कोरोना से बचाव के लिए कितना रखें एसी का तापमान, सरकार ने जारी की गाइडलाइन

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जून 3, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए सरकार की तरफ से पूरे देश में लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग लागू की जा चुकी है, जो कि 3 मई तक जारी है। इसके अलावा, भारत सरकार समय-समय पर कोविड- 19 से बचाव और इसे फैलने की हर आशंका को खत्म कर देने के लिए गाइडलाइन और दिशा-निर्देश जारी करती रहती है। जैसा कि, देश में अभी गर्मी का मौसम नजदीक आता जा रहा है, वहीं लोगों में एसी, कूलर और पंखे के इस्तेमाल को लेकर डर, शंका और सवाल बढ़ रहे हैं कि, क्या इनके इस्तेमाल से भी SARS-CoV-2 का खतरा बढ़ सकता है या इससे इस महामारी पर कोई प्रभाव पड़ता है क्या। सरकार ने लोगों के इस डर और सवालों को समझते हुए घरों में कूलर, पंखें और एसी के लिए गाइडलाइन जारी की है।

यह भी पढ़ें: कोरोना के दौरान वर्क फ्रॉम होम करने से बिगड़ सकता है आपका बॉडी पोस्चर, जानें एक्सपर्ट की सलाह

कोरोना से बचाव के लिए सरकार की कूलर, पंखा और एसी के लिए गाइडलाइन

कोरोना वायरस की महामारी के फैलने और गर्मी आने के साथ ही लोगों में कूलर, पंखा और एसी के इस्तेमाल से संबंधित अफवाहें, चिंता और सवाल लोगों के बीच घूम रहे थे। भारत सरकार ने इन सभी चिंताओं, अफवाहों और सवालों पर विराम लगाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन गाइडलाइन में सरकार ने सबसे ज्यादा महत्व घरों में साफ व शुद्ध हवा के प्रवाह को दिया है। यह गाइडलाइन भारत की हीटिंग, रेफ्रिजरेटिंग और एयर कंडीशनिंग इंजीनियर्स सोसाइटी (ISHRAE) की मदद से तैयार की गई है। आइए, जानते हैं कि कूलर, पंखा और एसी के लिए गाइडलाइन के मुताबिक इनका तापमान या स्पीड कितनी रखनी चाहिए।

यह भी पढ़ें: चेहरे के जरिए हो सकता है इंफेक्शन, कोरोना से बचने के लिए चेहरा न छूना

कितने तापमान में कितनी देर जिंदा रहता है कोई वायरस

सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइन में बताया गया है कि, तापमान किसी वायरस के जिंदा रहने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका अपनाता है। गाइडलाइन में बताया गया है कि, कोविड- 19 वायरस को लेकर चीन के 100 शहरों पर हुई स्टडी के मुताबिक, उच्च तापमान (Temperature) व उच्च आर्द्रता (Humidity) में इंफ्लुएंजा के फैलने की रफ्तार कम हो जाती है। वायरल कल्चर मेथड के इस्तेमाल से विभिन्न आरएच लेवल पर हुई स्टडी में सामने आया है कि, 7-8 डिग्री सेल्सियस का तापमान एयरबोर्न इंफ्लुएंजा (Airborne Influenza) के जिंदा रहने के लिए सबसे ज्यादा उचित होता है, वहीं 20.5 से 24 डिग्री सेल्सियस के सामान्य तापमान में उसके फैलने की रफ्तार कम हो जाती है और 30 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान में उसके ट्रांसमिशन की रफ्तार और कम हो जाती है। गाइडलाइन में कुछ हाल ही में हुई स्टडी के हवाला देते हुए बताया गया कि, SARS-CoV-2 यानी कोरोना वायरस 4 डिग्री सेल्सियस के तापमान में सतहों पर 14 दिन तक स्टेबल रह सकता है, वहीं 37 डिग्री सेल्सियस तक 1 दिन और 56 डिग्री सेल्सियस पर 30 मिनट तक जिंदा रह सकता है, जिसके बाद वह निष्क्रिय होने लगता है।

यह भी पढ़ें: सोशल डिस्टेंसिंग को नजरअंदाज करने से भुगतना पड़ेगा खतरनाक अंजाम

कोरोना से बचाव को एसी के लिए गाइडलाइन

कोरोना वायरस या किसी भी वायरस से बचाव के लिए सरकार ने एसी के लिए गाइडलाइन जारी करते हुए कहा है कि, घरों में इस्तेमाल किए जाने वाले एयर कंडीशनर्स को 24-30 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर इस्तेमाल करना चाहिए। इसके साथ ही आर्द्रता (humidity) 40-70 प्रतिशत के बीच होनी चाहिए और कमरे में एसी के साथ कुछ खिड़कियां थोड़ी-सी खोलकर रखनी चाहिए, ताकि प्राकृतिक हवा आती रहे और कमरे के अंदर की हवा साफ व स्वस्थ रहे। इसके साथ ही कोविड- 19 से बचाव के लिए अधिक सावधानी बरतने के लिए एयर कंडीशनर की सर्विस थोड़ी जल्दी करवाई जा सकती है, जिससे किसी भी वायरस के फैलने या उससे संक्रमित होने का खतरा कम हो जाए। इसके अलावा, ताजी हवा के लिए फैन फिल्टर का उपयोग किया जा सकता है, जिससे बाहरी धूल अंदर नहीं आती।

यह भी पढ़ें: क्या हवा से भी फैल सकता है कोरोना वायरस, क्या कहता है WHO

डेजर्ट और इवैपोरेटिव कूलर्स के लिए गाइडलाइन

सरकार की तरफ से कोविड- 19 से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन में घरों में इस्तेमाल होने वाले डेजर्ट व इवैपोरेटिव कूलर्स के इस्तेमाल पर भी सलाह दी है। इसमें बताया गया है कि, डेजर्ट व इवैपोरेटिव कूलर्स में एयर फिल्टर नहीं होते हैं, लेकिन उनके इंस्टॉलेशन के समय या बाद में एयर फिल्टर लगवाया जा सकता है। इस फिल्टर से बाहरी धूल अंदर नहीं आ पाती औऱ अंदर की हवा कीटाणुरहित रहती है। इसके अलावा, कूलर टैंक को कई बार पूरी तरह साफ करके डिसइंफेक्ट करना चाहिए। इसके साथ ही आर्द्र हवा को जाने के लिए कुछ खिड़कियां खुली रहनी चाहिए। पोर्टेबल इवैपोरेटिव कूलर का इस्तेमाल न करने की सलाह दी गई है।

कोविड- 19 से बचाव के लिए पंखों के लिए गाइडलाइन

सरकार के द्वारा कोरोना वायरस से बचाव के लिए पंखों के इस्तेमाल से जुड़ी गाइडलाइन में कहा गया है कि, पंखे चलाने के दौरान खिड़कियों को थोड़ा खुला रखना चाहिए। ताकि बाहर की साफ व ताजी हवा अंदर आ सके। इसके साथ ही आप एक्जॉस्ट फैन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे कमरे के अंदर अच्छा वेंटिलेशन बना रहे।

यह भी पढ़ें: UV LED लाइट सतहों को कर सकती है साफ, कोरोना हो सकता है खत्म

कोविड-19 की ताजा जानकारी
देश: भारत
आंकड़े

1,435,453

कंफर्म केस

917,568

स्वस्थ हुए

32,771

मौत
मैप

कोरोना वायरस से सावधानी

कोविड- 19 इंफेक्शन से बचने के लिए भारत सरकार ने लोगों के लिए कुछ सलाह दी है। सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन के साथ इन एहतियात रूपी सलाह को फॉलो करने से आप कोरोना वायरस संक्रमण से काफी हद तक बच सकते हैं।

  1. अपने हाथों को अच्छी तरह से धोएं।
  2. आंखों, नाक व मुंह को छूने से बचें।
  3. बेवजह लोगों से न मिलें, भीड़ न लगाएं।
  4. खांसते व छींकते समय अपने मुंह और नाक को किसी टिश्यू पेपर या फिर कोहनी को मोड़कर ढकें।
  5. अगर आपको बुखार, खांसी या सांस लेने में दिक्कत हो रही है, तो जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से मिलें।
  6. सरकार की तरफ से एसी के लिए गाइडलाइन के अलावा अपने हेल्थ केयर प्रोवाइडर की हर सलाह मानें और पूरी जानकारी प्राप्त करते रहें।
  7. भारत सरकार का कहना है कि अगर आप मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं तो उससे पहले अपने हाथों को एल्कोहॉल बेस्ड हैंड रब या फिर साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं।
  8. एक बार इस्तेमाल किए गए मास्क को दोबारा इस्तेमाल न करें।
  9. मास्क को पीछे से हटाएं और उसे इस्तेमाल करने के बाद आगे से न छूएं।
  10. इस्तेमाल के बाद मास्क को तुरंत एक बंद डस्टबिन में फेंक दें।
  11. अपने मुंह और नाक को मास्क से अच्छी तरह कवर करें कि उसमें किसी भी तरह का गैप न रहे।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

और पढ़ें :-

कोरोना के दौरान सोशल डिस्टेंस ही सबसे पहला बचाव का तरीका

कोविड-19 है जानलेवा बीमारी लेकिन मरीज के रहते हैं बचने के चांसेज, खेलें क्विज

ताली, थाली, घंटी, शंख की ध्वनि और कोरोना वायरस का क्या कनेक्शन? जानें वाइब्रेशन के फायदे

कोराना के संक्रमण से बचाव के लिए बार-बार हाथ धोना है जरूरी, लेकिन स्किन की करें देखभाल

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

क्या पेंटोप्रोजोल, ओमेप्रोजोल, रैबेप्रोजोल आदि एंटासिड्स से बढ़ सकता है कोविड-19 होने का रिस्क?

पीपीआई यानी प्रोटोन पंप प्रोटोन पंप इंहिबिटर, ऐसी दवाएं जो हार्ट बर्न और एसिडिटी के इलाज में उपयोग की जाती है। अमेरिकन स्टडीज में दावा किया गया है कि इनके उपयोग से कोरोना वायरस का रिस्क बढ़ जाता है।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Manjari Khare
कोविड 19 सावधानियां, कोरोना वायरस सितम्बर 11, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

वर्ल्ड टूरिज्म डे: कोविड-19 के बाद कितना बदल जाएगा यात्रा करना?

कोविड-19 के बाद ट्रैवल करना पहले जितना मजेदार नहीं रहेगा क्योंकि एक तो आपको संक्रमण से बचाव की चिंता लगी रहेगी दूसरी तरफ कई नियमों का पालन भी करना होगा।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Manjari Khare
कोविड-19, कोरोना वायरस सितम्बर 8, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

फिर से खुल रहे हैं स्कूल! जानें COVID-19 के दौरान स्कूल जाने के सेफ्टी टिप्स

COVID-19 के दौरान स्कूल लौटने के लिए सेफ्टी टिप्स in Hindi, school reopen guidelines covid-19 safety tips in Hindi, सेफ्टी टिप्स की गाइडलाइन।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha
कोविड 19 व्यवस्थापन, कोरोना वायरस सितम्बर 8, 2020 . 9 मिनट में पढ़ें

वर्ल्ड पेशेंट सेफ्टी डे: पेशेंट और हेल्थ वर्कर्स की सेफ्टी कैसे है एक दूसरे पर निर्भर?

जानिए विश्व मरीज सुरक्षा दिवस में कोविड-19 के समय कैसे मरीज और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा एक दूसरे से संबंधित है? पेशेंट और हेल्थ वर्कर्स की सेफ्टी ।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Mousumi dutta
हेल्थ टिप्स, स्वस्थ जीवन सितम्बर 3, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

हाथों की सफाई, hand wash

हाथों की स्वच्छता क्यों है जरूरी, जानिए एक्सपर्ट की राय

के द्वारा लिखा गया Bhawana Awasthi
प्रकाशित हुआ अक्टूबर 15, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
हार्ट पर कोविड-19 का प्रभाव, heart issues after recovery from coronavirus

कोविड-19 रिकवरी और हार्ट डिजीज का क्या है संबंध, जानिए एक्सपर्ट की राय

के द्वारा लिखा गया Bhawana Awasthi
प्रकाशित हुआ सितम्बर 24, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
कोविड के बाद फेफड़ों का स्वास्थ्य -corona and lung world lungs day

क्या कोरोना होने के बाद आपके फेफड़ों की सेहत पहले जितनी बेहतर हो सकती है?

के द्वारा लिखा गया Ankita Mishra
प्रकाशित हुआ सितम्बर 22, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें
कोरोना से ठीक होने के बाद के उपाय

कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद ऐसे बढ़ाएं इम्यूनिटी, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताए कुछ आसान उपाय

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
प्रकाशित हुआ सितम्बर 18, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें