पुरुष और महिला में ब्रेन डिफरेंस से जुड़ी इन इंटरेस्टिंग बातों को नहीं जानते होंगे आप

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट मई 27, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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पुरुष और महिला में हाइट डिफरेंस तो दिखता ही है, लेकिन शायद आपको ये नहीं पता होगा कि पुरुष और महिला में ब्रेन डिफरेंस भी होता है। जी हां, महिला और पुरुष के ब्रेन में अंतर होता है। पुरुष और महिला में ब्रेन डिफरेंस सोचने समझने की क्षमता के साथ-साथ दवाओं के रिएक्शन भी अलग होते हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि महिला और पुरुष के गुणसूत्र (Chromosome) अलग होते हैं। जहां महिला में XX क्रोमोसोम होता है, वहीं पुरुष में XY क्रोमोसोम होता है। इस आर्टिकल में हम ऐसे कई सारे फैक्ट्स के बारे में जानेंगे जो पुरुष और महिला में ब्रेन डिफरेंस को दिखाते हैं।

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पुरुष और महिला में ब्रेन डिफरेंस क्यों होता है?

पुरुष और महिला में ब्रेन डिफरेंस होने के पीछे हमारे खुद के गुणसूत्र ही जिम्मेदार होते हैं। इंसानों में 23 जोड़े क्रोमोसोम पाए जाते हैं और जिसमें से 22 जोड़े क्रोमोसोम पुरुष और महिला दोनों में समान होते हैं। जिन्हें ऑटोसोम्स कहते हैं, लेकिन जो 23वां जोड़ा क्रोमोसोम होता है, उसे सेक्स क्रोमोसोम कहते हैं। जो इंसानों में सेक्स का निर्धारण करता है कि वह महिला है या पुरुष। महिलाओं में XX सेक्स क्रोमोसोम और पुरुषों में XY सेक्स क्रोमोसोम होता है। जिसके कारण पुरुष और महिला में ज्यादातर चीजों में अंतर पाया जाता है। जिसमें पुरुष और महिला में ब्रेन डिफरेंस भी शामिल है।

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महिला ब्रेन vs पुरुष ब्रेन: जानें ब्रेन डिफरेंस से जुड़े फैक्ट्स 

पुरुष और महिला में ब्रेन डिफरेंस के कारणों को आप समझ गए होंगे, लेकिन ये क्रोमोसोम का डिफरेंस पुरुष और महिला में ब्रेन डिफरेंस किन-किन चीजों में होता है, ये जानते हैं आगे :

महिला ब्रेन vs पुरुष ब्रेन: पुरुषों का दिमाग होता है बड़ा

पुरुषों का दिमाग, महिलाओं के दिमाग की तुलना में 10% बड़ा होता है। क्योंकि आमतौर पर पुरुषों में महिलाओं की तुलना में हाइट और मसल मास (muscle mass) ज्यादा होता है। शरीर को नियंत्रित करने के लिए अधिक न्यूरॉन्स की आवश्यकता होती है। ऐसे में पुरुषों के दिमाग को शरीर को नियंत्रित करने के लिए ज्यादा काम करना पड़ता है। इसलिए पुरुष और महिला में ब्रेन डिफरेंस होता है। 

महिला ब्रेन vs पुरुष ब्रेन: महिलाओं का ब्रेन होता है मल्टी टास्कर

वैज्ञानिकों ने पुरुषों और महिलाओं के दिमाग की तुलना की। जिसमें पाया कि दोनों के दिमाग अलग-अलग तरह से काम करते हैं। किसी काम पर ध्यान लगाते समय पुरष अपने मस्तिष्क के केवल एक हिस्से का इस्तेमाल करते हैं। वहीं, महिलाएं एक ही समय में मस्तिष्क के दोनों हिस्सों का इस्तेमाल करती हैं। इसी वजह से महिलाएं “मल्टी-टास्किंग” मानी जाती हैं। उदाहरण के तौर पर अगर महिला रसोई में काम करती है तो वो एक ही समय में आटा गूथने, सब्जी पकाने और मसाले तैयार करने जैसे कामों को करती है। वहीं, पुरुष रसोई में एक वक्त में सिर्फ एक ही काम करते हैं, जैसे- सिर्फ आटा गूथेंगे, उसके बाद सब्जी पकाएंगे आदि।

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महिला ब्रेन vs पुरुष ब्रेन: महिलाओं का ब्रेन ज्यादा दर्द महसूस करता है

मर्द को दर्द नहीं होता है, ये बात यूं ही नहीं कहीं गई है। महिलाओं की तुलना में पुरुषों काब्रेन दर्द कम महसूस करता है। इसमें ऐसे कई तरह के दर्द शामिल हैं, जिसमें महिलाओं का ब्रेन सबसे ज्यादा पीरियड के दर्द को महसूस करता है। वहीं, महिलाओं को सिरदर्द, माइग्रेन और ऑस्टियोअर्थराइटिस जैसी समस्याएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा होती हैं। 

