कोरोना वायरस कोविड 19 महामारी - Coronavirus COVID 19 Pandemic

कोरोना वायरस

समय की मजबूरी है, दो गज की दूरी जरूरी है
#MythBusted
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते तेजी से सोशल मीडिया पर फैल रही इन अफवाहों पर विश्वास न करें

कोरोना वायरस के सटीक इलाज को लेकर दुनियाभर के वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं। सभी इसकी दावा इजाद करने की कोशिश में जुटे हैं। लेकिन अभी तक किसी को इसमें सफलता नहीं मिली है। इस खतरनाक वायरस के चलते अभी तक दुनियाभर 40 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इस बीच सोशल मीडिया पर कई घरेलू उपाय भी वायरल हो रहे हैं, जो सिर्फ कोरोना वायरस से जुड़ी अवफाह हैं। Read more…

Coronavirus - Myths about COVID19
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FAQ
  1. कोविड-19 बीमारी क्या है?
    कोविड-19 की बीमारी कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन SARS-CoV-2 (सेवर एक्यूट रेस्पिरेट्री सिंड्रोम कोरोनावायरस) के कारण फैल रही है। ये बीमारी कोरोना वायरस की लार्ज फैमिली से बिलॉन्ग करती है। कोविड-19 बीमारी के कारण लोगों में तेजी से संक्रमण फैल रहा है। आपको बताते चले कि साल 2003 में SARS के कारण संक्रामक बीमारी फैली थी, जबकि 2012 और 2018 में MERS-CoV महामारी का कारण बना था।
  2. कोविड-19 के लक्षण क्या हैं?
    कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति को सांस लेने में समस्या, रेस्पिरेट्री इलनेस, खांसी आना, छींक आना, बुखार आना आदि लक्षण दिखाई देते हैं। कोरोना के लक्षण धीरे-धीरे शुरू होते हैं। जिन लोगों को कोरोना के लक्षण महसूस हो रहे हैं, उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कोविड-19 के लक्षणों में मुख्य रूप से सूखी खांसी, थकावट महसूस होना, नाक बहना, गले में दर्द होना, पेट में दर्द, दस्त या उल्दी आना आदि भी महसूस हो सकता है। समय के साथ ही कोरोना के लक्षणों में बदलाव भी हुए हैं। कुछ लोगों को स्वाद महसूस न होना, गंध का ज्ञान न होना, आदि लक्षण भी देखने को मिले हैं। स्टडी के दौरान नए लक्षणों के बारे में जानकारी मिली है।
  3. कोरोना वायरस का संक्रमण कैसे फैलता है?
    कोविड-19 की बीमारी यानी कोरोना वायरस का संक्रमण एयरबॉर्न ड्रॉपलेट के जरिए फैलता है। वायरस म्यूकस और सलाइवा की हेल्प से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचकर उसे संक्रमित करता है। कुछ स्टडी में ये बात सामने आई है कि कोरोना वायरस के पार्टिकल हवा में तीन घंटे तक रह सकते हैं, खासतौर पर हॉस्पिटल में। हाल ही में की गई कुछ स्टडी में ये बात सामने आई है कि कोरोना वायरस के ओरिजनल सोर्स से 13 फीट तक की यात्रा तय कर सकते हैं। WHO ने इस बात को स्पष्ट किया कि कोरोना के कण वातावरण में रहने के लिए भारी हैं, यानी वातावरण में कोरोना वायरस के कण का रहना मुश्किल है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में ऐसा संभव है, जैसे कि अस्पताल, जहां एयरोसोल जनरेट किया जाता है।
  4. कोविड-19 का जोखिम किन लोगों को अधिक रहता है?
    जब कोविड-19 के मामले आने शुरू हुए थे, तब 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोग इस बीमारी के कारण ज्यादा संक्रमित हो रहे थे। जिन लोगों को डायबिटीज की बीमारी या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या थी, उनके लिए कोरोना का संक्रमण अधिक घातक सिद्ध हो रहा था, लेकिन बाद में दुनिया के विभिन्न देशों में अलग तरह के मामले सामने आने लगे। कुछ देशों में बच्चों के संक्रमित होने की खबरें आने लगी। अब दुनियाभर में सभी उम्र के लोग कोरोना के संक्रमण का शिकार बन रहे हैं। भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या लाख के पार पहुंच चुकी है। इनमें बच्चे, बुजुर्ग, व सभी आयुवर्ग के लोग शामिल हैं।
  5. कोविड-19 के लिए टेस्ट कब करवाना चाहिए?
    अगर आपके घर में किसी व्यक्ति को कोरोना का संक्रमण हुआ है और आपको भी कोरोना के लक्षण महसूस हो रहे हैं तो आपको डॉक्टर से जांच जरूर कराना चाहिए। जो लोग विदेश से भारत आएं हैं, उन्हें भी कोरोना का टेस्ट कराना चाहिए। जिस भी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण दिखें, उसे लापवाही नहीं बरतनी चाहिए और सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए जांच करानी चाहिए।
  6. कोविड-19 का टीका यानी वैक्सीन कब तक उपलब्ध हो पाएगा?
    दुनियाभर में कोरोना के वैक्सीन के लिए क्लीनिकल ट्रायल चल रहे हैं। WHO के अनुसार, पूरी दुनिया में कोरोना के करीब 70 वैक्सीन अंडर डेवलपमेंट हैं। आपको बताते चले कि एक वैक्सीन को डेवलप करने और मार्केट में लाने में 10 से 15 साल का वक्त लग जाता है, लेकिन शोधकर्ता और वैज्ञानिक अगले साल तक कोरोना की वैक्सीन बनने की उम्मीद कर रहे हैं। जो लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं, उन पेशेंट के प्लाज्मा का यूज दूसरे कोरोना पेशेंट को ठीक करने के लिए यूज किया जा रहा है। फिलहाल कोरोना से लड़ने के लिए डॉक्टर्स और वैज्ञानिक संघर्ष कर रहे हैं। उम्मीद की जा सकती है कि जल्द ही कोरोना की वैक्सीन का निर्माण किया जा सकेगा।