जाने क्यों होता है डायबिटीज में किडनी फेलियर?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट January 11, 2021 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

भारत में तकरीबन 7.7 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। आंकड़ों की माने तो 25% व्यक्ति जो डायबिटिक होते हैं, उन्हें किडनी फेलियर की समस्या हो सकती है। डायबिटीज कई बीमारियों के लिए कारण बन सकता है। देखा गया है कि 4 में से हर 1 डायबिटिक व्यक्ति को किडनी फेलियर की समस्या हो सकती है। इस आर्टिकल में हम डायबिटीज और उस से होने वाली किडनी की समस्या और किडनी फेलियर के बारे में जानेंगे। साथ ही ये भी देखेंगे कि किडनी फेलियर से कैसे बचा जा सकता है।

क्या है शरीर में किडनी का काम

किडनी शरीर की सारी अशुद्धियों के निष्कासन में मदद करती है, जो बाद में मूत्र मार्ग से शरीर से निकल जाती हैं। जब किडनी में किसी प्रकार की समस्या आ जाती है, तब ये खून को शुद्ध नहीं कर पाती, जिसके नतीजतन शरीर में अशुद्धियां जमा होने लगता है। जैसे-जैसे किडनी की समस्या बढ़ती है, किडनी शरीर से अशुद्धियों को बाहर नहीं निकाल पाती। इसलिए शरीर में ये अशुद्धियां विष का निर्माण करना शुरू कर देती हैं। इस स्थिति को यूरीमिया (uremia) के नाम से जाना जाता है।

और पढ़ें: मूत्र मार्ग संक्रमण से बचने के लिए अपनाएं यह घरेलू उपाय, जानें क्या करें और क्या नहीं

डायबिटीज किस प्रकार किडनी को क्षति पहुंचाता है?

शरीर में बढ़ा हुआ शुगर लेवल पूरे शरीर को क्षति पहुंचाता है, लेकिन मुख्य रूप से इसका शिकार किडनी बनती है।

किडनी की रक्त धमनियां (blood vessels)

किडनी का काम खून की अशुद्धि को काबू करना होता है। किडनी में पाई जानेवाली छोटी रक्त धमनियां प्रमुख रूप से इस काम को करती हैं। लेकिन जब इन रक्त धमनियों में शुगर लेवल बढ़ जाता है, तो ये छोटी और बाधित होने लगती हैं। इसकी वजह से खून इन धमनियों तक नहीं पहुंच पाता। खून की कमी से किडनी को क्षति पहुंचती है। एल्ब्यूमिन (albumin) नाम का प्रोटीन इसी वजह से शरीर में रहने की बजाय मूत्र के साथ निष्काषित हो जाता है।

नर्वस सिस्टम को पहुंचती है क्षति

डायबिटीज शरीर के नर्वस सिस्टम को भी क्षति पहुंचाता है। नर्वस सिस्टम शरीर में मैसेंजर की तरह काम करता है, जो शरीर के अलग-अलग भागों  तक सन्देश पहुंचाने का काम करता है। नर्वस सिस्टम में खराबी की वजह से ब्लैडर (bladder) भरने के बाद भी मस्तिष्क को संदेश नहीं जाता और इस तरह किडनी को क्षति पहुंचाने का काम करता है।

मूत्र मार्ग (Urinary tract)

ब्लैडर समय से खाली नहीं हो पाने के कारण ब्लैडर में मूत्र संक्रमण फैलता है। बैक्टीरिया द्वारा ये संक्रमण, ब्लड शुगर के साथ तेजी से ब्लैडर में फैलने लगता है। लम्बे समय तक बैक्टीरिया रहने से संक्रमण किडनी तक पहुंच जाता है।

और पढ़ें: किडनी रोग होने पर दिखते हैं ये लक्षण, ऐसे करें बचाव

किडनी फेलियर के लक्षण

डायबिटिक किडनी फेलियर में शुरुआती दिनों में कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते। परन्तु जैसे-जैसे किडनी की तकलीफ बढ़ती है, लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इनमें से कुछ लक्षण निम्न प्रकार के हैं –

  • हाथ, पैर, चेहरे पर सूजन आना
  • सोने में तकलीफ या ध्यान केंद्रित करने में तकलीफ होना
  • भूख ना लगना
  • मितली आना
  • कमजोरी का अनुभव करना
  • खुजली होना (किडनी की समस्या का ये आखिरी चरण होता है, जब त्वचा पूरी तरह शुष्क पड़ जाती है)
  • चक्कर आना
  • ह्रदय की गति का अनियमित होना
  • शरीर की चमड़ी का झूल जाना

