मेड्यूलरी थायरॉइड कैंसर (Medullary thyroid cancer) क्या है?

    मेड्यूलरी थायरॉइड कैंसर (Medullary thyroid cancer) क्या है?

    मेड्यूलरी थायरॉइड कैंसर (Medullary thyroid cancer) एक प्रकार का कैंसर है जो थायरॉइड में होता है। थायरॉइड एक ग्लैंड है जो गले में स्थित होती है। यह पूरे शरीर में हॉर्मोन को भेजने के लिए जिम्मेदार होती है। थायरॉइड के अंदर मेड्यूला (Medulla) होता है। जिसके अंदर स्पेशल सेल्स होती हैं जिन्हें पैराफॉलिकुलर सी सेल्स (Parafollicular C cells) कहा जाता है जो हॉर्मोन को प्रोड्यूस करने के साथ ही उसे रिलीज करती हैं। जब सी सेल्स कैंसरस हो जाती हैं और वृद्धि करने लगती हैं तो उसे मेड्यूलरी थायरॉइड कैंसर (Medullary thyroid cancer) कहा जाता है। मेड्यूलरी थायरॉइड कार्सिनोमा (Medullary thyroid carcinoma) भी कहा जाता है। इस आर्टिकल में विस्तार से जानते हैं इस कैंसर के बारे में।

    मेड्यूलरी थायरॉइड कैंसर कितना कॉमन है? (How common is Medullary thyroid cancer)

    थायरॉइड कैंसर कॉमन है, लेकिन थायरॉइड कैंसर में मेड्यूलरी थायरॉइड कैंसर दुर्लभ है। अमेरिका में हर साल 1000 लोगों में इस कैंसर का निदान होता है। वहीं भारत में भी थायरॉइड कैंसर के मामले सामने आने लगे हैं।

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    मेड्यूलरी थायरॉइड कैंसर के लक्षण (Medullary thyroid cancer symptoms)

    मेड्यूलरी थायरॉइड कैंसर आमतौर पर थायरॉइड में लंप या नोड्यूल में होता है। इसके बारे में मरीज का किसी प्रकार चेकअप का रूटीन एग्जामिनेशन के दौरान पता चल सकता है। कई बार किसी अन्य वजह से की गई इमेजिंग स्टडी जैसे कि सीटी स्कैन, पीईटी स्कैन या किसी अल्टासाउंड के जरिए इसके बारे में पता चल जाता है। नोड्यूल होने पर किसी प्रकार के लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। जब ट्यूमर नाक में लिम्फ नोड्स में फैल चुका होता है, तो लिम्फ नोड का आकार बढ़ जाता है जिसका फिजिकल एग्जामिनेशन में पता चल सकता है।

    एडवांस्ड स्टेज पर कुछ मरीज गले, नाक और जबड़े में दर्द की शिकायत करते हैं। अगर नोड्यूल बड़ा हो जाता है और जो विंडपाइप (Windpipe) इसोफेगस (Esophagus) को कंप्रेस करने लगता है। इसकी वजह से सांस लेने और निगलने में परेशानी होने लगती है। अगर कैंसर नर्व तक फैल चुका होता है तो यह वोकल कोर्ड्स को कंट्रोल कर सकता है जिससे आवाज में परिर्वतन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। एमटीसी (MTC) दूसरे थायरॉइड कैंसर की तुलना में अधिक तेजी से फैलता है। इसका इलाज और इसे कंट्रोल करना आसान है अगर यह इसके बारे में लिम्फ नोड में फैलने से पहले पता लगा लिया जाता है। इसलिए अगर किसी प्रकार लक्षण दिखाई देने पर जल्दी से जल्दी डॉक्टर की सलाह लें।

    मेड्यूलरी थायरॉइड कैंसर (Medullary thyroid cancer)

    मेड्यूलरी थायरॉइड कैंसर के कारण (Medullary thyroid cancer Causes)

    मेड्यूलरी थायरॉइड कैंसर के कारण के बारे में पता नहीं है। यह बचपन में कैंसर दूसरे कैंसर के इलाज लिए गले में दी जाने वाली रेडिएशन थेरिपी के कारण होता है। यह बच्चों और युवाओं दोनों को हो सकता है। फैमिली हिस्ट्री होने पर इस कैंसर का रिस्क बढ़ जाता है। मेड्यूलरी थायरॉइड कैंसर दो प्रकार का होता है एक जो हेरेडिटी की वजह से होता है दूसरा जो फैमिली में रन नहीं करना है। ज्यादातर नॉन जेनेटिकली कैंसर ज्यादा प्रभावित करता है। इसलिए अगर फैमिली में अगर किसी को ये कैंसर रहा है तो परिवार के दूसरे सदस्यों को समय-समय पर टेस्ट और डॉक्टरी सलाह लेना जरूरी है।

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    मेड्यूलरी थायरॉइड कैंसर के बारे में पता कैसे लगाया जाता है? (Medullary thyroid cancer diagnosis)

    एमटीसी (MTC) गले में एक लंप के रूप में विकसित हो सकता है। ट्यूमर के बड़े होने पर मरीज की आवाज में परिवर्तन आता है। यह कैंसर दूसरे अंगों जैसे कि लिवर, हड्डियों और दिमाग में फैल सकता है। मेड्यूलरी थायरॉइड कैंसर का पता लगाने के लिए निम्न टेस्ट किए जा सकते हैं।

    इमेजिंग टेस्ट (Imaging test)

    एमटीसी का पता डॉक्टर पहली बार में गले को चेक करके लगा सकते हैं। अगर उन्हें लंप की उपस्थिति का एहसास होता है तो वे थायरॉइड के इमेजिंग स्कैन करवा सकते हैं। जिसमें अल्टासाउंड, सीटी स्कैन (CT SCAN) और एमआरआई स्कैन (MRI SCAN) शामिल है।

    बायोप्सी (Biopsy)

    इसमें डॉक्टर पतली नीडल की मदद से थायरॉइड से टिशू का सैम्पल लेते हैं। इसके बाद उस सैम्पल को माइक्रोस्कोप के नीचे एग्जामिन किया जाता है। डॉक्टर पता लगाने की कोशिश करते हैं कि क्या इसमें कैंसर कोशिकाएं मौजूद cancer cells हैं और अगर मौजूद हैं तो यह किस प्रकार का कैंसर है। इसके आधार पर डॉक्टर ट्रीटमेंट प्लान करते हैं

    मेड्यूलरी थायरॉइड कैंसर का इलाज (Medullary thyroid cancer treatment)

    मेड्यूलरी थायरॉइड कैंसर

    मेड्यूलरी थायरॉइड कैंसर का इलाज थायरॉइड को हटाकर किया जाता है। इस सर्जरी को थायरॉइडेक्टॉमी (Thyroidectomy) कहा जाता है। एमटीसी (MTC) के लिए उच्च जोखिम वाले कुछ लोगों में, जैसे कि कुछ जीन परिवर्तन (Gene changes) वाले लोगों में कैंसर को रोकने के लिए एक थायरॉइडेक्टॉमी की जा सकती है।

    सर्जरी के अलावा कई बार कुछ दूसरे ट्रीटमेंट्स की भी जरूरत होती है। जिसमें रेडिएशन थेरिपी (Radiation therapy) और कीमोथेरिपी (Chemotherapy) शामिल है। । इसके अलावा कुछ मामलों में टार्गेटेड ड्रग थेरिपी का भी उपयोग किया जाता है।

    ट्रीटमेंट के बाद डॉक्टर ट्यूमर मार्कर के लेवल को मॉनिटर करेगा जिसे सीईए (CEA) कहा जाता है। इसके साथ ही सी सेल्स के द्वारा प्रोड्यूस किए जाने वाले हॉर्मोन को भी ट्रेक किया जाएगा। जिससे पता चल सके कि ट्रीटमेंट कैसा काम कर रहा है या कैंसर वापस आ चुका है। सीईए एक प्रकार का ट्यूमर मार्कर है जो एमटीसी वाले लोगों के रक्त में पाया जाता है।

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    मेड्यूलरी थायरॉइड कैंसर (Medullary thyroid cancer) के मरीजों का फॉलोअप

    एमटीसी वाले सभी रोगियों के लिए समय-समय पर फाॅलो अप एग्जामिनेशन जरूरी है क्योंकि थायराॅइड कैंसर वापस आ सकता है, कभी-कभी सफल प्रारंभिक उपचार के कई साल बाद भी। इन फाॅलो अप एग्जामिनेशन में गर्दन क्षेत्र का सावधानीपूर्वक फिजिकल एग्जामिनेशन और मेडिकल हिस्ट्री शामिल है। गर्दन का अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) भी गर्दन में नोड्यूल, गांठ या बढ़े हुए लिम्फ नोड्स की जानकारी दे सकता है। जिससे पता चल सकता है कि कैंसर वापस आया है या नहीं।

    एमटीसी रोगियों के फॉलो-अप में ब्लड टेस्ट भी महत्वपूर्ण हैं। सभी मरीज जिनकी थायरॉइड ग्रंथियाँ हटा दी गई हैं, उन्हें लेवोथायरोक्सिन के साथ थायराॅइड हाॅर्मोन रिप्लसेमेंट की आवश्यकता होती है। थायराॅइड स्टिम्यूलेटिंग हार्मोन (TSH) की समय-समय पर जांच की जानी चाहिए।

    मेड्यूलरी थायरॉइड कैंसर (Medullary thyroid cancer) का शिकार लोगों का सर्वाइवल रेट कितना है?

    कोई बीमारी आपको लॉग्न टर्म में कैसे प्रभावित करेगी, इसके पूर्वानुमान को प्रोगनोसिस (Prognosis) कहा जाता है। हर व्यक्ति अलग होता है और बीमारी का पूर्वानुमान कई फैक्टर्स पर निर्भर करेगा, जैसे:

    • यदि कैंसर शरीर के अन्य भागों में फैल गया है
    • यदि कैंसर कीमोथेरेपी के प्रति रिस्पॉन्स करता है
    • सर्जरी के दौरान कितना ट्यूमर निकाला गया

    यदि आप पूर्वानुमान के बारे में जानकारी चाहते हैं, तो अपने डॉक्टर से बात करना सही होगा। डॉक्टर एमटीसी का सर्वाइवल रेट पुराने मरीजों के आधार पर लगाते हैं। इसके आधार पर सर्वाइवल रेट सही नहीं हो सकता। भले ही इसका इलाज ना हो, लेकिन इस कैंसर के साथ लोग कई सालों तक जीवित रह सकते हैं। अत: समय पर इलाज कराकर सर्ववाइल रेट को बढ़ाया जा सकता है और इस बीमारी को मैनेज किया जा सकता है।

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    उम्मीद करते हैं कि आपको मेड्यूलरी थायरॉइड कैंसर (Medullary thyroid cancer) से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

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    के द्वारा मेडिकली रिव्यूड

    डॉ. प्रणाली पाटील

    फार्मेसी · Hello Swasthya


    Manjari Khare द्वारा लिखित · अपडेटेड 22/06/2021

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