कोरोना वायरस वैक्सीन का ह्युमन ट्रायल, 60 लोग प्री-क्लीनिकल स्टेज में

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जून 3, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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कोविड-19 वैक्सीन बनाने का काम इन दिनों पूरी दुनिया में तेजी से चल रहा है। हाल ही में डब्ल्यूएचओ की ओर जानकारी दी गई है कि कोविड-19 वैक्सीन के ह्युमन ट्रायल के लिए दो व्यक्तियों को चुना गया है और साथ ही 60 लोग प्री-क्लीनिकल स्टेज में हैं। इंडिया जाइडस केडिला, सीरम इंस्टीट्यूट, और भारत बायोटेक मुख्य कंपनी हैं जो कोविड-19 वैक्सीन के लिए काम कर रही हैं। कंसाइनो बायोलॉजिकल (CanSino Biological Inc) और बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी मिलकर वैक्सीन डेवलप करने के लिए ह्यूमन ट्रायल कर रहे हैं। अगर एक्सपर्ट की बात पर यकीन किया जाए तो 12 से 18 महीने में वैक्सीन मार्केट में आ सकती है। ट्रायल के लिए दस में से एक व्यक्ति फेल हो रहा है। अभी फिलहाल ट्रायल जारी है और नतीजों पर पहुंचना कठिन है।

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कोविड-19 वैक्सीन : ह्युमन क्लीनिकल ट्रायल का फस्ट फेज

कोविड-19 वैक्सीन

कोविड-19 वैक्सीन के ह्युमन क्लीनिकल ट्रायल के फेज फस्ट में दो लोगों को इंवॉल्व किया गया है जबकि बाकी 60 लोगों को प्री-क्लीनिकल स्टडी के लिए रखा गया है। इस बारे में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने जानकारी दी। कंसाइनो बायोलॉजिकल (CanSino Biological Inc) और बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी संयुक्त रूप से विकसित किए गए वैक्सीन को नॉन रेप्लीकेट वायरल वेक्टर के प्लेटफॉर्म की तहत यूज कर रही है। इसमे इबोला जैसे नॉन-कोरोना कैंडीडेट और एडेनोवाल टाइप 5 कैंडीडेट के साथ मिलकर वैक्सीन तैयार की जा रही है। सोर्स से जानकारी मिली है कि एडेनोवायरस (adenoviruses) कॉमन वायरस होते हैं जोकि निमोनिया जैसे लक्षण शो करते हैं और साथ ही ये एंटीबॉडी के प्रोडक्शन को तेज करने का काम करते हैं तो कि एंटीजन को खत्म करने का काम करता है। आपको बताते चलें कि चीनी चिकित्सा विज्ञान संस्थान के बायो इंजीनियरिंग संस्थान की सहायता से कैनसिनो बायोलॉजिकल इंक (CanSino Biological Inc) ने 2017 में एक इबोला वैक्सीन डेवलप की थी।

कोविड-19 की ताजा जानकारी
देश: भारत
आंकड़े

1,435,453

कंफर्म केस

917,568

स्वस्थ हुए

32,771

मौत
मैप

वैक्सीन बनाने में अन्य वैक्सीनों की मदद

ट्रायल के पहले स्टेप में यूज होने वाली अन्य वैक्सीन अमेरिका स्थित बायोटेक फर्म मॉडर्न और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज ( biotech firm Moderna and the National Institute of Allergy and Infectious Diseases ) यानी एनआईएआईडी से है। वैक्सीन में वायरस की आनुवांशिक जानकारी को प्रोटीन बनाने के लिए यानी डीएनए से डी-कोड किया जा रहा है। आपको बताते चले कि mRNA या फिर मैसेंजर RNA डीएनए में आनुवंशिक जानकारी और प्रोटीन के अमीनो एसिड सीक्वेंस के बीच में एक इंटरमीडिएट के रूप में काम करता है। ये कोशिकाओं को वायरस से लड़ने के लिए प्रोटीन बनाने का आदेश देता है। इस तरह के कोरोना वायरस की वैक्सीन को अभी तक इंसानों में प्रयोग नहीं किया गया है। फिलहाल ट्रायल जारी है और कुछ समय बाद रिजल्ट भी आ जाएंगे।

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कोविड-19 वैक्सीन : विभन्न चरणों से गुजरती है वैक्सीन

वैक्सीन बनाने के लिए विभिन्न चरणों से गुजरना पड़ता है। आमतौर पर पहले वैक्सीन का प्रयोग जानवरों पर किया जाता है। वैक्सीन मुख्य तीन चरणों से होकर गुजरता है। इसके बाद कई छोटे परीक्षण किए जाते हैं। साथ ही वैक्सीन के विभिन्न चरणों के साथ ही डाटा भी तैयार किया जाता है। परीक्षण विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में अलग-अलग आबादी पर किए जाते हैं और उनके परिणामों को भी जांचा जाता है। आपात स्थितियों में फास्ट ट्रैकिंग भी की जा सकती है। लेकिन वैक्सीन को बाजार में उतारने से पहले विभिन्न चरणों से गुजरना पड़ता है, इसके बाद ही कोई वैक्सीन को बड़े पैमाने पर बनाया जाता है। फिलहाल अभी वैक्सीन अपने पहले चरण में है। आने वाले समय में ही पता चल पाएगा कि वैक्सीन अपने विभिन्न चरणों पर सफल रही या फिर नहीं।

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कोविड-19 की दवा और वैक्सीन

चीन में हजारों वैज्ञानिक कोविड-19 वैक्सीन बनाने में जुटे हैं। यहां अकेडमी ऑफ मिलिट्री मेडिकल साइंस ने वैक्सीन तैयार कर ली है जिसके ट्रायल के लिए भर्तियां की जा रही हैं। चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंस के विशेषज्ञ ने मीडिया को रिपोर्ट करते हुए जानकारी दी है कि चीन दूसरे देशों से पीछे नहीं है। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर हेल्थ सिक्योरिटी से जुड़े एडल्जा के मुताबिक, सभी का सहयोग बहुत जरूरी है, हम जल्द ही अच्छे रिजल्ट के लिए इंतजार कर रहे हैं। ज्यादातर देशों में कोविड-19 वैक्सीन को लेकर काम चल रहा है। कुछ समय बाद ही इसके रिजल्ट सामने आएंगे।

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जब तक नहीं है वैक्सीन, इन बातों का रखें ध्यान

फिलहाल अभी तक कोविड-19 वैक्सीन नहीं बन पाई है। कोरोना वायरस की दवा या वैक्सीन बनने में अभी कुछ समय लग सकता है। ऐसे में सभी लोगों को सावधानी रखने की जरूरत है। लॉकडाउन का सख्ती से पालन करें और साथ ही किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर ध्यान दें।

  • अच्छी तरह से हाथों को धोएं
  • अपने आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें।
  • छींकते या खांसते समय हमेशा अपने मुंह और नाक को किसी टिश्यू पेपर या फिर कोहनी की सहायता से ढकें। साथ ही टिशू पेपर को तुरंत डस्टबिन में फेंक दें। अगर रुमाल का यूज कर रहे हैं तो उसे भी साफ रखें।
  • अगर आपको बुखार, खांसी या सांस लेने में दिक्कत हो रही है, तो जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से मिलें।
  • बेवजह लोगों से न मिलें, भीड़ न लगाएं
  • अपने हेल्थ केयर प्रोवाइडर की हर सलाह मानें और पूरी जानकारी प्राप्त करते रहें।
  • एक बार इस्तेमाल किए गए मास्क को दोबारा इस्तेमाल न करें।
  • अगर आपने मास्क लगा रखा है तो उसे उतारने से पहले अपने हाथों को एल्कोहॉल बेस्ड हैंड रब या फिर साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं।
  • अपने मुंह और नाक को मास्क से अच्छी तरह कवर करें कि उसमें किसी भी तरह का गैप न रहे।
  • मास्क को पीछे से हटाएं और उसे इस्तेमाल करने के बाद आगे से न छूएं।
  • मास्क को इस्तेमाल के बाद तुरंत एक बंद डस्टबिन में फेंक दें।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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