एड्स के कारण दूसरे STD होने के जोखिम को कम करने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स

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अपडेट डेट जुलाई 8, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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ऐसा आमतौर पर माना जाता है कि किसी व्यक्ति को यौन रोग (एसटीडी) होने से उसमें एचआईवी होने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, शोध के अनुसार, एड्स के कारण दूसरे STD (सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज) जैसे सिफिलिस और गोनोरिया शरीर की कमजोर कोशिकाओं और ऊतकों के लिए जिम्मेदार होते हैं। एसटीडी सह-संक्रमण (STD co-infection) वास्तव में एचआईवी वाले व्यक्ति की संक्रामकता को बढ़ाता है। इससे वे दूसरों में वायरस को प्रसारित करने की संभावना ज्यादा रखते हैं। एड्स के कारण दूसरे STD से कैसे बचें जानते हैं इस लेख में।

एसटीडी क्या है? (What is STD)

एसटीडी का मतलब यौन संचारित रोग है। एसटीडी को कभी-कभी यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) भी कहा जाता है। वजाइनल, ओरल या एनल सेक्स (anal sex) सेक्शुअल एक्टिविटीज के दौरान एसटीआई एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। ये इन्फेक्शंस बैक्टीरिया, पैरासाइट और वायरस की वजह से होते हैं। HIV भी एक STD है। क्लैमाइडिया (Chlamydia), गोनोरिया, ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) इंफेक्शन और सिफलिस अन्य एसटीडी के उदाहरण हैं।

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एसटीडी के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of STD)

एसटीडी के आधार पर इसके लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। साथ ही हर व्यक्ति में एसटीडी के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। संभावित एसटीडी के लक्षणों में दर्दनाक यूरिनेशन, वजाइना या पेनिस से असामान्य डिस्चार्ज और बुखार शामिल हैं। हालांकि, यहां भी हो सकता है ​​कि अगर किसी व्यक्ति को एसटीडी के कोई लक्षण नहीं दिख रहे है, तो भी उसे सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज हो। इसलिए, एसटीडी स्क्रीनिंग (STD screening) आपके और आपके पार्टनर के लिए जरूरी है।

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एचआईवी और एसटीडी

जिन लोगों को HIV होता है, उन्हें एसटीडी होने का खतरा बढ़ जाता है। किसी दूसरे व्यक्ति को संक्रमण के जोखिम में डालने की एक वजह कॉन्डम का इस्तेमाल न करना और एक से ज्यादा लोगों से शारीरिक संबंध बनाना है। इसके अलावा, क्योंकि एसटीडी और एचआईवी कनेक्टेड हैं। जब किसी को एसटीडी हो जाता है तो पता चलता है कि उन्हें यह किसी ऐसे व्यक्ति से मिला है जिसे एचआईवी या दूसरे एसटीडी हैं।

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एचआईवी से एसटीडी फैलने का खतरा

एचआईवी से पीड़ित लोगों से एचआईवी फैलने की संभावना अधिक होती है खासकर जब उन्हें यूरेथ्राइटिस (urethritis) या जेनिटल अलसर (genital ulcer) होता है। जब एक व्यक्ति को एड्स के कारण दूसरे STD जैसे कि गोनोरिया या सिफलिस होता है। तो यह पता चलता है कि वे बिना कॉन्डम का उपयोग किए बिना सेक्शुअल इंटरकोर्स में इन्वॉल्व थे। इससे यह भी सम्भव हो सकता है कि उन्होंने अपने पार्टनर को एचआईवी ट्रांसफर किया हो।

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एड्स के कारण दूसरे STD के बारे में क्या कहते हैं आंकड़ें

  • अमेरिका में, जो गे सेक्स (gay sex) में इन्वॉल्व हैं उनमें सिफिलिस और एचआईवी दोनों पुरुषों में होने वाले सबसे आम यौन संचारित रोग हैं। 2018 में एमएसएम यानी मेन सेक्स में पुरुषों में प्राइमरी और सेकेंडरी सिफिलिस के 77.6% मामले सामने आए थे।
  • 2010 में फ्लोरिडा में, संक्रामक सिफिलिस के साथ निदान किए गए सभी व्यक्तियों में 42% लोग एचआईवी संक्रमित थे। 10 पुरुषों को जिन्हें सिफिलिस था, उनमें भविष्य में एचआईवी होने का खतरा अधिक था।
  • पाया गया कि क्लैमाइडिया की तुलना में गोनोरिया एचआईवी से ज्यादा कनेक्टेड था।
  • हर्पीज भी आमतौर पर एचआईवी से जुड़ा होता है। एक मेटा-एनालिसिस से पता चलता है कि एचएसवी -2 (HSV-2) से संक्रमित व्यक्ति में एचआईवी संक्रमण (HIV infection) का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है।

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क्या एचआईवी का इलाज करने से एसटीडी होने से रोका जा सकता है?

नहीं, यह पर्याप्त नहीं है। एसटीडी के लिए स्क्रीनिंग से किसी व्यक्ति के एचआईवी होने के जोखिम का आकलन करने में मदद मिल सकती है। सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज (sexually transmitted diseases) का उपचार उन संक्रमणों की जटिलताओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन एचआईवी के प्रसार को रोकने के लिए इसकी उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। यदि कोई एचआईवी पॉजिटिव (HIV positive) है और उसे एसटीडी का पता चला है, तो उन्हें जोखिम में कमी के बारे में डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। साथ ही अपने सेक्स पार्टनर से एसटीडी और एचआईवी के बारे में खुल के बात करें।

एड्स के कारण दूसरे STD होने के जोखिम को कम करने के लिए क्या कर सकते हैं?

यदि लोग यौन रूप (वजाइनल, एनल या ओरल सेक्स) से सक्रिय हैं, तो वे एसटीडी और एचआईवी होने की संभावना कम करने के लिए निम्न उपाय कर सकते हैं:

  • कम जोखिम भरा सेक्शुअल बिहेवियर (sexual behavior) चुनें,
  • सेक्शुअली एक्टिविटी (sexually activity) के दौरान (शुरू से अंत तक) वजाइनल, एनल और ओरल सेक्स के हर एक्ट के लिए एक नए कॉन्डम का उपयोग करें,
  • उन लोगों की संख्या कम करें जिनके साथ आप यौन संबंध रखते हैं;
  • सेक्स से पहले और दौरान ड्रग और एल्कोहॉल के उपयोग को सीमित या खत्म करें,
  • अपने हेल्थकेयर एक्सपर्ट के साथ क्रिस्टल क्लियर बात करें और पूछें कि क्या आपको एसटीडी और एचआईवी के लिए टेस्ट किया जाना चाहिए।
  • एचआईवी इंफेक्शन को रोकने के लिए प्री-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस (pre-exposure prophylaxis), या पीआरईपी, या पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस या पीईपी ऑप्शन के बारे में बात करें।
  • एचआईवी होने का जोखिम भी कम हो सकता है यदि आपका पार्टनर अपने हेल्थ केयर प्रोफेशनल के साथ इस विकल्प पर चर्चा करने के बाद प्रेप (PrEP) लेता है। जब इसे रोजाना लिया जाता है, तो एचआईवी को रोकने के लिए यह बेहद प्रभावी होता है।
  • हर बार जब आप सेक्स करते हैं तो कॉन्डम का सही तरीके से उपयोग करें।

एचआईवी से खुद को बचाने के लिए कदम उठाना जरूरी है। जैसे कि अगर आप सुरक्षित यौन संबंध बनाने के लिए कॉन्डम का इस्तेमाल करें। यह कई अन्य एसटीडी के खिलाफ भी सुरक्षा प्रदान करेगा। हालांकि, भले ही आप एचआईवी से खुद की सेफ्टी के लिए कदम उठा रहे हों। लेकिन, कुछ एसटीडी (जैसे हर्पीज और जेनिटल या एनल वार्ट्स), सेक्स के दौरान स्किन टू स्किन कॉन्टैक्ट (skin to skin contact) से भी हो सकते हैं। एचआईवी सहित एसटीडी होने के जोखिम को कम करने के लिए कॉन्डम अभी भी एकमात्र सबसे अच्छा तरीका साबित होता है। इसलिए, यौन संबंध बनाते समय कॉन्डम का इस्तेमाल करना न भूलें।

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