कहीं आपकी लो सेक्स ड्राइव (low sex drive) का कारण ये दवाएं तो नहीं?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट सितम्बर 28, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

अलग-अलग पुरुषों की सेक्शुअल डिजायर और लिबिडो में नेचुरल रूप से अंतर होता है। ऐसे में औरों की तुलना में लो सेक्स ड्राइव होना जरूरी नहीं कि बुरी चीज है। हालांकि, अचानक से पुरुषों में कम कामेच्छा या सेक्स ड्राइव में अचानक बदलाव, एक जटिल समस्या का एक संकेत हो सकता है। लो लिबिडो की समस्या सिर्फ सेक्शुअल प्रॉब्लम (sexual problem) ही न होकर कभी-कभी यह मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम (mental health problem) का कारण बन सकती है। इसलिए, लो सेक्स ड्राइव (यौन क्षमता) के कारणों को जानना जरूरी है ताकि आपके लिए बेस्ट सेक्स ड्राइव बूस्टर (sex drive booster) क्या होगा? यह पता लगाना आसान हो सके। “हैलो स्वास्थ्य” के इस लेख में पुरुषों में लो लिबिडो (low libido) के कारणों को बताया गया है।

लो लिबिडो क्या है? (What is low libido?)

लो लिबिडो का मतलब है कि यौन गतिविधि में कम इंटरेस्ट होना। समय-समय पर सेक्स में रुचि कम रखना और कामेच्छा का लेवल लाइफ के हर फेज में अलग-अलग होता है। हालांकि, लंबे समय तक लो लिबिडो कुछ लोगों के लिए चिंता का कारण बन सकता है। यह कभी-कभी अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थिति (health problems) की ओर एक इशारा हो सकता है।

और पढ़ें : क्या आप ब्रेकअप के बाद इन्वॉल्व हैं रिवेंज सेक्स में? जानें इसके कारण क्या हैं

पुरुषों में लो सेक्स ड्राइव (सेक्स स्टेमिना) के कारण क्या हैं?

यहां पुरुषों में कम कामेच्छा के कुछ संभावित कारण दिए जा रहे हैं।

लो सेक्स पवार की वजह कम टेस्टोस्टेरोन

टेस्टोस्टेरोन एक महत्वपूर्ण पुरुष हार्मोन है। पुरुषों में, यह ज्यादातर अंडकोष (testicles) में उत्पन्न होता है। यह मेल हॉर्मोन स्पर्म प्रोडक्शन (sperm production) को स्टिम्युलेट करने के लिए जिम्मेदार होता है। आपके टेस्टोस्टेरोन का स्तर लो सेक्स ड्राइव का कारण बन सकता है। अमेरिकी यूरोलॉजिकल एसोसिएशन (एयूए) के अनुसार, वयस्क पुरुषों में जब टेस्टोस्टेरोन लेवल 300 नैनोग्राम प्रति डेसीलीटर (एनजी / डीएल) से नीचे गिर जाता है, तो उसे लो टेस्टोस्टेरोन लेवल बोला जाता है। जब टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो जाता है, तो आपकी सेक्स की इच्छा भी कम हो जाती है।

और पढ़ें : मेल सेक्स ड्राइव से जुड़ी ये बातें यकीनन नहीं जानते होंगे आप

लो सेक्स ड्राइव की वजह कुछ दवाएं भी

कुछ दवाएं लेने से भी टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो सकता है, जिसके कारण आपको लो सेक्स ड्राइव का सामना करना पड़ सकता है। जैसे एसीई इनहिबिटर (ACE inhibitors) और बीटा-ब्लॉकर्स (beta-blockers) जैसी रक्तचाप की दवाएं स्खलन और इरेक्शन (erection) को रोक सकती हैं।

टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम करने वाली अन्य दवाओं में शामिल हैं:

  • कैंसर के लिए कीमोथेरेपी या रेडिएशन थेरेपी
  • प्रोस्टेट कैंसर के इलाज के लिए हॉर्मोन थेरेपी
  • कोर्टिकोस्टेरॉइड्स (corticosteroids)
  • ओपिऑइड दर्द निवारक
  • एंटिफंगल दवा जैसे-केटोकोनाजोल (ketoconazole)
  • सिमेटिडिन (Tagamet), जिसका उपयोग गैस्ट्रोओसोफेगलरिफ्लक्स रोग (GERD) के लिए किया जाता है
  • एनाबॉलिक स्टेरॉयड, जिसका उपयोग एथलीटों द्वारा मांसपेशियों को बढ़ाने के लिए किया जा सकता है
  • कुछ एंटीडिप्रेसेंट
  • इन दवाओं के सेवन के दौरान आप लो सेक्स ड्राइव का अनुभव कर रहे हैं, तो अपने डॉक्टर से बात करें। वे आपको दवाओं को स्विच करने की सलाह दे सकते हैं।

और पढ़ें : छोटे लिंग के साथ बेहतर सेक्स करने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (आरएलएस)

