कोरोना वायरस फैक्ट चेक: कोरोना वायरस की इन खबरों पर भूलकर भी यकीन न करना, जानें हकीकत

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जून 3, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ही केंद्र सरकार को देश में कोरोना वायरस से जुड़ी फेक न्यूज को फैलने से रोकने के लिए एक प्रामाणिक और आधाकारिक पोर्टल सेट करने के लिए कहा था। जिससे लोगों को सही जानकारी और आंकड़े मिल सकें। क्योंकि, सरकार और सुप्रीम कोर्ट दोनों का मानना है कि कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए उससे जुड़ी फेक न्यूज को खत्म करना बहुत जरूरी है। ऐसे ही सोशल मीडिया पर कई सारी फेक न्यूज शेयर की जा रही है, जो काफी हद तक झूठ होती हैं। आइए, ऐसी ही कुछ वायरल खबरों का कोरोना वायरस फैक्ट चेक (Corona virus fact check) करते हैं।

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कोरोना वायरस फैक्ट चेक : क्या सूर्य की रोशनी से कोरोना मारा जा सकता है

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट काफी वायरल हो रहा है। जिसमें बताया जा रहा है कि, सूर्य की रोशनी में मौजूद पैराबैंगनी किरणें (Ultraviolet rays) कोरोना वायरस को खत्म कर देती हैं। इसलिए हम सभी को सूर्य की रोशनी में ज्यादा से ज्यादा देर रहना चाहिए। पोस्ट के वायरल होते ही कोरोना वायरस फैक्ट चेक करने के लिए किसी ने सीधा डब्ल्यूएचओ से यह सवाल कर दिया। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया कि, यह सिर्फ एक मिथ है। क्योंकि, सूर्य की रोशनी में मौजूद पैराबैंगनी किरणों द्वारा कोरोना वायरस खत्म करने का कोई सबूत नहीं है। इसके अलावा, सूर्य की रोशनी सेहत के लिए बेहतर होती है, लेकिन किसी और तरीके से पैराबैंगनी किरणों द्वारा हाथों और त्वचा को वायरस से मुक्त करना खतरनाक हो सकता है। क्योंकि, इससे त्वचा गंभीर रूप से जल जाती है। इसलिए बेहतर होगा कि, आप सूर्य की रोशनी लें, लेकिन यह न मानें कि इससे कोरोना वायरस का खात्मा किया जा सकता है।

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कोरोना वायरस फैक्ट चेक : इटली की सड़क पर फैली लाशें

सोशल मीडिया पर एक फोटो काफी वायरल हो रही है, जिसमें एक सड़क पर कई लाशें बिखरी हुई दिख रही हैं। इस तस्वीर को इटली की बताया जा रहा है। इस फोटो के साथ कैप्शन लिखा गया है कि, “जिनको कोरोना मजाक लगता है वो लोग गौर करें। यह इटली शहर है। जहां लाश उठाने को कोई तैयार नही।” दरअसल, यह खबर और पोस्ट बिल्कुल झूठ है। कोरोना वायरस फैक्ट चेक यह है कि, यह तस्वीर 2014 में ली गई एक कला प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जो कि जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में है और इसमें नाजी कंसंट्रेशन कैंप को दर्शाने की कोशिश की गई थी। 1945 में हिटलर के काटजबेक नाजी कैंप में 528 ज्यूस मारे गए थे। इन पीड़ितों को फ्रैंकफर्ट के केंद्रीय कब्रिस्तान में दफनाया गया था। इन्हीं पीड़ितों को श्रद्धांजली देने के लिए यह कला प्रोजेक्ट था।

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सड़क पर फेंके गए रुपयों का सच

सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक पोस्ट में लिखा है कि, ‘इटली में अमीर लोगों ने अपने सारे रुपये सड़कों पर फेंक दिए। क्योंकि, यह लोगों को बचाने में काम नहीं आ रहे।‘ इसके साथ एक फोटो भी शेयर की जा रही है। यह खबर भारत में भी बहुत वायरल हुई। लेकिन कोरोना वायरस फैक्ट चेक की हकीकत यह है कि, यह फोटो मार्च 2019 में वेनेजुएला की है और सड़कों पर बिखरे नोट पुरानी करेंसी की है। क्योंकि, वहां नई करेंसी की शुरुआत कर दी गई थी, इसलिए लोगों ने पुरानी करेंसी को सड़कों पर फेंक दिया था।

कोरोना वायरस फैक्ट चेक- इटली के प्रेसिडेंट का रोना

पिछले दिनों वाट्सएप, फेसबुक, हर सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हो रही थी। जिसमें एक व्यक्ति की रोते हुए फोटो वायरल की गई थी और पोस्ट में कहा गया था कि, ‘इटली में टेक्नोलॉजी और हेल्थ केयर फेसिलिटी एडवांस होने के बावजूद वहां लोगों के मरने की संख्या कम नहीं हो रही है। वहां के प्रेसिडेंट ने रोते हुए, कहा कि स्थिति हमारे हाथ से निकल गई है।’ कोरोना वायरस फैक्ट चेक में यह खबर भी झूठ निकली। क्योंकि जो व्यक्ति रो रहा है, वो इटली नहीं ब्राजील के प्रेसिडेंट जेर बोलसोनारो है और यह फोटो कुछ महीने पहले की है, जिसका कोरोना वायरस से कोई लेना-देना नहीं है।

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कोरोना वायरस से सावधानी (Coronavirus Precautions)

कोरोना वायरस इंफेक्शन से बचने के लिए भारत सरकार ने लोगों के लिए कुछ सलाह दी है। सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन के साथ इन एहतियात रूपी सलाह को फॉलो करने से आप कोरोना वायरस संक्रमण से काफी हद तक बच सकते हैं।

  • हाथों को अच्छी तरह से पानी और साबुन से साफ करें।
  • जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें, कहीं भी भीड़ न लगाएं।
  • आंखों, नाक और मुंह को टच करना एवॉइज करें।
  • छींकते या खांसते समय अपने मुंह और नाक को किसी टिश्यू पेपर या फिर कोहनी को मोड़कर ढकें।
  • अगर आपको बुखार, खांसी या सांस लेने में दिक्कत हो रही है, तो जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से मिलें।

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  • कोरोना वायरस फैक्ट चेक के अलावा अपने हेल्थ केयर प्रोवाइडर की हर सलाह मानें और पूरी जानकारी प्राप्त करते रहें।
  • भारत सरकार का कहना है कि अगर आप मास्क लगा रहे हैं तो उससे पहले अपने हाथों को एल्कोहॉल बेस्ड हैंड रब या फिर साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं।
  • अपने मुंह और नाक को मास्क से अच्छी तरह कवर करें कि उसमें किसी भी तरह का गैप न रहे।
  • एक बार इस्तेमाल किए गए मास्क को दोबारा इस्तेमाल न करें।
  • मास्क को पीछे से हटाएं और उसे इस्तेमाल करने के बाद आगे से न छूएं।
  • इस्तेमाल के बाद मास्क को तुरंत एक बंद डस्टबिन में फेंक दें।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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