शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाकर कोरोना वायरस से करनी होगी लड़ाई, लेकिन नींद का रखना होगा खास ध्यान

लेखक मैथ्यू चैंडी स्लीप इवैंजेलिस्ट और मैनेजिंग डाइरेक्टर

भारत स्वच्छता और हाथों की सफाई के प्रति बहुत ज्यादा जागरूक हो गया है। हमारे जैसे विकासशील देश के नागरिकों में मौजूदा हालात ने अच्छी आदतें विकसित करने में मदद की है। साफ-सफाई और स्वच्छता की इन आदतों के बारे में हम पहले काफी लापरवाह रहे थे। आज मैं रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ाने वाली एक और सुपरपावर के बारे में बताना चाहता हूं, जिसका हम सभी को ध्यान रखना चाहिए। सदियों से कई लोगों को पता है कि नींद हमारे जीवन की सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, पर अपनी सांस्कृतिक परंपराओं और मानदंडों के कारण हमने नींद को काफी कम महत्व दिया गया है। आपको शायद ही ये बात पता हो कि नींद से हमारे शरीर की इम्यूनिटी बढ़ती है और इससे कई वायरस से लड़ने में आसानी होती है। लेकिन, क्या इससे कोरोना वायरस (COVID- 19) से भी लड़ने में मदद मिलती है? इस आर्टिकल में जानें।

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शरीर की इम्यूनिटी : नींद एंटीबॉडीज विकसित करती है

  • हर रात को जब हम गहरी नींद में सोते हैं, हमारा दिमाग और शरीर धीरे-धीरे अपना काम बंद कर देता है।
  • जब इंसान गहरी नींद में होता है तो दिमाग और शरीर की गहराई से सफाई होती है।
  • इससे हानिकारक विषाक्त पदार्थ हमारे शरीर से दूर हो जाते हैं और एंटीबॉडीज विकसित होती है।
  • एंटीबॉडीज विशेष तरह की सफेद रक्त कोशिकाओं से निकलने वाले वाई आकार के प्रोटीन होते हैं। इसमें वायरस और बैक्टीरिया को पहचानने की शक्ति होती है।
  • शरीर में मौजूद हजारों एंटीबॉडीज रोगाणुओं से बचाव का काम करती है और इस तरह हमारे शरीर की इम्यूनिटी बढ़ती है।
  • नींद से हमारी थकी हुई मांसपेशियों को नई ऊर्जा मिलती है। शरीर के लिए आवश्यक हॉर्मोंस नियमित होते हैं।
  • जब हम सोते हैं तो हमारे अद्भुत तरीके से बने हर अंग का स्वस्थ ढंग से कार्य करना सुनिश्चित होता है।
  • हमारे शरीर की संरचना काफी खूबसूरत ढंग से की गई है। यह थके हुए शरीर के हर अंग को फिर से चुस्त-दुरुस्त करने का काम बखूबी करती है, पर हम में वह आत्मसंयम होना चाहिए कि हम उन्हें इस काम को करने की मंजूरी दें।

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शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए नींद को दें महत्व

आधुनिक जीवनशैली के तनाव में नींद एक ऐसी परंपरा है, जिससे काफी हद तक समझौता किया गया है। नींद ही व्यक्ति के बेहतर स्वास्थ्य और उनके अच्छे रहन-सहन का आधार है। यह अच्छे पोषण और व्यायाम का पूरक है। असल में नींद से नियमित रूप से व्यायाम करने की हमारी क्षमता को बढ़ावा मिलता है। इससे संतुलित पोषक आहार को ठीक ढंग से ग्रहण करने में शरीर को मदद मिलती है। इससे हमारा शरीर चुस्त-दुरुस्त रहता है और उसकी काम करने की क्षमता में बढ़ोतरी होती है और किसी भी वायरस से लड़ने के लिए शरीर की इम्यूनिटी मजबूत रहती है।

शरीर की इम्यूनिटी : किसी भी वायरस से लड़ने में मदद करती है नींद

सैनफ्रांसिस्को स्थित कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में सामान्य सर्दी जुकाम और राइनो वायरस के संबंध में डॉ. एरिक पैंथर ने एक नियंत्रित मेडिकल अध्ययन किया। स्टडी में उन्होंने पाया कि इसमें शामिल होने वाले उन भागीदारों की वायरस से संक्रमित होने की दर नाटकीय रूप से काफी कम हो गई, जिन्होंने इस प्रयोग के तहत 7 घंटे या उससे ज्यादा की नींद ली। 5 घंटे या उससे कम सोने वाले लोगों में वायरस से संक्रमित होने की आशंका 50 प्रतिशत हो गई। अध्ययन के अनुसार 7 घंटे या उससे ज्यादा नींद लेने वाले लोगों में वायरस से संक्रमण का खतरा 18 फीसदी तक कम हो गया।

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क्या कोरोना वायरस से लड़ने में मदद करती हैं पर्याप्त नींद

हालांकि, हम इस बात को पूरी गारंटी से नहीं कह सकते कि अच्छी नींद लेने से कोरोना वायरस के संपर्क में आने का खतरा कम हो जाएगा और इससे आपकी रक्षा होगी, लेकिन हम यह पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि गहरी नींद लेने से शरीर की वायरस से लड़ने की हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा कोरोना वायरस से बचाव के लिए हमें सुरक्षा के अन्य उपाय अपनाना भी समान रूप से जरूरी है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए बार-बार हाथों को अच्छे तरीके से धोना बहुत जरूरी है। इसके अलावा समाज में आपस में 1 मीटर की दूरी बरकरार रखनी चाहिए। विटामिन डी प्रचुर मात्रा में लेना चाहिए और समय रहते कोरोना वायरस का टेस्ट कराना बहुत जरूरी है।

शरीर की इम्यूनिटी और पर्याप्त नींद लेने के टिप्स

आमतौर पर हम अपने शरीर की नींद की जरूरत पर बहुत कम ध्यान देते हैं। जानबूझकर भी हम अच्छी नींद की जरूरत को अनदेखा करते हैं, पर मौजूदा स्थिति काफी भयानक है और कोरोना वायरस का खतरा काफी गंभीर है। हमारे पास इन सब उपायों को अपनाने का पर्याप्त समय है। शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए अच्छी नींद को बढ़ावा देने के उपायों की लिस्ट मैं नीचे दे रहा हूं-

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रात में सोने से कुछ देर पहले हल्का भोजन लें

मैं रात को सोने से काफी पहले हल्का भोजन करता हूं। मैंने पाया है कि रात में ज्यादा खाने (खासतौर पर तेल, चिकनाई और मसालों से लबरेज कबाब) से मेरी नींद में बार-बार खलल पड़ता है। हैवी डाइट लेने से अच्छी नींद नहीं आती।

शराब का कम से कम सेवन करें

शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए नींद को अच्छा करने के लिए मैंने शराब का सेवन कम से कम कर दिया है। शराब पीने से अच्छी नींद लेने में मदद नहीं मिलती, पर इससे कुछ समय के लिए दर्द से राहत मिलने का संतोष जरूर महसूस होता है। शराब पीने के बाद जब भी मैं सोया हूं तो मेरी बेचैनी काफी बढ़ गई है। मैंने अपने स्लीप ट्रैकर से नोटिस किया कि जिन रातों में मैं वाइन के कुछ गिलास पीने के बाद सोया, उन रातों को मेरी औसत हार्ट रेट 15 फीसदी बढ़ गई।

कॉफी पीनी हो तो दिन में जल्दी पीएं

मुझे कॉफी बहुत पसंद है लेकिन मैं दोपहर 3 बजे बाद कॉफी पीने से बचता हूं। यह एक स्टिमुलेंट है और आपको सोने से रोक सकता है अथवा इसके कारण आप सोने के बाद भी उठ सकते हैं। स्टिमुलेंट के असर को आपके शरीर से उतरने में काफी लंबा समय लगता है।

सोते समय बेड में कोई गैजेट न हो

यह करना काफी मुश्किल है, लेकिन नींद से शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए बहुत जरूरी है। मैं मोबाइल और टीवी को सोने के 2 घंटे पहले बंद कर देता हूं। गैजेट्स के स्‍क्रीन की नीली रोशनी मेरे शरीर के स्लीप हार्मोन (मेलाटोटिन) में गड़बड़ी पैदा कर देती है। लगातार नकारात्मक खबरें देखते रहने से नींद आने में काफी मुश्किल होती है। जैसा कि मैंने पहले कहा, बिस्तर में बिना किसी गैजेट्स के जाना काफी मुश्किल काम है।

सोने के लिए बातों का भी रखें ध्यान

  1. कूल रहें : ठंडे तापमान में हमारे शरीर को अच्छी नींद आती है, खासतौर से जब तापमान 18-21 डिग्री सेल्सियस के बीच हो। मैं सामान्य रूप से एयर कंडीशनर्स को पसंद नहीं करता, लेकिन चिलचिलाती गर्मी में ठंडा कमरा गहरी नींद में सोने में काफी मदद करता है।
  2. सोने का स्वस्थ माहौल : कमरे को ठंडा रखने के अलावा एक साफ-सुथरा कमरा और वहां सुव्‍यवस्थित ढंग से रखे हुए सामान मुझे गहरी नींद में सोने में मदद करते हैं। बिस्तर पर स्लीप ट्रैकर के अलावा मैं ज्यादा से ज्यादा किताबें और कम से कम गैजेट्स रखता हूं। मैं बहुत ज्‍यादा व्‍यायाम और यात्रा करता हूं, इसलिए मैं अपने गद्दे के सपोर्ट और उसकी मजबूती पर खास ध्‍यान देता हूं। यह भी पढ़ें: क्या प्रेग्नेंसी में कोरोना वायरस से बढ़ जाता है जोखिम?
  3. अच्छे मैट्रेस : अच्छे और वैज्ञानिक लिहाज से डिजाइन किए गए मैट्रेस से आपको गहरी नींद में सोने में मदद मिलती है। गद्दों को चुनने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करना चाहिए, जिससे आपको सोते समय पूरी रात गद्दों से व्यक्तिगत रूप से मनचाहा आराम और भरपूर सपोर्ट मिले।
  4. रिलैक्स करना : मैं सोने से पहले खुद को रिलैक्स करने के लिए कुछ देर योग और ध्यान करता हूं। आप में से कुछ लोगों को प्रार्थना करना पसंद होगा। मैंने पाया कि शांत मन और बॉडी की स्ट्रेचिंग से काफी अच्छी नींद आती है।
  5. लगातार एक ही समय पर सोना और जागना : रोजाना मैं एक ही समय पर सोने और जागने की कोशिश करता हूं। लगातार एक ही रूटीन से सोने और जागने से शरीर को अपनी कुदरती जैविक प्रक्रिया से तालमेल बनाने में मदद मिलती है। वीकएंड पार्टियां, नेटफ्लिक्स पर देर रात तक कार्यक्रम देखना और काफी तड़के उठकर व्यायाम करने से हमारे इस रूटीन में खलल पड़ सकता है, लेकिन अब यह अपवाद है। खासकर ऐसे समय जब बैक्टीरिया या वायरस से लड़ने के लिए हमारे शरीर की इम्यूनिटी काफी महत्वपूर्ण हो गई है।

स्लीप ट्रैकर से मिलती है मदद

पिछले तीन महीनों से मैं अपनी सोने और जागने की अच्छी आदत डालने के लिए लगातार काफी लगन से कवायद कर रहा हूं। मैं स्लीप ट्रैकर पर इसकी प्रगति भी देख रहा हूं। इससे अच्छी नींद लेने के लिए चीजें लगातार बदल रही हैं।

नींद आपके शरीर और दिमाग के लिए इम्यून थेरेपी है। यह एक सुपर ड्रग है। यह मुफ्त है, कानूनी दायरे में है और मजेदार है। अच्छी नींद लेने से कोई समझौता मत कीजिए या अपनी नींद के घंटों से कोई छेड़छाड़ मत कीजिए। यह जानलेवा कोरोना वायरस से जंग में शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाकर हमारी वास्तविक रूप से मदद कर सकती है।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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रिव्यू की तारीख मार्च 26, 2020 | आखिरी बार संशोधित किया गया मार्च 26, 2020

सूत्र
मैथ्यू चैंडी स्लीप इवैंजेलिस्ट और मैनेजिंग डाइरेक्टर

मैथ्यू चैंडी ड्यूरोफ्लेक्स मैट्रेसेस के प्रबंध निदेशक हैं और वह खुद को एक स्लीप इंवैंजेलिस्ट भी बताते हैं। वह नेशनल लॉ स्कूल से एक लॉ ग्रेजुएट भी हैं। मैथ्यू को कई इंटरनेशनल मार्केट में बैंकिंग, लॉ समेत विभिन्न इंडस्ट्री में प्रोफेशनल एक्सपीरियंस भी है।

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