंग के जूते  जोड़ों में दर्द पैदा कर सकते हैं।

बचाव कैसे किया जाए?

बेकार या बिना फिटिंग वाले जूते पहनने से बचने का उपाय बहुत ही सरल और आसान है। बस खरीदे जाने वाले फुटवियर का ध्यान रखें इसके साथ ही पहनने का भी कितनी बार एक ही जूता पहनते हैं। जब आप जूते की एक नई जोड़ी के लिए खुद का इलाज करते हैं, तो आपको कुछ चीजों पर ध्यान देना चाहिए:

1- सुनिश्चित करें कि आपके पैर की उंगलियों में पर्याप्त जगह है या नहीं ताकि पैर की उंगलियां आजाद रहें। यदि जूता पहनने में आपको तकलीफ हो रही है तो आप अपने आप को घावों और सुन्नता जैसे जोखिम में डालते हैं।

2-आपके जूते में किसी प्रकार का बंधन नहीं होना चाहिए, ताकि जब जरूरत हो तो अपने जूते की फिटिंग को ठीक कर सकें।

3-जूते में एड़ी का ढ़ाल लगभग 20 से 40 मिमी ऊंचा होना चाहिए साथ ही स्थिरता व्यापक होना चाहिए।

4-जूते का ऊपरी हिस्सा सामान्य लचीलापन, स्थायित्व और आराम के लिए बना होना चाहिए।

5- अगर जूते के अंदर कुशनिंग (Cushioning) बहुत अच्छा है।

6-ऐसे जूते चुनें जो एड़ी और पैर की अंगुली के बीच में दृढ़ हों, ताकि आप उन्हें एक डिशक्लॉथ की तरह मोड़ न सकें। 

यदि आप लंबे समय तक चलने जा रहे हैं, तो अच्छे जूते पहने उदाहरण के लिए, यदि यात्रियों को यात्रा करना हो तो विशेष प्रकार का जूता पहनने पर जोर डालें जो अधिक उपयुक्त हो।

यह निश्चित रूप से उन स्थितियों पर लागू होता है जब आप काम पर जा रहें हो तब ऐसे जूते पहनना चाहिए जो लंबी दूरी तक चलने के लिए उपयुक्त न हो। खासकर जब दैनिक आधार पर मील की दूरी तय करते हैं। हालांकि, ‘कम्यूटर जूते’ सही ढंग से फिट होने चाहिए नहीं तो समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यदि ऊंची एड़ी के जूते ज्यादा समय के लिए पहने गए हैं, तो कम एड़ी के जूते के लिए पहले से ही देखभाल की जानी चाहिए।

न केवल आप अपने पैरों को बेहतर तरीके से देखना चाहते हैं बल्कि फुटवियर में बदलाव भी आपको आगे चलने और लंबे समय तक चलने में सक्षम और प्रोत्साहित करेगा। जो सामान्य रूप से स्वस्थ है।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

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