क्या गर्भावस्था में हथेलियों का लाल होना और उनमें खुजली सामान्य है?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जुलाई 29, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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30 साल की बियांका पहली बार गर्भवती हुई हैं, अब वे पड़ोस की नई मम्मियों की होने वाली मीटिंग में शामिल होगी। वह अक्सर प्रेग्नेंसी के दौरान के अपने अनुभव और स्ट्रगल और फिलहाल कैसे हालात का सामना कर रही हैं, के बारे में बात करती हैं। दो बच्चों की मां साशा, जो सभी माओं में सबसे ज्यादा अनुभवी हैं, बाकियों को बताती हैं कि यह सब सामान्य है और इसमें चिंता की कोई बात नहीं है। दरअसल, प्रेग्नेंसी लक्षण हर महिला में अलग-अलग होते हैं, लेकिन कुछ लक्षण सभी में कॉमन होते हैं।

एक दिन बियांका ने हथेलियों के लाल होने और खुजली की शिकायत की। वह पिछले 2-3 हफ्तों से इसे लेकर परेशान हैं। उन्होंने साशा से बताया कि, “मैं 4 महीने की गर्भवती हूं। अचानक मेरी दोनों हथेलियों में खुजली होने लगी है और हथेलियां लाल हो जाती हैं, लगता नहीं यह जल्दी ठीक होगा। मैंने मॉइश्चराइजिंग क्रीम, लोशन और दवाइयां भी ली, लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ।” साशा को खुजली का कारण पता नहीं था, इसलिए उन्होंने बियांका को गायनेकोलॉजिस्ट के पास जाने की सलाह दी।

बियांका अपनी गायनेकोलॉजिस्ट के पास गई, वह बहुत परेशान थी कि पता नहीं क्या वजह होगी। बियांका की बातें सुनने के बाद डॉक्टर मुस्कुराई और बियांका को शांत करने की कोशिश की। डॉक्टर ने कहा कि ये लक्षण सामान्य है और चिंता की कोई बात नहीं है। हथेली में खुजली और उसका लाल होना प्रेग्नेंसी के दौरान सामान्य है और यह किसी तरह की एलर्जी या रैशेज के कारण नहीं है।

बियांका अब अच्छा महसूस कर रही थी। घर जाकर उसने अपने पति को सबकुछ बताया और कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है।

सभी गर्भवती महिलाओं को पैरों में सूजन, मितली और पीठ दर्द की शिकायत रहती है, लेकिन लगातार लार गिरना और बार-बार सफाई करने की चाह जैसे अजीब प्रेग्नेंसी लक्षण भी दिख सकते हैं। हम आपको बताने जा रहे हैं गर्भावस्था के दौरान दिखने वाले कुछ सामान्य प्रेग्नेंसी लक्षणों के बारे में।

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प्रेग्नेंसी लक्षण:

  1. प्रेग्नेंसी लक्षण में शामिल है नाक और मसूड़ों से खून आना

इस प्रेग्नेंसी के लक्षण के बारे में शायद आपको जानकारी न हो। प्रेग्नेंसी के दौरान हार्मोनल बदलाव तेजी से होता है, जिससे नाक से रक्त प्रवाह तेजी से होता है, जिसकी वजह से गर्भावस्था के दूसरे चरण में नाक और मसूड़ों से खून, मसूड़ों में सूजन और उनका संवेदनशील हो जाना आम है। नाक और मसूड़ों से खून आना प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले सामान्य बदलावों में से एक है। ऐसे में अपने ओरल हाइजीन का ख्याल रखें और साथ ही टिश्यू पेपर भी ताकि खून आने पर उसे साफ कर सकें। यदि ब्लीडिंग ज्यादा होती है तो इस बारे में अपनी गायनेकोलॉजिस्ट से बात करें।

  1. बहुत लार आना भी है प्रेग्नेंसी लक्षण

गर्भवती महिलाएं शायद इस प्रेग्नेंसी लक्षण के बारे में नहीं जानती हों। गर्भावस्था के पहले चरण में अधिकांश महिलाओं को अत्यधिक लार आने की शिकायत होती है, जिससे बात करने में भी दिक्कत होती है। हालांकि यह स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत चिंता से ज्यादा परेशान करने वाली है। अधिक लार और मितली से राहत के लिए अदरक की चाय पिएं।

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  1. मोटे बाल और नाखून

गर्भावस्था के दूसरे चरण में बहुत सी महिलाओं को महसूस होता है कि उनके नाखून और बाल तेजी से बढ़ रहे हैं। आप यह भी देखेंगी कि बाल पहली तिमाही की तरह नहीं झड़ रहें और थोड़े मोटे हो गए हैं। ऐसा एस्ट्रोजन लेवल और ब्लड सर्क्युलेशन के बढ़ने के कारण होता है जिससे बालों और नाखून को अतिरिक्त पोषण मिलता है। डिलिवरी के बाद पहले जैसी स्थिति हो जाएगी तो तब तक इसका आनंद लीजिए।

  1. सफाई (नेस्टिंग) की चाह

गर्भावस्था के तीसरे चरण में आपको अपने घर की सफाई और इसे फिर से बनाने की तीव्र इच्छा होगी। बहुत सी प्रेग्नेंट महिलाओं के साथ ऐसा होता है। घर को फिर से सजाने और सफाई की चाह को नेस्टिंग कहते हैं, जो पक्षियों, कुत्तों, बिल्लियों आदि में सामान्य है। घर की सफाई और उसे ऑर्गनाइज करने की चाह इसलिए होती है, क्योंकि आप अपने आने वाले बच्चे के लिए सबकुछ तैयार रखना चाहती हैं। आप प्रोटेक्टिव मोड में आ जाती हैं, जो अच्छी बात है। सब काम करने की प्रतिबद्धता आपको और प्रोडक्टिव बनाती है।

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  1. हथेली का लाल और खुजली होना है प्रेग्नेंसी लक्षण में शामिल

आपका पेट बढ़ रहा है जिससे पेट के आसपास की त्वचा में स्ट्रेचिंग की वजह से खुजली होती है। ऐसा ही हाथ और पैर के साथ भी होता है। रक्त प्रवाह बढ़ने और ईस्ट्रोजन का लेवल बढ़ने के कारण हथेली लाल हो जाती है और खुजली होती है। यह समान्य प्रेग्नेंसी लक्षण है, लेकिन कोलेस्टेसिस या लिवर की कोई समस्या की वजह से भी पूरे शरीर में खुजली हो सकती है, आपको ये समस्याएं हैं या नहीं यह पता लगाने के लिए अपनी गायनेकोलॉजिस्ट से मिलें। यदि कोई अन्य बीमारी नहीं है, तो हथेली का लाल होना और खुजली होना सामान्य है और इससे कोई नुकसान नहीं होता है।

  1. पैरों में ऐंठन भी है प्रेग्नेंसी लक्षण

गर्भावस्था में कुछ महिलाओं को रात के समय पैरों में ऐंठन की शिकायत होती है जो काफी पेनफुल होता है, जिससे वह रात में सो नहीं पाती। इससे परेशानी तो होती है, लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान यह सामान्य हैं और इससे किसी तरह की अन्य जटिलता नहीं होती है। पर्याप्त तरल पदार्थ और नारियल पानी या ताजे नींबू के रस का सेवन करके आप इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा कर सकती हैं और पैरों की ऐंठन में थोड़ी राहत प्राप्त कर सकती हैं।

 7. प्रेग्नेंसी लक्षण में महत्वपूर्ण लक्षण है ब्रेस्ट में बदलाव

प्रेग्नेंसी के शुरुआती लक्षणों में ब्रेस्ट में बदलाव होना बहुत आम है। दरअसल, गर्भधारण के बाद महिलाओं में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिसकी वजह से ब्रेस्ट में सूजन आ जाती है। ब्रेस्ट अत्यंत संवेदनशील हो जाते हैं और इनमें दर्द होता है। यह भारी भी लग सकते हैं। निप्पल के आसपास का हिस्सा और डार्क हो जाता है। शरीर में आए इन बदलावों के साथ सहज होने में महिलाओं को कुछ हफ्ते का समय लगता है। प्रेग्नेंसी लक्षण के बारे में महिला को पहले ही जानकारी हासिल कर लेना चाहिए ताकि उसे किसी प्रकार डर या आशंका न रहे।

और पढ़ें: प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में अपनाएं ये डायट प्लान

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8. थकान

गर्भावस्था के दौरान थकान महसूस होना बहुत आम है। यह आम प्रेग्नेंसी लक्षण है। आमतौर पर कंसीव करने के एक हफ्ते बाद ही महिलाओं को थकान महसूस होने लगती है। दरअसल, ऐसा प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन की बढ़ी हुई मात्रा के कारण होता है। थकान के अन्य कारणों में शामिल है कम ब्लड शुगर लेवल, लो ब्लड प्रेशर और ब्लड प्रोडक्शन में बढ़ोतरी। प्रेग्नेंसी के दौरान थकान होने पर जरूरी है कि आप थोड़ा आराम करें और प्रोटीन और आयरन से भरपूर आहार को अपनी डायट में शामिल करें।

9. मूड चेंज

प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव की वजह से प्रेग्नेंट महिलाओं का  मूड पल-पल बदलता रहता है। ऐसा एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन के बढ़े हुए स्तर के कारण होता है। जिससे डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन और एंग्जाइटी होती है।  मेडिटेशन और अन्य रिलैक्सिंग टेक्नीक की मदद से महिलाएं इसे कम कर सकती हैं।

10. बार-बार पेशाब जाना

गर्भावस्था में शरीर में रक्त की मात्रा बढ़ जाती है। जिसकी वजह से किडनी सामान्य से अधिक तरल पदार्थ प्रॉसेस करती है, नतीजतन ब्लैडर में अधिक तरल जाता है और आपको बार-बार पेशाब जाना पड़ता है। इसमें हार्मोन्स का भी बड़ा हाथ होता है। प्रेग्नेंसी लक्षण में से एक बार-बार पेशाब जाना भी शामिल है।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको प्रेग्नेंसी लक्षण से संबंधित आर्टिकल पसंद आया होगा। इसमें दी गई जानकारी प्रेग्नेंसी को समझने में मदद करेगी। याद रखें प्रेग्नेंसी लक्षण अलग-अलग भी हो सकते हैं। इसलिए घबराएं नहीं। अगर आपको प्रेग्नेंसी लक्षण से सबंधित कोई भी प्रश्न है तो एक बार डॉक्टर से कंसल्ट करें।

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