कोरोना वायरस आउटब्रेक : वुहान से पूरी दुनिया तक ऐसे फैला ये वायरस, ले ली 19 हजार जान

By Medically reviewed by Dr. Pranali Patil

नोवेल कोरोना वायरस (2019-nCoV) का डर हर किसी के अंदर बैठ गया है और यह कोई बेवजह नहीं हुआ है। इतने कम समय में इतने बड़े स्तर पर इस खतरनाक वायरस के फैल जाने की वजह से ही इसे वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने महामारी घोषित कर दिया था। कोरोना वायरस की बीमारी कोविड- 19 (COVID- 19) की वजह से संक्रमित होने वाले मरीजों की संख्या अबतक दुनियाभर में 4 लाख के पास पहुंच चुकी है। इसके अलावा, इससे मरने वालों की संख्या 19 हजार के करीब जा चुकी है। लेकिन, इन सबसे पहले यह नोवेल कोरोना वायरस पिछले साल दिसंबर में चीन के शहर वुहान की एक सीफूड मार्केट से शुरू हुआ था। आखिर कैसे कोरोनावायरस आउटब्रेक हुआ और यह कुछ ही महीनों में पूरी दुनिया पर छा गया, आइए जानते हैं।

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कोरोना वायरस आउटब्रेक (Corona virus outbreak) कैसे हुआ?

चीन के वुहान शहर की एक सीफूड मार्केट से इस कोरोना वायरस ने कैसे पूरी दुनिया को अपने शिकंजे में ले लिया, इस पर ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने डाटा विज्युलाइजेशन बनाया है। जिसके द्वारा उन्होंने बताया है कि यह वायरस इतने व्यापक स्तर पर फैल चुका है कि ट्रेवल रोकना इसका उपाय नहीं है। आइए, निम्नलिखित प्वाइंट्स के जरिए जानते हैं कि सिलसिलेवार तरीके से यह वायरस कैसे पूरी दुनिया में फैला।

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  • शुरुआती मामलों में से अधिकतर केस चीन के वुहान शहर में स्थित के सीफूड मार्केट के पास मिला था। यह शहर एक ट्रांसपोर्टेशन हब है, जिसमें करीब 1.1 करोड़ लोग रहते हैं।
  • दिसंबर 2019 के अंत शुरुआत के चार मामले बढ़कर एक दर्जन हो गए। अभी तक डॉक्टर्स को यह बीमारी सिर्फ वायरल निमोनिया लगी थी, जिसमें सामान्य ट्रीटमेंट काम नहीं कर रहा था।
  • हालांकि, तब भी कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा रही होगी, जिसका पता नहीं लगाया जा सका। हो सकता है यह संख्या 1000 के आसपास रही हो या इससे भी ज्यादा।
  • अगर औसतन एक संक्रमित व्यक्ति से दो या तीन अन्य स्वस्थ लोग भी संक्रमित हुए होंगे, तो भी आप असली संख्या का अंदाजा नहीं लगा सकते। लेकिन, इस समय चीन के अधिकारियों ने जनता को अलर्ट नहीं किया और 31 दिसंबर को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन को जानकारी देते हुए कहा कि, “यह बीमारी रोकी जा सकती है और नियंत्रित की जा सकती है।“
  • कोरोना वायरस आउटब्रेक के समय ने भी इसे गंभीर स्थिति में पहुंचाने में मदद की। क्योंकि, यह समय नए साल की शुरुआत का समय था, जब कई लाख लोग वुहान से दूसरे शहर या देश अपने घर जाने की तैयारी कर रहे होते हैं। बाइडू और प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों के आंकड़े के मुताबिक, 1 जनवरी के आसपास लाखों मोबाइल को ट्रेवल करते हुए ट्रैक किया गया। कम से कम इस दिन 1,75,000 लोगों ने वुहान छोड़ा।

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कोरोना वायरस आउटब्रेक : संक्रमण ने ऐसे पकड़ी रफ्तार

  • वुहान से जाने वालों की संख्या अगले तीन हफ्तों में और ज्यादा बढ़ी। यात्रा पर प्रतिबंध लगने से पहले जनवरी में करीब 70 लाख लोग वुहान से दूसरे शहरों या देश गए। जिनमें से हजारों यात्री संक्रमित थे।
  • 21 जनवरी को जबतक चीन के अधिकारियों को इस वायरस के व्यक्ति से व्यक्ति में फैलने की जानकारी का पता लगा, तबतक कोरोना वायरस का आउटब्रेक वुहान से बीजिंग, शंघाई और अन्य प्रमुख शहरों तक हो चुका था।
  • दो दिन बाद सरकार ने वुहान को लॉकडाउन कर दिया और इसके बाद कुछ और शहरों को भी लॉकडाउन कर दिया गया। चीन में यात्रा लगभग बंद कर दी गई थी। लेकिन, लोकल कोरोना वायरस आउटब्रेक लगातार तेजी से बढ़ता जा रहा था।
  • जब जनवरी में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा था, तब अंतरराष्ट्रीय यात्राएं सामान्य रूप से जारी थी। जिसकी वजह से हजारों लोग वुहान से दुनिया के दूसरे कोनों तक गए। हाल ही में लगाए गए एक ताजा अनुमान के मुताबिक, 900 से ज्यादा लोग हर महीने वुहान से न्यूयॉर्क जाते हैं और 2200 से ज्यादा सिडनी जाते हैं। इसके अलावा, 15,000 से ज्यादा लोग बैंकॉक जाते हैं।

कोरोना वायरस आउटब्रेक : लॉकडाउन की तैयारी

  • जनवरी के बीच में ही बैंकॉक में ही चीन के बाहर पहला कोरोना वायरस का मरीज मिला था। जब एक 61 वर्षीय महिला बुखार, सिरदर्द और गले में सूजन के लक्षणों के साथ वुहान से बैंकॉक गई थी। जिसके बाद ओवरसीज केस टोक्यो, सिंगापुर, सियाल और हांगकोंग में मिले। अमेरिका में कोरोना वायरस आउटब्रेक का पहला मामला सिएटल के करीब मिला। शोधकर्ताओं का मानना है कि, उस समय करीब 85 प्रतिशत संक्रमित यात्रियों की पहचान नहीं हो पाई, जो कि उस समय बीमारी फैलाने में सक्षम थे।
  • जनवरी के अंत में पहली बार वुहान को पूरी तरह लॉकडाउन किया गया और फ्लाइट्स को कैंसिल किया गया। 31 जनवरी तक जब यूएस ने चीन से गैर-अमेरिकी लोगों के आने पर प्रतिबंध लगा दिया था, तब वुहान से बाहर जाने की प्रक्रिया रुकी थी।
  • लेकिन, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कोरोना वायरस आउटब्रेक अबतक 26 देश के करीब 30 से ज्यादा शहरों में फैलने लगा था। जो कि सबसे ज्यादा वुहान से गए यात्रियों ने फैलाया।
  • अब वायरस सभी जगह स्थानीय रूप से फैलने लगा था। भीड़भाड़ वाली जगह, चर्च, रेस्टोरेंट आदि स्थानों पर स्वस्थ लोग संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने लगे और यही से महामारी की शुरुआत हुई।

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कोरोना वायरस आउटब्रेक : मार्च में तबाही का मंजर

  • 1 मार्च 2020 तक इटली, ईरान और साउथ कोरिया में हजारों मामले दर्ज किए जा चुके थे। इस समय सिर्फ चीन से ही दूसरे देशों में कोरोना वायरस नहीं फैल रहा था।
  • जब चीन में कोरोना वायरस के मरीजों की व्यवस्थात्मक रूप से टेस्टिंग, ट्रेसिंग और आइसोलेशन चालू हुआ, तो अचानक इसके मामलों में गिरावट आने लगी। जिसका मतलब था कि, कोरोना वायरस आउटब्रेक को रोका जा सकता था। इसी तरह के कदमों की मदद से सिंगापुर, हांगकोंग और साउथ कोरिया में नए मामलों में गिरावट आई।
  • अमेरिका में जहां टेस्टिंग की गति धीमी चल रही थी, वहां अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि यूरोप से ट्रेवल खत्म करने के बाद वायरस हमारे लिए बड़ी चुनौती नहीं बन सकता। लेकिन, उसके बाद वायरस सिएटल, न्यूयॉर्क और देश के विभिन्न शहरों से स्थानीय रूप से फैलने लगा।

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आपने देखा कि, कैसे कोरोना वायरस आउटब्रेक चीन के वुहान शहर से दुनिया के दूसरे देशों तक फैल गया। जिसकी वजह से स्थिति इतनी गंभीर और चिंताजनक हो चुकी है। विश्व के प्रमुख ताकतवर और विकसित देशों में भी इस बीमारी को फैलने से रोका नहीं जा रहा है।

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