मानसिक मंदता (Mental Retardation) के कारण, लक्षण और निदान

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Update Date जुलाई 8, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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आमतौर पर जब बच्चे अपनी उम्र के हिसाब से किसी भी काम में अप टू डेट नहीं रहते मसलन पढ़ने, लिखने, सीखने, समझने में दिक्कत का सामना करते हैं तो ये कारण हो सकता है मानिसक मंदता का। बच्चे का मस्तिष्क बौद्धिक और कामकाज दोनों स्थितियों में यदि सही ढंग से काम नहीं कर रहा है तो चिकित्सा में इस स्थिति को “मानसिक मंदता” कहा गया है।

आईडी (intellectual disability) के चार स्तर हैं: हल्का, मध्यम और गंभीर। कभी-कभी आईडी (ID) को “अन्य” या “अनिर्दिष्ट” के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। आईडी (ID) में कम आईक्यू (IQ) और रोजमर्रा की जिंदगी को समायोजित करने वाली समस्याएं शामिल हैं। ये सीखने, भाषण, सामाजिक और शारीरिक विकलांगता भी हो सकती है।

जन्म के समय आईडी (intellectual disability) के गंभीर मामलों का निदान किया जाता है। आप तब तक ऐसे मामलों को समझ नहीं सकते जब तक की स्थितियां गंभीर नहीं हो जाती।

बौद्धिक विकलांगता के लक्षण क्या हैं?

  • बौद्धिक मानकों को पूरा करने में विफलता
  • अन्य बच्चों की तुलना में बाद में बैठना, रेंगना या चलना
  • याददाश्त की समस्या
  • कार्यों के परिणामों को समझने में असमर्थता
  • तार्किक रूप से सोचने में असमर्थता
  • बच्चे की उम्र के साथ असंगत व्यवहार
  • जिज्ञासा की कमी
  • सीखने की कठिनाइयां
  • चीजें याद रखने में कठिनाई होना
  • स्कूल द्वारा आवश्यक शिक्षा संबंधी मांगों को पूरा करने में असमर्थता।
  • 70 से कम आईक्यू
  • बात करने में असमर्थता, खुद की देखभाल न कर पाना

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मानसिक मंदता के कारण

  • जन्म के पूर्व कारण (जन्म के पहले का कारण) : अगर किसी बच्चे के माता-पिता में से कोई एक या दोनों ही मानसिक विकलांगता का शिकार हैं, तो बच्चे में यह स्थिति विकसित होने की संभावनाएं अत्याधिक बढ़ जाती हैं।
  • जन्म से पहले आघात, जैसे संक्रमण या शराब, ड्रग्स या अन्य विषाक्त पदार्थों का सेवन।
  • मैटरनल इंफेक्शन जैसे-रूबेला, टोक्सोप्लास्मोसिस, साइटोमेगालोवायरस संक्रमण, सिफलिस, एचआईवी
  • जन्म के दौरान आघात, जैसे कि ऑक्सीजन की कमी या समय से पहले प्रसव
  • मातृ रोग जैसे-डायबिटीज, हृदय संबंधी रोग, किडनी की बीमारी आदि,
  • आनुवंशिक विकार, जैसे कि फेनिलकेटोनुरिया (पीकेयू) या टीए-सैक्स रोग
  • क्रोमोसोम असामान्यताएं जैसे डाउन सिंड्रोम
  • सीसा या पारा विषाक्तता
  • गंभीर कुपोषण या अन्य आहार संबंधी समस्याएं (जैसे-आयोडीन की कमी, विटामिन बी 9 की कमी)
  • बचपन की बीमारी, जैसे कि काली खांसी, खसरा या मेनिन्जाइटिस
  • मस्तिष्क की गंभीर चोट
  • गर्भावस्था की जटिलाताएं : गर्भावस्था में हाई बीपी, बच्चे के जन्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव, प्लेसेंटल डिशफंक्शन (Placental dysfunction)

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मानसिक मंदता का निदान कैसे किया जाता है?

आपके बच्चे के पास औसत बौद्धिक और सामान्य कौशल होना चाहिए। चिकित्सक आपके बच्चे का तीन-भाग में मूल्यांकन करेंगे:

  • आपके साथ साक्षात्कार
  • बच्चे से बातचीत
  • मानक परीक्षण

आपके बच्चे को स्टैनफोर्ड-बिनेट इंटेलिजेंस टेस्ट जैसे मानक परीक्षण दिए जाएंगे। इससे डॉक्टर को आपके बच्चे का IQ निर्धारित करने में मदद मिलेगी। डॉक्टर अन्य परीक्षण भी कर सकते हैं। आजकल स्कूलों में भी इस तरह के कई शिविर लगाए जा रहे है जहां बच्चों की प्रतिभा को परखा जा सके ।

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मानसिक मंदता से बचाव कैसे करें?

मानसिक मंदता की रोकथाम कैसे की जा सकती है?

  • कुछ रोगों के खिलाफ टीकाकरण करना, जैसे खसरा और हेपेटाइटिस बी आदि। यह टीकाकरण ऐसी कई बीमारियों की रोकथाम करता है जो मानसिक मंदता का कारण बन सकती हैं।
  • फेनाइलकाटोनूरिया (PKU) और हाइपोथायरॉइडिज़्म (Hyperthyroidism) के लिए नवजात शिशु की जांच जरूरी है। अगर ये समस्याएं मिलती हैं तो उनका तुरंत ट्रीटमेंट होना बहुत जरूरी है। ये बीमारियां बौद्धिक मंदता जैसे विकारों को जल्दी ही ग्रहण कर लेती हैं, इसलिए इन समस्याओं का इलाज करना मानसिक मंदता का बचाव करने का सबसे पहला कदम हो सकता है।
  • जन्म के समय की अच्छी देखभाल भी मानसिक विकलांगता की रोकथाम करने में मदद कर सकती है।
  • प्रेग्नेंट महिलाओं को शराब आदि पीने के जोखिमों और प्रेग्नेंसी के दौरान अच्छा पोषण लेते रहने की आवश्यकता के बारे में जानकारी होनी चाहिए।
  • कुछ प्रकार के टेस्ट जैसे अल्ट्रासोनोग्राफी आदि यह निर्धारित कर सकते हैं कि गर्भ में भ्रूण सामान्य रूप से विकसित हो रहा है या नहीं।
  • सभी बच्चों की बाल चिकित्सा देखभाल के तहत नियमित रूप से शारीरिक और मानसिक विकास संबंधी जांच होनी चाहिए। जांच विशेष रूप से उन बच्चों के लिए महत्वपूर्ण है, जिनको नजर अंदाज कर दिया गया है या जो कुपोषित हैं। या फिर उन बच्चों के लिए जो ऐसी स्थितियों में रहते हैं, जहां रोग फैलने की संभावनाएं हैं।

मानसिक मंदता का उपचार

बौद्धिक मंदता​ का उपचार कैसे किया जा सकता है?

काउंसलिंग के जरिए बच्चों में सुरक्षा संबंधी जोखिमों को कम किया जा सकता है और उचित और योग्य जीवन कौशल सिखाया जा सकता है। मानसिक मंदता का उपचार का पूर्ण लक्ष्य रोगी की क्षमता को पूरी तरह विकसित करना है। बौद्धिक रूप से अक्षम बच्चे की मदद करने के लिए निम्न स्टेप्स फॉलो किए जा सकते हैं –

  • मानसिक मंदता (बौद्धिक विकलांगता) के बारे में जितना हो सके उतना जानने की कोशिश करें। इसके बारे में आप जितनी जानकारी प्राप्त करेंगे आप अपने बच्चे की उतनी ही अच्छे से सहायता कर पाएंगे।
  • अपने बच्चे को ग्रुप की गतिविधियों में शामिल करें। उसको आर्ट क्लास में भेजें या खेल-कूद में भाग लेने दें, क्योंकि ऐसी गतिविधियों से बच्चे में सामाजिक कौशल विकसित होता है।
  • बच्चे को स्वतंत्र बनाने के लिए प्रोत्साहित करें। कोशिश करें कि आपका बच्चा नई-नई चीजें सीखें और उन्हें खुद करने की कोशिश करें। आवश्यकता पड़ने पर ही बच्चे को मार्गदर्शन दें और अगर वह कुछ अच्छा करता है या कोई नई चीज सीखता है तो उसकी प्रशंसा करके हौसला बढ़ाएं।
  • किसी अन्य मानसिक मंदता के ग्रस्त बच्चे के पेरेंट्स से मिलें और उनसे बातचीत करें। वे आपके लिए सलाह और भावनात्मक समर्थन का एक बड़ा स्रोत हो सकते हैं।
  • जब आपका बच्चा स्कूल जाने के लिए तैयार होता है, तो उसकी शैक्षिक आवश्यकताओं में मदद करने के लिए एक वैयक्तिकृत शिक्षा कार्यक्रम (IEP) में उसे शामिल करें। आईडी (intellectual disability) वाले सभी बच्चे विशेष शिक्षा से लाभांवित होते हैं।
  • बच्चे के टीचर से संपर्क बनाएं रखें और बच्चे की गतिविधियों में शामिल रहें। बच्चा जो भी स्कूल में सीखता है उसका घर पर अभ्यास करवाएं ताकि बच्चा अच्छे से सीख सके।

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ये समस्या इतनी भी गभीर नहीं है कि इसका सामना नहीं किया जा सके। जरूरी है कि हम सर्तक रहें और किसी भी संकेत के दिखने पर तुरंत एक्शन ले सके। मानसिक मंदता इंसान के लिए कई विकट स्थितियां पैदा जरूर करती है, लेकिन ये जीवन समर में इंसान को हरा नहीं सकती। मानसिक मंदता से पीड़ित बच्चों को हमें स्पेशल ट्रीटमेंट देने की जरूरत है। उन्हें समझाने और सिखाने के लिए हमें कई तरह के नए विकल्पों को तलाशना होगा। इंसान में सीखने की प्रवृिति हमेशा रहती है। कोई जल्दी सीख जाता है तो किसी को कम समय लगता है। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

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