एक स्टडी में पाया गया कि रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (restless legs syndrome) वाले पुरुषों में स्तंभन दोष (इरेक्टाइल डिसफंक्शन) होने का खतरा अधिक होता है। स्तंभन दोष तब होता है जब कोई व्यक्ति इरेक्शन नहीं कर सकता है या उसे बनाए नहीं रख सकता है। ऐसे में आप स्तंभन दोष के डॉक्टर्स से संपर्क कर सकते हैं।

अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन पुरुषों में हर महीने कम से कम पांच बार आरएलएस की समस्या होती थीं, वे बिना इस सिंड्रोम वाले पुरुषों की तुलना में इरेक्टाइल डिसफंक्शन विकसित करने की संभावना लगभग 50 प्रतिशत अधिक थी। इसके अलावा, जिन पुरुषों में आरएलएस एपिसोड ज्यादा बार होते थे, उनके नपुंसक होने की संभावना अधिक थी।

और पढ़ें : लाइलाज नहीं है नपुंसकता रोग, ये सेक्स मेडिसिन दूर कर सकती हैं समस्या

डिप्रेशन

डिप्रेशन वाले लोग उन एक्टिविटीज में रुचि की कमी का अनुभव करते हैं जो उन्हें पहले सुखदायक लगती थी, जिसमें सेक्स भी शामिल है। लो लिबिडो भी कुछ एंटीडिप्रेसन्ट्स का एक साइड इफेक्ट है। सेरोटोनिन-नॉरपेनेफ्रिन री-प्टेक इनहिबिटर (SNRIs), जैसे कि ड्यूलोक्सीटाइन (Cymbalta) और सेलेक्टिव सेरोटोनिन री-प्टेक  इनहिबिटर (SSRI) को कम सेक्स ड्राइव का कारण माना जा सकता है। यदि आप एंटीडिप्रेसेंट्स ले रहे हैं और लो लिबिडो फील कर रहे हैं, तो अपने डॉक्टर से बात करें।

और पढ़ें : सेक्स थेरिपी सेशन पर जाने से पहले पता होनी चाहिए आपको ये बातें

क्रोनिक बीमारियां

कुछ बीमारियां, जैसे कि कैंसर, आपके स्पर्म प्रोडक्शन को कम कर सकती हैं। इसके साथ ही डायबिटीज टाइप 2, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, क्रोनिक लंग्स, हार्ट, लिवर और किडनी फेलियर भी आपके लो सेक्स ड्राइव की एक वजह बन सकती है। यदि आप किसी क्रोनिक बीमारी से जूझ रहे हैं, तो इस दौरान इंटिमेट होने के तरीकों के बारे में अपने पार्टनर से बात करें। आप अपनी सेक्स समस्याओं के बारे में एक सेक्स थेरेपिस्ट से भी बात कर सकते हैं।

और पढ़ें : सेक्स के दौरान पुरुषों की ये 5 गलतियां पार्टनर का कर देती हैं मूड खराब 

बढ़ती उम्र

टेस्टोस्टेरोन का स्तर, टीनएज में उच्चतम स्तर पर होता है। वहीं, जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है इजेकुलेशन और उत्तेजित होने में अधिक समय लग सकता है। साथ ही पेनिस इरेक्शन में भी अधिक ज्यादा लग सकता है। हालांकि, इन सेक्शुअल समस्याओं के लिए दवाएं उपलब्ध हैं। जिनकी मदद से ये समस्याएं दूर हो सकती हैं।

हैलो स्वास्थ्य का न्यूजलेटर प्राप्त करें

मधुमेह, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, कैंसर और भी बहुत कुछ...
सब्सक्राइब' पर क्लिक करके मैं सभी नियमों व शर्तों तथा गोपनीयता नीति को स्वीकार करता/करती हूं। मैं हैलो स्वास्थ्य से भविष्य में मिलने वाले ईमेल को भी स्वीकार करता/करती हूं और जानता/जानती हूं कि मैं हैलो स्वास्थ्य के सब्सक्रिप्शन को किसी भी समय बंद कर सकता/सकती हूं।

कम आत्म सम्मान

यदि आपको लगता है कि आप अट्रैक्टिव नहीं हैं या आप अनवांटेड फील करते हैं, तो संभवत: इससे आपकी सेक्स लाइफ पर असर पड़ सकता है। कम आत्मसम्मान, सेक्शुअल परफॉरमेंस के बारे में चिंता का कारण बन सकता है, जो इरेक्टाइल डिसफंक्शन के साथ यौन इच्छा को कम कर सकता है। इसके अलावा लो सेल्फ स्टीम की वजह से आपको बड़ी मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे अवसाद, चिंता और ड्रग और एल्कोहॉल एब्यूज। ये सभी स्थितियां आपको कम सेक्स ड्राइव की ओर ले जा सकती हैं।

