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डायबिटीज के पेशेंट को हो जाए समस्या, तो ऐसे दिया जाता है फर्स्ट एड!

डायबिटीज के पेशेंट को हो जाए समस्या, तो ऐसे दिया जाता है फर्स्ट एड!

डायबिटीज एक मेडिकल कंडीशन है, जिसमें व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल प्रभावित होता है। आमतौर पर स्वस्थ व्यक्ति जो भी खाएं, शरीर में ब्लड शुगर लेवल मेंटेन रहता है। इंसुलिन हॉर्मोन ब्लड शुगर लेवल को मेंटेन रखने का काम करता है। अगर शरीर में इंसुलिन प्रोडक्शन में किसी प्रकार की समस्या हो जाती है, तो ब्लड में शुगर लेवल भी मेंटेन नहीं रह पाता है और व्यक्ति को डायबिटीज की समस्या का सामना करना पड़ता है। ब्लड में शुगर लेवल को मेंटेन रखने के लिए खानपान में ध्यान देने की जरूरत पड़ती है। डायबिटीज के कारण व्यक्ति को फर्स्ट एड इमेरजेंसी की भी जरूरत पड़ सकती है। आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको डायबिटीज पेशेंट के लिए फर्स्ट एड (First aid for diabetic emergency) के बारे में जानकारी देंगे और इससे जुड़ी अहम बातें भी बताएंगे।

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डायबिटीज पेशेंट के लिए फर्स्ट एड (First aid for diabetic emergency)

डायबिटीज पेशेंट के लिए फर्स्ट एड

डायबिटीज पेशेंट को डायबिटीज इमरजेंसी की जरूरत कभी भी पड़ सकती है। ऐसे में पेशेंट के साथ ही घर के सदस्यों को भी डायबिटीज पेशेंट के लिए फर्स्ट एड (First aid for diabetic emergency) के बारे में जानकारी होना जरूरी है। डायबिटीज पेशेंट को अचानक से भूख लगना, त्वचा में चिपचिपापन आ जाना, पसीना आना ( Sweat), भ्रम की स्थिति पैदा हो जाना, कमजोरी का एहसास या फिर अचानक से बेहोश हो जाना, अचानक से रिस्पॉन्स देना बंद कर देना आदि डायबिटिक इमरजेंसी (Diabetic emergency) हो सकती है। ऐसे में पेशेंट का ध्यान रखना और उसे अहम चीजें मुहैया करना जरूरी हो जाता है। अगर ऐसा न किया जाए, तो पेशेंट को अधिक समस्या का सामना करना पड़ सकता है। डायबिटिक इमरजेंसी (Diabetic emergency) में पेशेंट का ब्लड शुगर लेवल अचानक से गिरने लगता है। इस कंडीशन को हायपोग्लाइसेमिया कहा जाता है। ऐसा उन लोगों के साथ होने की अधिक संभावना होती है, जो लोग खाना मिस कर देते हैं या फिर एक्सरसाइज अधिक कर लेते हैं। अगर डायबिटीज का ट्रीटमेंट न कराया जाए, तो डायबिटिक इमरजेंसी (Diabetic emergency) अधिक गंभीर रूप ले सकती है। आइए जानते हैं कि कैसे ब्लड शुगर लेवल के कम होने या फिर ज्यादा होने पर फर्स्ट एड अपनाना चाहिए।

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जानिए हायपोग्लाइसेमिया (Hypoglycemia) की स्थिति में क्या करें?

हायपोग्लासेमिया SPELL CHECK PLEASE (Hypoglycemia) लो ब्लड शुगर लेवल की कंडीशन है। इस कंडीशन में अधिक मात्रा में इंसुलिन का प्रोडक्शन (Production of insulin) होता है। इस स्थिति को इंसुलिन शॉक (Insulin shock) के नाम से भी जाना जाता है। टाइप 1 डायबिटीज (Type 1 diabetes) से पीड़ित लोगों में ये स्थिति आम होती है लेकिन टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 diabetes) को भी इस कंडीशन से गुजरना पड़ सकता है। ऐसा कुछ परिस्थितियों में हो सकता है जैसे कि खाना न खाना, जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करना, एल्कोहॉल का सेवन, इंसुलिन की अधिक मात्रा लेना आदि हायपोग्लाइसेमिया (Hypoglycemia) के कारण हो सकते हैं। ऐसे में डायबिटीज पेशेंट के लिए फर्स्ट एड (First aid for diabetic emergency) जरूरी हो जाता है।

अगर पेशेंट को हायपोग्लासेमिया (Hypoglycemia) कंडीशन के बारे में जानकारी मिल जाती है या फिर लक्षणों से पता चल जाता है, तो पेशेंट को ब्लड शुगर लेवल (Blood sugar level) को मेंटेन करने के लिए उपाय करने चाहिए वरना दौरे या फिर डायबिटिक कॉमा (Diabetic coma) की कंडीशन पैदा हो सकती है। डायबिटीज पेशेंट के लिए फर्स्ट एड (First aid for diabetic emergency) के तौर पर सबसे पहले ब्लड शुगर लेवल (Blood sugar level) को चेक करना चाहिए और फिर 15/15 रूल को फॉलो करना चाहिए। पेशेंट को 15 ग्राम फास्ट एक्टिंग कार्ब (3-4 ग्लूकोज टैबलेट या जैल, 4 औंस फ्रूट जूस या रेगुलर सोडा, या एक बड़ा चम्मच शहद या चीनी) लेना चाहिए। आपको डायबिटीज पेशेंट (Diabetic patient) के आसपास ऐसी चीजों को रखना चाहिए, ताकि वो जरूरत पड़ने पर उसका सेवन कर सकें। 15 मिनट बाद तक पेशेंट को बेहतर महसूस होगा। अगर फिर भी पेशेंट को बेहतर महसूस न हो, तो कार्ब की मात्रा को बढ़ा देना चाहिए। आपको ऐसे में डॉक्टर से भी जानकारी लेनी चाहिए। जब पेशेंट हायपोग्लाइसीमिया की कंडीशन से बाहर निकले, तो उसे खाने के लिए न दें। अगर आपको जानकारी है, तो आप पेशेंट को ग्लूकागन शॉट (Glucagon shot) दे सकते हैं। ऐसा करने से ब्लड शुगर लेवल को सुरक्षित तरीके से बढ़ाया जा सकता है।

और पढ़ें: डायबिटीज पेशेंट्स और किडनी ट्रांसप्लांट : जानिए दोनों के बीच के कनेक्शन को!

डायबिटीज पेशेंट के लिए फर्स्ट एड (First aid for diabetic emergency): हाय ब्लड शुगर (Hyperglycemia)

जब ब्लड में शुगर लेवल हाय हो जाता है, तो हायपरग्लाइकेमिया की कंडीशन पैदा होती है। इस स्थिति में पेशेंट को तेजी से प्यास लगती है और थकान का अनुभव होता है। पेशेंट को धुंधला भी दिख सकता है और सांस लेने पर एसिटोन की गंध का एहसास होता है। अगर पेशेंट का अचानक से ब्लड में शुगर लेवल ज्यादा हो गया है, तो ऐसे में डॉक्टर द्वारा बताई गई मेडिसिंस लेनी चाहिए। आप पेशेंट से दवा के बारे में जानकारी ले सकते हैं और उन्हें तुरंत उपलब्ध करा सकते हैं। पेशेंट को तुरंत पानी पिलाएं और जितनी जल्दी हो सके, डॉक्टर के पास ले जाएं।

डायबिटीज पेशेंट के लिए फर्स्ट एड (First aid for diabetic emergency) देने के दौरान मन में एक शंका बनी रह सकती है कि पेशेंट का ब्लड शुगर लेवल अधिक हुआ है या फिर कम? आपको पेशेंट की हिस्ट्री के हिसाब से ट्रीट करना चाहिए ब्लड में शुगर लेवल कम होने पर या ऐसी स्थिति में उन्हें शुगर युक्त ड्रिंक दें। ड्रिंक में डायट सॉफ्ट ड्रिंक जैसे कि कोक या पेप्सी मैक्स को शामिल न करें। ऐसे मेंशुगर ड्रिंक देना ही प्राथमिक उपचार है। आप इस बारे में डॉक्टर से भी जानकारी ले सकते हैं। हैलो हेल्थ किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार उपलब्ध नहीं कराता हैं।

और पढ़ें: डायबिटीज में ब्रेस्टफीडिंग, क्या इससे बच्चे को भी डायबिटीज हाे सकती है?

डायबिटीज पेशेंट को अपना ध्यान खुद रखने की जरूरत होती है। अगर बेहतर लाइफस्टाइल अपनाने के साथ ही खाने में फाइबर युक्त फूड्स, फ्रैश वेजीटेबल्स और सब्जियों का सेवन किया जाए, तो ब्लड में शुगर के लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है। आप डॉक्टर से जानकारी लेने के बाद रोजाना एक्सरसाइज भी करनी चाहिए। जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज आपको परेशानी में डाल सकती है, इसलिए एक निश्चित समय तक आपको व्यायाम करना चाहिए। अगर आपके घर में डायबिटीज पेशेंट है, तो बेहतर होगा कि आप डायबिटीज पेशेंट के लिए फर्स्ट एड (First aid for diabetic emergency) अपनाते समय सावधानी रखें। आप मधुमेह रोगियों के लिए प्राथमिक उपचार से संबंधित अधिक जानकारी डॉक्टर से प्राप्त कर सकते हैं।

और पढ़ें: डायबिटीज में कीवी खाने के हैं कई फायदे, क्या जानते हैं आप?

हैलो हेल्थ किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार उपलब्ध नहीं कराता हैं। इस आर्टिकल के माध्यम से आपको डायबिटीज पेशेंट के लिए फर्स्ट एड (First aid for diabetic emergency) या मधुमेह रोगियों के लिए प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी दी है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस संबंध में अधिक जानकारी चाहिए, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्सर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे।

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ हफ्ते पहले को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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