कोरोना वायरस का काम तमाम करेगी यह डिवाइस, जल्द होगी लॉन्च

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अपडेट डेट अगस्त 12, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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विश्व भर के वैज्ञानिक इस समय कोरोना महामारी से छुटकारा पाने के लिए SARS COV 2  वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं। कई वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल भी शुरू हो गया है। लेकिन, अभी भी कोरोना की वैक्सीन मार्केट में आने में एक लंबा समय बाकी है। कुछ साइंटिस्ट का कहना है कि अगले साल की शुरुआत में ही कोरोना की वैक्सीन आ पाएगी। इन सबके बीच खुशी की बात यह है कि भारत के वैज्ञानिको ने एक उपकरण बनाया है। इस डिवाइस से कोरोना वायरस को सर्फेस पर ही खत्म किया जा सकता है। इस डिवाइस को स्केलेन हाइपरचार्ज कोरोना कैनन (साइकोकन) Scalene Hypercharge Corona Canon (Shycocan) के नाम से जाना जा रहा है। “हैलो स्वास्थ्य” के इस आर्टिकल में जानते हैं कि आखिर यह डिवाइस काम कैसे करती है। यह मेडिकल डिवाइस SARS COV 2  वायरस को कैसे बेअसर करती है?

कोरोना वायरस की मेडिकल डिवाइस कैसे काम करती है?

डिवाइस सैकड़ों इलेक्ट्रॉनों को एक साथ एक कमरे या किसी भी इनडोर प्लेस पर भर देती है। जब कोरोना संक्रमित व्यक्ति ऐसी जगह पर आता है और हवा में छींकने और खासने से वायरस हवा में फैलते हैं तो यह डिवाइस वायरस की शक्ति को बेअसर कर देगी। यहां तक कि सरफेस में मौजूद वायरस को भी यह कोरोना वायरस की मेडिकल डिवाइस खत्म कर देगी। नतीजन, सतह या एयरबॉर्न ट्रांसमिशन को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यह डिवाइस केवल कोरोना फैमिली के वायरस को खत्म करेगी। प्रयोगशाला अध्ययन से पता चलता है कि बैक्टीरिया, फंगी या अन्य सूक्ष्मजीव इस टेक्नोलॉजी से बेअसर नहीं होंगे।

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कोरोना वायरस की मेडिकल डिवाइस का डिजाइन एन्वॉयरन्मेंट फ्रेंडली

यह कोरोना वायरस की मेडिकल डिवाइस छोटे ड्रम के शेप की है जिसे पब्लिक प्लेसेस जैसे- होटल्स, एयरपोर्ट, ऑफिस, स्कूल, रेस्ट्रोरेंट्स, मॉल्स और अन्य जगहों पर आसानी से फिक्स किया जा सकता है। इसमें हाई कंसंट्रेशन वाले सेफ इलेक्ट्रॉन्स का इस्तेमाल फोटॉन-मेडिएटेड इलेक्ट्रॉन एमिटर (पीएमईई) के द्वारा किया गया है। इससे कोरोना वायरस में मौजूद स्पाइक प्रोटीन (Spike-Protein) को 99.9 प्रतिशत तक न्यूट्रलाइज किया जा सकता है। इस वजह से इसका एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में ट्रांसमिशन रोकने में मदद मिलेगी। डिवाइस को स्केलेन ने ऐसे डिजाइन किया है कि इससे एन्वॉयरन्मेंट को कोई नुकसान न पहुचें।

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डिवाइस ने पास किए 26 टेस्ट

बैंगलोर के एक मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक रिसर्च यूनिट द्वारा कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए बनाई गई मेडिकल डिवाइस को कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के मामले में यूरोपियन यूनियन (EU) और अमेरिकी फूड एंड ड्रग एसोसिएशन (USFDA) की मंजूरी मिल गई है। बैंगलोर की द स्केलेन (De Scalene) कंपनी के प्रमुख डॉ. राजा विजय कुमार के अनुसार, स्केलेन हाइपरचार्ज कोरोना कैनन (साइकोकन) के 26 तरह के टेस्ट हुए। इन सभी टेस्ट्स में इसकी प्रभावकारिता, सेफ्टी, उसके नेगेटिव इफेक्ट्स, अन्य उपकरणों के साथ इंटरफेरेंस आदि के स्टैंडर्ड पर इस डिवाइस को टेस्ट किया गया था। यह डिवाइस 15 अगस्त को लॉन्च होगी।

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बड़े स्तर पर शुरू होगी मैन्युफैक्चरिंग

यूरोप, मैक्सिको और अमेरिका की कंपनियों ने इस डिवाइस के लाइंसेस के लिए बेंगलुरु की मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक रिसर्च यूनिट से संपर्क किया है। कोरोना वायरस की मेडिकल डिवाइस का उत्पादन बड़े स्तर पर करने के लिए उन्हें मंजूरी भी दे दी गई है। आपको बता दें कि मार्च में इस मेडिकल डिवाइस को टेस्टिंग के लिए अमेरिका के मैरीलेंड भेजा गया था। वहां टेस्टिंग में पता चला कि यह डिवाइस 10000 क्यूबिक मीटर क्षेत्र कवर करता है। इसके अलावा भारत में लगभग नौ कंपनियों ने भी स्केलेन हाइपरचार्ज कोरोना कैनन (साइकोकन) की मैन्युफैक्चरिंग में अपना इंटरेस्ट दिखाया है और तीन कंपनियों ने लाइसेंसिंग एग्रीमेंट साइन किया है।

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तेजी से बढ़ रहा है कोरोना वायरस का ग्राफ

कोरोना वायरस लेटेस्ट अपडेट के अनुसार भारत में एक दिन में कोरोना संक्रमण के 47,703 नए मामले सामने आए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा सुबह आठ बजे जारी किए आंकड़ों की माने तो पिछले 24 घंटे में 654 और लोगों की मौत कोरोना संक्रमण की वजह से हो गई है। इस हिसाब से देश में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की मृत्यु की संख्या बढ़कर 33,425 हो गई है। लगभग पांच लाख लोगों का कोविड-19 का इलाज चल रहा है। आंकड़ों की माने तो इस समय पूरे देश में 14 लाख से भी ऊपर कंफर्म केसेस हैं। हालांकि, 9 लाख लोगों ने कोरोना वायरस को हराकर जिंदगी की जंग जीत ली है।

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कोरोना वायरस का कम्युनिटी स्प्रेड बना बड़ी मुसीबत

जहां एक ओर अनलॉक की प्रक्रियाएं शुरू हो चुकी हैं, वहीं बुरी खबर यह है कि कोरोना का सामुदायिक संक्रमण (community spread) भी शुरू हो गया है। इस बात को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने भी स्वीकार कर लिया है। वायरस का कम्युनिटी स्प्रेड देश में एक भयानक स्थिति पैदा कर सकता है। इसलिए, कोरोना वायरस का कम्युनिटी स्प्रेड रोकना बहुत जरूरी है। इसके लिए इन बातों पर ध्यान दें-

  • जितना ज्यादा हो सकता है घर पर ही रहें। बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।
  • बाहर सोशल डिस्टेंसिंग (social distancing) का ध्यान रखें। दो गज की दूरी सार्वजनिक स्थानों पर बनाए रखें।
  • अगर आप बीमार महसूस करते हैं तो खुद को लोगों से आइसोलेट करें और डॉक्टर से संपर्क करें।
  • एक निश्चित अंतराल पर हाथों को 20 सेकेंड तक धुलें। हैंड सैनिटाइजर को साथ रखें।
  • छींकते या खांसते समय मुंह को ढकें। मास्क का इस्तेमाल करना न भूलें।

जब तक कोरोना वैक्सीन मार्केट में नहीं आ जाती है तब तक याद रखें कि सावधानी ही आपका बचाव है। इसकी रोकथाम के लिए नियमों का पालन करें और लोगों को भी कहें कि सोशल डिस्टेंसिंग और हाइजीन को मेंटेन रखें। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

अगर आप कोरोना वायरस से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइसइलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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