Neck strain: गर्दन में खिंचाव क्या है?

By Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal

परिचय

गर्द खिंचाव (Neck strain) क्या है?

गर्दन की मांसपेशियों में एक या अधिक फाइबर या टेंडन्स में अत्यधिक खिंचाव और टीयर होता है तो गर्दन में खिंचाव आ जाता है। यह एक प्रकार की चोट होती है। इसे पुल्ड मसल (pulled muscle) भी कहा जाता है। हालांकि, इसकी तीव्रता क्षतिग्रस्त हुए फाइबर के आकार और जगह पर निर्भर करती है। गर्दन में खिंचाव कुछ दिनों या हफ्तों के भीतर अपने आप ही ठीक हो जाता है। यह दर्द य हल्का से लेकर तेज हो सकता है। गर्दन की मांसपेशियों के कुछ फाइबर में खिंचाव या टीयर आने पर इसे ग्रेड वन में रखा जाता है। वहीं, 90 % मसल फाइबर्स में खिंचाव आने पर इसे ग्रेड-2  इंजरी में रखा जाता है।

गर्दन की मासपेशी के पूरी तरह से रप्चर हो जाने पर इसे ग्रेड-3 की श्रेणी में रखा जाता है। हालांकि, यह गर्दन में नहीं होता है और इसे गर्दन में खिंचाव के नाम से उल्लेखित नहीं किया जाता है। अचानक या दबाव में गर्दन घुमाने से गर्दन में खिंचाव आ जाता है। ऐसा गिरने या कार दुर्घटना की वजह से हो सकता है। लंबे वक्त तक गर्दन को एक ही स्थिति में रोककर रखने से गर्दन की मांसपेशियों में ऐसा ही दर्द हो सकता है।

गर्दन में खिंचाव कितना सामान्य है?

गर्दन में खिंचाव  एक सामान्य समस्या है। किसी भी आयु वर्ग के लोगों कीं गर्दन में खिंचाव की समस्या आ सकती है। इसकी अधिक जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से सलाह ले सकते हैं।

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लक्षण

गर्दन में खिंचाव के क्या लक्षण हैं?

  • गर्दन में खिंचाव के लक्षण के रूप में दर्द और गर्दन के रेंज ऑफ मोशन में कमी आना होता है।
  • हालांकि, इंजरी के बाद दर्द होता है। शुरुआती दौर में किसी भी व्यक्ति को असहजता का अहसास न होना एक असामान्य स्थिति नहीं है। चूंकि, ज्यादातर इनफ्लेमेटरी बदलाव धीरे-धीरे आते हैं।
  • चोट लगने के बाद तुरंत गंभीर दर्द का अहसास खतरे का संकेत हो सकते हैं, जिसमें चोट आपकी सोच से भी ज्यादा गंभीर हो सकती है।
  • आमतौर पर गर्दन में चोट आने पर मरीज को ठीक महसूस होता है। अगले दिन सुबह उसे गर्दन में दर्द और रेंज ऑफ मोशन में कमी का अहसास होता है।
  • अन्य लक्षणों को मिलाकर दिनचर्या के कार्यों को न कर पाना या पहले की जाने वाली एक्टिविटी को न कर पाना शामिल है।
  • नर्व पेन या नर्व में चिकोटी का अहसास जैसे कमजोरी, सुन्नता, कंपकंपी, असंतुलन और चक्कर आने जैसे लक्षण नजर आने पर आपको सतर्क होना चाहिए। गर्दन में खिंचाव होने पर आपको लिंफ नोड की सूजन नहीं होती है।
  • गर्दन में खिंचाव या जकड़न गंभीर होने पर यह सामान्यतः लोअर बैक में फैल जाती है। चबाने, निगलने और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दुर्लभ हैं। इस प्रकार के लक्षण नजर आते ही चिकित्सा सहायता अनिवार्य है।

उपरोक्त लक्षणों के अलावा भी गर्दन में खिंचाव के कुछ अन्य लक्षण हो सकते हैं, जिन्हें ऊपर सूचीबद्ध नहीं किया गया है। यदि आप गर्दन में खिंचाव के लक्षणों को लेकर चिंतित हैं तो अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से परामर्श लें।

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मुझे डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

यदि आपको उपरोक्त लक्षणों या संकेतों का अनुभव होता है या आपका कोई सवाल है तो अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें। हालांकि, इस समस्या में हर व्यक्ति की बॉडी भिन्न तरीके से प्रतिक्रिया देती है। अपनी स्थिति की बेहतर जानकारी के लिए डॉक्टर से सलाह लेना उचित रहेगा।

कारण

गर्दन में खिंचाव का क्या कारण है?

गर्दन में चोट लगने से इसमें खिंचाव हो सकता है। इस प्रकार की चोट अक्सर आघात (ट्रॉमा) जब पहुंचता है तब सिर पीचे की तरफ (हाइपरएक्सटेंशन) या आगे की तरफ खिंच जाता है। रोटेशन और कंप्रेशन से आने वाली चोट से गर्दन में खिंचाव और कोमल ऊत्तकों में चोट पहुंच सकती है। कार दुर्घटना में अक्सर लोगों का सिर या तो आगे की तरफ हो जाता है या पीछे की तरफ, जिससे उनकी गर्दन में खिंचाव आता है।

एक आम स्थिति में जब सीट बेल्ट लगाए हुए कोई व्यक्ति लगातर गर्दन को आगे या पीछे की तरफ रखता है तो इससे गर्दन में खिंचाव आता है। एक तरफ से पड़ने वाले दबाव से गर्दन दूसरी तरफ मुड़ जाती और दुर्लभ प्रभावों में गर्दन पीछे की तरफ खिंच जाती है।

इस प्रकार के किसी भी मूवमेंट से गर्दन में खिंचाव आ जाता है। दफ्तर में गर्दन झुकाकर या पीछे की तरफ करके काम करने वाले लोगों की गर्दन में खिंचाव आ जाता है। खराब पॉश्चर करके बैठने से भी गर्दन में खिंचाव की समस्या पैदा होती है।

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जोखिम

किन कारकों से मुझे गर्दन में खिंचाव का खतरा हो सकता है?

निम्नलिखित कारकों से गर्दन में खिंचाव का खतरा हो सकता है:

  • गर्दन की मांसपेशियों में दर्द
  • लिगामेंट में खिंचाव विशेषकर खराब पॉश्चर से आना।
  • गर्दन में चोट
  • अधिक उम्र में गिरने से गर्दन में खिंचाव हो सकता है।
  • अर्थराइटिस

उपचार

यहां प्रदान की गई जानकारी को किसी भी मेडिकल सलाह के रूप ना समझें। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

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गर्दन में खिंचाव का उपचार कैसे किया जाता है?

दर्द: गर्दन में खिंचाव आने पर आपको दर्द का अहसास हो सकता है। हालांकि, यह हर मामले में अलग हो सकता है। दर्द का आंकलन करने के लिए डॉक्टर आपके लक्षणों पर निर्भर रहेगा।

दर्द कितना तीव्र है, इसके लिए डॉक्टर आपको उसकी ग्रेडिंग 0-10 तक करने के लिए कह सकता है। शून्य में कोई दर्द नहीं होता है, जबकि 10 ग्रेड बदतर दर्द को इंगित करता है। हालांकि, दर्द का विश्लेषण करना मुश्किल होता है। निम्नलिखित लक्षण आमतौर पर चोटिल एनाटोमिक स्ट्रक्चर्स की तरफ इशारा करते हैं:

  • हल्का दर्द और ऐंठन चोटिल मांसपेशियों का संकेत हो सकता है।
  • नर्व वाले हिस्से में तेज दर्द होना एक चोट हो सकती है।
  • नर्व में हल्का, तेज दर्द नर्व के चोटिल होने का संकेत हो सकता है।
  • जलन, चुभन नर्व इंजरी का संकेत हो सकता है।
  • गहरा, नेगिंग, हल्का दर्द हड्डी की चोट का लक्षण हो सकता है।
  • तेज, असहनीय, गंभीर दर्द फ्रैक्चर का संकेत हो सकता है।
  • धड़कते हुए फैलने वाला दर्द रक्त वाहिकाओं की चोट का संकेत हो सकता है।

मेडिकल हिस्ट्री

दर्द की गंभीरता का आंकलन करने के लिए डॉक्टर इसका निदान करने के लिए मेडिकल हिस्ट्री की जांच कर सकता है:

  • मरीज की उम्र
  • मरीज को चोट कैसे लगी
  • पिछली चोट की जानकारी
  • शारीरिक गतिविधियों का स्तर
  • सिर के प्रभाव की मौजूदगी और होश खो बैठना
  • किस तरह और किस वक्त लक्षण विकसित हुए
  • ऐसे कारक जो मरीज को बेहतर या बदतर का अहसास कराते हैं।

मेडिकल जांच: गर्दन में खिंचाव का पता लगाने के लिए डॉक्टर चिकित्सा जांच जैसे एक्स-रे भी करा सकता है। इससे गर्दन की हड्डी में आए फ्रैक्चर या अन्य चोट का पता लगाया जा सकता है।

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गर्दन में खिंचाव का इलाज कैसे किया जाता है?

गर्दन में खिंचाव के ज्यादातर मामले अपने आप सेल्फ केयर से ठीक हो जाते हैं। कई लोगों को इसमें विशेष हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं पड़ती है। आराम और लोकल हीट से लक्षणों में राहत मिलती है। पीढ़ित धीरे-धीरे अपनी दिनचर्या में आ सकता है।

यदि गर्दन में खिंचाव का दर्द दो से तीन हफ्तों से ज्यादा रहता है तो ऐसे मामलों में चिकित्सा हस्तक्षेप जरूरी होता है।

ऑस्टेपेथिक मेनिपुलेटिव थेरिपी (Osteopathic manipulative therapy) (मेनुपुलेटिव मेडिसिन में दक्षत्ता प्राप्त डॉक्टर द्वारा की जाती है), चिरोप्राएक्टिक केयर (chiropractic care) , एक्युपंक्चर या फिजिकल थेरेपिस्ट द्वारा इवेल्युएशन थेरिपी दी जा सकती है।

लगातार दर्द से पीढ़ित लोगों के लिए कई प्रकार के इलाज के तरीके उपलब्ध हैं। इसमें होम सर्वाइकल ट्रेक्शन भी है, जिसे फिजिकल थेरेपिस्ट और डॉक्टर के दिशा निर्देशों पर दिया जाता है। यदि आपको इनके रेफ्रल की जरूरत है तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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घरेलू उपचार

जीवन शैली में होने वाले बदलाव क्या हैं, जो मुझे गर्दन में खिंचाव को ठीक करने में मदद कर सकते हैं?

निम्नलिखित घरेलू उपाय आपको गर्दन में खिंचाव में राहत प्रदान करने में मदद करेंगे:

  • यदि दर्द गंभीर नहीं है और इसमें कोई सुन्नता, कमजोरी या नर्व फेलियर के अन्य लक्षण नहीं हैं तो गर्दन में हल्के खिंचाव को घर पर सुरक्षित तरीके से ठीक किया जा सकता है।
  • यदि दर्द मध्यम है तो बेड रेस्ट अनिवार्य है। ऐसे में सर्वाइकल कॉलर फायदेमंद हो सकता है।
  • गर्दन के नीचे एक छोटी तकिया रखने से आपको संतुलित पॉश्चर मिलेगा।
  • सूखा या हल्की नमी वाली गर्माहट को गर्दन पर लगाया जा सकता है। यह मांसपेशियों की जकड़न की वजह से होने वाले दर्द में फायदेमंद होती है। हालांकि, यह राहत मिलने की प्रक्रिया में तेजी नहीं लाती है।

इस संबंध में आप अपने डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि आपके स्वास्थ्य की स्थिति देख कर ही डॉक्टर आपको उपचार बता सकते हैं।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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