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डायबिटीज और डायरिया : जब एक साथ दोनों समस्याएं बोल दें आपकी सेहत पर हल्ला!

डायबिटीज और डायरिया : जब एक साथ दोनों समस्याएं बोल दें आपकी सेहत पर हल्ला!

डायबिटीज (Diabetes) की समस्या में व्यक्ति को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यह परेशानियां डायबिटीज कॉम्प्लिकेशन के नाम से भी जानी जाती हैं। डायबिटीज में जब ब्लड शुगर लेवल हाय हो जाता है और आसानी से कंट्रोल में नहीं आता, तो हमारे शरीर पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। यही वजह है कि शरीर में अन्य समस्याएं पैदा होने लगती हैं। ऐसी स्थिति को डायबिटीज कॉम्प्लिकेशन का नाम दिया गया है। आज हम एक ऐसी ही डायबिटीज कॉम्प्लिकेशन की बात करने जा रहे हैं, जिसका नाम है डायरिया। डायबिटीज और डायरिया (Diarrohea) यह दोनों ही स्थितियां गंभीर मानी जाती है। डायबिटीज और डायरिया (Diabetes and Diarrohea) में व्यक्ति के इम्यून सिस्टम पर असर पड़ता है और यह आपके स्वास्थ्य को बदतर बना सकता है। आइए जानते हैं डायबिटीज और डायरिया (Diabetes and Diarrohea) से जुड़ी यह जानकारी। लेकिन इससे पहले जान लेते हैं कि डायबिटीज की समस्या आपको कैसे होती है।

और पढ़ें : Diabetes insipidus : डायबिटीज इंसिपिडस क्या है ?

डायबिटीज (Diabetes) की समस्या ऐसे बनाती है आपके शरीर को अपना घर!

डायबिटीज (Diabetes) की दिक्कत तब होती है, जब आपके शरीर में ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। जब भी आप भोजन करते हैं, तो शरीर उसे शुगर में तोड़ देता है और शरीर की कोशिकाएं ऊर्जा के लिए इसका उपयोग करती हैं। इस उपयोग के लिए पैंक्रियाज को इंसुलिन (Insulin) का उत्पादन करने की जरूरत पड़ती है। जब आप मधुमेह के शिकार होते हैं, तो पैंक्रियाज या तो बेहद कम मात्रा में इंसुलिन पैदा करती है, या इंसुलिन पैदा करना बंद कर देती है। क्योंकि शरीर इसका प्रभावी ढंग से इस्तेमाल नहीं कर पाता, इसलिए व्यक्ति डायबिटीज (Diabetes) का शिकार हो जाता है। लेकिन डायबटीज की आहट उसके लक्षणों से पहचानी जा सकती है। इसका इसके लिए आपको कुछ लक्षणों पर ध्यान देने की जरूरत पड़ती है।

और पढ़ें : बढ़ती उम्र और बढ़ता हुआ डायबिटीज का खतरा

क्या हैं डायबिटीज के लक्षण? (Symptoms of Diabetes)

डायबिटीज की समस्या में शरीर आपको कुछ सिम्टम्स देता है। यह सिम्टम्स यानी कि लक्षण आप को समझने होते हैं। डायबिटीज (Diabetes) के लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं –

  • बार-बार यूरिनेशन होना
  • बार-बार प्यास लगना
  • बहुत भूख लगना
  • अत्यधिक थकान
  • धुंधला दिखना
  • किसी चोट को ठीक होने में ज्यादा समय लगना
  • लगातार घटता वजन (टाइप1)
  • हाथ / पैर में झुनझुनी या दर्द (टाइप 2)

यदि आप इन लक्षणों को महसूस करते हैं, तो आपको जल्द से जल्द अपना ब्लड शुगर लेवल मापने की जरूरत पड़ती है। इसलिए ऐसे लक्षण दिखाई देने पर आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर जरूरी टेस्ट करने के बाद आपको डायबिटीज (Diabetes) के लिए आवश्यक मेडिसिन प्रिसक्राइब कर सकते हैं। इन दवाइयों की मदद से आप जल्द से जल्द डायबिटीज (Diabetes) को कंट्रोल में ला सकते हैं। जैसा कि आपने जाना डायबिटीज की समस्या आपको कई परेशानियां देकर जाती है। इन्हीं परेशानियों में से एक है डायरिया। आइए जानते हैं डायबिटीज और डायरिया (Diabetes and Diarrohea) के बीच क्या संबंध है।

और पढ़ें: क्या मधुमेह रोगी चीनी की जगह खा सकते हैं शहद?

