Schizophrenia: सिज़ोफ्रेनिया क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

Medically reviewed by | By

Update Date मई 27, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
Share now

जानिए जरूरी बातें:

सिज़ोफ्रेनिया (Schizophrenia) क्या है?

सिज़ोफ्रेनिया एक पुरानी मानसिक बीमारी है और हमे उसे एक प्रकार का पागलपन भी कह सकते जो मरीज की सोचने की गति तेज या धीमी हो जाती है,बातो पर ध्यान नही रहता और मरीज सोचने की क्षमता भी खो देते हैं सिज़ोफ्रेनिया के मरीज में चीजे सुनने और देखने के कारण अजीब बिहेवियर की संभावना ज्यादा होती है जो सच नही है,जैसे भ्रम,इक्सेस से सावधान,(पागलपन) वाइअलन्ट बिहेवियर। सिज़ोफ्रेनिया एक पुरानी बीमारी है,जिसमें आजीवन ट्रीटमेंट की जरूरत होती है

यह भी पढ़ें : सनकीपन क्या है, महिलाओं और पुरुषों में क्या अलग होता है पागलपन ?

सिज़ोफ्रेनिया कितना कॉमन है?

सिज़ोफ्रेनिया वाले मरीजों की आबादी लगभग 1% है, यानी हर 100 लोगों में से एक को सिज़ोफ्रेनिया होता हैं। पुरुष और महिला मरीजों की संख्या बराबर थी लेकिन पुरुष मरीजों को कम उम्र में ही बीमारी हो जाती है, युवावस्था से लेकर लगभग 25 वर्ष की उम्र तक, जबकि बीमारी के साथ ज्यादातर महिला मरीज़ों को उम्र 25 से शुरू होती है।

यह भी पढ़ें : खुश रहने का तरीका क्या है? जानिए खुशी और सेहत का संबंध

लक्षणों को समझे

सिज़ोफ्रेनिया के लक्षण क्या हैं?

सिज़ोफ्रेनिया के मरीज़ो के मुख्य लक्षणों हम नीचे बता रहे हैं:

ऊपर दिए गई कुछ लक्षण हो सकते हैं अगर आप किसी लक्षण से परेशान हैं तो अपने डॉक्टर का संपर्क करे।

यह भी पढ़ें : बार-बार दुखी होना आखिर किस हद तक सही है, जानें इसके स्वास्थ्य पर प्रभाव

मुझे अपने डॉक्टर को कब मिलना चाहिए?

सिज़ोफ्रेनिया वाले मरीजों को नहीं पता होता कि उन्हें एक मानसिक बीमारी है और उन्हें इलाज की जरूर है। इसलिए अगर आपके करीबी को कोई मानसिक लक्षण या अजीब बिहेवियर है, तो आपको उन्हें हॉस्पिटल ले जाने की जरूर है,यह न्यूरोलॉजिस्ट हॉस्पिटल के लिए सबसे अच्छा है।

मरीज मना कर सकते हैं आपको इलाज करने के लिए हॉस्पिटल या न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए, जो आपके करीबी को चोट नहीं पहुंचाए।

यह भी पढ़ें : संयुक्त परिवार (Joint Family) में रहने के फायदे, जो रखते हैं हमारी मेंटल हेल्थ का ध्यान

कारणों को जाने

क्या सिज़ोफ्रेनिया का कारण बनता है?

हालही में, सिज़ोफ्रेनिया का खास कारण पता नही चला है। लेकिन साइंटिस्ट का मानना ​​है कि नीचे दिये गए कुछ कारण हो सकते है:

  • जनरल: बीमारी फैमिली की विरासत से हो सकती है।
  • इन्वाइरन्मिन्टल फ़ेक्टर:जैसे कि वायरस और जन्म के बाद कुछ न्युट्रीयल समस्याएं।
  • दिमाग के कुछ स्ट्रक्चर में फर्क

यह भी पढ़ें : न्यू ईयर टार्गेट्स को पूरा करने की राह में स्ट्रेस मैनेजमेंट ऐसे करें

जानिए सिज़ोफ्रेनिया के जोखिम फ़ेक्टर

सिज़ोफ्रेनिया का मेरे लिए जोखिम क्या हो सकता है?

  • अगर आपके रिश्तेदार हैं खास तौर पर माता-पिता या भाई-बहन स्किज़ोफ्रेनिक के मरीज हैं, तो आपका जोखिम दूसरों की तुलना में 10 गुना ज्यादा है।
  • वायरल इन्फेक्शन,पॉइजनिंग और कुपोषण जबकि गर्भ में स्पेशियली पहले 6 महीनों में।
  • जन्म के समय बूढ़े पिता।
  • युवा होने पर इनहिबिटर यास्टिम्यलेशन नर्व का उपयोग।
  • ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है

यह भी पढ़ें : जानिए किस तरह क्रॉसवर्ड पजल मेंटल हेल्थ के लिए फायदेमंद है

स्किज़ोफ्रेनिक का निदान और उपचार

दी गई जानकारी किसी भी मेडिकल एडवाइज का विकल्प नहीं है। ज्यादा जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करे।

सिज़ोफ्रेनिया का निदान कैसे किया जाता है?

जब डॉक्टरों को संदेह होता है की सिज़ोफ्रेनिया है, तो वो अक्सर मेडिकल हिंस्ट्री,क्लिनिकल एक्जामिनेशन और किए गए टेस्ट की जांच करते हैं:

ब्लड काउंट(CBC) और ब्लड टेस्ट से कंडीशन को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है जो समान लक्षण पैदा करते हैं, साथ ही साथ शराब और ड्रग्स की एकाग्रता को मापते हैं। डॉक्टर टेस्ट इमेज भी कर सकते हैं, जैसे एमआरआई या सीटी स्कैन।

यह भी पढ़ें: Nephrotic syndrome: नेफ्रोटिक सिंड्रोम क्या है?

साइकॉलजी असेसमेंट: सकाइअट्रस्ट मरीज की मानसिक कंडीशन की जांच कर सकते हैं, हाल ही के बिहेवियर,विचारों,मुड़,पागलपन,हल्लुसिनेशन,किसी चीज का गलत उपयोग या सुसाइड के लिए कैपेबल।

यह भी पढ़ें : 

सिज़ोफ्रेनिया का इलाज कैसे किया जाता है?

सिज़ोफ्रेनिया को ठीक नहीं किया जा सकता है लेकिन कई लक्षणों का इलाज दवा और बिहेवियर थेरेपी से किया जा सकता है।

मानसिक बीमारी अक्सर मरीजो द्वारा होती है जिनमे गलत और नेगेटिव सोच है यह बीमारी मरीजों का कारण बनती है और डॉक्टर इस बीमारी का कारण बनने वाले अन्कॉन्शस आदत का पता लगाने के लिए बिहेवियर थेरेपी लागू करेंगे। बाद में उस सोच से बचने के लिए बिहेवियर थेरेपी और ट्रेनिंग गाइड होगी। जब आप पहली की तरह नहीं सोचते हैं,तो इसका मतलब है कि आपके लक्षण ठीक हो गए हैं।

आपका डॉक्टर भ्रम और पैरानोइया के लक्षणों को रोकने के लिए डैली एंटीनेओर्टिक लिख सकते है।इसके अलावा डॉक्टर स्पाइको-सोश्यल ट्रीटमेंट भी कर सकते हैं स्पाइकोसोश्यल ट्रीटमेंट काउंसलिंग थेरेपी जो आपकी डैली एक्टिविटी को सपोर्ट करता है।डॉक्टर के गाइडलाइन आपको या आपके करीबी को काफी कुछ सिखाती है।

यह भी पढ़ें : दिमाग नहीं दिल पर भी होता है डिप्रेशन का असर

लाइफस्टाइल में बदलाव और घरेलू उपचार

लाइफस्टाइल में बदलाव या घरेलू उपचार क्या हैं जो मुझे सिज़ोफ्रेनिया से निपटने में मदद कर सकते हैं?

नीचे दिए गए लाइफस्टाइल और घरेलू उपचार आपको इस बीमारी से निपटने में मदद कर सकते हैं:

  • हर रोज मेडिसिंस प्रेस्क्रिप्शन के तौर पर लें।
  • किसी कार्यक्रम मे पार्टिसिपेट करना,वालंटियर ग्रुप से जुड़ना।
  • एल्कोहॉल जैसी चीजों को छोड़ दे,क्योंकि की दवा के असर को कम कर सकता है।
  • बीमार परिवार के व्यक्ति को तनाव में न छोड़े। तनाव, नींद की कमी,कम खाना,कैफीन जैसे चीज भी मानसिक काम करता।
  • अगर आपको या आपके रिश्तेदारों को आवाजें सुनाई देती हैं, तो डॉक्टर को बुलाएं।
  • अगर आपको सुसाइड जैसे गलत विचार आते तो अपने डॉक्टर को बुलाएं।
  • कभी भी किसी इलीगल दवाओं का उपयोग न करें।
  • अपने डॉक्टर की जांच पहले दवाओं का उपयोग न करें।

इस आर्टिकल में हमने आपको सिज़ोफ्रेनिया से संबंधित जरूरी बातों को बताने की कोशिश की है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस बीमारी से जुड़े किसी अन्य सवाल का जवाब जानना है, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्सर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे। अपना ध्यान रखिए और स्वस्थ रहिए।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सक

और पढ़ें :

Crohns Disease : क्रोहन रोग क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज

नाक से खून आना न करें नजरअंदाज, अपनाएं ये घरेलू उपचार

रूट कैनाल उपचार के बाद न खाएं ये 10 चीजें

जिम उपकरण घर लाएं और महंगी जिम को कहें बाए-बाए

यह भी पढ़ें: Spermatocele : स्पर्माटोसील क्या है?

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy"
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

युवाओं में आत्महत्या के बढ़ते स्तर का कारण क्या है?

15 से 29 साल के युवाओं में आत्महत्या के कारण मौत को गले लगा लेते हैं। युवाओं में सुसाइड के कारण और निदान क्या है? खुदकुशी से निपटने के टिप्स के लिए पढें।

Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
Written by Smrit Singh
मेंटल हेल्थ, स्वस्थ जीवन मई 13, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

मानसिक तनाव के प्रकार को समझकर करें उसका इलाज

मानसिक तनाव क्या है? स्ट्रेस के प्रकार और कारण को जानिए, क्रोनिक तनाव, तीव्र तनाव, एपिसोडिक तीव्र तनाव, के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं.....types of stresss in hindi

Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
Written by Smrit Singh
मेंटल हेल्थ, स्वस्थ जीवन मई 13, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

ये 5 बातें बताती हैं डिप्रेशन और उदासी में अंतर

डिप्रेशन और उदासी में अंतर क्या है? क्या डिप्रेशन और उदासी में अंतर को समझना आसान है? Depression और Sadness से बचने के क्या हैं उपाय?

Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
Written by Hema Dhoulakhandi
मेंटल हेल्थ, स्वस्थ जीवन मई 12, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

मकड़ी का डर छुड़ा देता है छक्के, कहीं आपको अर्कनोफोबिया तो नहीं?

हर इंसान को किसी न किसी चीज का फोबिया यानि डर होता है। अर्कनोफोबिया मकड़ी का डर है। मकड़ी के फोबिया से बचाव कैसे करें? Arachnophobia in hindi

Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
Written by Smrit Singh
मेंटल हेल्थ, स्वस्थ जीवन मई 11, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

टेट्राफोल प्लस

Tetrafol Plus: टेट्राफोल प्लस क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Satish Singh
Published on जून 23, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
निगेटिव थॉट्स-Negative Thoughts

निगेटिव थॉट्स से कैसे बच सकते हैं?

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Shayali Rekha
Published on मई 19, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
मन को शांत करने के उपाय- Chanting

मन को शांत करने के उपाय : ध्यान या जाप से दूर करें तनाव

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Bhawana Awasthi
Published on मई 17, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
मानसिक मंदता-mental disability

मानसिक मंदता (Mental Retardation) के कारण, लक्षण और निदान

Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
Written by Smrit Singh
Published on मई 13, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें