Hyperuricemia : हाइपरयूरिसीमिया क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

Medically reviewed by | By

Update Date जून 2, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
Share now

परिचय

हाइपरयूरिसीमिया क्या है?

यूरिक एसिड (Uric Acid) या यूरिक अम्ल एक कार्बनिक यौगिक है जिसकी मात्रा हमारे खून में पाई जाती है। यह कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन जैसे तत्वों से मिलकर बना होता है। इसका अणुसूत्र C5H4N4O3 होता है। यह एक प्रकार का यौगिक है जो हमारे शरीर को प्रोटीन से एमिनो एसिड के रूप में मिलता है। शरीर के पाचन प्रक्रिया के दौरान प्रोटीन टूटता है। इस दौरान शरीर में प्यूरीन नामक पदार्थ टूटता है जो हमारे शरीर में यूरिक एसिड का निर्माण करता है। हालांकि, ऐसी कई वजहें है जिसकी वजह से शरीर में यूरिक अम्ल का स्तर बढ़ सकता है। ब्लड में यूरिक एसिड  का नॉर्मल अपर लिम 6.8mg/dL होता है, जिसे हाइपरयूरिसीमिया (hyperuricemia) कहते हैं।

प्यूरीन सामान्य रूप से शरीर में उत्पन्न होता है और कुछ खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों में भी पाया जा सकता है। प्यूरीन की उच्च सामग्री वाले खाद्य पदार्थों में रेड मीट (लाल रंग के मांस), सी फूड, रेड वाइन, दाल, राजमा, मशरूम, गोभी, टमाटर, पालक, मटर, पनीर, भिंडी, अरबी, चावल, सूखे सेम (बीन्स), बीयर आदि जैसे खाद्य पदार्थ शामिल हो सकते हैं, जो शरीर में यूरिक एसिड का लेवल काफी बढ़ा सकते हैं। शरीर में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ने से गठिया, डायबिटीज, हार्ट प्राब्लम्स, किडनी की बीमारियों के होने का जोखिम भी बढ़ सकता है।

सामान्य तौर पर, अधिकांश मात्रा में यूरिक अम्ल रक्त में घुल कर किडनी तक जाता है और वहां से यूरिन के जरिए शरीर से बाहर निकल जाता है। लेकिन, अगर किसी कारण शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा अधिक बढ़ जाती है यूरिन के जरिए उसकी पर्याप्त मात्रा में नहीं निकाल पाती है, जिससे हम बीमार हो सकते हैं।

इसके अलावा शरीर में यूरिक अम्ल के बढ़ने से भविष्य में निम्न स्वास्थ्य स्थितियों के होने का जोखिम भी बढ़ सकता है, जिसमें शामिल हैः

और पढ़े Bursitis (iliopsoas): बर्साइटिस (इलिओप्सोएस) क्या है?

लक्षण

हाइपरयूरिसीमिया (यूरिक एसिड) के लक्षण क्या हैं?

शरीर में हाइपरयूरिसीमिया (यूरिक एसिड) की मात्रा बढ़ने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती है। जिसे पहचान कर हम इसके लक्षणों को नोटिस कर सकते हैं, जो गंभीर स्थिति होने पर गाउट के भी लक्षण हो सकते हैं, जिसमें शामिल हो सकते हैंः

  • जोड़ों में दर्द होना
  • गले में खराश होना
  • जोड़ों के आसपास की त्वचा लाल होना या उनमें सूजन होना
  • पैर के अंगूठे में सूजन और दर्द होना
  • जोड़ों की त्वचा का तापमान अधिक होना
  • त्वचा का रंग लाल या बैंगनी होना

कुछ स्थितियों में यह किडनी स्टोन का भी कारण बन सकता है, जिसके निम्न लक्षण हो सकते हैंः

  • पीठ के निचले हिस्से में गंभीर दर्द होना
  • जननांगों में अचानक से दर्द होना
  • जी मिचलाना
  • उल्टी होना
  • बहुत तेज यूरिन आना
  • यूरिन पास करते समय यूरिन में खून आना

इसके अलावा, अगर आपको किसी भी प्रकार का कैंसर है और इस दौरान शरीर में यूरिक अम्ल की मात्रा बढ़ती है, तो आपको निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं जिनमें शामिल हैंः

  • बुखार आना
  • सामान्य मौसम होने पर भी ठंड लगना
  • थकान महसूस करना

ध्यान रखें कि, शरीर में हाइपरयूरिसीमिया (यूरिक एसिड) होने के सभी तरह के लक्षण यहां नहीं बताए गए हो सकते हैं। हर व्यक्ति में इसके लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। अगर ऊपर बताए गई किसी भी लक्षण पर आपको कोई संदेह है, तो कृपया इस बारे में अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

और पढ़ेंः Macular Degeneration : मैक्युलर डीजेनेरेशन क्या है?

कारण

हाइपरयूरिसीमिया (यूरिक एसिड) के क्या कारण हो सकते हैं?

