सेल्फ ऑब्सेस्ड डिसऑर्डर के ये 11 लक्षण बताते हैं कि ‘आपको सिर्फ आप से प्यार है’

Medically reviewed by | By

Update Date जनवरी 7, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
Share now

जब हम अपने से बढ़कर किसी को कुछ नहीं समझते तब हमारा ऐसा व्यवहार एक बीमारी में तब्दील हो जाता है। ऐसी स्थिति में हम अपना सेल्फ-ईस्टीम बढ़ाने के लिए दूसरों को नीचा दिखाने लगते हैं और ऐसा बार-बार करने की नई-नई तरकीब निकालने लगते है। ऐसी समस्या को सेल्फ ऑब्सेस्ड डिसऑर्डर (self obsessed disorder) कहते हैं। हमारे आसपास ऐसे कई लोग मिल जाते हैं जो दूसरों के बीच आकर्षण का केंद्र बनने की कोशिश करते हैं। सब लोग उनकी ही तारीफ करें।

ऐसी मनोवृत्ति को मेडिकल भाषा में नार्सिसिस्टिक पर्सनैलिटी डिसऑर्डर (narcissistic personality disorder) के नाम से जाना जाता है। आइए जानते हैं सेल्फ ऑब्सेस्ड डिसऑर्डर के लक्षण क्या हैं?

सेल्फ ऑब्सेस्ड डिसऑर्डर के कारण क्या हैं?

बहुत से ऐसे मानसिक विकार होते हैं जो इंसान के व्यवहार और विचार पर कंट्रोल न होने की वजह से पनपने लगते हैं। सेल्फ ऑब्सेस्ड डिसऑर्डर भी उन्हीं में से एक है। इस तरह के मानसिक विकारों के कारण क्या होते हैं? इसके बारे में ठीक तरह से नहीं पता लगाया जा सकता है। लेकिन, फिर भी मनोचिकत्सक मानते हैं कि इस मेंटल डिसऑर्डर का कारण प्रमुख रूप से जीवन में घटित घटनाओं के अनुभव, अनुवांशिकता (genetic), व्यक्ति के आस-पास का माहौल आदि हो सकता है। इसके अलावा बचपन में हुए दुर्व्यवहार के कारण, अभिभावक द्वारा बच्चे को जरूरत से ज्यादा प्यार दुलार देना आदि भी इसका कारण हो सकते हैं।

यह भी पढ़ें : डिप्रेशन का हैं शिकार तो ऐसे ढूंढ़ें डेटिंग पार्टनर

सेल्फ ऑब्सेस्ड डिसऑर्डर के लक्षण

सेल्फ ऑब्सेस्ड डिसऑर्डर एक प्रकार का पर्सनालिटी डिसऑर्डर है, जो व्यक्ति के अंदर जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास भर देता है। इससे इंसान के व्यव्हार पर धीरे-धीरे प्रभाव पड़ने लगता है। ऐसे लोग खुद को दूसरे से सर्वश्रेष्ठ मानने लगता है। मनोविज्ञान की भाषा में ऐसे लोगों को नार्सिसिस्ट कहा जाता है। इस तरह के लोगों में अक्सर ये लक्षण देखने को मिलते हैं-

1. खुद की गलतियों को नजरंदाज करना:

सेल्फ ऑब्सेस्ड डिसऑर्डर (self obsessed disorder)  से ग्रस्त लोग कभी भी दुनिया को दूसरे लोग की नजर से नहीं देखते। बल्कि वे अपनी पर्सनालिटी को बचाएं रखने के लिए अपनी खामियों को नजरंदाज करते हैं।

यह भी पढ़ें : अवोईडैंट पर्सनालिटी डिसऑर्डर (Avoidant Personality Disorder) क्या है?

2. सिर्फ अपने बारे में सोचना:

सेल्फ ऑब्सेस्ड डिसऑर्डर से ग्रस्त व्यक्ति ये सोचता है कि दुनिया सिर्फ उसके बारे में है। उनके हिसाब से दुनिया सिर्फ उनके और कुछ ऐसे लोगों के इर्द-गिर्द घूमती हैं जिन्हें वो नियंत्रित कर सकते हैं। दुनिया बाकी लोगों को कैसे प्रभावित करती है यह वास्तव में उनकी चिंता का कारण नहीं है।

यह भी पढ़ें : चिंता और निराशा दूर करने का अचूक तरीका है गार्डनिंग

3. गलती दूसरे पर थोपना:

सेल्फ ऑब्सेस्ड डिसऑर्डर के रोगी किसी भी रिश्ते में हावी होना चाहते हैं और ऐसा करने की चाह में वो अपनी की हुई गलतियां दूसरों पर थोपते हैं।

यह भी पढ़ें : दुनियाभर में फिर तेजी से फैल रही ये बीमारी, WHO को सता रही इस बात की चिंता

