हीमोफीलिया ए (Hemophilia A) का हैं शिकार, तो फॉलो करें ये डायट प्लान

    हीमोफीलिया ए (Hemophilia A) का हैं शिकार, तो फॉलो करें ये डायट प्लान

    हीमोफीलिया ए (Hemophilia A) एक जेनेटिक डिसऑर्डर (Genetic disorder) है। जिसमें ब्लड क्लॉट्स (Blood Clots) नहीं बनते। ब्लड क्लॉट न बनने के कारण हीमोफीलिया ए से पीड़ित व्यक्ति को अन्य लोगों की तुलना में हल्की चोट लगने पर भी अनकंट्रोल ब्लीडिंग (Uncontrol bleeding) होती है। यहां तक कि जॉइंट और मसल्स से भी ब्लीडिंग हो सकती है। मेडिकेशन ब्लीडिंग को रोकने में मददगार है, लेकिन हीमोफीलिया ए डायट (Hemophilia A Diet) भी इसमें बड़ा रोल प्ले करती है।

    हीमोफीलिया ए होने पर वजन को संतुलित रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए हेल्दी ईटिंग आवश्यक है, जिसमें विटामिन और मिनरल्स का समावेश हो। बता दें कि मोटापे के कारण हीमोफीलिया के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ओवरवेट होने के कारण हीमोफीलिया ए के कॉम्प्लिकेशन्स और बढ़ जाते हैं। इससे ना केवल जॉइंट्स पर प्रेशर पड़ता है ब्लकि इससे ब्लीडिंग को भी बढ़ावा मिलता है। इस आर्टिकल में हम आपको हीमोफीलिया ए डायट के बारे में बताएंगे, लेकिन इसके पहले जान लेते हैं हीमोफीलिया ए के लक्षण।

    हीमोफीलिया ए के लक्षण (Hemophilia A symptoms)

    हीमोफीलिया ए (Hemophilia A) हीमोफीलिया बी (Hemophilia B) की तुलना में कॉमन होता है। हीमोफीलिया ए के लक्षण माइल्ड, मॉडरेट और सीवियर हीमोफीलिया केस पर निर्भर करते हैं। हीमोफीलिया ए माइल्ड है (Mild Hemophilia A) तो, निम्न लक्षण नजर आते हैं।

    मॉडरेट हीमोफीलिया ए (Moderate Hemophilia A) होने पर निम्न लक्षण दिखाई देते हैं

    • चोट लगने पर अत्यधिक मात्रा में ब्लीडिंग होना
    • इंजरी के बिना ही ब्लीडिंग होना
    • वैक्सिनेशन के बाद ब्लीडिंग होना
    • आसानी से खरोंच लग जाना

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    हीमोफीलिया ए सीवियर (Severe Hemophilia A) होने पर निम्न लक्षण दिखाई देते हैं

    • इंजरी के बाद बार-बार ब्लीडिंग होना
    • बिना किसी कारण के जॉइंट्स और मसल्स से ब्लीडिंग होना
    • ब्रेन में ब्लीडिंग होना

    हीमोफीलिया के लक्षण जानने के बाद अब जान लीजिए हीमोफीलिया ए डायट के बारे में महत्वूपर्ण जानकारियां।

    हीमोफीलिया ए डायट (Hemophilia A Diet)

    हीमोफीलिया ए डायट/ Hemophilia A Diet

    अपनी डायट का ख्याल तो हमें वैसे ही हमेशा रखना चाहिए, लेकिन जब कोई शारीरिक समस्या हो तो एक संतुलित और हेल्दी डायट की आवश्यकता और बढ़ जाती है। हीमोफीलिया के मरीजों को अपनी डायट में कैल्शियम और आयरन को शामिल करने के साथ ही ऐसे फूड्स को अवॉयड करना चाहिए जो वेट गेन (Weight gain) का कारण बनें। क्योंकि मोटापा (Obesity) इस समस्या को और बिगाड़ देता है। हीमोफीलिया ए के पेशेंट को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं। आइए जानते हैं।

    कैल्शियम फूड (Calcium food)

    कैल्शियम हड्डियों को मजबूत करने और हेल्दी दांतों के लिए बेहद जरूरी है। हीमोफीलिया ए (Hemophilia A) का सामना कर रहे लोगों के दांतों का स्वस्थ होना बेहद जरूरी है, क्योंकि गम डिजीज (Gum disease) के कारण ब्लीडिंग हो सकती है। इसके लिए डेंटल हायजीन (Dental Hygiene) भी आवश्यक है। साथ ही डायट में कैल्शियम रिच फूड को जरूर शामिल करना भी। जिसमें दूध, दही, चीज और कैल्शियम सीरियल्स शामिल हैं। मिल्क का उपयोग जरूरी है, लेकिन लो फैट मिल्क प्रोडक्ट्स का उपयोग करें। इससे कैल्शियम, विटामिन्स और मिनरल्स मिलने के साथ ही फैट का इंटेक कम रहेगा और वजन कंट्रोल में रहेगा।

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    आयरन (Iron) भी है बेहद जरूरी

    हीमोफीलिया ए डायट में आयरन युक्त फूड को जरूर शामिल करें। क्योंकि जब ब्लीडिंग होती है तो बॉडी से आयरन कम हो जाता है। लॉस हुए आयरन की मात्रा को पूरा करने के लिए आयरन रिच फूड्स का सेवन बेहद जरूरी है। रेड मीट, बीन्स, किशमिश और अंडे में आयरन की अच्छी मात्रा पाई जाती है। इन्हें हीमोफीलिया ए डायट में शामिल करें। बता दें कि बॉडी में आयरन का अच्छी तरह अवशोषण तभी होता है जब आप विटामिन सी का सेवन करते हैं। विटामिन सी (Vitamin C) के लिए संतरा, नींबू और टमाटर को अपनी डायट का हिस्सा बना सकते हैं।

    हीमोफीलिया ए डायट (Hemophilia A diet) में होल ग्रेन (Whole grain) का उपयोग है जरूरी

    वजन कम करने के लिए होल ग्रेन का उपयोग बेहद जरूरी है। जिसमें ओट्स, बार्ले, ब्राउन राइस और बाजरा शामिल है। यह भूख को कंट्रोल करके, कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) को कम करने और ब्लड ग्लूकोज लेवल (Blood glucose) को कम करने में मदद करते हैं। आजकल मार्केट में होल ग्रेन फूड पैकेट आसानी से उपब्लध हो जाते हैं फिर चाहे वह बाजरे का आटा हो या ओट्स। इन चीजों को खरीदते वक्त हमेशा इनके लेबल की जांच करें। फैट कंटेंट को जरूर देखें। ज्यादा फैट होने पर उसे खरीदना अवॉइड करें।

    हीमोफीलिया ए डायट में हरी सब्जियां और प्लांट प्रोटीन है जरूरी (Go green for Hemophilia A)

    हरी सब्जियों का उपयोग हीमोफीलिया ए डायट में जरूरी है। ताजी सब्जियां जरूरी पोषक तत्वों को फाइबर का अच्छा सोर्स हैं। ये डायजेशन (Digestion) को अच्छा करने के साथ ही वजन कम (Weight loss) करने में मदद करती है। डायट में पालक, मेथी, ब्रोकली और लौकी आदि को शामिल कर सकते हैं। इसके साथ ही अगर आप डायट में प्लांट प्रोटीन जैसे कि दालें, बीन्स और नट्स को शामिल कर लेते हैं, तो वेट लॉस आसान हो जाएगा। साथ ही पोषक तत्वों की पूर्ति भी होगी क्योंकि इनमें प्रोटीन के साथ ही फायबर और जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। साथ ही इनमें जीरो कोलेस्ट्रॉल होता है। इसलिए ये वेट लॉस को प्रमोट करते हैं।

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    हेल्दी कुकिंग, हेल्दी ईटिंग (Hemophilia A diet tips)

    खाने को फ्राई करने की जगह बॉइलिंग, स्टीमिंग, बेकिंग और ग्रिलिंग को ट्राय करें। कुकिंग ऑयल का चुनाव भी ध्यान से करें। ऑलिव ऑयल (Olive oil), कैनोला ऑयल (Canola oil) इनमें फैट कम होता है। इसके साथ ही माइंडफुल ईटिंग को अपनाएं। यानी आप जो भी खाएं उस पर ध्यान दें। सही अमाउंट में खाना हेल्दी वेट को मैंटेन करने के लिए जरूरी है। सैचुरेटेड फैट को पूरी तरह अवॉइड करें। हेल्दी फैट्स जैसे कि फिश और अखरोट को डायट में शामिल करें।

    हायड्रेशन (Hydration) है बेहद जरूरी

    याद रखें हीमोफीलिया ए के मरीजों के हायड्रेटेड रहना बेहद जरूरी है। जॉइंट्स (Joints) के लिए हायड्रेशन आवश्यक है, ताकि वे ठीक ढंग से काम कर सकें। वाटर इंटेक को बढ़ाने के लिए प्लेन वाटर के साथ ही नारियल पानी, नींबू पानी और घर में बनाए गए सूप्स का उपयोग किया जा सकता है। ये सभी हेल्दी तरीके से डायड्रेड रखने में मदद करेंगे। कोल्ड ड्रिंक्स का अवॉयड करें।

    अभी आपने जाना कि हीमोफीलिया ए डायट में किन चीजों को शामिल करना चाहिए। अब जानते हैं कि हीमोफीलिया ए के मरीजों को किन चीजों को बिलकुल नहीं खाना चाहिए।

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    हीमोफीलिया ए डायट में इन चीजों को करें अवॉयड (Avoid these things in Hemophilia A diet)

    हीमोफीलिया ए के मरीजों को कुछ सप्लिमेंट्स और फूड आयटम्स को अवॉयड करना चाहिए। क्योंकि ये ब्लीडिंग को बढ़ाने का काम कर सकते हैं।

    हीमोफीलिया ए डायट/Hemophilia A Diet

    सप्लिमेंट्स (Supplements)

    अगर आप डायट्री सप्लिमेंट्स (Dietary supplements) लेने के बारे में सोच रहे हैं, तो इस बारे में डॉक्टर से जरूर सलाह लें क्योंकि कुछ सप्लिमेंट्स ब्लीडिंग टेंडेंसी (Bleeding tendency) को बढ़ा सकते हैं या क्लॉटिंग टाइम (Clotting time) को इंक्रीज कर सकते हैं। विटामिन ई सप्लिमेंट्स के साथ ही फिश ऑयल, फ्लैक्स सीड, लहसुन और अदरक को पूरी तरह अवॉयड करना सही होगा। ब्लड सेल प्रोडक्शन में आयरन, कॉपर, विटामिन सी, विटामिन बी12 और बी6 और फोलिक एसिड शामिल है। विटामिन ई रेड ब्लड सेल प्रोडक्शन में भी मददगार है, लेकिन हाय डोज में लेने पर यह ब्लीडिंग के रिस्क को बढ़ा सकता है।

    हर्ब्स (Herbs)

    कुछ हर्बल सप्लिमेंट्स ब्लीडिंग को बदतर बना सकते हैं। हर्बल प्रोडक्ट्स हमेशा सबके लिए सेफ होंगे। ये सोच परेशानी का कारण बन सकती है। हीमोफीलिया ए से पीड़ित होने पर नीचे बताए गए हर्बल सप्लिमेंट्स या हर्ब्स का उपयोग डॉक्टर की सलाह के बिना ना करें।

    • एशियन जिनसेंग (Asian ginseng)
    • फीवरफ्यृ (Feverfew)
    • जिन्कगो बिलोबा (Ginkgo biloba)
    • विलो की छाल (Willow bark)

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    हिडन शुगर को अवॉयड करें (Avoid Hidden sugar)

    कई लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते कि सॉफ्ट ड्रिंक्स और हेल्दी माने जाने वाले फ्रूट जूस, शेक और स्मूदीज में कितनी शुगर छुपी रहती है। इन्हें पूरी तरह अवॉयड करें। ये वेट गेन को बढ़ावा देते हैं। साथ ही सलाद पर की जाने वाली ड्रेसिंग भी फैटी तत्व होते हैं। वेट कम करना चाहते हैं तो मायोनीज की जगह मस्टर्ड को चुनें। अगर आप फलों या सब्जियों के जूस का सेवन करना चाहते हैं तो उनमें शुगर का यूज ना करें।

    हीमोफीलिया ए डायट से इन चीजों को भी हटाएं (Remove these things from Hemophilia A diet)

    • एनर्जी ड्रिंक्स (Energy drinks), मीठी चाय और कॉफी
    • ऑयली और मसालेदार करी और सॉस
    • बटर (Butter) और कैंडी
    • पेस्ट्रीज, पिज्जा और कुकीज

    इस तरह आप हीमोफीलिया ए (Hemophilia A) को हेल्दी डायट के जरिए मैनेज कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें। उम्मीद करते हैं कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा और हीमोफीलिया ए डायट से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

     

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    Manjari Khare द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 12/05/2021 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड