रेड लाइट एरिया को बंद करने से इतने प्रतिशत तक कम हो सकते हैं कोरोना के मामले, स्टडी में बात आई सामने

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Update Date मई 25, 2020
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देश लॉकडाउन 4.0 की तरफ बढ़ चुका है। पिछले लॉकडाउन के मुकाबले चौथें लॉकडाउन में ढील की बात भी सामने आ चुकी है। यानी चौथें लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग और हाइजीन का ख्याल रखते हुए जिंदगी को फिर से पटरी पर लाने की बात पर जोर दिया जा रहा है। हाल ही में एक स्टडी में ये बात सामने आई है कि भारत में लॉकडाउन 4.0 के बाद 72% कोरोना वायरस के कमी देखी जा सकती है अगर रेड लाइट एरिया को बंद कर दिया जाए। रेड लाइट एरिया में सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेन करना पॉसिबल नहीं है। ये स्टडी येल स्कूल ऑफ मेडिसिन और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में की गई है। स्टडी का टाइटल ‘Modelling the Effect of Continued Closure of Red-Light Areas on COVID-19 Transmission in India’.रखा गया। इस स्टडी में भारत की पांच शहरों मुंबई, नागपुर, दिल्ली, कोलकाता और पूणे को शामिल किया गया।

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रेड लाइट एरिया से कोविड की रोकथाम : डेथ रेट भी होगा कम

येल स्कूल ऑफ मेडिसिन और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में की गई स्टडी में कुछ मुख्य बिंदु सामने आए है। आपको बताते चले कि कोरोना महामारी खांसी और छींक के दौरान वातावरण में फैले ड्रॉपलेट के कारण फैलती है। स्वस्थ्य व्यक्ति ने अगर कोरोना से सावधानी नहीं बरती है तो वो आसानी से कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकता है। स्टडी के दौरान कुछ मुख्य बिंदु सामने आए हैं।

  • रेड लाइट एरिया के पूरी तरह से बंद होने पर 45 दिनों में कोरोना वायरस के 72% केस को कम किया जा सकता है।
  • भारत में कोविड-19 के केस तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में इस कदम से 17 दिनों की देरी हो जाएगी जिससे लोगों को अधिक समय मिल जाएगा।
  • इस कदम की सहायता से रेड लाइट एरिया से कोविड की रोकथाम के साथ ही डेथ रेट यानी मृत्युदर में 63 प्रतिशत की कमी हो जाएगी।

रेड लाइट एरिया से कोविड की रोकथाम: लॉकडाउन के बाद बंद रहे रेड लाइट एरिया

रेड लाइट एरिया को कुछ समय तक बंद रखा जाता है तो कोरोना के मामलों में कई प्रतिशत की कमी हो सकती है। यानी कोरोना का जोखिम कम हो सकता है। स्टडी में इस बात पर जोर दिया गया कि कोरोना की वैक्सीन बनने तक रेड लाइट एरिया को बंद रखने से संक्रमण को काफी हद तक कम किया जा सकता है। येल स्कूल ऑफ मेडिसिन की रिचर्स को भारत सरकार के साथ ही राज्य के साथ ही साझा किया गया और सिफारिश की गई कि रेड लाइट एरिया को बंद कर कोविड-19 के चरम में पहुंचने की समय-सीमा को बढ़ाया जा सकता है। स्टडी में ये बात कही गई कि लॉकडाउन के समाप्त हो जाने के बाद 60 दिनों तक रेड लाइट एरिया को बंद रखा जाए। इस कदम से संक्रमण की मृत्युदर को 63% तक कम किया जा सकता है।

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रेड लाइट एरिया संक्रमण के दौरान क्यों है खतरनाक ?

आप सभी को पता होगा कि एड्स की बीमारी से बचने के लिए सेक्स के दौरान सुरक्षा बहुत जरूरी है। ठीक उसी प्रकार कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग बहुत जरूरी है। रेड लाइट एरिया को अगर चालू कर दिया जाता है तो सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेन करना मुमकिन नहीं हो पाएगा। अगर रेड लाइट एरिया फिर से चालू कर दिया जाता है तो किसी एक व्यक्ति को कोराना संक्रमण होने पर ये तेजी से फैलेगा और एरिया कोरोना का हॉट स्पॉट बन जाएगा। नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (NACO) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 6,37,500 सेक्स वर्कर हैं और रोजाना करीब पांच लाख से ज्यादा लोग रेड लाइट एरिया में विजिट करते हैं। यानी बड़ी संख्या में संक्रमण का खतरा हो सकता है।

रेड लाइट एरिया से कोविड की रोकथाम: इस कदम से कोविड-19 के चरम में पहुंचने में होगी इतनी देरी

भारत के पांच बड़े शहरों में प्रकाश डालती इस रिपोर्ट में बताया गया है कि इन शहरों में बड़ी संख्या में सेक्स वर्कर हैं। स्टडी के दौरान ये बात कहीं गई है कि अगर रेड लाइट एरिया को कुछ दिन बंद रखा जाए तो मुंबई में कोराना का चरम 12 दिन, दिल्ली में 17 दिन, पुणे में 29 दिन देरी से आएगा। वहीं नागपुर में 30 दिन और कोलकाता में 36 दिन की देरी से कोरोना के मामलों में बढ़ोत्तरी होगी। मुंबई में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में 21%, पूणे में 27%,नागपुर में 56% दिल्ली में 31% और कोलकाता में 66% की दर से कमी दर्ज की जा सकती है। ये नंबर प्रीवलेंट रिप्रोडक्शन नंबर पर आधारित है। ये विभिन्न स्थानों के साथ बदल भी सकता है।

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लोगों का व्यवहार निंयत्रित करेगा कोरोना के मामलें

येल स्कूल ऑफ मेडिसिन में बायोस्टैटिस्टिक्स के प्रोफेसर, डॉ. जेफरी टाउनसेंड ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हमारी स्टडी इस बात पर निर्भर करती है कि भारत में लोग लॉकडाउन से बाद कैसा व्यवहार करेंगे। अगर लोग लॉकडाउन के बाद सावधानी रखते हैं तो कोरोना के संक्रमण में कमी आएगी और अगर ऐसा नहीं होता है तो यकीनन कोविड-19 के मामलों में तेजी से वृद्दि हो सकती है। भविष्य में क्या होगा, इस बात का अनुमान स्टडी में लगाया गया है। स्टडी में जो अहम बात है, वो ये है कि रेड लाइट एरिया से कोविड की रोकथाम की जा सकती है। अगर रेड लाइट एरिया को कुछ समय तक बंद रखा जाता है तो इसके पॉजिटिव रिजल्ट सामने आएंगे।

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इस स्टडी को विशेषतौर पर भारत और उसके राज्यों के लिए तैयार किया गया है। भारत के कुछ राज्यों में अधिक संख्या में सेक्स वर्कर हैं। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, नई दिल्ली, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और केरल में कोरोना के अधिक मामलें हैं। इस स्टडी को येल यूनिवर्सीटी के प्रोफेसर जेफरी टाउनसेंड(Department of Ecology and Evolutionary Biology),प्रो. एलिसन गैलवानी(Director, Center for Infectious Disease Modelling & Analysis),डॉ. सुधाकर नूती ( Department of Medicine, Massachusetts General Hospital and Harvard Medical School) ने मिलकर तैयार किया है।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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