एक रिसर्च में पाया गया कि पुरुष और महिला में ब्रेन डिफरेंस होने के कारण उनके ब्रेन में माइक्रोग्लिया अलग होते हैं। जिसके कारण दर्द में दिए जाने वाला मॉर्फिन का डोज पुरुषों की तुलना में महिलाओं को ज्यादा या दोगुना देना पड़ता है। माइक्रोग्लिया इम्यून सेल है, जो ब्रेन को प्रोटेक्ट करता है और सेंट्रल नर्वस सिस्टम में पैथोजन्स के खिलाफ लड़ता है। 

महिला ब्रेन vs पुरुष ब्रेन: पुरुषों का दिमाग गणित में अच्छा होता है

पुरुष गणित के सवालों को आसानी से सॉल्व कर सकते हैं। इसलिए अक्सर देखा गया है कि हमारी सोसायटी में मैथ्स लड़कों को और बायोलॉजी लड़कियों को पढ़ने की सलाह दी जाती है। हालांकि, ये एक स्टीरियोटाइप है, लेकिन विज्ञान भी इसी बात को मानता है कि पुरुषों के ब्रेन का पेरिटल (PERITAL) लोब महिलाओं की तुलना में बड़ा होता है। ब्रेन का पेरिटल लोब ही मैथ, जिओमेट्री स्किल आदि गणितीय गणनाओं को कंट्रोल करता है। पेरिटल लोब दो क्षेत्रों में बंटा होता है- एक क्षेत्र सेंसेशन को मैनेज करता है और दूसरा आंकलन करता है। इस तरह से पुरुष किसी भी गणितीय गणना को आसानी से कर सकते हैं। वहीं, पुरुषों का दिमाग बड़े पैरिटल लोब के कारण 3D इमेज को दिमाग में आसानी से बना सकते हैं।

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पुरुष और महिला में ब्रेन डिफरेंस: महिलाएं स्ट्रेस को आसानी से कर सकती हैं हैंडल

किसी भी पैनिक या स्ट्रेस के हालात को पुरुषों से ज्यादा अच्छे से महिलाएं हैंडल करती हैं। जब कभी भी कोई तनावपूर्ण स्थिति पैदा होती है तो हमारा ब्रेन ऑक्सीटोसिन हॉर्मोन स्रावित करना शुरू कर देता है। ये हॉर्मोन पुरुष और महिला दोनों के ब्रेन से स्रावित होता है, लेकिन महिलाओं के मामले में एस्ट्रोजन हॉर्मोन के साथ ऑक्सीटोसिन मिलकर उनके ब्रेन को ज्यादा शांत करता है। जब ऑक्सीटोसिन पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन के साथ मिलता है तो उन्हें और ज्यादा गुस्सैल और आक्रामक बनाता है।

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महिला ब्रेन vs पुरुष ब्रेन: महिलाओं में भाषाओं की समझ अच्छी होती है

महिलाएं पुरुषों की तुलना में लैंग्वेज स्किल में अच्छी होती हैं। महिलाओं को दुनिया भर में अच्छे वक्ता के रूप में जाना जाता है। इसलिए रिसर्च में ये पाया गया है कि महिलाओं के ब्रेन का फंर्टल लोब और टेम्पोरल पुरुषों की तुलना में ज्यादा बड़ा होता है। टेम्पोरल लोब आवाज और महक के लिए सेंस विकसित करता है। वहीं, फंर्टल लोब भावनाओं को व्यक्त करने, याद्दाश्त, जजमेंट आदि करने में मददगार होता है। 

पुरुष और महिला में ब्रेन डिफरेंस: महिलाएं ज्यादा इमोशनल होती हैं

महिलाएं सभी तरह की भावनाओं को अच्छे से समझ सकती हैं। इसके लिए महिलाओं का ब्रेन जिम्मेदार होता है। महिलाओं के ब्रेन का हिप्पोकैम्पस और लिम्बिक लोब पुरुषों की तुलना में बड़ा होता है। हिप्पोकैम्पस याद्दाश्त यानी कि मेमोरी को सेव करता है। जबकि लिम्बिक लोब भावनाओं को समझता है। इसलिए पुरुषों की तुलना में महिलाएं ज्यादा भावनात्मक होती हैं। 

महिला ब्रेन vs पुरुष ब्रेन: पुरुष सेक्स के बारे में ज्यादा सोचते हैं

पुरुष और महिला में ब्रेन डिफरेंस बेशक है, लेकिन सेक्स के बारे में दोनों सोचते हैं। अक्सर पुरुष के ब्रेन में सेक्स के विचार ज्यादा आते हैं। एक हफ्ते तक पुरुषों और महिलाओं पर रिसर्च की गई। रिसर्च के अनुसार एक पुरुष का ब्रेन एक हफ्ते में 18.6 बार और महिलाओं का ब्रेन 9.9 बार सेक्स के विषय में सोचता है। 

 इस आर्टिकल में आपने महिला ब्रेन vs पुरुष ब्रेन यानी कि पुरुष और महिला में ब्रेन डिफरेंस से जुड़े रोचक तथ्यों के बारे में जाना। हम उम्मीद करते हैं कि आपको इस तरह की नई जानकारी पसंद आई होगी। अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। 

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