भारत में कोरोना वायरस संक्रमितों की बढ़ती जा रही संख्या : क्या इससे बढ़ेगा लॉकडाउन?

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Update Date जून 3, 2020 . 12 मिनट में पढ़ें
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भारत में कोरोना वायरस महामारी का लगातार प्रसार होता जा रहा है। देश के सभी राज्यों से रोज संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने की खबर आ रही है। पिछले दिनों देश में 24 घंटों के अंदर कोरोना संक्रमितों की संख्या 1700 के करीब पहुंच गई। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल आ रहा है कि जिस तरह से लगातार राज्यों से कोरोना वायरस के बढ़ते मामले मिल रहे हैं, उस स्थिति में क्या लॉकडाउन बढ़ेगा? आपके मन में भी यही सवाल आ रहा होगा। ऐसे में भारत की वर्तमान स्थिति पर विचार करते हुए समझते हैं कि इंडिया में लॉकडाउन की तारीख बढ़ने की कितनी संभावना है?

क्या बढ़ेगा लॉकडाउन : दुनिया भर में 210 से अधिक देश प्रभावित

कोरोनो वायरस (कोविड-19) महामारी के कारण आज दुनिया भर के करीब 210 से अधिक देश प्रभावित हो चुके हैं। इन देशों में वायरस से अब तक 27 लाख से अधिक मरीज संक्रमित हो चुके हैं। महामारी के कारण दुनिया भर में मरने वाले मरीजों की संख्या दो लाख को पार करने वाली है। भारत में भी कोरोना वायरस का आतंक ऐसा ही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 25 हजार पार कर चुकी है और 800 से ज्यादा लोगों की इस बीमारी के कारण मौत हो चुकी है। ऐसे में यह प्रश्न उठना लाजिमी है कि क्या कोरोना वायरस के बढ़ते मामले के कारण क्या भारत में भी बढ़ेगा लॉकडाउन का समय।

क्या बढ़ेगा लॉकडाउन

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कोरोना वायरस के बढ़ते मामले से क्या बढ़ेगा लॉकडाउन?

चीन से जैसे-जैसे कोरोना महामारी का प्रकोप विश्व में फैलने लगा था, तब सारे देश इससे संबंधित सावधानियां बरतने लगे थे। भारत सरकार भी कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम करने के लिए हर संभव उपाय करने लगी। केंद्र सरकार ने सबसे पहले 23 मार्च को देश भर में जनता कर्फ्यू लगाया। जनता कर्फ्यू में देश भर की जनता ने अपना पूरा योगदान दिया। 

21 दिनों के लॉकडाउन से हुई शुरुआत

24 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने देश भर में 21 दिनों के लिए लॉकडाउन लगा दिया। लॉकडाउन के दौरान देश की सभी गतिविधियां बंद कर दी गईं। सड़क, हवाई सेवाओं के साथ-साथ सभी सेवाएं को तत्काल बंद करने का आदेश दिया गया। दुकान, प्राइवेट और सरकारी आफिस को भी बंद करने का आदेश जारी किया गया। भारत सरकार की इस सावधानी का बहुत ही देश भर में सकारात्मक प्रभाव पड़ा।

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कोरोना वायरस के बढ़ते मामले से क्या बढ़ेगा लॉकडाउन : भारत में संक्रमण दर बहुत कम

डब्ल्यूएचओ का नया आंकड़ा कहता है कि दुनिया के सभी देशों में कोरोना के संक्रमण को फैलने में जितना समय लगा, वैसा भारत में नहीं हुआ। भारत सरकार ने इस महामारी को रोकने के लिए इंडिया में लॉकडाउन लगाया, उससे देश में कोविड-19 संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से नहीं बढ़ी। यही कारण है कि इंडिया में लॉकडाउन की तारीख बढ़ने के आसार नजर आ रहे हैं। लेकिन कई अत्यधिक प्रभावित इलाकों में स्थिति यथावत रहने के आसार हैं।

कोरोना वायरस के बढ़ते मामले से क्या बढ़ेगा लॉकडाउन : कुछ राज्यों को मिली कोरोना से मुक्ति

हाल ही में आई कुछ रिपोर्ट के अनुसार, गोवा, मणिपुर जैसे राज्य पूरी तरह से कोरोना से मुक्त हो गए हैं। गोवा में कुल 7 मरीज कोरोना वायरस से संक्रमित थे, जो अब पूरी तरह ठीक हो गए हैं। इसी तरह मणिपुर में कोविड-19 के दो रोगी मिले थे। दोनों अब स्वस्थ हो गए हैं। इन राज्यों की सरकारों ने ही दोनों राज्यों के कोरोना मुक्त होने की घोषणा की थी।

कोविड-19 की ताजा जानकारी
देश: भारत
आंकड़े

793,802

कंफर्म केस

495,516

स्वस्थ हुए

21,604

मौत
मैप

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कोविड-19 मुक्त स्थानों में फिर से फैल रहा संक्रमण

अगर आप कोरोना से मुक्ति वाली खबर से खुश होकर यह सोच रहे हैं कि अब धीरे-धीरे देश से लॉकडाउन खत्म हो जाएगा, तो आप गलत सोच रहे हैं। दरअसल कई स्थान ऐसे हैं, जहां कड़ाई से लॉकडाउन का पालन करने के कारण कोरोना की रोकथाम संभव हो पाई थी, लेकिन हाल ही में दोबारा ऐसे स्थानों में कोरोना के मरीज मिलने लगे हैं। इससे ही आशंका जताई जा रही है कि क्या भारत में फिर से बढ़ेगा लॉकडाउन।

राजस्थान के भीलवाड़ा में फिर से मिले कोरोना के मरीज

राजस्थान के भीलवाड़ा में जब कोरोना संक्रमित मिले थे, तो वहां का प्रशासन ने पूरे जिले में कर्प्यू लगा दिया। कोरोना संक्रमण से इलाके को मुक्त करने के लिए गांव से लेकर शहर तक सभी सुरक्षात्मक उपाय किए गए। सरकार और प्रशासन के इस प्रयास का सकारात्मक परिणाम आया। कुछ दिनों के बाद भीलवाड़ा पूरी तरह से कोरोना से मुक्त हो गया। भीलवाड़ा के कोरोना से मुक्त होने की खबर पूरे देश में फैली और केंद्र सरकार के साथ दूसरे राज्य सरकारों ने भी भीलवाड़ा मॉडल की तारीफ करते हुए, इसे अपने यहां लागू करने की बात कही। 

जानें क्या कहते हैं आंकड़े

जब भीलवाड़ा कोरोना से मुक्त हुआ था, तो उम्मीद थी कि अब इससे दूसरे जगह के लोग भी सीख लेंगे और कोरोना पर जीत हासिल करेंगे, लेकिन बीते दिनों ऐसी खबरें आई हैं कि भीलवाड़ा में फिर से कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है। यह खबर एक चिंता की बात है, जिससे लोगों को यह संकेत मिल रहा है कि क्या भारत में भी बढ़ेगा लॉकडाउन। वर्ल्डोमीटर के इस ग्राफ के जरिए आप जान सकते हैं कि देश में रोजाना कितने मरीजों की मृत्यु हो रही है।

क्या बढ़ेगा लॉकडाउन

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दिल्ली में 49 संक्रमित मिलने से सनसनी

देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही हैं। बीते दिन दिल्ली के जहांगीरपुरी के एक ही एच ब्लॉक में एक ही दिन में कुल 49 लोग संक्रमित पाए गए थे।स आंकड़े के बाद दिल्ली में कोविड-19 संक्रमित मरीजों की कुल संख्या ढाई हजार के पास पहुंच चुकी है। 

क्या बढ़ेगा लॉकडाउन

18 अप्रैल को इसी जहांगीरपुरी के सी ब्लॉक में 31 लोगों के कोरोना से संक्रमित होने की खबर आई थी। इसके बाद दिल्ली सरकार ने इस इलाके को 14 अप्रैल को कंटेनमंट घोषित किया था। इतनी अधिक संख्या में कोरोना मरीजों के मिलने के बाद पूरा प्रशासन ही सदमे में है। ऐसे में यह उम्मीद कम ही है कि दिल्ली वासियों को लॉकडाउन से निजात मिल पाएगी। वर्ल्डोमीटर के इस ग्राफ को देखने के बाद आपको अंदाजा हो जाएगा कि देश कितनी गंभीर स्थिति में है। 

मुंबई में कोरोना का कहर जारी

लोग यह सोच रहे हैं कि क्या भारत में लॉकडाउन कब खुलेगा, लेकिन दूसरी तरफ मुंबई जैसे महानगर हैं जहां हर दिन ये मुसीबत कहर बरसा रही है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि मुंबई में पिछले दिनों एक दिन के भीतर संक्रमितों का आंकड़ा 1800 के करीब पहुंच गया था। यह भारत में एक दिन में कोरोना मरीजों के मिलने का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। महाराष्ट्र के नागपुर और दूसरे प्रदेशों में भी कोरोना मरीजों का मिलना जारी है। 

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मुंबई में 53 पत्रकार भी कोविड-19 से संक्रमित

कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र से 53 मीडिया कर्मियों के कोविड-19 संक्रमित होने की खबर आई थी। इनमें से अधिकांश लोग इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े हुए हैं। यह आंकड़े अपने आप में हैरान करने वाले थे। इसके बावजूद लोगों का कहना है कि अगर सही से जांच की जाए तो ये आंकड़े और बहुत बढ़ सकते हैं। नीचे के वर्ल्डोमीटर के ग्राफ से आप भारत में रोजाना मिल रहे रोगियों की संख्या का अंदाजा लगा सकते हैं।

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धारावी में लगातार बिगड़ रहे हालात

धारावी में भी नोवल कोरोना संक्रमित मरीजों का मिलना कम नहीं हुआ है। 19 तारीख को केवल धारावी से कोरोना वायरस के 20 नए केस पाए गए। इस आंकड़े के बाद धारावी में अब कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 138 तक पहुंच गई। 

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कोरोना वायरस के बढ़ते मामले से क्या बढ़ेगा लॉकडाउन : दूसरे राज्यों में लगातार बढ़ रहे कोविड-19 के केस

दिल्ली, मुंबई के अलावा गुजरात, राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश सहित दूसरे राज्यों में भी लगातार कोरोना का प्रसार होता जा रहा है। इनमें भी मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद कोरोना वायरस महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित माने जा रहे हैं। 

कोरोना वायरस के बढ़ते मामले से क्या बढ़ेगा लॉकडाउन : रोज सामने आ रहे नए-नए हॉटस्पॉट

सिर्फ ये राज्य ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों में रोजाना नए-नए हॉटस्पॉट बनाए जा रहे हैं। रोजाना तब्लीगी जमात से जुड़े नए कोरोना संक्रमित मरीजों का नाम सामने आ रहा है। ऐसे में यह संभव ही नहीं लगता कि 3 मई को इंडिया में लगाया गया लॉकडाउन खोल दिया जाए।

कोरोना वायरस लॉकडाउन बढ़ेगा-Corona virus lockdown badhega

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कोरोना वायरस के बढ़ते मामले से क्या बढ़ेगा लॉकडाउन : क्या 3 मई के बाद मिलेगी लोगों को राहत?

वर्तमान में देश में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 25 हजार से अधिक हो चुकी है। इसके बाद भी लोगों को लग रहा है कि सरकार लॉकडाउन हटा सकती है।  3 मई के बाद लॉकडाउन के बाद की स्थिति क्या होने वाली है? क्या लॉकडाउन को हटाया जा सकता है या क्या लॉकडाउन को बढ़ाया जाएगा? इस बारे में हमने नोएडा स्थित जेपी हॉस्पिटल के डिपार्टमेंट ऑफ रेस्पिरेटरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. शैलेंद्र गोयल से बात की। इनकी क्या राय है, इसे आप भी पढ़ें और समझेंः-

प्रश्न- भारत में नोवल कोरोना वायरस का ट्रांसमिशन रेट क्या है?

देश के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र गोयल ने कहा कि कोरोना के संक्रमण दर के बारे में कोई फिक्स स्टडी अभी नहीं आई है, लेकिन जिस तरह से पूरे देश से आंकड़े आ रहे हैं, उससे यह पता चलता है कि संक्रमण दर सामान्य नहीं है। 

प्रश्न- क्या 3 मई के बाद लॉकडाउन में छूट दिए जाने की संभावना है? 

डॉ. गोयल के अनुसार, “मुझे नहीं लगता है कि 3 मई के बाद पूरे देश से लॉकडाउन हटा लिया जाएगा। मुझे तो ऐसा लग रहा है कि कुछ जगहों पर जरूर छूट दी जा सकती है। वैसे स्थान, जो हॉटस्पॉट बनाए गए हैं और जहां लगातार कोरोना वायरस के बढ़ते मामले मिल रहे हैं, वहां लॉकडाउन नहीं हटेगा।” 

उन्होंने कहा कि जिन राज्यों, शहरों, जिलों या इलाकों में कोरोना वायरस के मामले नहीं मिल रहे हैं, वहां 3 मई के बाद छूट मिलने की संभावना है। मुंबई और पुणे में लगातार कोरोना के केस मिल रहे हैं। इसलिए इन स्थानों पर छूट मिलने की उम्मीद नहीं है। दिल्ली में भी लॉकडाउन जारी रह सकता है। 

क्या बढ़ेगा लॉकडाउन

नॉर्थ् इस्ट के राज्यों को छूट मिलने की संभावना सबसे ज्यादा है, क्योंकि वहां कोरोना के रोगी बहुत कम संख्या में मिल रहे हैं। असम, झारखंड, केरल आदि में अब केस कम मिल रहे हैं। इसलिए यहां के लोगों को 3 मई के बाद लॉकडाउन से छूट मिल सकती है।

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प्रश्न- क्या लॉकडाउन पूरी तरह से खत्म हो जाएगा?

मैं यह नहीं कह सकता कि 3 मई के बाद लॉकडाउन पूरी तरह से खत्म हो जाएगा, क्योंकि लॉकडाउन का खुलना और न खुलना उस समय की परिस्थिति पर निर्भर करेगा। मजदूरों का क्या हाल है, देश की आर्थिक स्थिति कैसी है। इन सभी बातों पर आपस में विचार करने के बाद ही केंद्र और राज्य सरकार निर्णय लेगी।

इसके बाद भी मुझे लगता है कि सरकार के लिए 3 मई के बाद पूरे देश में लॉकडाउन को बढ़ाना मुश्किल होगा। इसलिए कुछ इलाकों में लोगों को छूट मिल सकती है। फैक्ट्री और रोजगार आदि के कुछ साधन खोले जा सकते हैं।

प्रश्न- हो सकता है कि आर्थिक स्थिति के लिए लॉकडाउन खोले जाए, ऐसे में क्या-क्या खतरे हो सकते हैं?

देश के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र गोयल ने कहा, “हां, लॉकडाउन खुलने के बाद रिस्क तो है, क्योंकि जब और जिस भी स्थान पर लॉकडाउन खोला जाएगा, तो वहां कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने की पूरी संभावना है। इसके लिए लोगों पर ध्यान रखने की जरूरत है।”

प्रश्न- लोगों को आने वाले समय में कितना सतर्क रहना होगा? 

क्रिटिकल केयर में एमडी, डॉ. शैलेंद्र गोयल के मुताबिक, “लॉकडाउन खुले या न खुले, लोगों को सतर्कता में बिल्कुल लापरवाही नहीं करनी चाहिए। लोगों को 100 प्रतिशत सतर्क रहना चाहिए। हमें मास्क लगाकर चलना ही होगा। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना ही होगा। छींकते और खांसते समय सावधानी रखनी होगी। सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने के बाद साबुन से हाथ धोना है। लॉकडाउन खुलने के बाद भी हमें इन बातों का ख्याल रखना होगा। 

क्या बढ़ेगा लॉकडाउन

प्रश्न- लोग यह सोच रहे हैं कि ऐसी सतर्कता कब तक रखनी पड़ेगी?

डॉ. शैलेंद्र गोयल के कहा, “इसका कोई निश्चित समय नहीं है। इस संबंध में ऐसा कहना ठीक होगा कि जब तक भारत में कोरोना है और इसके नए मामले आ रहे हैं, तब तक लोगों को पूरी तरह सतर्क रहना ही होगा।

जब सरकार अपनी तरफ से इस बात की घोषणा कर देगी कि अब भारत में कोरोना का कोई मरीज नहीं है। दूसरी एजेंसियां यह पुष्टि कर देंगी कि अब देश में कोरोना एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैल रहा है और महामारी पूरी तरह नियंत्रण में आ गया है और आगे इसके फैलने की कोई संभावना नहीं है, तब लोग थोड़ा रिलेक्स हो सकते हैं।

प्रश्न- क्या लोगों की यह आशंका सही है कि कोरोना का असर सालों तक रहेगा?

डिपार्टमेंट ऑफ रेस्पिरेटरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन के एसोसिएट डायरेक्टर और आईसीयू इंचार्ज ने कहा कि अभी इस सवाल का जवाब देना थोड़ा मुश्किल है। भविष्य में कोरोना का असर निम्न बातों पर निर्भर करेगाः-

  • देश और दुनिया में कब तक इसकी असरदार दवाई या वैक्सीन बन पाती है। 
  • यह भी देखा जाएगा कि बदलते मौसम का कोरोना पर कितना असर होता है। 
  • समाज में इम्यूनिटी विकसित होने से कोरोना की कितनी रोकथाम हो सकती है।
  • जो लोग कोरोना को हराकर ठीक हो चुके हैं, वे दोबारा संक्रमित हो रहे हैं कि नहीं। 
  • ऐसा भी हो सकता है कि यह समस्या कुछ दिनों या महीनों में अपने आप ठीक हो जाए। ऐसा भी हो सकता है कि कोरोना का संक्रमण पूरी तरह खत्म ही न हो।
  • देश में डेंगू, मलेरिया जैसी दूसरी बीमारियां हमेशा कुछ मात्रा में बनी रहती हैं। ऐसे में इस बात की भी पूरी संभावना है कि यह डेंगू, मलेरिया की तरह बनी रहे।

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प्रश्न- अब भी कई लोग हैं, जो संक्रमित हैं और उनको इसके बारे में नहीं पता। ऐसे में क्या कदम उठाने होंगे?

क्रिटिकल केयर में एमडी डॉ. शैलेंद्र गोयल ने कहा कि ऐसे में लोगों को केवल एहतियात बरतना होगा। लोगों को यह मानकर चलना होगा कि सामने वाला व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित है। ऐसा मानकर सभी लोग बताए गए निर्देशों का पालन करें। 

लोगों से मिलें तो दूर से मिलें। हाथ न मिलाएं। लोगों के नजदीक न जाएं। साबुन और सेनिटाइजर से हाथ को साफ करते रहें। यह मानकर चलें कि आप जिससे मिल रहे हैं, वह व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है।

क्या बढ़ेगा लॉकडाउन

प्रश्न- क्या भारत अभी भी थर्ड स्टेज से दूर हैं? 

पूरे देश के परिपेक्ष्य में या लार्ज स्केल में ऐसा नहीं कहा जा सकता, लेकिन कुछ तो ऐसे केस आए हैं, जो कम्यूनिटी ट्रांसफर के संकेत दे रहे हैं।

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प्रश्न- अगर 3 मई के बाद  लॉकडाउन खत्म हो जाता है, तो क्या भारत थर्ड स्टेज में पहुंच सकता है?

डॉ. गोयल ने कहा, “हां, इस बात की पूरी संभावना है कि अगर 3 मई के बाद पूरे देश से लॉकडाउन को हटा लिया जाता है, तो भारत थर्ड स्टेज में पहुंच जाएगा।”

प्रश्न- आपने अब तक कितने कोरोना मरीजों का इलाज किया है?

मेरे हॉस्पिटल में अब तक तीन कोरोना मरीज आए हैं। इनमें से दो लोग स्थानीय थे और एक मुजफ्फरनगर निवासी था। सभी पूरी तरह स्वस्थ हो गए हैं। अच्छी बात तो यह रही कि तीनों ने दूसरे लोगों को संक्रमित नहीं किया।

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प्रश्न- अगर 3 मई के बाद लॉकडाउन खोला जाता है, तो आप लोगों को क्या सलाह देना चाहेंगे?

जेपी हॉस्पिटल के डिपार्टमेंट ऑफ रेस्पिरेटरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन के एसोसिएट डायरेक्टर ने कहा, “मेरी लोगों को यही सलाह है कि लॉकडाउन खुलने का मतलब यह न समझें कि सभी चीजें ठीक हो गई हैं। लॉकडाउन केवल देश के हालात को कुछ ठीक करने के लिए खोला जा सकता है। देश की आर्थिक समस्याओं को सुधारना है। इकोनॉमी को गति देना है। लोगों के जीवन को पटरी पर लाना है। इन समस्याओं को ठीक करने के लिए लॉकडाउन खोला जा रहा है। इसलिए लोग यह समझें कि नोवल कोरोना वायरस का संक्रमण खत्म नहीं हुआ है। लॉकडाउन खुलने के बाद लोगों को पहले से अधिक सावधानी रखनी होगी।”

क्या बढ़ेगा लॉकडाउन

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कोरोना वायरस के बढ़ते मामले से क्या बढ़ेगा लॉकडाउन : हवाई सेवा पर डीजीसीए ने लगाई रोक

जब सरकार ने लॉकडाउन को 14 अप्रैल से 3 मई तक बढ़ाया था, तब लोगों को लग रहा था कि 3 मई के बाद समस्याएं खत्म हो जाएंगी। इसी कारण लोग 4 मई से अपने लिए एयर टिकट कटा रहे थे, लेकिन डीजीसीए ने सर्कुलर जारी करते हुए सभी एयरलाइंस को निर्देश दिया कि वह टिकट की बुकिंग न करें। डीजीसीए ने कहा कि अभी तक 4 मई के बाद से घरेलू या अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने के बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया है। इससे नहीं लगता है कि 3 मई के बाद भी लॉकडाउन खुलेगा। क्या आप अब भी उम्मीद लगा रहे हैं कि बढ़ेगा लॉकडाउन।

हवाई सेवा को लेकर केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के घर बैठक हुई थी, जिसमें इस बात पर संभावना जताई गई कि अगर सरकार लॉकडाउन को आगे बढ़ाने का फैसला लेती है तो हवाई सेवा शुरू करने की तारीक 15 मई की जा सकती है। इस बैठक में हवाई और रेल सेवा के शुरू होने की तारीख निश्चित नहीं हो सकी। इससे भी आप अंदाजा लगा सकते हैं कि 3 मई के बाद देश में क्या होने वाला है।

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कोरोना वायरस के बढ़ते मामले से क्या बढ़ेगा लॉकडाउन : दूसरे राज्यों से बुलाए जा रहे छात्र

इंडिया में लॉकडाउन होने के कारण लोग जहां-तहां फंसे हुए थे, लेकिन अब कुछ छात्रों को राज्य अपने यहां वापस बुला रहे हैं। अपने हाल ही में ऐसी खबर सुनी होगी कि यूपी के 7500 छात्र राजस्थान के कोटा में फंसे हुए थे। यूपी सरकार ने 300 बसों को भेजकर कोटा से छात्रों को वापस बुला लिया।

ऐसी ही खबर एमपी से भी आई है। मध्यप्रदेश के करीब 4000 छात्र कोटा में फंसे हुए थे। इन्हें वापस बुलाने के लिए सरकार ने 155 बसों को भेजा था। इसी तरह दूसरे राज्य भी अपने यहां के नागरिकों को वापस बुला रही है। दूसरे तरफ महाराष्ट्र सरकार ने भी केंद्र सरकार से अपील की है कि दूसरे राज्यों के लोगों को वापस उनके घर भेजा जाए। 

क्या बढ़ेगा लॉकडाउन

इन सारी खबरों के बाद क्या आप अब भी उम्मीद लगा रहे हैं कि बढ़ेगा लॉकडाउन। आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि अगर 3 मई के बाद इंडिया में लॉकडाउन की तारीख नहीं बढ़ाई जानी थी, तो छात्रों को बुलाया ही नहीं जाता।

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कोरोना वायरस के बढ़ते मामले से क्या बढ़ेगा लॉकडाउन : तेलंगना ने 7 मई तक बढ़ाया लॉकडाउन

3 मई के बाद इंडिया में लॉकडाउन की तारीख बढ़ने की संभावना इसलिए भी अधिक है, क्योंकि इसकी पहल तेलंगना सरकार ने पहले ही कर दी है। पूरे देश में भले ही लॉकडाउन 3 मई तक के लिए लगाया गया है, लेकिन तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर ने राज्य में कोरोना महामारी का प्रकोप देखकर इसे 3 मई की जगह 7 मई तक बढ़ा दिया है। ऐसेस में क्या आप अब भी उम्मीद लगा रहे हैं कि बढ़ेगा लॉकडाउन।

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प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की बैठक में हो सकता है फैसला

27 अप्रैल को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बात करने वाले हैं। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए होने वाली इस बैठक में देश में नोवल कोरोना वायरस के फैलाव के साथ-साथ लॉकडाउन के मुद्दे पर बात होगी। कहा जा रहा है कि पीएम मोदी मुख्यमंत्रियों से अपने-अपने राज्यों की फीडबैक तो लेंगे ही, साथ ही लॉकडाउन बढ़ाने को लेकर राज्यों की मंशा भी जानेंगे। इस बैठक के बाद ही आगे की योजना पर विचार किया जाएगा। ऐसे में क्या आप अब भी उम्मीद लगा रहे हैं कि बढ़ेगा लॉकडाउन। 

क्या बढ़ेगा लॉकडाउन

यह सच है कि लॉकडाउन के कारण देश की जनता बेहाल है  और लोगों के मन में आ रहा है कि क्या बढ़ेगा लॉकडाउन, लेकिन यह भी सच है कि इसी लॉकडाउन के कारण लोगों का जीवन भी सुरक्षित है। मजदूर, नौकरी पेशा लोग, व्यापारी सहित अनेक लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि 3 मई के बाद देश से लॉकडाउन हटाया जाएगा, ताकि उनकी जीविका संबंधित परेशनी खत्म हो सके, लेकिन जिस तरह रोजाना देश भर से कोरोना संबंधित बुरी खबर के मिलने, मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि होने की खबरें आ रही हैं। ऐसे में शायद ही सरकार लॉकडाउन हटाने जैसे जोखिम फैसला ले। हां, इस बात की पूरी संभावना है कि कुछ स्थानों से लॉकडाउन को हटा दिया जाए, लेकिन अधिकांश जगहों पर यह बना ही रहेगा। इसलिए क्या बढ़ेगा लॉकडाउन या नहीं बढ़ेगा लॉकडाउन आदि बातों को न सोचें, बल्कि केवल सुरक्षा उपाय करें

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