दूसरे देशों के मुकाबले भारत में कोरोना वायरस इंफेक्शन फैलने की रफ्तार कम कैसे?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जून 3, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण भारत में लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग को काफी समय से अपनाया जा रहा है। इसके साथ ही, भारत में पिछले एक हफ्ते के दौरान कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की तादाद तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है, जिससे नागरिकों के मन में इस खतरनाक वायरस को लेकर काफी चिंता और घबराहट है। लेकिन, एक खबर अब भी राहत देने वाली है कि विश्व के अन्य विकसित देश जैसे अमेरिका, चीन, इटली के मुकाबले भारत में कोरोना वायरस इंफेक्शन के फैलने की रफ्तार कम और नियंत्रित है। अब आपके मन में भी सवाल आ रहा होगा कि ऐसा क्यों हो रहा है, तो इस आर्टिकल में जानें इसका जवाब।

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कोरोना वायरस इंफेक्शन (Corona virus infection) की रफ्तार भारत में कम

पिछले दिनों भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की तरफ से प्रेसवार्ता रखी गई। जिसमें जॉइंट हेल्थ सेक्रेटरी ने मीडिया को बताया कि, विश्व के अन्य देशों में रोजाना हजारों नए संक्रमित देश और सैकड़ों मृत लोगों के आंकड़े देखने को मिल रहे हैं। जबकि भारत में पुख्ता मरीजों और मृतकों की संख्या काफी कम रही।

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कोरोना वायरस इंफेक्शन की रफ्तार यहां कैसे कम है?

भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में रोजाना दर्ज किए जा रहे कोरोना वायरस के मामले और मौतों का अध्ययन करके यह निष्कर्ष निकाला है कि भारत में कोरोना वायरस इंफेक्शन के फैलने की दर (ट्रांसमिशन रेट) विकसित देशों के मुकाबले काफी कम है। क्योंकि, भारत सरकार द्वारा आंकलन किया गया कि देश में 100 संक्रमित मरीजों से एक हजार संक्रमित मरीज का आंकड़ा पहुंचने में 12 दिन लगे। जबकि, इतने ही समय में विकसित देशों में आंकड़ा, 3,500, 5000, 6000 और यहां तक कि 8000 तक पहुंच गया था। इसके अलावा, भारत में किसी भी देश के मुकाबले जनसंख्या काफी ज्यादा है।

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आखिर इसके पीछे की वजह क्या है

जॉइंट हेल्थ सेक्रेटरी के मुताबिक, कोरोना वायरस इंफेक्शन की धीमी रफ्तार के पीछे देश और सरकार द्वारा बिना देरी किए कोरोना वायरस रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन जैसे मजबूत और प्रभावशाली तरीकों का अपनाना रहा। इसके अलावा, देश के नागरिकों द्वारा मिल रहे सहयोग को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। लेकिन, हमें रोजाना कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ एक नई शुरुआत करनी होती है और इस संक्रमण को खत्म करने के लिए संकल्प और संयम बनाए रखना होगा। क्योंकि, एक भी नागरिक की लापरवाही पूरे देश के प्रयासों को बेकार कर सकती है। इसलिए जबतक कोरोना वायरस इंफेक्शन पूरी तरह देश से खत्म न हो जाए, हमें सावधानी और एहतियात बरतनी होगी। लव अग्रवाल ने कहा कि, भारत ने सुरक्षा एहतियातन कदम उठाने के लिए किसी अंतरराष्ट्रीय संगठन के पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने का इंतजार नहीं किया और डब्ल्यूएचओ के इसे इमरजेंसी घोषित करने से 13 दिन पहले ही हम इसे रोकने का प्रयास करना शुरू कर चुके थे। इस वजह से हम अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में मौजूद हैं। वहीं, दिल्ली की निजामुद्दीन मरकज घटना पर उनका कहना है कि, यह समय गलती ढूंढने का इल्जाम लगाने का नहीं है। बल्कि, महामारी को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास करने का है।

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कोविड-19 की ताजा जानकारी
देश: भारत
आंकड़े

1,435,453

कंफर्म केस

917,568

स्वस्थ हुए

32,771

मौत
मैप

कोरोना वायरस के भारत में मरीज (How many cases of coronavirus in India?)

भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक 9 अप्रेल तक देश में संक्रमितों की संख्या 5 हजार के पार हो चुकी है। इसमें से 178 लोगों की मौत हो चुकी है और 500 से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं।

कोरोना वायरस इंफेक्शन- डब्ल्यूएचओ के आंकड़े

डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस इंफेक्शन पर अपनी दैनिक सिचुएशन रिपोर्ट 71 में कोरोना वायरस से जुड़े आंकड़े पेश किए थे। हालांकि, यह रिपोर्ट पहले रोजाना आती थी, लेकिन संगठन की तरफ से अब एक दिन पहले तक दर्ज किए गए आंकड़ों की जानकारी आती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, 31 मार्च 2020 को सुबह 10 बजे तक दुनियाभर में 7,50,890 संक्रमित मरीज पाए जा चुके थे जो 9 अप्रैल तक 15 लाख तक पहुंच चुके हैं।

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कोरोना वायरस से सावधानी

कोविड-19 के इंफेक्शन से बचने के लिए भारत सरकार ने सभी लोगों के लिए कुछ सलाह दी है। लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ इन एहतियात रूपी सलाह को फॉलो करने से आप कोरोना वायरस के संक्रमण से काफी हद तक बच सकते हैं।

  1. बेवजह कहीं भी न जाएं और न भीड़ लगाएं।
  2. चेहरे को छूने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए बेवजह आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें।
  3. छींकने व खांसने के दौरान हमेशा अपने मुंह और नाक को कोहनी को मोड़कर ढकें या फिर टिश्यू पेपर की मदद लें।
  4. अगर आपको खांसी, बुखार या सांस लेने में समस्या हो रही है, तो जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से मिलें।
  5. हाथों को अच्छे से धोएं
  6. अपने हेल्थ केयर प्रोवाइडर की हर सलाह मानें और पूरी जानकारी प्राप्त करते रहें।
  7. अगर आप मुंह पर मास्क लगा रहे हैं तो उससे पहले अपने हाथों को एल्कोहॉल बेस्ड हैंड रब या फिर साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं।
  8. मास्क से मुंह और नाक को अच्छी तरह ढकें ताकि उसमें किसी भी तरह का गैप न रहे।
  9. मास्क को पीछे से हटाएं और उसे इस्तेमाल करने के बाद आगे से न छूएं।
  10. एक बार इस्तेमाल किए गए मास्क को दोबारा इस्तेमाल न करें।
  11. इस्तेमाल के बाद मास्क को तुरंत एक बंद डस्टबिन में फेंक दें।
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हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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