खुशखबरी! सितंबर में हो सकती हैं कोरोना की छुट्टी

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Update Date जून 24, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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चीन से शुरू हुआ कोरोना वायरस ने विश्वभर में कोहराम मचा रखा है। कुछ एक देश में महामारी पर काबू पा लिया है तो कई देश अभी-भी वायरस की रफ्तार को कम करने में लगे हुए हैं। कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए वैक्सीन तैयार करने में भी कई देश जुटे हैं। आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण से पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा जो देश प्रभावित हुआ है वो है ब्रिटेन। इस देश ने कोरोना वैक्सीन खोज निकालने का दावा किया है। ब्रिटेन की सबसे उन्नत टीमों में से एक प्रमुख वैज्ञानिक के अनुसार, कोरोना वायरस (corona virus) के खिलाफ वैक्सीन सितंबर तक तैयार हो सकती है। ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Britain Oxford University) में वैक्सीनोलॉजी डिपार्टमेंट की प्रोफेसर सारा गिलबर्ट (Sarah Gilbert) ने कोरोना वायरस की वैक्सीन (corona virus vaccine) बनाने का दावा किया है।

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ट्रायल सफल होने की संभावना 80%

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में वैक्सीनोलॉजी की प्रोफेसर सारा गिलबर्ट ने बताया कि उन्हें 80% विश्वास है कि उनके द्वारा बनाई जाने वाली वैक्सीन काम करेगी और यह कोरोना वैक्सीन (corona vaccine) सितंबर तक तैयार हो सकती है। विशेषज्ञों ने बताया है कि किसी भी वैक्सीन को डेवलप करने में आमतौर पर सालों लग जाते हैं। गिलबर्ट ने बताया कि उनकी टीम ChAdOx1 टेक्निक के इस्तेमाल से कोरोना वैक्सीन बनाने में लगे हुए हैं। इसकी एक डोज का उन्होंने परीक्षण भी किया है जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। इस वैक्सीन की एक ही डोज से प्रतिरक्षा प्रणाली में अच्छे बदलाव आ जाते हैं।

बता दें कि ऑक्सफोर्ड की टीम ने अब इस कोरोना वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल भी शुरू कर दिया है साथ में इसकी मैन्युफैक्चरिंग भी जारी है। इस वैक्सीन प्रोजेक्ट के लिए यूनिवर्सिटी को ब्रिटेन गवर्नमेंट से 2 करोड़ पाउंड की फंडिंग भी मिल चुकी है।

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अप्रैल में शुरू हुआ था कोरोना वैक्सीन का ट्रायल

ब्रिटेन सरकार ने यह भी घोषणा की है कि ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित की जा रही इस संभावित कोरोना वायरस वैक्सीन का मानव परीक्षण (human trail) भी शुरू हो गया है। परिणाम इतने अच्छे हैं कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने भी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन का समर्थन किया है, जिसे ‘ChAdOX1’ कहा जाता है।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर कोविड-19 महामारी के लिए तैयार की जा रही वैक्सीन ‘ChAdOx1 nCoV-19’ को तीन महीने में तैयार किया गया है। अप्रैल के आखिर में शुरू हुई संभावित कोरोना वैक्सीन का ट्रायल सबसे पहले बंदरों पर किया गया। कोरोना से संक्रमित बंदरों को यह वैक्सीन दी गई फिर देखा गया कि संक्रमित बंदरों को लंग्स की समस्या से छुटकारा मिल गया था।

कोरोना वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल

जनवरी में शुरू हुई वैक्सीन बनाने की तैयारी, अब टीकों का ह्यूमन ट्रायल भी जारी है। परीक्षणों के पहले चरण में 550 प्रतिभागी शामिल किए गए और उन्हें ChAdOx1 nCoV-19 का टीका लगाया गया। प्रोफेसर गिल्बर्ट ने कहा कि “उन्हें 80 प्रतिशत विश्वास है कि यह काम करेगा क्योंकि इस तकनीक के साथ मैंने बहुत काम किया है, और मैंने MERS (Middle East respiratory syndrome) वैक्सीन परीक्षणों पर काम किया है, और मैंने देखा है कि यह कितना अच्छा काम कर सकता है।”

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कई वैक्सीन पर चल रहा है ट्रायल

दुनिया भर में कोविड-19 से लड़ने के लिए 70 से भी ज्यादा वैक्सीन पर काम जारी हैं। लेकिन, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के द्वारा कोरोना वैक्सीन पर जो काम किया, वह अब तक का सबसे अधिक विश्वसनीय साबित हुआ है। वैक्सीनोलॉजी डिपार्टमेंट की प्रोफेसर सारा गिल्बर्ट (Sarah Gilbert) कहती हैं कि अगर सब कुछ ठीक रहा, तो इस साल सितंबर तक हमें नोवल कोरोना वायरस की वैक्सीन मिल सकती है।

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कोरोना वैक्सीन बनाने में जुटे कई देश

आपको बता दें कि कोरोना वैक्सीन बनाने में यूरोप, चीन और अमेरिका ने भी कई क्लिनिकल ट्रायल शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही दुनियाभर की तमाम बड़ी और फेमस फार्मा कंपनी इस कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लगातर कोशिश कर रही हैं। विश्व के अन्य देशों की तरह ही भारत में भी कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए टीके की मैन्युफैक्चरिंग की जा रही है। भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (BBIL) ने कोरोना वैक्सीन डेवलप करने के लिए इंडियन कॉउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के साथ मिलकर काम करना शुरू कर दिया है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर कोरोना वैक्सीन बनाने की राह पर काम कर रहा है। उम्मीद करते हैं कि संभावित कोरोना वैक्सीन नोवल कोरोना वायरस को खत्म करने में सहायक होगी।

फिलहाल अभी तक नोवल कोरोना वायरस वैक्सीन नहीं बन पाई है। हालांकि, कोरोना के लक्षण को कम करने के लिए संक्रमित मरीजों को कई अन्य दवाओं के जरिए ठीक किया जा रहा है। वायरस की दवा या वैक्सीन बनने में अभी भी काफी समय लग सकता है। तब तक हर एक इंसान को सावधानी रखने की जरूरत है।

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जब तक नहीं मिलती है वैक्सीन, ऐसे करें खुद की सुरक्षा

कोरोना लेटेस्ट अपडेट के हिसाब से दुनियाभर में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या लगभग 9.24 मिलियन है। वहीं भारत में टोटल कंफर्म केस 4.5 लाख से ऊपर हैं। ऐसे में आपको खुद की सेफ्टी का पूरा ध्यान रखना है। जैसे-

  • नियमित समय पर बीच बीच में साबुन से अच्छी तरह से हाथों को धोएं।
  • नाक, आंख और मुंह को बेवजह छूने से बचें।
  • सोशल डिस्टेंसिंग (social distancing) का सख्ती से पालन करें। बेवजह लोगों से न मिलें, भीड़ न लगाएं।
  • छींकते या खांसते समय मुंह और नाक को किसी टिश्यू पेपर से ढकें। इसके बाद टिशू पेपर को तुरंत बंद डस्टबिन में फेंक दें। अगर आप हैंकी का इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसे बीच-बीच में चेंज करें।
  • अगर आपको सांस लेने में दिक्कत, बुखार या खांसी हो रही है, तो जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से मिलें।
  • एक बार उपयोग किए गए मास्क को फिर से इस्तेमाल में लाएं।
  • मास्क उतारने से पहले और बाद में हाथों को एल्कोहॉल बेस्ड हैंड सैनिटाइजर या फिर साबुन से 20 सेकंड तक धोएं।

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