4. इन्सिक्योर महसूस करना:

सेल्फ ऑब्सेस्ड डिसऑर्डर (self obsessed disorder) के रोगी कभी भी अपने आप को कम्पलीट नहीं महसूस कर पाते। उन्हें हमेशा अधूरा और इन्सिक्योर महसूस होता है। इस वजह से वो हमेशा दुखी और बेचैन रहते हैं। 

यह भी पढ़ें : स्टडी: PTSD के साथ ही बुजुर्गों में रेयर स्लीप डिसऑर्डर के मामलों में इजाफा

5. दूसरों से बेहतर होने की सोच रखना:

वे अपनी दुनिया और स्वयं की छवि में इतने रम जाते हैं कि अन्य लोग उनके लिए कोई मतलब नहीं रखते। वे अपने दिमाग में खुद को सबसे ऊंचा समझने लगते हैं।

यह भी पढ़ें : ऑटोइम्यून डिसऑर्डर के मरीजों के लिए एक्सरसाइज से जुड़े टिप्स

6. दोस्ती को सिर्फ एक साधन समझना:

सेल्फ ऑब्सेस्ड लोगों (self obsessed disorder) के लिए मित्रता सिर्फ अपना काम निकालने का एक साधन है। अलग-अलग काम के लिए उनके अलग- अलग दोस्त होते हैं। अपना काम निकलते ही वे दोस्त को भूल जाने में माहिर होते हैं।

यह भी पढ़ें : अगर बच्चे का क्लास में कोई दोस्त नहीं है, तो अपनाएं ये टिप्स

7. बेहद मतलबी होना:

क्या घर क्या फ्रेंड सर्किल हर जगह ऐसे व्यक्ति चाहते हैं कि बस उनकी सलाह को ही आगे रखा जाए। हर कोई उनकी सलाह ही मानें। हर फैसला सिर्फ उनकी राय के हिसाब से होता है। वे दूसरों की राय पर विचार नहीं करना चाहते। अपने सेल्फ ऑब्सेस्ड स्वभाव के कारण वे अपनी ही प्राथमिकताओं की वजह से बर्बाद होते हैं। 

8. रिश्तों को लंबे समय तक न चला पाना:

रिश्ते उनके लिए मात्र एक जरिया होते हैं अपना काम निकालने का। किसी भी रिश्ते में वो अपना समय इनवेस्ट नहीं करते जिस वजह से उनके रिश्ते लंबे समय तक नहीं चल पाते।

यह भी पढ़ें : 10 सामान्य मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स (Mental Health Problems) जिनसे ज्यादातर लोग हैं अंजान

9. सहानुभूति का कोई वास्तविक भाव न होना:

सेल्फ ऑब्सेस्ड डिसऑर्डर (self obsessed disorder) लोगों द्वारा सहानुभूति या करुणा का प्रदर्शन सिर्फ एक दिखावा होता है। इसलिए उनके लिए सच्ची सहानुभूति की गहराई को समझना मुश्किल है। 

यह भी पढ़ें : मिट्टी या नाखून खाता है आपका लाडला, कहीं यह पाइका डिसऑर्डर तो नहीं

10. अपनी सफलता के पीछे अपनी कमियों की छिपाना:

सेल्फ ऑब्सेस्ड डिसऑर्डर की असल सच्चाई यह है कि चाहे किसी भी तरह की सफलता हो, वे हमेशा अंदर ही अंदर अपर्याप्त महसूस करेंगे। यद्यपि वे दिखावे और बाहरी उपलब्धियों के आधार पर सफल दिखाई देते हैं, पर अंदर से वे आत्म-सम्मान से संबंधित भय रखते हैं।

यह भी पढ़ें : ओपोजिशनल डिफाइएंट डिसऑर्डर (ODD) के कारण भी हो जाते हैं बच्चे जिद्दी!

11. बाकियों को खुद के मुकाबले नीचे समझना

सेल्फ ऑब्सेस्ड डिसऑर्डर जैसे मानसिक विकार (mental disorder) से ग्रस्त इंसान अपने को ही उच्च समझता है। हर काम की सफलता का श्रेय खुद को ही देता है। बाकियों को वो खुद के मुकाबले जीरो समझता है और खुद को हीरो फिर बात चाहे लुक की ही क्यों न हो।

सेल्फ ऑब्सेस्ड डिसऑर्डर का उपचार:

इस तरह के मानसिक विकार  से ग्रस्त इंसान का उपचार करना थोड़ा मुश्किल होता है क्योंकि पीड़ित व्यक्ति को समझा पाना ही मुश्किल होता है कि वह एक मानसिक बीमारी का शिकार है। इसलिए इस तरह के मेंटल डिसऑर्डर के उपचार के लिए व्यक्तिगत साइको थेरेपी या फिर ग्रुप साइको थेरेपी दी जाती है। इसके साथ-साथ और भी कई साइको थेरेपी का सहारा लिया जा सकता है। इस मानसिक विकार से ग्रस्त व्यक्ति को काउंसलिंग के लिए ले जाएं। अगर सही समय पर उपचार शुरू किया जाए तो सेल्फ ऑब्सेस्ड डिसऑर्डर पर आसानी से काबू पाया जा सकता है।