डायबिटीज के दौरान ऐसे किसी भी लक्षण को देखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

हैलो स्वास्थ्य का न्यूजलेटर प्राप्त करें

मधुमेह, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, कैंसर और भी बहुत कुछ...
सब्सक्राइब' पर क्लिक करके मैं सभी नियमों व शर्तों तथा गोपनीयता नीति को स्वीकार करता/करती हूं। मैं हैलो स्वास्थ्य से भविष्य में मिलने वाले ईमेल को भी स्वीकार करता/करती हूं और जानता/जानती हूं कि मैं हैलो स्वास्थ्य के सब्सक्रिप्शन को किसी भी समय बंद कर सकता/सकती हूं।

और पढ़ें: किडनी की बीमारी कैसे होती है? जानें इसे स्वस्थ रखने का तरीका

किडनी फेलियर को कैसे रोकें

डॉक्टर इन सारी बातों का ध्यान रखते हुए आपके लिए मील प्लान (meal plan) बना सकते हैं। इसके लिए आप किसी डायटीशियन (dietician) को भी संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा आप किसी अच्छे नेफ्रोलॉजिस्ट (nephrologist) यानि किडनी के डॉक्टर से भी संपर्क कर सकते हैं। एक अनुशासित रहन-सहन के साथ आप डायबिटीज को नियंत्रित कर किडनी फेलियर को रोक सकते हैं।

अपने ब्लड शुगर का ध्यान रखें

किडनी को किसी भी प्रकार की क्षति से बचाने के लिए सबसे बढ़िया रास्ता है ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखना। ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखने के लिए समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच करते रहें। इसके अलावा एक अनुशासित जीवनशैली को अपनाएं। नियमित रूप से व्यायाम करें और नुक्सान पहुंचाने वाले भोजन का सेवन न करें।

ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखें

डॉक्टर से इस बारे में सलाह करें कि ब्लड प्रेशर का लेवल कितना होना चाहिए। साथ ही नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करवाते रहें। डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए एंजियोटेनसिन-कंवर्टिंग एंजाइम (Angiotensin-converting enzyme (ACE) सम्बंधित दवाएं दे सकते हैं। ये दवाएं ब्लड प्रेशर को कम कर के किडनी को सुरक्षा देती हैं।

प्रोटीन सेवन की मात्रा निश्चित करें

रिसर्च के अनुसार, डायबिटीज से ग्रसित लोगों को प्रोटीन अच्छी मात्रा में लेना चाहिए। लेकिन साथ ही ज्यादा प्रोटीन का सेवन भी किडनी को नुकसान पहुंचा सकता हैं। इसलिए जरुरी हैं कि प्रोटीन लेने की सही मात्रा तय की जाए। इसके लिए आप अपने डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। डायटीशियन भी इसमें आपकी मदद कर सकती हैं। सुनिश्चित करें कि जो भोजन आप ले रहे हैं, वो आपके शरीर को पोषण प्रदान करे, क्षति नहीं।

और पढ़ें: किडनी छोटी होना क्या है? जानिए इसके लक्षण, कारण और इलाज

मूत्र सम्बंधित समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर को बताएं

अगर आपको किसी भी प्रकार से मूत्र निकासी में समस्या आ रही है, जैसे कि मूत्र मार्ग में जलन होना, बहुत ज्यादा बार मूत्र के लिए जाना, खून के अंश दिखाई देना अथवा तीव्र गंध अनुभव करना। ऐसी किसी भी स्थिति में तुरंत डॉक्टर को संपर्क करें। सही समय पर इलाज शुरू होने से किसी भी प्रकार की क्षति को टाला जा सकता हैं।

बिना डॉक्टरी सलाह के कोई दवा न लें

NSAIDs नॉन-स्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (Non-Steroidal Anti-Inflammatory Drugs) जैसे कि आइबूप्रोफेन (ibuprofen) या फिर नेप्रोक्सेन (naproxen) किडनी को नुकसान पहुंचा सकता हैं। किसी भी प्रकार की दवा लेने से पहले अपने डॉक्टर के सलाह जरूर लें।

कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित रखें

शरीर में किसी भी प्रकार का परिवर्तन बड़ी समस्या को जन्म दे सकता है। समय-समय पर कोलेस्ट्रॉल और लिपिड प्रोफाइल की जांच करवाते रहें और अनहोनी से बचे रहे। कोलेस्ट्रॉल लेवल पर नियंत्रण रखने के लिए इन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  • सैचुरेटेड फैट्स (saturated fats) कम खाएं
  • ट्रांस फैट्स ( trans fats) का सेवन ना करें
  • ओमेगा 3 से भरपूर खाना खाएं
  • सॉल्युबल फाइबर (soluble fiber) ज्यादा खाएं
  • प्रोटीन की सही मात्रा लें

जानें प्रीति त्यागी से खाने के विषय में महत्वपूर्ण बातें: देखें ये वीडियो



लगभग, सारे ही मरीज जो डायबिटीज से पीड़ित हैं, वो किडनी की समस्या का सामना कर सकते हैं। टाइप 1 डायबिटीज के मरीजों में डायबिटीज का पता लगने के 2-5 साल की समय अवधि में, किडनी से सम्बंधित समस्या हो सकती है। साथ ही 30-40 % लोगों में किडनी से सम्बंधित गंभीर समस्या भी हो सकती है। लेकिन ये किडनी फेलियर में बदले ये जरुरी नहीं है। परन्तु सावधानी जरुरी है, ताकि भविष्य में होने वाली समस्या से बचा जा सके।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

Was this article helpful for you ?
happy unhappy

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

जानें टाइप-2 डायबिटीज वालों के लिए एक्स्पर्ट द्वारा दिया गया विंटर गाइड

सर्दियों में डायबिटीज वालों के लिए खतरा बढ़ जाता है। इस मौसम के शुगर पेशेंट को बचने की जरूरत होती है। अपने डायट और एक्सरसाइज का ध्यान रखें। जानें डायबिटीज विंटर केयर गाइड

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Niharika Jaiswal
डायबिटीज, हेल्थ सेंटर्स December 22, 2020 . 13 मिनट में पढ़ें

ओरल थिन स्ट्रिप : बस एक स्ट्रिप रखें मुंह में और पाएं मेडिसिन्स की कड़वाहट से छुटकारा

ओरल थिन स्ट्रिप का सेवन कैसे किया जाता है। इसका सेवन करने के दौरान क्या सावधानियां रखनी चाहिए। oral strips

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Bhawana Awasthi
दवाइयां और सप्लिमेंट्स A-Z December 18, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

हेल्थ एंड फिटनेस गाइड, जिसे फॉलो कर आप जी सकते हैं हेल्दी लाइफ

हेल्थ एंड फिटनेस : शरीर को फिट रखने के लिए एक नहीं बल्कि कई उपाय हैं। अगर आपको नहीं पता कि आखिर फिट रहने के लिए क्या करना चाहिए तो आपको ये आर्टिकल जरूर पढ़ना चाहिए। health fitness

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Bhawana Awasthi

क्या है इनविजिबल डिसएबिलिटी, इन्हें किन-किन चुनौतियों का करना पड़ता है सामना

क्या आपको पता है कि हमारे शरीर (Body) को कुछ ऐसी खतरनाक बीमारियां भी घेर लेती हैं जो अंदर ही अंदर पनपती रहती है और हमें उनका पता ही नहीं चल पाता है। ऐसी बीमारियों को 'नजर न आने वाली बीमारी' (इनविजिबल डिसएबिलिटी) कहते हैं।

के द्वारा लिखा गया Niharika Jaiswal

Recommended for you

महिलाओं में होने वाली बीमारी (Women illnesses)

Women illnesses: इन 10 बीमारियों को इग्नोर ना करें महिलाएं

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha
प्रकाशित हुआ March 4, 2021 . 7 मिनट में पढ़ें
नक्स वोमिका (Nux Vomica)

नक्स वोमिका क्या है? जानिए इसके फायदे और नुकसान

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha
प्रकाशित हुआ February 15, 2021 . 4 मिनट में पढ़ें
Hyperglycemia and type-2 diabetes - हाइपरग्लाइसेमिया और टाइप 2 डायबिटीज

हाइपरग्लाइसेमिया और टाइप 2 डायबिटीज में क्या है सम्बंध?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Toshini Rathod
प्रकाशित हुआ February 10, 2021 . 5 मिनट में पढ़ें
कम उम्र के इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, Erectile Dysfunction in young men

कम उम्र के पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के क्या हो सकते हैं कारण?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Bhawana Awasthi
प्रकाशित हुआ February 9, 2021 . 5 मिनट में पढ़ें