महिला ऑर्गेज्म के बारे कुछ ऐसी बातें, जो आपको पता होनी चाहिए

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

प्रकाशित हुआ जुलाई 30, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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ऑर्गेज्म सेक्स के दौरान प्राप्त होने वाले आनंद की भावना है। जब बात ऑर्गेज्म की होती है तो इस पुरुष प्रधान समाज में महिला के ऑर्गेज्म को अधिक महत्व नहीं दिया जाता है। इसे लेकर कई गलत जानकारियां और मिथक भी फैले हुए हैं। ऑर्गेज्म तक पहुंचने के लिए महिला का कई अंग मदद करते हैं। यह केवल आनंद के लिए ही नहीं, बल्कि शरीर को आराम पहुंचाने, तनाव को दूर करने के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भी अच्छा है। अगर आप भी महिला ऑर्गेज्म के बारे में नहीं जानते तो अवश्य जानिए। पाएं महिला ऑर्गेज्म के बारे में कुछ रोचक जानकारियां।

महिला ऑर्गेज्म कैसे प्राप्त किया जा सकता है?

महिलाओं को योनि के माध्यम से सेक्स करने पर ऑर्गेज्म प्राप्त करने में मुश्किल होती है। ऐसे में अन्य तरीको जैसे क्लिटोरल, ओरल सेक्स, निप्पल में उत्तेजना आदि से ऑर्गेज्म पाने में मदद मिलती है। इसलिए यदि आपको ऑर्गेज्म पाने में समस्या हो रही है, तो आप विभिन्न प्रकार की यौन क्रियाओं को ट्राई कर सकती हैं और जान सकते हैं कि इन में से आपके लिए कौन-सा तरीका सही है।

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आप कितनी तरह के महिला ऑर्गेज्म के बारे में जानते हैं?

तीन तरह के मुख्य महिला ऑर्गेज्म हैं :क्लिटोरल, वजाइनल और ब्लेंडेड (blended)। इनमें से क्लिटोरल बहुत ही सामान्य है। लगभग 75% महिलाओं को ऑर्गेज्म तक पहुंचने के लिए क्लिटोरल स्टिमुलेशन की जरूरत पड़ती है। वजाइनल ऑर्गेज्म का अर्थ है कि महिला बिना क्लिटोरल स्टिमुलेशन के ऑर्गेज्म तक पहुंच सकती है। हाल ही में हुए एक शोध के मुताबिक वजाइनल ऑर्गेज्म कुछ भी नहीं है, यह केवल एक मिथक है। क्योंकि योनि स्वयं शरीर-रचना की दृष्टि से ऑर्गेज्म तक पहुंचाने में असमर्थ है। महिलाओं के अनुभव के मुताबिक वो वजाइनल और क्लिटोरल ऑर्गेज्म के मेल से अधिक आनंद का अनुभव करती हैं। ब्लेंडेड ऑर्गेज्म बहुत ही दुर्लभ है और इनका अनुभव केवल कुछ ही लोग कर सकते हैं।

महिलाओं में जी-स्पॉट

जी-स्पॉट को योनि का ही एक हिस्सा माना जाता है। कुछ लोग यह मानते हैं कि यह क्लिटोरल का ही विस्तार है। ऐसा भी माना जाता है कि यह जी-स्पॉट योनि के शुरुआती पॉइंट से अंदर 0.8–1.2 इंच दूर  पहली दिवार पर  होता है। छूने पर यह , यह एक खुरदरे बटन के समान है और इस पर दबाव डालने से ऐसा प्रतीत हो सकता है जैसे आपका ब्लाडर भरा हुआ है। ऐसा भी कहा जाता है कि सेक्स के दौरान जी-स्पॉट ही महिलाओं के सेक्सुअल प्लेजर का मुख्य भाग है। हालांकि सेक्स के दौरान इसे ढूंढना मुश्किल है।

 महिलाओं को ऑर्गेज्म के दौरान शरीर में क्या होता है?

ऑर्गेज्म में हमारा दिमाग बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। ऐसा लगता है कि ऑर्गेज्म का प्रभाव केवल गुप्तांगों पर पड़ता है लेकिन इसका असर पूरे शरीर पर होता है। ऑर्गेज्म में दिमाग इतना शक्तिशाली होता है कि कुछ महिलाएं सोच-समझकर ही इसे हासिल कर पाती हैं, जिसमें शारीरिक उत्तेजना बिल्कुल नहीं होती। दिमाग और गुप्तांग नसों के माध्यम से संचार करते हैं। इस तरह की नसें योनि, गर्भाशय और गर्भाशय ग्रीवा को मस्तिष्क से जोड़ती हैं। यही कारण है कि, महिलाओं को,  क्लिटोरल ऑर्गेज्म में योनि के ऑर्गेज्म से अलग महसूस होता है। दिमाग केमिकल्स को निकलता है जिससे अधिक आनंद महसूस होता है। ऑर्गेज्म के दौरान, मस्तिष्क ऑक्सीटोसिन नाम के एक हार्मोन को भी छोड़ता है, जो इंटिमेसी और विश्वास की भावनाओं को लाता है।

महिला ऑर्गेज्म और पुरुष ऑर्गेज्म में क्या फर्क है

महिला ऑर्गेज्म और पुरुष ऑर्गेज्म के बीच के कोई फर्क नहीं है। दोनों में गुप्तांगों में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है, सांस और हार्ट रेट बढ़ जाती है, और मांसपेशियों में संकुचन होता है। हां, अवधि में वो अलग हो सकते हैं। महिला ऑर्गेज्म आमतौर पर लंबे समय तक रहता है जबकि पुरुष ऑर्गेज्म की अवधि कम हो सकता है। महिलाओं को आम तौर पर फिर से उत्तेजित होने पर अधिक ऑर्गेज्म का सुख प्राप्त हो सकता है।

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ऑर्गेज्म पाने में असमर्थता के कारण क्या हो सकते हैं?

एक अध्ययन के अनुसार लगभग 33 प्रतिशत महिलाएं ऑर्गेज्म तक नहीं पहुंच पाती। इसके कारणों को दो भागों में बांटा गया है।

मनोवैज्ञानिक कारण

  • भावनाओं पर अत्यधिक नियंत्रण
  • आत्मविश्वास की कमी, कुछ गलत करने का डर
  • गर्भवती होने का डर
  • पहला  यौन अनुभव बुरा होना
  • मनोवैज्ञानिक ट्रॉमा
  • तनाव

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शारीरिक कारण

  • हार्मोनल विकार
  • तंत्रिका और हृदय प्रणाली में खराबी
  • दवाएं लेना (विशेषकर एंटीडिप्रेसेंट्स)

ऑर्गेज्म तक न पहुंच पाने की समस्या को एनोर्गास्मिया कहा जाता है।  एनोर्गास्मिया का उपचार समस्या के कारण के अनुसार किया जाता है। कभी-कभी, नई पोजीशन को ट्राई करने या फोरप्ले पर अधिक ध्यान केंद्रित करने से भी इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

अगर आपको ऑर्गेज्म पाने में समस्या हो तो क्या करना चाहिए?

बहुत सी महिलाएं ऑर्गेज्म तक पहुंचने में समर्थ नहीं होती।  कुछ लोग तो पूरी उम्र इस समस्या का सामना करते हैं। तो कुछ लोगों के साथ ऐसा किसी खास पार्टनर या स्थितियों में होता है। कारण और स्थिति कोई भी हो लेकिन यह बहुत ही परेशान करने वाला है। जानिए ऐसे में आप क्या कर सकती हैं:

डॉक्टर से मिले

कुछ महिलाएं सेक्सुअल स्वास्थ्य के बारे में किसी से बात नहीं करना चाहती लेकिन, यह जरूरी है। हो सकता है कि कोई शारीरिक बाधा हो जिसके कारण आप ऑर्गेज्म तक न पहुंच पा रही हों। जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर आदि। इसलिए डॉक्टर की सलाह लेना अनिवार्य है।

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पार्टनर से बात करें

सबसे पहले खुद उन कारणों के बारे में सोचें जिनकी वजह से आप ऑर्गेज्म तक नहीं पहुंच पा रही हैं। अपनी सेहत, सेक्स को लेकर आप क्या सोचती हैं? जैसे सवाल खुद से पूछें। इसके साथ ही अपने पार्टनर से भी बात करें। आप और आपका पार्टनर दोनों इस समस्या का हल कर सकते हैं

हस्तमैथुन

कई बार लोग इस वजह से ऑर्गेज्म तक नहीं पहुंच पाते हैं क्योंकि वो नहीं जानते कि यहां तक कैसे पहुंचे। ऐसे में आप आप खुद कुछ अकेले में समय निकाले जहां आप रिलैक्स हो सके। हस्तमैथुन ऑर्गेज्म पाने का एक तरीका हो सकता है। इसके लिए आप सेक्स टॉयज का प्रयोग भी कर सकते हैं।

कुछ आसान उपायों से भी आप अपनी सेक्स लाइफ सुधार सकते हैं जैसे: 

  • अगर आपका वजन अधिक है तो उसे कम करें।
  • अधिक मात्रा में अल्कोहल का सेवन न करें और ड्रग्स भी न लें।
  • रोजाना व्यायाम करें। खासतौर पर कीगल एक्सरसाइज करें। इसे करने से पेल्विक फ्लोर मसल्स मजबूत होती है। जो शारीरिक और सेक्सुअल समस्याओं और ऑर्गेज्म तक पहुंचने में आपकी मदद कर सकती है।
  • किसी भी ऐसी दवाई को लेना बंद न करें जिसकी सलाह डॉक्टर ने दी है। जब तक डॉक्टर खुद उसे न लेने के लिए कहे।
  • संतुलित और पौष्टिक आहार लें।
  • शरीर में पानी की कमी न होने दें। इससे थकान और अन्य समस्याएं हो सकती हैं, जो सेक्सुअल स्वास्थ्य और ऑर्गेज्म को प्रभावित कर सकती हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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