अगर जल्दी नहीं रुका कोरोना वायरस, तो ये होगा दुनिया का हाल

By Medically reviewed by Dr. Pranali Patil

कोरोना वायरस (Novel Coronavirus) की बीमारी (COVID- 19) वैश्विक महामारी बनने के बाद दुनिया के लिए एक अनसुलझी पहेली बनता जा रहा है। अमेरिका, इटली, फ्रांस, चीन, रूस समेत दुनिया की बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं और आधुनिक तकनीक से लैस देश भी इस खतरनाक कोरोना वायरस की रोकथाम और इसके फैलाव को थामने के लिए प्रभावशाली तरीका नहीं खोज पा रहे हैं। जिस कारण दुनिया भर में इससे संक्रमित होने वाले मरीजों की संख्या 5 लाख के आसपास पहुंच गई है और 21 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। विश्व के अधिकतर देश अपने यहां लॉकडाउन की घोषणा कर चुके हैं, जिससे पूरी दुनिया की रफ्तार थम गई है। इस महामारी का रोकने का तरीका जल्द खोजना पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। लेकिन, अगर कोरोना वायरस की जल्द ही रोकथाम नहीं की गई और यह वायरस थोड़े और दिन तबाही मचाता रहा, तो क्या आप जानते हैं कि कोरोना वायरस के परिणाम क्या होंगे?

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कोरोना वायरस के परिणाम : किसी विश्व युद्ध से कम नहीं है वैश्विक महामारी

कोरोना वायरस के परिणाम समझने के लिए आपको बता दें कि, कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी किसी विश्व युद्ध से कम खतरनाक नहीं है। जी हां, आप सही पढ़ रहे हैं। इटली के प्रधानमंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात स्वीकार भी कर ली है, कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद इटली ने कभी इतनी बड़ी त्रासदी नहीं झेली है। कोरोना वायरस महामारी किसी भी विश्व युद्ध की तरह ही हर देश के संसाधनों को तहस-नहस कर देती है। जिसका सबसे ज्यादा नुकसान ह्यूमन रिसोर्सेज (मानव संसाधन) को उठाना पड़ता है। विश्व युद्ध की तरह ही महामारी से देशों के आर्थिक, सामाजिक और वैश्विक हालात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और दुनिया समय से कई साल पीछे चली जाती है और विकास रूक जाता है।

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मिसाइल या बम से ज्यादा खतरनाक है एक छोटा सा वायरस

कुछ समय पहले दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शुमार बिल गेट्स का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा था, जिसे उनकी कोरोना वायरस की भविष्यवाणी के रूप में फैलाया जा रहा था। हालांकि, उन्होंने इसकी भविष्यवाणी तो नहीं की थी, लेकिन इसी तरह के खतरनाक संकट (कोरोना वायरस के परिणाम) से आगाह करने की कोशिश की थी। बिल गेट्स का कहना था कि, ‘दुनिया का हर देश इस समय अपनी तकनीक, सेना और सुरक्षा क्षमता को मजबूत करने में लगा हुआ है। लेकिन, इससे ज्यादा ध्यान हमें अपनी स्वास्थ्य सेवाओं और संसाधनों पर देना चाहिए। क्योंकि, दुनिया को बड़ी-बड़ी मिसाइल या बमों से ज्यादा एक छोटे से न दिखने वाले वायरस से डरने की जरूरत है। जो मिसाइल या किसी बम से ज्यादा खतरनाक व विनाशकारी साबित हो सकता है।‘

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कोरोना वायरस के परिणाम

अब हम अपने मुख्य विषय पर आते हैं कि, अगर कोरोना वायरस की बीमारी (COVID-19) पर जल्द ही रोकथाम नहीं लगाई गई, तो कोरोना वायरस के परिणाम क्या होंगे। दरअसल, कोरोना वायरस की रोकथाम का तरीका खोजने के लिए दुनिया का हर देश प्रयासरत है और उम्मीद है कि जल्दी ही इसका उपचार खोज लिया जाएगा। हमारा मकसद कोरोना वायरस के परिणाम को लेकर डराना नहीं है, बल्कि सिर्फ सतर्क और आगाह करना है। हालांकि, कोरोना वायरस के नतीजों का अंदाजा लगाना अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि दुनिया इससे भी बड़ी-बड़ी महामारियां देख चुकी है और उससे उबर चुकी है। लेकिन, फिर भी इतिहास में खतरनाक और विनाशकारी महामारियों और दो विश्व युद्धों के परिणामों का अध्ययन करने के बाद हम कोरोना वायरस के कुछ परिणामों के बारे में आगाह कर सकते हैं, जो कि इसके न रुकने और लंबे समय तक दुनिया को प्रभावित करने के बाद सामने आ सकते हैं।

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कोरोना वायरस के परिणाम : मानव संसाधन का सबसे बड़ा नुकसान

कोरोना वायरस के परिणाम में सबसे पहला खतरनाक नतीजा मानव संसाधन का नुकसान होगा। जैसा कि आप जानते हैं कि किसी भी देश का सबसे बड़ा संसाधन उसका ह्यूमन रिसोर्स होता है। जो कि उसे तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक रूप से विकसित होने का सबसे बड़ा कारक होता है। लेकिन, 1918 में आई स्पेनिश फ्लू महामारी और द्वितीय विश्व युद्ध के नतीजों की बात करें, तो प्रमुख अनुमान के मुताबिक स्पेनिश फ्लू से दुनिया भर में 5 करोड़ से लेकर 8 करोड़ लोगों की जान गई थी। जिसमें से 1.5 करोड़ के आसपास भारत में लोगों ने जान गंवाई थी। आप इस मानव संसाधन के नुकसान का परिणाम समझ सकते हैं।

कोरोना वायरस के परिणाम : आर्थिक संकट

कोरोना वायरस के परिणाम में दूसरा खतरनाक नतीजा आर्थिक रूप से देखने को मिल सकता है। इस समय विश्व के हर देश के आयात-निर्यात, उत्पादन, कंपनियों, फैक्ट्रियों, स्कूल, प्राइवेट सेक्टर, पब्लिक सेक्टर बंद होने की वजह से रफ्तार थम गई है। जिसका सीधा बुरा असर जीडीपी, शेयर मार्केट और पर कैपिटा इनकम पर पड़ेगा। इसके अलावा, हर देश को अपने नागरिकों के उपचार, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती और निम्नवर्गीय परिवार या डेली वेजेस वाले लोगों की आर्थिक रूप से मदद करने के लिए खर्चा करना पड़ेगा। इसका असर राष्ट्रीय कोष पर पड़ेगा। इससे हर देश को विकास में रुकावट का सामना करना पड़ सकता है।

कोरोना वायरस के परिणाम : पिछड़ जाएगी विकास दर

कोरोना वायरस के परिणाम में ऊपर बताए गए दोनों संकट की वजह से विकास की रफ्तार थम जाएगी और विश्व कई साल पीछे चला जाएगा और फिर से खुद को स्थिर बनाने की कोशिश में लग जाएगा। इससे भारत जैसे विकासशील देशों पर अधिक असर पड़ेगा और यहां के नागरिकों पर अत्यधिक दबाव पड़ सकता है। महामारी की वजह से कई देशों में भुखमरी, अपराध, कुपोषण, जमाखोरी जैसे असामाजिक स्थितियों का भी सामना करना पड़ सकता है।

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कोरोना वायरस के परिणाम : नई सुपर पावर का जन्म

जैसा कि हमने ऊपर बताया कि महामारी किसी भी विश्व युद्ध से कम नहीं है और इससे दुनिया के हर देश के आर्थिक, सामाजिक और विकास पर प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में पिछले विश्व युद्ध और महामारी के परिणामों पर गौर करते हुए, यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि अगर कोरोना वायरस की बीमारी लंबे समय तक दुनिया को परेशान करती रही, तो कोरोना वायरस के परिणाम के रूप में विश्व को नई सुपर पावर मिल सकती है। जी हां, जो देश किसी विश्व युद्ध में विजय प्राप्त कर लेता है, पूरी दुनिया का राजनीति और व्यापार उसके इर्द-गिर्द बन जाता है और कोरोना वायरस जैसी महामारी की स्थिति में जो देश अपने ऊपर इससे होने वाले आर्थिक, सामाजिक और विकास पर पड़ने वाले बुरे असर को रोक लेगा, वो कोरोना वायरस के परिणाम के रूप में विश्व की नई सुपर पावर बन सकता है।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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