शरीर में यूरिक ऐसिड बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं जिनमें खान-पान से लेकर अनुवांशिकता का कारण भी शामिल हो सकते हैं, जैसेः

  • भोजन में उच्च प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करना
  • ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना जो शरीर में उच्च मात्रा मे शुगर लेवल को बढ़ा सकते हो
  • माता या पिता को यूरिक एडिस की समस्या होना
  • किडनी द्वारा यूरिन पास करते समय यूरिक एसिड के कम उत्सर्जन करना
  • उपवास रखना
  • तेजी से वजन घटाने वाले एक्सरसाइज या अन्य गतिविधि करना
  • खून में आयरन की मात्रा बढ़ना
  • पेशाब बढ़ाने वाली दवाओं का सेवन करना
  • डायबिटीज की दवाओं का सेवन करना
  • हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होना
  • थायराइड ज्यादा या कम होना
  • किडनी फेल होना
  • बहुत अधिक शारीरिक श्रम करना
  • बहुत अधिक मोटापा होना
  • अधिक मात्रा में शराब पीना।
और पढ़ें: Abdominal migraine : एब्डॉमिनल माइग्रेन क्या है?

निदान

हाइपरयूरिसीमिया (यूरिक एसिड) के बारे में पता कैसे लगाएं?

हाइपरयूरिसीमिया का परीक्षण करने के लिए आपके डॉक्टर आपको निम्न टेस्ट की सलाह दे सकते हैंः

यूरिक एसिड ब्लड टेस्ट

शरीर में यूरिक एसिड की बढ़ी हुई मात्रा का पता लगाने के लिए आपको यूरिक एसिड ब्लड टेस्ट करवाने की आवश्यकता हो सकती है। यह एक प्रकार का ब्लड टेस्ट होता है, जिसके जरिए आपके खून में यूरिक एसिड की मात्रा का पता लगाया जा सकता है। इस टेस्ट के लिए डॉक्टर आपके खून का नमूना लेते हैं।

यूरिक एसिड यूरिन टेस्ट

यूरिक एसिड यूरिन टेस्ट परीक्षण यह देखने के लिए जांचता है कि आपके मूत्र में यूरिक एसिड का स्तर कितना है। इस टेस्ट के लिए आपको अपने यूरिन का सैंपल डॉक्टर को देना होता है।

और पढ़ें: Abrasion : खरोंच क्या है?

रोकथाम और नियंत्रण

हाइपरयूरिसीमिया (यूरिक एसिड) को कैसे रोका जा सकता है?

हाइपरयूरिसीमिया के लेवल को बढ़ने से रोकने के लिए आप निम्न उपाय कर सकते हैं, जिनमें शामिल हैंः

  • अधिक से अधिक मात्रा में पानी पीएं। पानी की अधिक मात्रा शरीर में अधिक यूरिन का निर्माण करती है जिससे आपके खून में मौजूद अतिरिक्त यूरिक एसिड यूरिन के जरिए आसानी से शरीर से बाहर निकल सकता है।
  • अपनी खान-पान की आदतों में बदलाव लाएं। ऐसे आहार न खाएं जो शरीर में यूरिक अम्ल का स्तर बढ़ाने का कारक बन सकते हो। अपने आहार में आप अपने डॉक्टर की सलाह पर फलों, हरी सब्जियों, मूली का जूस, दूध, बिना पॉलिश किए गए अनाज इत्यादि शामिल कर सकते हैं।
  • अपनी डायट में संतुलित आहार शामिल करना चाहिए। जिसमें आपको कार्बोहइड्रेट, प्रोटीन, फैट, विटमिन्स और मिनरल्स की एक सीमित मात्रा शामिल करनी चाहिए।
  • कोशिश करें आपके आहार में अधिकतर खाद्य पदार्थ शाकाहारी हो। हालांकि, दाल की मात्रा का कम सेवन करें।
  • नियमित तौर पर थोड़ा व्यायाम करें। व्यायाम करने से शरीर में अधिक मात्रा में प्रोटीन जमा नहीं हो पाता है।
  • अगर आप यूरिक एसिड का उपचार करा रहे हैं और इसकी दवाओं का सेवन कर रहे हैं, तो हर तीन से छह माह में आपको अपने यूरिक एसिड की जांच जरूर करानी चाहिए।
  • पोटैशियम युक्त भोजन करें, लेकिन ध्यान रखें कि केले का सेवन करें।

कुछ शोध के मुताबिक खून में यूरिक एसिड की मात्रा को कंट्रोल करने के लिए हरे और ताजे खीरे के जूस पीना काफी लाभकारी साबित हो सकता है।

और पढ़ें: Abscess Tooth: एब्सेस टूथ क्या है?

उपचार

हाइपरयूरिसीमिया (यूरिक एसिड) का उपचार कैसे किया जाता है?

हाइपरयूरिसीमिया (यूरिक एसिड) का उपचार करने के लिए आपके डॉक्टर आपको निम्न दवाओं के साथ कुछ जरूरी सलाह भी दे सकते हैं।

  • अगर आपका यूरिक एसिड लेवल अभी-अभी बढ़ना शुरू हुआ है, तो इसे आप अपनी डायट में उचित बदलाव लाकर भी कंट्रोल कर सकते हैं। इसके लिए आपको दवाओं की सेवन की जरूरत नहीं हो सकती है।

लेकिन, आपके खून में यूरिक एसिड का लेव अधिक हो गया है तो आपके डॉक्टर इसका उपचार करने के लिए आपको निम्नलिखित दवाएं की सलाह दे सकते हैं, जिनमें शामिल हैंः

  • नॉन-स्टेरायडल एंटी-इन्फ्लैमेटरी (एनएसएआईडी) दवाएं

अगर यूरिन अम्ल का लेवल बढ़ने के कारण गाउट की समस्या हो गई है, तो आपके डॉक्टर आपको निम्न दवाओं की सलाह दे सकते हैंः

ये दवाएं गाउट संबंधी दर्द से राहत प्रदान करने में लाभकारी हो सकते हैं।

  • अगर आपको कैंसर है और कीमोथेरेपी करा रहे हैं, जिसके कारण आप एनएसएआईडी(NSAID) दवाओं का सेवन नहीं कर सकते हैं, ऐसी स्थिति में आपके डॉक्टर आपको एसिटामिनोफेन के सेवन की सलाह दे सकते हैं।

इसके अलावा भी आप अपने डॉक्टर के सलाह पर निम्न दवाओं का सेवन कर सकते हैंः

  • यूरिकोसुरिक दवाएं
  • जेनथिन ऑक्सीडेज इनहिबिटर

इसके अलावा अगर आपके खून में यूरिक एसिड लेवल बढ़े दो से तीन महीने ही हुए हैं, तो आपके डॉक्टर इसे कम करने के लिए आपको FEBUSTAT 40 एमजी के सेवन की सलाह भी दे सकते हैं।

अगर आपका इससे जुड़ा किसी तरह का कोई सवाल है, तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

संबंधित लेख:

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy"
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

Quad Screen: क्वाड स्क्रीन टेस्ट क्या है?

जानिए क्वाड स्क्रीन टेस्ट क्या है? क्यों और कब की जाती है Quad Screen टेस्ट? गर्भवती महिला की सेहत से जुड़ी कौन सी अहम जानकारी मिलती है?

Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
Written by Anu Sharma
मेडिकल टेस्ट A-Z, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z अक्टूबर 11, 2019 . 4 मिनट में पढ़ें

Propranolol : प्रॉप्रैनोलॉल क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

जानिए प्रॉप्रैनोलॉल टैबलेट की जानकारी in hindi, फायदे, लाभ, प्रॉप्रैनोलॉल उपयोग, इस्तेमाल कैसे करें, कब लें, कैसे लें, कितना लें, खुराक, propranolol डोज, ओवरडोज, साइड इफेक्ट्स, नुकसान, दुष्प्रभाव और सावधानियां।

Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
Written by Ankita Mishra
दवाइयां A-Z, ड्रग्स और हर्बल सितम्बर 26, 2019 . 7 मिनट में पढ़ें

Gamma-Glutamyl Transpeptidase (GGT) Test : जीजीटी टेस्ट क्या है?

जानिए क्या है जीजीटी टेस्ट (गामा-ग्लूटामाइल ट्रांसपेप्टिडेज़ टेस्ट)? कब और क्यों आवश्यकता पड़ती है जीजीटी टेस्ट की? GGT measures the amount of the enzyme GGT in blood?

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Kanchan Singh
मेडिकल टेस्ट A-Z, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z सितम्बर 21, 2019 . 4 मिनट में पढ़ें

Glycohemoglobin Test: ग्लाइकोहीमोग्लोबिन टेस्ट क्या है?

जानिए क्या है ग्लाइकोहीमोग्लोबिन टेस्ट? ग्लाइकोहीमोग्लोबिन टेस्ट एक तरह का ब्लड टेस्ट है। Glycohemoglobin Test की आवश्यकता कब पड़ती है?

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Kanchan Singh
मेडिकल टेस्ट A-Z, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z सितम्बर 16, 2019 . 4 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

जाइलोरिक

Zyloric: जाइलोरिक क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
Written by Satish Singh
Published on जून 15, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें
दाल के फायदे

12 प्रकार की दाल और उनके फायदे, खाते वक्त इनके बारे में सोचा भी नहीं होगा आपने

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Nidhi Sinha
Published on मार्च 3, 2020 . 11 मिनट में पढ़ें
फ्यूसिडिक एसिड-Fusidic Acid

Fusidic Acid: फ्यूसिडिक एसिड क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Mona Narang
Published on फ़रवरी 26, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
ब्रेन नैट्रियूरेटिक पेप्टाइड टेस्ट-Brain Natriuretic Peptide Test

Brain Natriuretic Peptide Test: ब्रेन नैट्रियूरेटिक पेप्टाइड टेस्ट क्या है?

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Kanchan Singh
Published on दिसम्बर 27, 2019 . 4 मिनट में पढ़ें