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बैकग्राउंड रेटिनोपैथी: क्या आप जानते हैं डायबिटीज के इस कॉम्प्लिकेशन के बारे में?

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. हेमाक्षी जत्तानी · डेंटिस्ट्री · Consultant Orthodontist


Manjari Khare द्वारा लिखित · अपडेटेड 09/12/2021

बैकग्राउंड रेटिनोपैथी: क्या आप जानते हैं डायबिटीज के इस कॉम्प्लिकेशन के बारे में?

बैकग्राउंड रेटिनोपैथी को नॉन प्रोलिफरेटिव डायबिटिक रेटिनोपैथी (Nonproliferative diabetic retinopathy) भी कहा जाता है। यह रेटिनल डैमेज (Retinal damage) की अर्ली स्टेज है। डायबिटीज और बैकग्राउंड रेटिनोपैथी (Diabetes and Background Retinopathy) आपस में कनेक्टेड हैं क्योंकि यह डैमेज तब होता है जब डायबिटीज के चलते रेटिना (Retina) की ब्लड वेसल्स डैमेज हो जाती हैं। रेटिना आंख के लिए फिल्म की तरह काम करती है। यह सामने आने वाली इमेजेस को कैप्चर करती है और उन्हें ब्रेन तक भेजती है। डैमेज होने वाली ब्लड वेसल्स से लीक होने वाला फ्लूइड रेटिना की सूजन का कारण बनता है। जो आगे चलकर विजन लॉस का कारण बन सकता है। अगर बैकग्राउंड रेटिनोपैथी का इलाज नहीं किया जाए तो यह लॉन्ग टर्म विजन लॉस (Vision loss) का कारण बन सकती है।

अगर आपको बैकग्राउंड रेटिनोपैथी डायग्नोस हुई है, तो डॉक्टर इस बात का ध्यान रखेंगे कि यह रेटिनोपैथी की तरफ प्रोग्रेस ना करे। साथ ही वे उचित ट्रीटमेंट रिकमंड करेंगे। इस आर्टिकल में डायबिटीज और बैकग्राउंड रेटिनोपैथी (Diabetes and Background Retinopathy) के कनेक्शन के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है।

डायबिटीज और बैकग्राउंड रेटिनोपैथी (Diabetes and Background Retinopathy)

डायबिटीज और बैकग्राउंड रेटिनोपैथी (Diabetes and Background Retinopathy) का कनेक्शन इसलिए है क्योंकि डायबिटीज (Diabetes) के कारण ब्लड शुगर के अत्यधिक बढ़ने से छोटी ब्लड वेसल्स जो रेटिना को पोषण प्रदान करती हैं उनमें ब्लॉकेज आ जाता है। जिससे ब्लड की सप्लाई बंद हो जाती है। जिसके परिणामस्वरूप आंख नई ब्लड वेसल्स को विकसित करने का प्रयास करती है, लेकिन ये ब्लड वेसल्स ठीक से विकसित नहीं होती हैं और आसानी से लीक हो सकती हैं।

बेकग्राउंड रेटिनोपैथी (Background Retinopathy) में नई ब्लड वेसल्स ग्रो नहीं करती। ब्लड वेसल्स की दीवारें कमजोर हो जाती हैं। छोटी ब्लड वेसल्स में छोटे-छोट उभार हो जाते हैं, कभी-कभी रेटिना में फ्लूइड और ब्लड का रिसाव होता है। बडी रेटिनल वेसल्स डायलेट होना शुरू हो सकती हैं और उनका आकार बिगड़ सकता है। बैकग्राउंड रेटिनोपैथी माइल्ड से सीवियर तक बढ़ सकती है क्योंकि अधिक ब्लड वेसल्स ब्लॉक हो जाती हैं। कभी-कभी रेटिनल ब्लड वेसल्स में डैमेज के कारण रेटिना के मध्य में एडिमा का निमार्ण होता है। यदि इससे विजन लॉस होता है, तो परमानेंट विजन लॉस को रोकने के लिए ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ सकती है।

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बैकग्राउंड रेटिनोपैथी (Background Retinopathy) डायग्नोस होने पर क्या करें?

डायबिटीज और बैकग्राउंड रेटिनोपैथी (Diabetes and Background Retinopathy) का कनेक्शन कॉमन है। यह डायबिटीज का एक कॉम्प्लिकेशन है और हमेशा यह इस बात का संकेत नहीं होता कि डायबिटीज को अच्छी तरह कंट्रोल नहीं किया जा रहा है। यदि बैकग्राउंड रेटिनोपैथी के बारे में पता चलता है, तो यह इस बात का अर्ली साइन है कि डायबिटीज आंखों की स्माल ब्लड वेसल्स (Blood vessels) को डैमेज करने का कारण बन रही है। इसकी वजह से तुरंत साइट प्रॉब्लम्स नहीं होती हैं, लेकिन इसका मतलब ये जरूर है कि रेटिनोपैथी डेवलप हो सकती है। इसलिए डायग्नोस होने के बाद तुरंत और सही ट्रीटमेंट लें ताकि किसी भी प्रकार की दृष्टि से संबंधित परेशानियों से बचा जा सके।

बैकग्राउंड रेटिनोपैथी के लक्षण क्या हैं? (Background Retinopathy Symptoms)

बैकग्राउंड रेटिनोपैथी के संकेत रेटिनल स्क्रीनिंग के जरिए ही दिखाई देते हैं जिसमें रेटिना का फोटोग्राफ लेना चाहिए। रेटिनोपैथी के कुछ फॉर्म डायबिटीज के मरीजों में कॉमन हैं। 2002 में इंग्लैंड के रॉयल लिवरपूल यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ने टाइप 1 डायबिटीज के 831 पेशेंट और टाइप 2 डायबिटीज के 7231 लोगों को रिव्यू किया था। जिसमें टाइप 1 डायबिटीज (Type 1 diabetes) से पीड़ित 45.7% लोगों में रेटिनोपैथी का कोई ना कोई रूप था। वहीं टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) से पीड़ित 25.3% लोगों में रेटिनोपैथी का कोई ना कोई रूप पाया गया था।

यहां पर ध्यान देने वाली बात ये है कि लंबे समय टाइप 1 डायबिटीज का सामना कर रहे लोगों में टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों की तुलना में रेटिनोपैथी से प्रभावित होने की संभावना अधिक होती है। यानी टाइप 1 डायबिटीज और बैकग्राउंड रेटिनोपैथी (Diabetes and Background Retinopathy) का कनेक्शन गहरा है।

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बैकग्राउंड रेटिनोपैथी के रिस्क फैक्टर्स क्या हैं? (Background Retinopathy Risk factors)

जिस किसी को भी डायबिटीज है, उसे बैकग्राउंड रेटिनोपैथी या डायबिटिक रेटिनोपैथी की समस्या हो सकती है। डायबिटीज और बैकग्राउंड रेटिनोपैथी के कनेक्शन के अलावा निम्न कंडिशन के चलते भी यह समस्या हो सकती है।

डायबिटीज और बैकग्राउंड रेटिनोपैथी (Diabetes and Background Retinopathy)

डायबिटीज और बैकग्राउंड रेटिनोपैथी (Background Retinopathy) से बचने के लिए क्या करें?

आप डायबिटिक रेटिनोपैथी को हमेशा रोक नहीं सकते। हालांकि, नियमित रूप से आंखों की जांच, ब्लड शुगर (Blood sugar) और ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) का कंट्रोल, दृष्टि समस्याओं के शुरुआत में ही इन पर ध्यान देकर विजन लॉस को रोका जा सकता है। यदि आपको डायबिटीज है, तो निम्न कार्य करके डायबिटीज और बैकग्राउंड रेटिनोपैथी (Diabetes and Background Retinopathy) के कनेक्शन को खत्म कर सकते हैं।

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डायबिटीज और ब्लड शुगर के लेवल को मैनेज करें (Manage diabetes and blood sugar level)

हेल्दी फूड और फिजिकल एक्टिविटीज को अपने रूटीन का हिस्सा बनाएं। इसे डायबिटीज और ब्लड शुगर के लेवल को मैनेज करने में मदद मिलेगी। हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट की मीडियम एरोबिक एक्सरसाइज करने की कोशिश करें, जैसे पैदल चलना, जॉगिंग या स्विमिंग। इस बारे में डॉक्टर की सलाह भी ले सकते हैं। अपने ब्लड शुगर के लेवल (Blood sugar level) को मॉनिटर करें। आपको ब्लड शुगर लेवल को दिन में कई बार जांचना और रिकॉर्ड करना पड़ सकता है। अपने डॉक्टर से पूछें कि आपको कितनी बार अपने रक्त शर्करा का परीक्षण करने की आवश्यकता है। डॉक्टर के निर्देश के अनुसार डायबिटीज की दवाएं या इंसुलिन लें।

ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन टेस्ट (Glycosylated hemoglobin test) के बारे में डॉक्टर से जानकारी प्राप्त करें । ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन टेस्ट, या हीमोग्लोबिन A1C परीक्षण, टेस्ट से पहले दो से तीन महीने की अवधि के लिए औसत ब्लड शुगर लेवल के बारे में बताता है।

डायबिटीज और बैकग्राउंड रेटिनोपैथी: अपने ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) और कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) को कंट्रोल में रखें

डायबिटीज रेटिनोपैथी से बचने के लिए इन दोनों का कंट्रोल में रहना जरूरी है। हेल्दी फूड, रेगुलर एक्सरसाइज करने और अतिरिक्त वजन कम करने से इसमें मदद मिल सकती है। कभी-कभी डॉक्टर इसके लिए दवा भी रिकमंड कर सकते हैं। इस बारे में डॉक्टर से सलाह लें। किसी भी दवा का उपयोग डॉक्टर की सलाह के बिना ना करें।

 स्मोकिंग छोड़ दें (Quit smoking)

यदि आप धुम्रपान (Smoking) करते हैं या अन्य प्रकार के तंबाकू का उपयोग करते हैं, तो अपने डॉक्टर की मदद से इसे छोड़ने का प्रयास करें। धुम्रपान डायबिटिक रेटिनोपैथी सहित अन्य डायबिटीज कॉम्प्लिकेशन्स के रिस्क को बढ़ाता है। विजन चेंजेस पर ध्यान दें। यदि विजन में किसी प्रकार का बदलाव नजर आता है या धब्बेदार या धुंधला दिखाई देता है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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उम्मीद करते हैं कि आपको डायबिटीज और बैकग्राउंड रेटिनोपैथी (Diabetes and Background Retinopathy) संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में डायबिटीज और बैकग्राउंड रेटिनोपैथी को लेकर अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

डिस्क्लेमर

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