और पढ़ें : अपनी सेक्शुअल फीलिंग्स पर इस तरह पा सकते हैं काबू

स्ट्रेस

यदि आप क्रोनिक स्ट्रेस की समस्या से जूझ रहे हैं, तो आपकी यौन इच्छा में कमी हो सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि तनाव आपके हार्मोन के स्तर को बाधित कर सकता है। साइंटिफिक रिसर्च  में प्रकाशित एक रिसर्च ने इस धारणा का सपोर्ट किया कि तनाव का पुरुषों और महिलाओं में यौन समस्याओं पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) के एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि स्ट्रेस ने यौन रोग के जोखिम को तीन गुना से अधिक बढ़ा दिया। इसलिए, स्ट्रेस मैनेजमेंट, मेडिटेशन और एक काउंसलर से समस्या पर बातचीत जरूरी है।

और पढ़ें : स्ट्रेस कहीं सेक्स लाइफ खराब न करे दे, जानें किस वजह से 89 प्रतिशत भारतीय जूझ रहे हैं तनाव से

नींद की समस्याएं

जर्नल ऑफ क्लिनिकल स्लीप मेडिसिन की एक स्टडी में पाया गया कि ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (ओएसए) वाले पुरुषों में कम टेस्टोस्टेरोन (testosterone) का स्तर होता है। यह कम लेवल सेक्शुअल एक्टिविटी और सेक्स ड्राइव में कमी की ओर ले जाता है। इसके साथ ही शोधकर्ताओं ने पाया कि लगभग एक-तिहाई पुरुष जिन्हें स्लीप एपनिया था, उनमें भी टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम था।

और पढ़ें : सेक्स के दौरान वीर्य स्खलन की मर्यादा (इजैक्युलेशन) को कैसे बढ़ाएं? 

लो सेक्स ड्राइव का इलाज

  • यदि पुरुषों में लो सेक्स ड्राइव एक अंतर्निहित हेल्थ प्रॉब्लम के कारण होती है, तो आपको दवाओं को स्विच करने की आवश्यकता हो सकती है।
  • यदि आपकी कम कामेच्छा के मनोवैज्ञानिक कारण हैं, तो आपको मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल से मिलने की आवश्यकता हो सकती है।
  • एक हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं,
  • पर्याप्त नींद लें,
  • स्ट्रेस मैनेजमेंट सीखें,
  • एक हेल्दी डाइट फॉलो करें,
  • शारीरिक संबंध बनाने के दौरान फोरप्ले पर ज्यादा फोकस करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

जानें क्यों महिलाओं में होती है कम सेक्स ड्राइव की समस्या?

महिलाओं में कम सेक्स ड्राइव की समस्या के पीछे क्या कारण होता है? लो सेक्स ड्राइव ठीक हो सकता है? Low sex drive in women in Hindi.

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Mousumi dutta
सेक्शुअल हेल्थ और रिलेशनशिप, स्वस्थ जीवन सितम्बर 3, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

हर्पीस के साथ सेक्स संभव है या नहीं, जानने के लिए पढ़ें यह आर्टिकल

हर्पीस के साथ सेक्स करना चाहिए या नहीं इसको लेकर जानें क्या करें व क्या नहीं। क्या बरतें सावधानी। संक्रमण का खतरा कैसे होता है कम, जानने के लिए पढ़ें।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Satish singh

फर्स्ट टाइम सेक्स के बाद ब्लीडिंग होना सामान्य है या असामान्य, इसके पीछे का कारण जानें

फर्स्ट टाइम सेक्स ब्लीडिंग होना सामान्य है या असामान्य, किसे होता है और किसको नहीं होता। इससे बचाव के लिए क्या करें और क्या नहीं, कब लें डॉक्टरी सलाह जानें।

के द्वारा लिखा गया Satish singh

Quiz : खेलकर पता लगाएं कॉन्डोम के बारे में कितना जानते हैं आप?

कॉन्डोम विषय पर क्विज खेलकर पता लगाएं कि, इसके बारे में कितनी जानकारी है आपको। इससे पहले और बाद में क्या करना चाहिए और क्या नहीं... तो टेस्ट करते हैं आपका ज्ञान...

के द्वारा लिखा गया Satish singh
क्विज अगस्त 24, 2020 . 1 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

वैवाहिक जीवन में सेक्स का महत्व

क्या खुशहाल दांपत्य जीवन के लिए सेक्स जरूरी है?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Manjari Khare
प्रकाशित हुआ अक्टूबर 24, 2020 . 7 मिनट में पढ़ें
सेक्स ड्राइव क्विज -sex drive quiz

क्या आपकी सेक्स ड्राइव है कम? ऐसे लगाएं पता

के द्वारा लिखा गया Surender aggarwal
प्रकाशित हुआ अक्टूबर 16, 2020 . 1 मिनट में पढ़ें
जेनोफोबिया - genophobia

सेक्स से लगता है डर? हो सकता है जेनोफोबिया

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Manjari Khare
प्रकाशित हुआ सितम्बर 11, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
हिस्टेरेक्टॉमी के बाद सेक्स

क्या हिस्टेरेक्टॉमी (Hysterectomy) सर्जरी के बाद भी सेक्स लाइफ रहेगी हिट?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
प्रकाशित हुआ सितम्बर 10, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें