इन 7 फलों को करें फ्रूट डायट में शामिल और घटाएं वजन

    इन 7 फलों को करें फ्रूट डायट में शामिल और घटाएं वजन

    फ्रूट डायट से भी आप अपना वजन घटा सकते हैं, क्योंकि फल प्राकृतिक तौर पर रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों की श्रेणी में आते हैं। फलों में विटामिन, फाइबर और दूसरे पोषक तत्वों की भी भरपूर मात्रा पाई जाती है जो स्वस्थ आहार के तौर पर सबसे बेहतर विकल्प होते हैं। आमतौर पर फ्रूट डायट में कम कैलोरी और उच्च फाइबर के गुण पाए जाते है, जो अनचाहे बढ़ते वजन को कम करने में हमारी मदद कर सकते हैं।

    साथ ही फ्रूट डायट खाने से हमारा शरीर मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर और दिल की बीमारियों से बचा रहता है। यहां वजन घटाने के लिए सबसे अच्छे फ्रूट डायट के बारे में आप जान सकते हैं।

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    आइए जानते कुछ ऐसे ही 7 फ्रूट डायट की जानकारी:

    1. चकोतरा (Grapefruit) फ्रूट डायट

    चकोतरा जिसे Grapefruit के नाम से भी जाना जाता है। यह नींबू के परिवार से जुड़ा हुआ फल है। जिसका आकार नींबू से बड़ा होता है। इसके कच्चे फल का रंग हरा और पके हुए फल का रंग पीला और नारंगी होता है। इसमें मात्र 39 फीसदी कैलोरी पाई जाती है। लेकिन यह विटामिन सी का सबसे अच्छा स्त्रोत माना जाता है। अगर आपको अपना वजन घटाना है तो आपको 12 सप्ताह तक इसके जूस का नियमित सेवन करना होगा। यह शरीर में बढ़े कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है।

    आमतौर पर चकोतरा का इस्तेमाल एक औषधि के तौर पर भी किया जाता है। चकोतरा के फल के साथ-साथ लोग इसकी छाल से मिलने वाले तेल और इसके बीज के एक्सट्रेक्ट को दवाओं के रूप में इस्तेमाल करते हैं। वहीं, चकोतरा के जूस का इस्तेमाल हाई कोलेस्ट्रॉल, एथीरोस्कलेरोसिस (Atherosclerosis), कैंसर, सोरायसिस, वजन घटाने और मोटापे की समस्या से राहत पाने के लिए किया जाता है।

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    2. सेब (Apple) फ्रूट डायट

    कहते हैं कि अगर नियमित आप एक सेब का सेवन करते हैं तो आप डॉक्टर से दूर रह सकते हैं। लेकिन अगर आप वजन कम करने की सोच रहें है तो यह आपके लिए सबसे बेहतरीन फल हो सकता है। सेब में विटामिन सी की अधिक मात्रा पाई जाती है। साथ ही यह भूख को भी नियंत्रित करने वाला फल माना जाता है। फ्रूट डायट के तौर पर आप सेब का सेवन कर सकते हैं। सेब में कैलोरी की मात्रा कम और फाइबर की मात्रा अधिक होती है। इसके 116 कैलोरी और 5.4 ग्राम फाइबर होते हैं।

    फ्रूट डायट चार्ट से वजन घटाने के लिए किए गए एक अध्ययन में, महिलाओं को तीन सेब, तीन नाशपाती और तीन ओट कुकीज में से कुछ निश्चित दिनों के लिए एक फल खाने के लिए दिया गया। जिसमें पाया गया कि सेब खाने वाली महिलाओं का वजन 0.91 किलोग्राम, नाशपाती खाने वाली महिलाओं का वजन 0.84 किलोग्राम और जबकि ओट कुकीज खाने वाली महिलाओं के वजन में कोई बदलाव नहीं देखा गया। इस अध्ययन से यह भी पता चला कि सेब के नियमित सेवन से भूख को नियंत्रित किया जा सकता है। अगर आप भी फ्रूट डायट शुरू करने का विचार कर रहे हैं, तो अपनी फ्रूट डायट चार्ट में सेब का सेवन कर सकते हैं।

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    3. अनार (Pomegranate) फ्रूट डायट

    अनार खाने से न सिर्फ शरीर में रक्त का स्तर बढ़ता है, बल्कि यह मधुमेह को भी कम करता है। अगर वजन कम करना है तो हर सुबह नाश्ते में आप एक अनार शामिल कर सकते हैं। यह वजन और शारीरिक कमजोरी कम कर देगा। अनार के छोटे-छोटे रसीले दानों के साथ-साथ इसके पत्ते, छाल, बीज, फूल और जड़ का भी इस्तेमाल एक औषधि के तौर पर किया जाता है। अनार के जूस में 100 फाइटो केमिकल्स की मात्रा होती है। साथ ही, इसमें विटामिन सी, फॉस्फोरस, फाइबर, कैल्शियम, आयरन जैसे पोषक तत्वों की भी भरपूर मात्रा होती है। जो वजन घटाने के साथ-साथ कई तरह की बीमारियों से भी शरीर की सुरक्षा करता है।

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    4. पपीता (Papaya) फ्रूट डायट

    पपीता में कैल्शियम, विटामिन, आयरन और मिनरल्स पाया जाता है। साथ ही हमारे शरीर के लिए जरूरी फास्फोरस भी पपीते में पाया जाता है। जिसमें कई तरह के डाइजेस्टिव एंजाइम होते हैं जो शरीर के पाचन तंत्र को सुधारने में और खाना पचाने में मददगार होते है। पपीते में कैलोरी और वसा बहुत ही कम मात्रा में होती है जो वजन कम करने के लिए अच्छा स्त्रोत माना जाता है।

    पपीपे का सेवन करना न सिर्फ पेट के लिए लाभकारी होता है, बल्कि दिल संबंधित समस्याओं, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की समस्या को दूर करने में भी यह काफी फायदेमंद होता है। पपीते का बोटेनिकल नाम कारिका पपाया (Carica Papaya) नाम है, जो कि कैरिकेसी (Caricaceae) फैमिली से आता है।

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    5. तरबूज (Watermelon) फ्रूट डायट

    तरबूज में पानी की मात्रा अन्य फलों की तुलना में अधिक होती है। तरबूज के सेवन से शरीर डिहाइड्रेशन की स्थिती से सुरक्षित रह सकता है। इसमें कैलोरी की भरपूर मात्रा होती है जिसकी वजह से बार-बार भूख भी नहीं लगती। वजन कम करने के लिए आप तरबूज का रस पी सकते हैं।

    6. कीवी (Kiwi) फ्रूट डायट

    कीवी विटामिन सी, विटामिन ई और फाइबर जैसे गुणों का सबसे अच्छा स्त्रोत होता है। एक अध्ययन में पाया गया है, 41 लोगों ने 12 हफ्तों तक, हर दिन में 1 कीवी खाने से उनके वजन में भारी बदलाव देखा गया है। साथ ही कीवी खाने से खून में बढ़ते शुगर की मात्रा और कॉलेस्ट्रोल को भी काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

    कीवी का बोटेनिकल नाम एक्टिनिडिया डेलिसिओसा (Actinidia Deliciosa) नाम है, जो कि एक्टिनिडियाएसी (Actinidiaceae) परिवार से संबंध रखता है। कीवी दिखने में हल्के भूरे रंगा का होता है। इसके एंटी ऑक्सीडेंट गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाव करने में मदद करते हैं। फ्रूट डायट चार्ट में कीवी को शामिल करके आप रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ, डेंगू, मलेरिया या फिर किसी भी तरह के संक्रमण से भी शरीर का बचाव बहुत ही आसानी से कर सकते हैं।

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    7. बेरी (Berry) फ्रूट डायट

    बेरी में फैट फ्री और लो कैलोरी पाया जाता है। जिसमें शुगर की मात्रा बहुत ही कम होती है। साथ ही इसमें सोडियम का प्रमाण कम होता है। रोजाना डेढ़ कप स्‍ट्रॉबेरी अपने फ्रूट डायट में शामिल करके आप अपने वजन पर काफी कंट्रोल कर सकते हैं।

    यह फ्रूट डायट के लिए बताए गए फल विटामिन्स से भरपूर हैं, जिससे आपको शरीर तंदुरुस्त रखने में मदद मिलेगी। ज्यादा तर डॉक्टर्स दोपहर और रात के खाने के बाद किसी भी एक फल का सेवन करने की सलाह देते है जिसके कारण पाचन क्रिया अच्छी होती है और वजन बढ़ने का खतरा कम होता है।

    हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको फ्रूट डायट से किसी भी तरह की समस्या हो रही है, तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

    हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

    के द्वारा मेडिकली रिव्यूड

    Dr. Pooja Bhardwaj


    Ankita mishra द्वारा लिखित · अपडेटेड 21/10/2021

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