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पेलियो बनाम कीटो डायट: इनमें क्या है अंतर, साल 2021 में वेट लॉस के लिए कौन सी है बेस्ट?

    पेलियो बनाम कीटो डायट: इनमें क्या है अंतर, साल 2021 में वेट लॉस के लिए कौन सी है बेस्ट?

    फिटनेस को लेकर आजकल लोग ज्यादा अर्ल्ट हो गए हैं। जिस तरह से अब हमारी लाइफस्टाइल है, ऐसे में अच्छी हेल्थ को बनाए रखना एक चिंता का विषय है। आज लोगों को कई तरह की लाइफस्टाइल डिजीज हो रही है, जिसमें से मोटापा भी एक है। फिटनेस और वेट लॉस के लिए एक्सरसाइज के अलावा सही डायट भी बहुत जरूरी है। जब भी बात वजन कम करने की होती है, तो लोग डायटिंग शुरू कर देते हैं। डायटिंग में भी आजकल कई तरह की डायट भी ट्रेंड में हैं, लेकिन उनमें पेलियो और कीटो डायट में ज्यादा चलन में है। इस तरह के डायट प्लान वेट लॉस के लिए काफी अच्छी मानी जाती है। इस तरह के डायट वजन कम करने के साथ शरीर में सभी जरूरी पोषक तत्वों को पहुंचाते हैं। लेकिन अक्सर लोग इन डायट को लेकर कंफ्यूज रहते हैं। कीटो डायट और पेलियो डायट काे कई लोग एक ही समझ लेते हैं, पर ये दोनों डायट में एक-दूसरे से अलग हैं। जानें यहां दोनों डायट के बारे में और दाेनों में अंतर क्या है? इससे पहले हम जान लें कि कीटो डायट और पेलियो डायट क्या है और ये किस प्रकार फायदेमंद है।

    कीटो डायट प्लान (Keto diet plan) क्या है?

    कई लोग वेट लॉस के लिए कीटो डायट भी फॉलो करते हैं। इस तरह की डायट में कम मात्रा में कार्बोहाइड्रेट और हाई प्रोटीन की मात्रा ली जाती है। इस तरह की डायट से शरीर में एनर्जी के लिए फैट को अधिक बर्न करता है। फिर केटोसिस नामक एक प्रक्रिया होती है, जो कीटोन को तोड़ता है। कीटोजेनिक डायट फॉलो कर रहे लोगों को प्रतिदिन केवल 20 से 50 ग्राम कार्बोहाइड्रेट लेना होता हैं, मान लीजिए ब्रेड के 2 स्लाइस ब्राउन ब्रेड और एक सेब का सेवन करने से 50 ग्राम कार्बोहाइड्रेट मिलता है।

    कीटोजेनिक डाइट 4 प्रकार के होते हैं :

    • साइक्लिकल कीटोजेनिक डायट– इसमें उच्च मात्रा में कार्बोहाइड्रेट का सेवन किया जाता है।
    • टार्गेटेड कीटोजेनिक डायट – इसमें एक्सरसाइज के साथ-साथ अतिरिक्त कार्बोहाइड्रेट का सेवन किया जा सकता है।
    • स्टैंडर्ड कीटोजेनिक डायट – इस डायट में कम कार्बोहाइड्रेट, मध्यम मात्रा में प्रोटीन और उच्च मात्रा में फैट लिया जाता है।
    • हाई प्रोटीन कीटोजेनिक डायट – इसमें प्रोटीन का सेवन अधिक किया जाता है।

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    कीटो डायट प्लान के फायदे (Benefits of Keto Diet)

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    कीटो डायट वर्सेज पेलियो डायट: कीटो डायट प्लान

    सुबह के नाश्ते में

    सुबह के नाश्ते में ग्रीन वेजीज को खाने की कोशिश करें, जैसे कि पालक, टमाटर, खीरा और मशरूम की सब्जी बनाकर खा सकते हैं। इसके अलावा आप चाहें तो प्लेन दही या ग्रीक योगर्ट भी खा सकते हैं

    दिन के खाने में

    दिन के खाने में आप प्रोटीन के लिए राजमा, छोले और चने की दाल आदि खा सकते हैं। दालों में प्रोटीन की अधिक मात्रा पायी जाती है। ज्यादा होने से शरीर को पोषक तत्व मिलते हैं। दाल में विटामिन और फाइबर भी मिल जाते हैं। दाल खाने से पेट भी देर तक भरा रहता है।

    शाम को स्नैक्स के रूप में

    इवनिंग स्नैक्स में आप फल खाएं, जैसे कि पपीता, खरबूजा, मौसमी और कीवी जैसे फलों का सेवन कर सकते हैं। इस डायट में सिट्रस और कम मीठे फलों के सेवन की सलाह दी जाती है। इसके अलावा बादाम,अखरोट, कद्दू के बीज, तिल, अलसी के बीज, तरबूज और खरबूजे के बीज आदि भी खाए जा सकते हैं।

    रात को डिनर में

    रात के खाने में आप हरी सब्जियां, नॉनवेज में मटन, मछली, अंडा और चिकन खा सकते हैं। ये सब फूड में लो फैट और हाई प्रोटीन होता है।

    और पढ़ें: कीटो डायट और इंटरमिटेंट फास्टिंग: दोनों है फायदेमंद, लेकिन वजन घटाने के लिए कौन है बेहतर?

    पेलियो डायट प्लान (Paleo Diet Plan) क्या है?

    पेलियो डायट प्लान के बारे में बुहत कम लोग जानते हैं, फैट कम करने के लिए भी ये डायट काफी प्रभावकारी है। इस डायट में अधिक सब्जियों, फल, ड्राय फ्रूट और लीन मीट और सूखे मेवे खाते हैं। इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम और प्रोटीन व फैट की अधिक मात्रा लेने की सलाह दी जाती है। इस तरह की डायट कई तरह की बीमारियों में भी फायदेमंद है। इस डायट में आपको प्रोसेस्ड जंक फूड के सवन से बचना चाहिए। नहीं तो उसके साथ ये डायट फॉलो करना ज्यादा प्रभावकारी नहीं होता है। पेलियो डायट में हरी सब्जियां, नट्स, फ्रेश फ्रूट, लीन मीट्स, अंडे और फिश का सेवन करने की सलाह देते हैं।

    कीटो डायट वर्सेज पेलियो डायट: पेलियाे डायट प्लान

    सोमवार

    नाश्ता

    सुबह के ब्रेकफास्ट में आप ब्राउन ब्रेड, सब्जियों का सलाद, अंडा, ऑलिव ऑयल में स्टिर फ्राई सब्जियां या बदाम आदि का भी सेवन कर सकते हैं।

    दोपहर के खाने में

    नट्स और सैलेड

    रात का खाना

    ग्रिल्ड सब्जी या ग्रिल्ड फिश

    मंगलवार

    नाश्ता

    एक बाउल में सब्जियों के सैलेड के साथ अंडे की भुर्जी।

    दोपहर के खाने में

    वेजीटेबल सैलेड, फिश सैलेड या चिकन सैलेड।

    रात का खाना

    भुना हुआ चिकन और सब्जियों के साथ घर का बना मशरूम सूप।

    बुधवार

    नाश्ता

    एक या दो अंडे का ऑमलेट, 1 कटोरी तरबूज और आधा चम्मच अलसी के बीज

    दोपहर के खाने में

    हरे बीन्स के सलाद के साथ ग्रिल्ड चिकन या ग्रिल्ड पनीर

    रात के खाने में

    1 कटोरी गोभी के सूप के साथ बेक्ड मछली

    गुरुवार

    नाश्ता

    एक या दो बेक्ड अंडे और ब्रोकली।

    दोपहर के खाने में

    मछली एवोकैडो लेट्यूस रैप

    रात का खाना

    तला हुआ मीट या सब्जियां।

    शुक्रवार

    नाश्ता

    शिमला मिर्च के सैलेड के साथ पनीर या अंडे का ऑमलेट

    दोपहर के खाने में

    मसालेदार काली मिर्च में भुना हुआ चिकन

    रात का खाने में

    चिकन चेट्टीनाड और हल्के ऑयल वाली सब्जियां

    शनिवार

    नाश्ता

    शकरकंद के साथ अंडे की भुर्जी

    दोपहर के खाने में

    सिट्रस और हर्ब चिकन

    रात के खाने में

    नींबू और थाइम के साथ बेक्ड मछली

    रविवार

    नाश्ता

    टमाटर और प्याज के साथ उबला हुआ अंडा

    दोपहर के खाने में

    हुए टमाटर के साथ चिकन

    रात का खाना

    ग्रिल्ड मछली या चिकन के साथ हरी सब्जियों का सलाद।

    और पढ़ें: हार्ट अटैक के बाद डायट का रखें खास ख्याल! जानें क्या खाएं और क्या न खाएं

    कीटो डायट वर्सेज पेलियो डायट

    इस बारे में दि हेल्थ केयर की डायटिशियन अरूणा गोयल का कहना है कि अक्सर लोग पेलियो और कीटो डायट को एक समझने की गलती करती हैं। लेकिन दोनों डायट एक-दूसरे से अलग हैं। पैलियो डायट में नेचुरल फूड्स शामिल होते हैं, जो भूख लगने वाले हार्मोन को बैलेंस करने का काम करते हैं। इसके सेवन से मोटापा कंट्रोल होने के साथ मेंटल हेल्थ भी अच्छी बनी रहती है। पैलियो डायट को स्टोन-एज डायट भी कहा जाता है। इस डायट में फल, सब्जी, लीन मीट, मछली, अंडा व नट्स आदि का सेवन किया जाता है । इसमें अनाज, डेयरी उत्पाद, नमक, प्रोसेस्ड फैट और चीनी आदि का सेवन मना किया जाता है। इसी तरह कीटो डायट के अपने फायदे भी है। इसी तरह कीटो डायट में कम कार्बोहाइट्रेड वाली चीज खायी जाती है। इसमें चावल, रोटी, पास्ता,मकई, मिठाई, फल और सब्जियां शामिल की जाती हैं। पेलियो डायट में मुख्यरूप से नॉनवेज, फल, नट्स और पत्तेदार सब्जियाें पर जोर दिया जाता है।

    कीटो डायट वर्सेज पेलियो डायट: पेलियो और कीटो डायट के बीच समानताएं

    पेलियो और कीटो दो प्रकार के प्लान होते हैं, जो फैट कम करने के साथ शरीर को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। इस डायट में नट्स और हरी सब्जियों का सेवन अधिक किया जाता है। दोनों ही डायट वजन को कम करने के लिए प्रभावकारी है। ये दोनों ही डायट डायबिटीज 2, ब्लड प्रेशर, हार्ट की प्रॉब्लम और मेंटल हेल्थ सही होने में मदद मिलती है। ये डायट प्रभावकारी हैं, लेकिन आपको किसी प्रकार की हेल्थ प्रॉबलम है तो इस डायट के सेवन से बचें।

    और पढ़ें: Keto Diet: क्या है कीटो डायट प्लान और इसे कैसे करें फॉलो?

    कीटो डायट वर्सेज पेलियो डायट: पेलियो बनाम कीटो डायट के बीच अंतर

    पेलियो डायट में मुख्य रूप से मांस, मछली, सब्जियां और फल शामिल होते हैं और डेयरी या अनाज उत्पादों व भोजन को छोड़कर, जबकि कीटो वसा और वसा में उच्च आहार को आधारित होता है। कार्बोहाइड्रेट में कम है। कीटो डायट वसा में अधिक है पेलियो डाट में प्रोटीन अधिक होता है। हालांकि पेलियो आहार में अभी भी विभिन्न प्रकार के स्वस्थ वसा शामिल हैं जबकि कीटो एक उच्च वसा वाला आहार माना जाता है , क्योंकि यह वसा दैनिक कैलोरी का लगभग 75 प्रतिशत प्रदान करता है। कीटो डायट में कार्ब्स की मात्रा हर दिन (लगभग 20-30 ग्राम शुद्ध कार्ब्स) होनी चाहिए, क्योंकि यह पोषण किटोसिस में आने के लिए महत्वपूर्ण है। जबकि पेलियो डाइट का लक्ष्य कीटोसिस में नहीं जाना है, बल्कि बस एक स्वस्थ, संतुलित आहार खाना है।

    कीटो डायट वर्सेज पेलियो डायट: वजन घटाने के लिए कौन है सबसे बेहतर

    यह कहना गलत नहीं है कि ये दोनों ही डाइट प्लान अपने आप में बेहतर है लेकिन जब बात आती है इनकी तुलना करने की तो इन दोनों में से किसी एक को कम और ज्यादा आंकना संभव नहीं है। इसलिए यह स्पष्ट कर पाना मुश्किल है कि इन दोनों में बेहतर कौन है ? क्योंकि दोनों स्वस्थ आहार हैं, जिनमें वजन घटाने, चयापचय स्वास्थ्य, प्रतिरक्षा और बहुत कुछ को नियंत्रण रखने का काम करते हैं। हालांकि पेलियो डायट को आप लंबे समय तक प्रयोग में ला सकते हैं लेकिन बात करें कीटो डायट की तो यह थोड़ा मुश्किल होता है। अगर आपको किसी प्रकार की हेल्थ प्रॉब्लम है, तो आप डॉक्टर से सलाह के बाद ही इसे फाॅलो करें।

    हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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    Niharika Jaiswal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 07/11/2021 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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