चोट लगने पर बच्चों के लिए फर्स्ट एड और घरेलू उपचार

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट सितम्बर 10, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें
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घर में अगर छोटे बच्चे हैं, तो हर मां-पिता को एक डॉक्टर की भूमिका भी निभानी पड़ती थी। हालांकि, आज के समय में ज्यादातर माता-पिता छोटी-मोटी चोट लगने पर बच्चे को सीधा डॉक्टर के पास ले जाते हैं। जो एक तरह से सही भी है। लेकिन, हर बार आप छोटी-मोटी चोट के लिए किसी डॉक्टर का इतंजार नहीं कर सकते हैं। इसलिए हर माता-पिता को बच्चों के लिए फर्स्ट एड की जानकारी रखनी बेहद जरूरी हो सकती है। बच्चों के लिए फर्स्ट एड की जानकारी उन पेरेंट्स के लिए बेहद जरूरी हो सकती है, जो वर्किंग है। साथ ही, अगर उनके बच्चे की देखरेख की जिम्मेदारी किसी आया के कंधों पर है, तो वे अपनी आया को भी बच्चों के लिए फर्स्ट एड की बेसिक जानकारी दे सकते हैं।

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बच्चों के लिए फर्स्ट एड क्या है?

बच्चों के लिए फर्स्ट एड क्या है यह जानने से पहले जरूरी है कि आप फर्स्ट एड क्या है इसके बारे में जानें। वैसे तो फर्स्ट एड का नाम सभी ने सुना होगा। जिसे हम आमतौर पर प्रथामिक उपचार भी कहते हैं। फर्स्ट एड का सीधा सा मतलब है छोटे-मोटे चोटों का उपचार खुद से करना। जैसे, साइकल चलाते समय या बाइक चलाते समय हाथ-पैर में खरोंच लगना या खेल खेलते हुए हाथ-पैर या सिर पर चोट लगना आदि। आमतौर पर ऐसे छोटे-मोटे चोट ज्यादा गंभीर नहीं होते हैं। ये बस मामूली घाव होते हैं, जो 5 से 10 दिनों में मामूली उपचार के बाद ठीक हो जाते हैं। इन मामूली चोटों के उपचार के लिए ही हम जिस भी दवा या मलहम का इस्तेमाल करते हैं, उसे ही फर्स्ट एड कहते हैं। जो आजकल कई लोग अपने घर में रखते भी हैं।

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फर्स्ट एड किट में क्या-क्या होना चाहिए?

अगर आप अपने घर में फर्स्ट एड किट रखना चाहते हैं, तो आपको मेडिकल स्टोर से निम्न चीजों को खरीदना चाहिए। इनमें से अधिकतर चीजों के लिए आपको डॉक्टर की पर्ची की जरूरत भी नहीं होगी। इनमें शामिल हैंः

  • घावों को सूखा करने वाली दवा, जैसे बेटाडीन
  • सामान्य बुखार के लिए दवाएं
  • खुले घावों को ढकने के लिए ड्रेसिंग
  • छोटे, मध्यम और बड़े आकार के मलहम (प्लास्टर पट्टी)
  • कम से कम दो तरह के आई ड्राप
  • बैंडेज
  • सेफ्टी पिन्स
  • डिस्पोजेबल गलब्स
  • चिमटी
  • कैंची
  • घाव के खून और आस-पास की त्वचा साफ करने के लिए साफ कॉटन बॉल्स
  • स्टीकी टेप
  • थर्मामीटर
  • स्किन रैश क्रीम, जैसे हाइड्रोकार्टिसोन या कैलेंडुला
  • कीड़े काटने और डंक से राहत देने वाली क्रीम या स्प्रे
  • एंटीसेप्टिक क्रीम
  • दर्दनिवारक दवाएं, जैसे पेरासिटामोल, एस्पिरिनया आइबूप्रोफेन
  • खांसी की दवा
  • एंटीहिस्टामाइन क्रीम या गोलियां
  • घावों की सफाई के लिए डिटॉल या अन्य जेल
  • आई वॉश और आई बाथ

इसके साथ ही आपको अपने बच्चों के लिए फर्स्ट एड के लिए तैयार किए गए बॉक्स में एक बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा पुस्तिका या निर्देश पुस्तिका भी रखना चाहिए। ताकि, जरूरत के समय में आप उसे पढ़कर उचित तरीके से बच्चों के लिए फर्स्ट एड कर सकें।

  • अगर आपको पास बच्चों के लिए फर्स्ट एड किट है, तो समय-समय पर फर्स्ट एड किट की दवाओं और मलहमों के एक्सपायरी डेट भी चेक करते रहें।
  • बच्चों के लिए फर्स्ट एड या अन्य फर्स्ट एड किट को हमेशा ठंडी और सूखी जगह में बंद करके रखें। इन्हें बच्चों या पालतू जानवर की पहुंच से दूर रखें। साथ ही, इन्हें धूप की रोशनी में भी न रखें।
  • बच्चों के लिए फर्स्ट एड किट में से आपको किस तरह की दवाएं फ्रिज में स्टोर करनी चाहिए या नहीं, इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।
  • इसके अलावा आपको एक बच्चों के लिए फर्स्ट एड के तौर पर एक छोटी किट अपने वाहन में भी रखना चाहिए। ताकि, जरूरत के समय अगर आप घर से बहर हैं, तो भी आप इनका इस्तेमाल कर सकें।

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बच्चों के लिए फर्स्ट एड ट्रीटमेंट कैसे करें?

बच्चे का जल जाना

छोटे बच्चे अक्सर किसी न किसी कारण से खुद को जला लेते हैं। कई बार यह स्थिति वो किसी खेल के दौरान कर बैठेते हैं, तो कई बार यह किसी दुर्घटना के कारण भी हो सकती है। लेकिन जब भी ऐसा हो, तो बच्चों के लिए फर्स्ट एड ट्रीटमेंट तुरंत दें, इसके बाद उन्हें डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए।

क्या करें

  • प्रभावित त्वचा को तुरंत ठंडे पानी से धोएं। बच्चे का जला हुआ हिस्सा लगभग 10 से 15 मिनट तक पानी में रहने दें। ऐसा करने से जलन कम हो जाएगी।
  • इसके बाद प्रभावित घाव को हल्के हाथों से कॉटन बाल्स की मदद से सूखा करें।
  • इसके बाद प्रभावित त्वचा पर जले पर लगाए जानी वाली क्रीम लगाएं।
  • अगर इस घाव पर कोई कपड़ा चिपक गया है तो उसे ऐसे ही रहने दें। अपनी तरफ से फर्स्ट एड ट्रीटमेंट पूरी होते ही बच्चे को अस्पताल लें जाएं। अगर घाव बहुत मामूली है, तो यह तीन से पांच दिनों में भरना शुरू हो जाएगा। इसके लिए आपको डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं हो सकती है।

बच्चे को मोच आना

मोच क्यों आता है, इसका कारण बच्चे शायद ही समझते होंगे। छोटे बच्चे ऑउटडोर गेम्स खेलना ज्यादा पसंद करते हैं। जिसमें मोच आना सबसे आम समस्या हो सकती है। अगर बच्चे को मोच आए तो बच्चों के लिए फर्स्ट एड ट्रीटमेंट के तौर पर आप निम्न चरणों को फॉलो कर सकते हैंः

  • सबसे पहले मोच वाली जगह की त्वचा ज्यादा हिलाएं या छुएं नहीं।
  • दर्द कम करने के लिए ठंडे पानी से सिकाई करें।
  • इसके बाद अब प्रभावित जगह को हिला कर देखें।
  • अगर सब कुछ आपको सामान्य लगे, तो दर्द कम करने के लिए आप गर्म पट्टी यानी बैंटेज लगा सकते हैं।
  • अगर अभी भी दर्द कम नहीं हुआ है तो आप डॉक्टर की सलाह लें।

बच्चे के गले में कुछ फंस जाना

  • सबसे पहले बच्चे के मुंह को खोल कर देखें। देखें कि क्या उसके गले में कोई चीज फंसी हुई दिखाई दे रही है या नहीं।
  • अगर बच्चे को गले में कुछ फंसने के कारण बोलने या सांस लेने में तकलीफ हो रही है, तो बच्चे की पीठ पर मजबूती से तीन से चार बार थपथपाएं।
  • बच्चे को पानी पीने के लिए दें
  • अगर पानी पीने में बच्चे को कोई तकलीफ न हो, तो बच्चे को ब्रेड खाने के लिए दें। ब्रेड का टुकड़ा निगली हुई चीज के ऊपर अटक सकता है और लार बनाता है। लार में पाए जाने वाले एंजाइम निगली हुई चीजों को आसानी से घुला देते हैं।
  • लेकिन अगर निगली हुई चीज बच्चे की सांस नली में अटक गई हो, तो बच्चे की गर्दन को नीचे की तरफ लटकाते हुए उसे अपनी जांघ पर लिटाएं। फिर उसकी पीठ पर चार से पांच बार जोर-जोर से थपथाएं। ऐसा करने से अगर कोई चीज बच्चे के गले में फंसी होगी, तो वो आसनी से बाहर निकल सकती है।
  • इसके बाद अपने बच्चे के मुंह की जांच करें। अगर कोई वस्तु दिखाई दे, तो उसे अपनी दो उंगलियों का इस्तेमाल करके बाहर निकालें।
  • अगर इससे भी समस्या हल नहीं होती है, तो बच्चे के गर्दन को नीचे की तरफ करके उसे खुद से ही उल्टी कराने की कोशिश करें।
  • अगर इसके बाद भी समस्या बनी रहती है, तो डॉक्टर की मदद लें।

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कंधे, गले या पीठ की चोट

कई बार खेल-खेल में बच्चे के कंधे, गंदन या गले में अकड़न और दर्द की समस्या हो सकती है। जिससे राहत पाने के लिए आप निम्न तरीकों का आजमा सकते हैं, जिसमें शामिल हैंः

  • प्रभावित दर्द और अकड़न वाले हिस्से में आइस पैक लगाएं।
  • इसके बाद त्वचा को सूखा करके दर्द और सूजन कम करने के लिए क्रीम लगाएं।
  • अगर दर्द ज्यादा है, तो बच्चे को दर्द निवारक दवाओं की एक से दो खुराक भी दे सकते हैं।
  • अगर अगले 24 घंटे में दर्द और सूजन की समस्या कम नहीं होती है या इसकी समस्या और भी ज्यादा बढ़ जाती है, डॉक्टर से संपर्क करें।
  • ध्यान दें कि, अगर चोट रीढ़ की हड्डी या घुटनों की हड्डी पर लगी है, तो अपनी तरफ से बच्चों के लिए फर्स्ट एड की प्रक्रिया पूरी करने के बाद तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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त्वचा के कटने पर

  • अगर त्वचा पर कटने का घाव ज्यादा गहरा नहीं है, तभी आप खुद से इसका उपचार करें और डॉक्टर की भी परामर्श लें।
  • सबसे पहले अपने हाथों को अच्छे से धोएं और सूखा करें।
  • अब हाथों में गलब्स पहनें। ताकि, बच्चे का संक्रमित न हो।
  • गलब्स पर हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करें।
  • छोटे घाव के खून अक्सर थोड़ा बहकर रूक जाते हैं। अगर खून नहीं रूका है, तो खून रोकने के लिए कटने हुई त्वचा पर साफ पैड या कपड़े से दवाब बनाएं। कुछ मिनट बाद खून बहना बंद हो जाएगा।
  • इसके बाद डिटॉल या अन्य लिक्विड की मदद से घाव को साफ करें।
  • ध्यान रखें, सिर्फ कटने वाली त्वचा के आसपास की त्वचा को ही साफ करना है। घाव में किसी तरह का लिक्विड का इस्तेमाल करें। ऐसा करने से घाव में जलन की समस्या बढ़ सकती है।
  • अगर घाव में किसी तरह का कण है, तो उसे चिमटी की मदद से बाहर निकालें।
  • अब घाव वाली जगह पर आप घाव को सूखा करने वाली क्रीम लगा सकते हैं। अगर घाव बहुत छोटा है, तो क्रीम लगाने के बाद उस पर पट्टी बंधने की जरूरत नहीं होती है।
  • लेकिन अगर घाव से हड्डी दिखाई दे रही है, क्रीम लगाने के बाद बच्चे को जल्द से जल्द डॉक्टर के पास ले जाएं।

नाक से खून आना

जब बच्चे 10 साल के कम के होते हैं तो अक्सर उनकी नाक से खून बहने की समस्या हो सकती है। सामान्य रूप में यह गंभीर स्थिति नहीं होती है। लेकिन, नाक से खून आने का कारण आपको जरूर पता होना चाहिए।

  • बच्चे की नाक से खून आ रहा है, तो उसे एक कुर्सी पर सीधा बैठा दें और उसका सिर थोड़ा पीछे की ओर झुका दें।
  • अब एक साफ और सूखे कपड़े से बच्चे की नाक के ऊपरी सिरे को कस कर पकड़ें। ऐसा करने से खून बंद हो सकता है। हालांकि, अगर इसके बाद भी खून नहीं बंद होता है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

अगर बच्चों की नींद के घरेलू नुस्खे या इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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