सोशल डिस्टेंसिंग को नजरअंदाज करने से भुगतना पड़ेगा खतरनाक अंजाम

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जून 3, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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दुनिया के सभी डॉक्टर और विशेषज्ञ द्वारा कोरोना वायरस से बचाव (Coronavirus Precaution) के लिए सोशल डिस्टेंसिंग को प्रमुख रास्ता बताया गया है। लेकिन, भारत समेत कई देशों के नागरिक सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर गंभीर नहीं हो रहे हैं और लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान भी नियमों का सख्ती से पालन नहीं कर रहे हैं। जिस वजह से कोरोना वायरस के नतीजे और मामले काफी चिंताजनक और विनाशकारी हो सकते हैं। दिल्ली के निजामुद्दीन (Nizamuddin) एरिया में हुए धार्मिक आयोजन की वजह से कोरोना वायरस के कई मामले मिलने से हड़कंप मच गया है और लोगों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) को नजरअंदाज करने के मामले भी सामने आ रहे हैं। लेकिन आपको बता दें कि, कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने और इसे खत्म करने के लिए अभी तक सोशल डिस्टेंसिंग ही एकमात्र और प्रभावशाली उपाय है।

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सोशल डिस्टेंसिंग को भूलकर किया निजामुद्दीन मरकज (Nizamuddin Markaz) में लोगों की भीड़

देश में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का आदेश कई दिनों पहले दे दिया गया था और 24 तारीख को पीएम मोदी ने पूरे देश में कंप्लीट लॉकडाउन का फैसला दे दिया था। लेकिन, इन फैसलों के बाद भी निजामुद्दीन मरकज (Nizamuddin Markaz) में तबलीगी जमात के कई लोगों ने धार्मिक आयोजन किया। जिसमें एक अनुमान के मुताबिक 1500 से 1700 लोग जमा हुए, जिसमें सैकड़ों की तादाद में विदेशी लोग भी थे। कंप्लीट लॉकडाउन से पहले कई लोग इस मरकज से देश के विभिन्न हिस्सों तक गए। मरकज में इकट्ठा और शामिल हुए 24 लोगों की कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी है और कार्यक्रम में आए तेलंगाना के 6 लोग और श्रीनगर के एक मौलवी की मौत हो चुकी है। कार्यक्रम में शामिल हुए 16 देशों से आए करीब 300 विदेशियों को वीजा नियमों का उल्लंघन करने पर ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि, मरकज में मौजूद 300 लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जबकि 700 लोगों को क्वारेंटाइन सेंटर भेज दिया गया है।

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नवरात्रि (Navratri) के दौरान भी सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distance during Navratri) को नजरअंदाज करने का खतरा

पूरे देश में इस समय नवरात्रि का समय चल रहा है। नवरात्रि के आखिरी दिन जागरण, भंडारा और कन्याओं को खिलाने का चलन है। इस चीज को देखते हुए नवरात्रि के दौरान भी लोगों का सोशल डिस्टेंसिंग को नजरअंदाज करके इकट्ठा या धार्मिक कार्यक्रम करने की आशंका बनी हुई है, जो कि काफी खतरनाक हो सकता है। क्योंकि, बड़े पैमाने पर बच्चों के एक दूसरे के घर जाने और लोगों के मिलने से कोरोना वायरस और फैल सकता है। इसलिए हमारी आपको सलाह है कि चाहे कुछ भी हो जाए, लेकिन घर से बाहर न ही निकलें और लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करें।

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क्या है सोशल डिस्टेंसिंग

आसान शब्दों में सोशल डिस्टेंसिंग का मतलब है कि, लोगों से दूर रहना और अपने घर में ही रहना। जिसमें आपको अपने घर में घरवालों के साथ रहना होता है और आपको किसी जानकार या पड़ोसी के घर जाने या उनके आपके घर आने की अनुमति नहीं होती। यह लोगों के बीच संपर्क को कम करने के लिए उपयोग में लाया जाता है और आपको पता ही होगा कि कोरोना वायरस लोगों के संपर्क में आने से फैलता है। इसलिए, कोरोना वायरस को खत्म करने और फैलने से रोकने के लिए सोशल डिस्टेंस काफी मददगार होगा।

सोशल डिस्टेंस में ध्यान रखें ये बातें

  1. सोशल डिस्टेंस आने वाले कुछ हफ्तों या समय तक बनाए रखना होगा। जबतक कि महामारी की स्थिति नियंत्रित नहीं हो जाती।
  2. सोशल डिस्टेंसिंग में सभी स्कूल, कॉलेज, प्राइवेट ऑफिस, दुकान, पब, रेस्टॉरेंट, थियेटर आदि बंद रहते हैं।
  3. आपको घर में रहना होता है और आप बेवजह घर से बाहर मार्केट, गली, मौहल्ले या किसी भी जगह नहीं जा सकते।
  4. घर का या खाने-पीने का जरूरी सामान खरीदना जैसी बहुत ही आवश्यक और इमरजेंसी स्थिति में आप घर से बाहर जा सकते हैं। लेकिन, आपको बाहर दूसरे व्यक्तियों से कम से कम 1 से 2 मीटर की दूरी रखना आवश्यक है।
  5. बाहर जाने पर मास्क, सैनिटाइजर या हाथ को साफ करने जैसी जरूरी एहतियात को बरतें।
  6. सोशल डिस्टेंसिंग की स्थिति में सीनियर सिटीजन और बच्चों को बिल्कुल घर से बाहर नहीं निकलना होता। क्योंकि, उनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है और वायरस से संक्रमित होने का खतरा रहता है।
  7. अगर संभव है, कंपनियां कर्मचारियों को घर से ही कार्य करने के लिए कहें अथवा प्राइवेट कंपनियां नागरिकों को अवकाश प्रदान करें।
  8. बहुत ही जरूरी स्थितियों में प्राइवेट कंपनियां कर्मचारियों के आने की संख्या को निर्धारित करें, ताकि भीड़भाड़ या संक्रमण के खतरे से बचा जा सके।
  9. सोशल डिस्टेंस के दायरे में सार्वजनिक सेवा प्रदान करने वाले, आवश्यक सेवा, पुलिस, डॉक्टर, मीडियाकर्मी, डिलीवरी मैन आदि नहीं आते। हालांकि, उन्हें भी कोरोना वायरस से बचाव के लिए जरूरी एहतियात बरतनी चाहिए और यात्रा करने से बचना चाहिए।

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कोरोना वायरस अपडेट (latest news on corona)

सोशल डिस्टेंसिंग से अलग जानते हैं कि कोरोना वायरस से जुड़े आंकड़े कहां तक पहुंच गए हैं। वर्ल्ड ओ मीटर के मुताबिक 31 मार्च 2020 को दोपहर 3 बजे तक दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 7,87,438 हो गई है और इस खतरनाक बीमारी से जान गंवाने वालों की तादाद 37,846 हो गई है। दुनियाभर में कोरोना वायरस से ठीक होने वाले लोगों की संख्या 1,65,938 पहुंच गई है। इसके अलावा, अमेरिका 1,64,359 मरीजों के साथ सबसे ज्यादा संक्रमित मरीज वाला देश बन गया है। जिसके बाद इटली, स्पेन और चीन का नंबर आता है।

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कोरोना वायरस से सावधानी

भारत सरकार ने लोगों के लिए कुछ सलाह दी है। इन एहतियात रूपी सलाह को फॉलो करने से आप कोरोना वायरस संक्रमण से काफी हद तक बच सकते हैं।

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