ऊपर बताए गए सारे 11 लक्षण एक सेल्फ ऑब्सेस्ड डिसऑर्डर से ग्रस्त वक्ति के अंदर देखे जा सकते हैं। ऐसे में अगर आपका कोई मित्र या घर का सदस्य ऐसी स्थिति से गुजर रहा हो तो आप उसे समझाएं और डॉक्टर के पास ले जाएं। साथ ही याद रखें ऐसी स्थिति में मरीज को दवाओं से ज्यादा फैमिली सपोर्ट की बहुत जरुरत पड़ती है तो आप उसका साथ दें। उचित मेडिकेशन और सहयोग से मेंटल डिसऑर्डर पीड़ित व्यक्ति के लक्षणों में सुधार जल्दी देखे जा सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सक सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है।

और भी पढ़ें :

एंग्जायटी डिसऑर्डर (Anxiety disorder) के लक्षण, जिनके बारे में जानना जरूरी है

क्या नींद की कमी से हो सकती है इम्यूनिटी कमजोर?

समझें पैनिक अटैक (Panic attack) और एंग्जायटी अटैक (Anxiety attack) में अंतर

World Crosswords And Puzzles Day : जानिए किस तरह क्रॉसवर्ड पजल मेंटल हेल्थ के लिए फायदेमंद है

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

संबंधित लेख:

    क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
    happy unhappy"
    सूत्र

    शायद आपको यह भी अच्छा लगे

    साइनोफोबिया: क्या आपको भी लगता है कुत्तों से डर, हो सकती है यह बीमारी

    क्या आपको कुत्तों से डर लगता है ?  साइनोफोबिया, या कुत्तों का डर, मकड़ियों (arachnophobia) के डर के रूप में आम नहीं है। इसके लक्षण, बचाव व इलाज के लिए पढ़ें।

    Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
    Written by Smrit Singh
    मेंटल हेल्थ, स्वस्थ जीवन मई 9, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

    मेंटल डिसऑर्डर की यह स्टेज है खतरनाक, जानिए मनोविकार के चरण

    मेंटल डिसऑर्डर क्या है? मनोविकार के लक्षण, स्टेज क्या हैं? डिप्रेशन, बाइपोलर डिसऑर्डर, डेमेंशिया, पार्किंसन रोग, डिस्लेक्सिया, एडीएचडी, मनोग्रसित बाध्यता विकार (ओसीडी; OCD), पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रैस डिसऑर्डर (Post Traumatic Stress Disorder), फोबिया...

    Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
    Written by Smrit Singh
    मेंटल हेल्थ, स्वस्थ जीवन मई 7, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

    ओसीडी का प्रभाव दिमाग को कैसे करता है अफेक्ट?

    ओसीडी का प्रभाव दिमाग पर किस तरह होता है? क्या आप इसके शिकार हैं? इस बीमारी से ग्रसित लोगों में कुछ खास प्रकार के लक्षण दिखने को मिलतें हैं, जानें।

    Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
    Written by Smrit Singh
    मेंटल हेल्थ, स्वस्थ जीवन मई 5, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

    कहीं आपको तो नहीं है यह बीमारी, समझें ओसीडी के लक्षण

    ओसीडी के लक्षण क्या हैं? ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर का दुष्प्रभाव दिमाग और जीवन दोनों पर पड़ता है। ओसीडी के लक्षण के रूप में व्यक्ति में कम्पल्सिव और ऑब्सेसिव विहेवियर दिखाई देता है। signs of OCD in hindi

    Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
    Written by Smrit Singh
    मेंटल हेल्थ, स्वस्थ जीवन मई 5, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

    Recommended for you

    खुद से बात करना/khud-se-bat-karna-talk-to-themselves

    खुद से बात करना नॉर्मल है या डिसऑर्डर

    Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
    Written by shalu
    Published on मई 20, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
    वर्कप्लेस स्ट्रेस-workplace stress

    कैसे बचें वर्कप्लेस स्ट्रेस से?

    Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
    Written by Smrit Singh
    Published on मई 13, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
    पैसे से खुशी

    हां पैसे से खुशी खरीदना मुमकिन है!

    Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
    Written by Smrit Singh
    Published on मई 13, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
    एडीएचडी ट्रीटमेंट

    पहले पेरेंट्स समझें बच्चे की इस बीमारी को फिर करें एडीएचडी ट्रीटमेंट

    Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
    Written by Smrit Singh
    Published on मई 12, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें