भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन की जानकारी गलत, जानें क्या है इसका मतलब

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जून 3, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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विश्व के कई देश कोरोना वायरस कंम्युनिटी ट्रांसमिशन का सामना कर रहे हैं, जिसकी वजह से उन्हें इस खतरनाक कोरोना वायरस की बीमारी कोविड- 19 को खत्म करने में काफी मुश्किल हो रही है। इसी वजह से अमेरिका, इटली, फ्रांस जैसे देशों में एडवांस हेल्थ केयर फैसिलिटी होने के बावजूद संक्रमित मरीजों की संख्या में रोजाना बढ़ोतरी होती जा रही है। भारत में भी कम्युनिटी ट्रांसमिशन का दावा किया जा रहा था, लेकिन भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से दिए गए बयान में एक बार फिर साफतौर पर कहा गया कि, भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन का कोई केस सामने नहीं आया है। लेकिन, क्या आपको पता है कि आखिर इस शब्द का मतलब क्या है और भारत को इस बारे में सफाई क्यों देनी पड़ी।

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भारत में कोरोना वायरस का कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं (Coronavirus Community Transmission in India)

10 अप्रैल 2020 यानी शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता के दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी लव अग्रवाल ने एक बार फिर कहा कि, भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन का कोई मामला या सबूत नहीं मिला है। इसलिए ऐसी किसी भी जानकारी पर विश्वास न करें और अगर भारत ट्रांसमिशन की तीसरी स्टेज में पहुंचता है, तो इसकी जानकारी सबसे पहले मंत्रालय खुद लोगों तक पहुंचाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि, गुरुवार को करीब 16,002 लोगों के सैंपल लिए गए, जिसमें से सिर्फ 2 प्रतिशत लोग यानी 320 व्यक्तियों में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया। उन्होंने आगे कहा कि, भारत में इंफेक्शन रेट हाई नहीं है, लेकिन हां तेजी से बढ़ जरूर रहा है।

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कम्युनिटी ट्रांसमिशन पर मंत्रालय को क्यों देनी पड़ी सफाई

भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन की बात आईसीएमआर रिपोर्ट और डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के बाद सामने आने लगी। जिसके बाद मंत्रालय को यह सफाई देनी पड़ी। डब्ल्यूएचओ की किसी सिचुएशन रिपोर्ट में भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन की बात कही गई थी, जिसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी गलती मानते हुए भारत में ‘कलस्टर ऑफ केसेज’ की बात कही। लेकिन, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की जिस रिपोर्ट के आधार पर भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन की बात कही जा रही थी, उसमें किए गए अध्ययनों में 40 प्रतिशत सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इल्नेस (SARI) में कम्युनिटी ट्रांसमिशन की तरफ इशारा किया गया था। इस पर बात करते हुए लव अग्रवाल ने कहा कि, बेशक कुछ प्रतिशत संक्रमित मामलों में ट्रेवल या कॉन्टेक्ट हिस्ट्री के बारे में पता नहीं लगा, लेकिन यह सभी आंकड़े कोरोना वायरस हॉटस्पॉट एरिया से लिए गए थे और लोग आमतौर पर अपने कॉन्टेक्ट से जुड़ी सही जानकारी याद नहीं कर पाते और न दे पाते हैं। यदि भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन के सबूत मिलते हैं, तो इसकी जानकारी हम खुद सबसे पहले देंगे।

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कोविड-19 की ताजा जानकारी
देश: भारत
आंकड़े

1,435,453

कंफर्म केस

917,568

स्वस्थ हुए

32,771

मौत
मैप

क्या है कम्युनिटी ट्रांसमिशन और कलस्टर ऑफ केसेज

कलस्टर ऑफ केसेज (Cluster of Cases) का मतलब है कि, किसी देश या क्षेत्र में रोजाना समूह में संक्रमित मामलों का दर्ज होगा। इसके दूसरी तरफ, कम्युनिटी ट्रांसमिशन का मतलब होता है कि, किसी देश या क्षेत्र में दर्ज किए गए संक्रमित मामलों के ट्रैवल या कॉन्टेक्ट हिस्ट्री जैसे किसी स्त्रोत का पता न चलना। आसान भाषा में समझें, तो जब किसी देश या क्षेत्र में रोजाना मिलने वाले नए संक्रमित मरीजों को इंफेक्शन होने का स्त्रोत नहीं मिल पाता और मामले तेजी से रोजाना दोगुने और तीन गुने होने लगते हैं, तो उसे कम्युनिटी ट्रांसमिशन कहा जाता है।

कोरोना वायरस अपडेट (latest news on corona)

वर्ल्ड ओ मीटर के मुताबिक 11 अप्रैल 2020 को दोपहर 12 बजे तक दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 17,00,007 हो गई है और इस खतरनाक बीमारी से जान गंवाने वालों की तादाद 1,02,751 हो गई है। दुनियाभर में कोरोना वायरस से ठीक होने वाले लोगों की संख्या 3,76,529 पहुंच गई है।

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कोरोना वायरस के भारत में मरीज (How many cases of coronavirus in India?)

भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक 11 अप्रैल 2020 को सुबह 8 बजे तक देश में 6565 कोरोना वायरस इंफेक्शन से संक्रमित मरीजों की पहचान कर ली गई है। जिसमें से 642 का इलाज करने के बाद छुट्टी दे दी गई है, वहीं 239 लोगों की जान जा चुकी है। मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक भारत में संक्रमित मरीजों की सबसे ज्यादा संख्या महाराष्ट्र में हो गई है, जहां 1574 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इसके बाद तमिलनाडु 911 मामले और दिल्ली 903 केस का नंबर आता है।

कम्युनिटी ट्रांसमिशन : डब्ल्यूएचओ के आंकड़े

डब्ल्यूएचओ ने अपनी दैनिक सिचुएशन रिपोर्ट 81 में कोरोना वायरस से जुड़े आंकड़े पेश किए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, 10 अप्रैल 2020 को सुबह 10 बजे तक दुनियाभर में 15,21,252 संक्रमित मरीज पाए जा चुके हैं, जिसमें से 92,798 लोगों की जान जा चुकी है।

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कोरोना वायरस से सावधानी

कोरोना वायरस इंफेक्शन से बचाव के लिए भारत सरकार ने लोगों के लिए कुछ सलाह दी है। लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग  के साथ अगर आप इन एहतियात रूपी सलाह को फॉलो करने से आप कोरोना वायरस संक्रमण से काफी हद तक बच सकते हैं।

  1. अपने दोनों हाथ को साफ रखें
  2. अगर आपको छींक या खांसी आ रही है, तो मुंह और नाक को किसी टिश्यू पेपर या फिर कोहनी को मोड़कर ढकें।
  3. गैर-आवश्यक चीजों के लिए बाहर न जाएं।
  4. अपनी नाक, आंखों और मुंह को बेवजह छूने से बचें।
  5. अगर आपको बुखार, खांसी या सांस लेने में दिक्कत हो रही है, तो जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से मिलें।
  6. भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन न होने देने के लिए अपने डॉक्टर की हर सलाह मानें और पूरी जानकारी प्राप्त करते रहें।
  7. अगर आप मास्क लगा रहे या रही हैं तो सबसे पहले अपने हाथों को एल्कोहॉल बेस्ड सैनिटाइजर या फिर साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं।
  8. मास्क को पीछे से हटाएं और उसे इस्तेमाल करने के बाद आगे से न छूएं।
  9. एक बार इस्तेमाल किए गए मास्क को दोबारा इस्तेमाल न करें।
  10. अपने मुंह और नाक को मास्क से अच्छी तरह कवर करें कि उसमें किसी भी तरह का कोई गैप न रहे।
  11. इस्तेमाल होने के बाद मास्क को तुरंत एक बंद डस्टबिन में फेंक दें।

देश से कोरोना वायरस महामारी को खत्म करने के लिए आपको लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क व पर्सनल हाइजीन जैसे एहतियात का पालन करना होगा। इसके अलावा, सिर्फ सरकार या हेल्थ एक्सपर्ट द्वारा दी गई जानकारी पर ही विश्वास करें। हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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