Pancreatic Cancer: अग्नाशय कैंसर के इलाज के लिए उपयोग की जा सकेंगी ये दवाएं

    Pancreatic Cancer: अग्नाशय कैंसर के इलाज के लिए उपयोग की जा सकेंगी ये दवाएं

    अग्नाशय कैंसर (Pancreatic Cancer) से निपटने के लिए एस्ट्राजेनेका, मर्क स्कोर और लिंपार्जा (AstraZeneca, Merck score, Lynparza ) ड्रग्स को मंजूरी मिल गई है। ये मेडिसिन बायोमार्कर सलेक्टेड पेशेंट के लिए अब प्रयोग में लाई जा सकती है। एडवांस पैंक्रिएटिक कैंसर के इलाज के लिए यूएस रेगुलेटरी से एस्ट्राजेनेका और मर्क के ओवेरियन कैंसर ड्रग्स लिंपार्जा को कैंसर ट्रीटमेंट के लिए प्रयोग में लाया जा सकता है। यूएस फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन ने अग्नाशय कैंसर (Pancreatic Cancer) से निपटने के लिए फस्ट लाइन मेंटीनेंस थेरिपी के रूप में इसे यूज करने की सलाह दी है। जिन लोगों के अग्नाशय कैंसर BRCA जीन म्यूटेशन के कारण होता है, उनके पूरे शरीर में कैंसर (Cancer) फैलने की संभावना रहती है। साथ ही ट्यूमर 16 सप्ताह की कीमोथेरिपी के बाद भी ठीक नहीं हुआ था। ऐसे लोगों के ट्रीटमेंट के लिए लिंपार्जा को मंजूरी दी गई है।

    और पढ़ें: ब्रेस्टफीडिंग और एंटीबायोटिक्स : ब्रेस्टफीडिंग में एंटीबायोटिक्स लेना कितना है सुरक्षित?

    ट्यूमर बनने से रोकती है लिंपार्जा

    लिंपार्जा को PARP इनहिबिटर के रूप में भी जानते हैं जो कि डीएनए रिपेयर मैकेनिज्म को ब्लॉक करता है, ताकि कैंसर कोशिकाएं रेप्लीकेट होने से रुके और ट्यूमर बनने की संभावना भी खत्म हो जाए। बायोमार्कर सलेक्टेड पेशेंट जिन्हें एडवांस पैंक्रिएटिक कैंसर की समस्या है, उनके लिए इस दवा की मंजूरी मिलना बीमारी को रोकने के लिए सराहनीय कदम है। इस ड्रग्स का यूज पहले ही ओवेरियन और ब्रेस्ट कैंसर के लिए किया जा रहा था। अब PARP इनहिबिटर के रूप में इसका काम अग्नाशय कैंसर से निपटने में मदद करेगा

    और पढ़ें: ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े मिथ, भ्रम में न पड़ें, जानिए क्या है फेक्ट

    पैनाक्रेटिक कैंसर एक्शन नेटवर्क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जूली फेल्मैन ने कहा कि, “मेटास्टेटिक अग्नाशय कैंसर के पेशेंट अपनी इस खतरनाक बीमारी के लिए नए चिकित्सा विकल्पों का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। इस बीमारी की पहचान एडवांस स्टेज में हो पाती है। ऐसे में इलाज और मरीज की जान बचाना बहुत मुश्किल हो जाता है।” अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार, 2019 में लगभग 46,000 लोगों के जीवन को ड्रग्स से सुरक्षित होने की उम्मीद जताई जा रही है।एक अध्ययन के बाद ये बात सामने आई है कि लिंपार्जा के प्रयोग ने अग्नाशय कैंसर (Pancreatic Cancer) के रोगियों को किसी भी प्रकार की समस्या से निपटने में अधिक मदद की है। 2014 में ओवेरियन कैंसर (Pancreatic Cancer) के लिए लिंपार्जा का अधिक प्रयोग किया गया।

    और पढ़ें: रेड मीट बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर का कारण, खाने से पहले इन बातों का ख्याल रखना जरूरी

    अन्य ड्रग्स के मुकाबले बेहतर

    अन्य स्वीकृत PARP इनहिबिटर जैसे GSK जेजुला (GSK’s Zejula), फाइजर टालजैन्ना (Pfizer’s Talzenna) और क्लोविस ऑन्कोलॉजी रुबराका (Clovis Oncology’s Rubraca) की भी लोगों ने प्रयोग किया है, लेकिन लिंपार्जा की बिक्री ने उनकी संख्या को बहुत कम कर दिया। एस्ट्राजेनेका के PARP उपचार को नौ महीने के लिए 847 मिलियन डॉलर में खरीदा गया था, जो कि 30 सितंबर को खत्म हो गया। लिंगार्जा का लेटेस्ट अप्रुवल 3.1 बिलियन औसत की बिक्री का अनुमान लगाया जा रहा है। एफडीए की ओर से डायची सांक्यो की दवा और एस्ट्राजेनेका की दवा को स्तन कैंसर के एक उन्नत रूप के इलाज के लिए मंजूरी मिलने के बाद ये मौका एस्ट्राजेनेका की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।

    लिंपार्जा क्या है?

    लिंपार्जा कैंसर मेडिसिन है जो शरीर में कैंसर सेल्स की ग्रोथ को रोकने का काम करती है और साथ ही सेल्स को शरीर में फैलने से रोकती है। लिंपार्जा का प्रयोग एडवांस ओवेरियन कैंसर के लिए किया जाता है। लिंपार्जा का प्रयोग ओवेरियन कैंसर, फैलोपियन ट्यूब कैंसर या पेरीटोनियल कैंसर की कीमोथेरिपी के दौरान बॉडी के रिस्पॉन्स को मेंटेन करने के लिए भी किया जाता है। लिंपार्जा का प्रयोग HER2 निगेटिव ब्रेस्ट कैंसर के ट्रीटमेंट (Breast cancer treatment) के लिए भी किया जाता है।

    [mc4wp_form id=”183492″]

    लिंपार्जा ले रहे हैं तो ध्यान रखे बातें

    लिंपार्जा इम्युन सिस्टम को प्रभावित करता है। साथ ही व्यक्ति को संक्रमण (Infection) अधिक आसानी से हो सकता है। लिपार्जा लेने से घातक संक्रमण की भी अशंका रहती है। अगर आपको बुखार, कमजोरी, थकान, सांस लेने में तकलीफ, सांस फूलना या ब्लीडिंग (मल व मूत्र), वजन कम (Weight loss) होने की समस्या महसूस हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। अगर मेडिसिन के साइडइफेक्ट दिख रहे हैं तो कैंसर के ट्रीटमेंट (Cancer treatment) में देरी भी हो सकती है। लिंपार्जा लेने से फेफड़ों में भी गंभीर समस्या हो सकती है। सीने में दर्द, घरघराहट की आवाज, सांस लेने में परेशानी, खांसी आदि भी परेशन कर सकती है। अगर आप मेडिसिन ले रहे हैं तो डॉक्टर से अपनी परेशानी जरूर शेयर करें।

    और पढ़ें: पी प्रोटीन पाउडर: टोंड मसल्स के साथ तनाव को भी करे कम

    अग्नाशय कैंसर

    अग्नाशय कैंसर की शुरुआत पेंक्रियाज टिशू से होती है।पेट के निचले हिस्से के पीछे की ओर अग्नाशय होता है। अग्नाशय एंजाइमों को रिलीज करता है जो पाचन में सहायता करते हैं। साथ ही अग्नाशय हार्मोन का उत्पादन करता है जो रक्त शर्करा का प्रबंधन करने में मदद करता है। पेंक्रियाज में कई प्रकार की ग्रोथ हो सकती है जो कैंसर और नॉन कैंसर ट्यूमर का विकास कर सकती है।

    अग्नाशय कैंसर (Pancreatic Cancer) होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण

    अग्नाशय कैंसर के लक्षण आमतौर पर दिखाई नहीं देते हैं। कैंसर के बढ़ने के साथ ही अग्नाशय कैंसर के कुछ लक्षण दिख सकते हैं। इसके लक्षण कुछ खास दिखाई नहीं देते और छिपे हुए रहते हैं। अग्नाशय कैंसर के लक्षण निम्न हो सकते हैं,

    • शरीर के कुछ भाग जैसे आंख, स्किन का रंग पीला होना
    • यूरिन का पीलापन
    • जी मिचलाना, भूख न लगना
    • पेट के ऊपरी भाग में दर्द
    • लगातार वजन कम होना
    • अधिक कमजोरी, थकान महसूस होना
    • तनाव में रहना

    अग्नाशय कैंसर (Pancreatic Cancer) से बचने के उपाय

    अग्नाशय कैंसर के सही कारणों का अभी पता नहीं लगाया जा सका है। आग्नाशय कैंसर को अनहेल्दी लाइफ से जोड़ कर देखा जा सकता है। अगर व्यक्ति हेल्दी लाइफस्टाइल की ओर ध्यान दें तो मोटापे से बचा जा सकता है। अग्नाशय कैंसर से बचने के लिए एक्सरसाइज, वेट मेंटेन करना बहुत जरूरी है। मोटापे (Obesity) के कारण अन्य बीमारियां भी शरीर में घर कर लेती है। हेल्दी लीविंग कई बीमारियों से बचाने का काम करती है। इस ओर ध्यान देना चाहिए।

    धूम्रपान (Smoking) होता है खतरनाक

    अनहेल्दी लीविंग के साथ ही अगर आप स्मोकिंग (Smoking) भी करते हैं, तो सबसे पहले स्माोकिंग छोड़ें। अगर लाख कोशिशों के बाद भी आप स्मोकिंग नहीं छोड़ पा रहे हैं, तो डॉक्टर से मदद लें वह आपको स्मोकिंग छोड़ने के तरीके बताएगा। अग्नाशय कैंसर का कारण स्मोकिंग भी हो सकता है।

    डायबिटीज के कारण भी हो सकता है अग्नाशय कैंसर

    अग्नाशय कैंसर (Pancreatic Cancer) डायबिटिक व्यक्ति को हो ये जरूरी नहीं है। जिन व्यक्तियों को डायबिटीज है, उनको अग्नाशय कैंसर होने की संभावना हो सकती है।

    डायट का भी रखें ख्याल

    खुद को फिट रखने के लिए हेल्दी डायट (Healthy diet) लेना बहुत जरूरी है। इसके लिए आप वेजीटेबल्स और फलों का सेवन करें। डायट के साथ ही अनाज का सेवन करना चाहिए। हेल्दी लाइफस्टाइल के पौष्टक आहार को खाने में शामिल करें।

    कुछ बातों का ध्यान रखकर शरीर को स्वस्थ्य रखा जा सकता है। अगर कैंसर का इलाज चल रहा है तो बिना डॉक्टर की इजाजत के कोई भी मेडिसिन ने लें।

    हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

    के द्वारा मेडिकली रिव्यूड

    डॉ. हेमाक्षी जत्तानी

    डेंटिस्ट्री · Consultant Orthodontist


    Bhawana Awasthi द्वारा लिखित · अपडेटेड 20/07/2021

    advertisement
    advertisement
    advertisement
    advertisement