डायबिटीज और डायरिया : मुसीबत का दूसरा नाम! (Diabetes and Diarrohea)

आमतौर पर टाइप टू डायबिटीज (Diabetes) के मरीजों को कई तरह के लक्षण दिखाई देते हैं, यह लक्षण कई बार कॉम्प्लिकेशन में परिवर्तित हो जाते हैं। इन्हीं में से एक कॉम्प्लिकेशन है डायरिया। डायबिटीज से ग्रसित 22% लोगों को डायरिया की समस्या हो सकती है, क्योंकि इसका सीधा संबंध हमारे पाचन तंत्र से है। हालांकि अब तक रिसर्च में यह साफ पता नहीं चल पाया है कि डायबिटीज और डायरिया (Diabetes and Diarrohea) का क्या संबंध है। लेकिन डायबिटीज से ग्रसित मरीजों को डायरिया होना एक आम समस्या मानी जाती है। कुछ लोगों को डायबिटीज और डायरिया (Diabetes and Diarrohea) के अलावा लूज स्टूल, बॉवेल मूवमेंट (Bowl movement) कंट्रोल न कर पाना और टॉयलेट के दौरान असंयम का सामना भी करना पड़ता है। डायबिटीज और डायरिया की समस्या आम तौर पर रोजाना या ऑल्टरनेटली हो सकती है। आइए अब जानते हैं डायबिटीज और डायरिया (Diarrohea) किस तरह एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।

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डायबिटीज और डायरिया : क्या है इन दोनों के बीच कनेक्शन? (Relation between Diabetes and Diarrohea)

डायबिटीज और डायरिया (Diabetes and Diarrohea)

हालांकि रिसर्च में अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि डायबिटीज और डायरिया (Diabetes and Diarrohea) का कनेक्शन क्या है, लेकिन फिर भी कहा जा सकता है कि इसका सीधा ताल्लुक डायबिटिक न्यूरोपैथी (Diabetic neuropathy) से है। जब ब्लड शुगर लेवल हाय होता है, तो नर्व डैमेज (Nerve damage) की समस्या होती है। कई बार इसका सीधा प्रभाव पाचन तंत्र से जुड़ी नर्व पर भी पड़ता है, जिसकी वजह से डायरिया की समस्या हो सकती है।

डायबिटीज और डायरिया (Diarrohea) का दूसरा कारण हो सकता है सॉर्बिटोल। जो लोग डायबिटीज (Diabetes) में स्वीटनर यूज़ करते हैं, उसमें सॉर्बिटोल का इस्तेमाल होता है। सॉर्बिटोल में एक सीमित मात्रा में लैक्सेटिव होता है, यही वजह है कि सॉर्बिटोल के सेवन से व्यक्ति को डायरिया की समस्या हो सकती है।

इसके अलावा आपके एंटरिक नर्वस सिस्टम (Enteric nervous system -ENS) में इम्बैलेंस की वजह से भी डायबिटीज और डायरिया (Diabetes and Diarrohea) की समस्या हो सकती है। एंटरिक नर्वस सिस्टम आपके पूरे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम को मैनेज करता है। यही वजह है कि आपको डायबिटीज और डायरिया (Diabetes and Diarrohea) की समस्या एक साथ हो सकती है। इसके अलावा जो समस्याएं गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम (Gastrointestinal system) में गड़बड़ी की वजह से पैदा होती हैं, वो है –

  • बैक्टीरियल ओवरग्रोथ
  • पेनक्रिएटिक एक्सोक्राइन इंसफिशिएंसी
  • सिलिएक डिजीज (Celiac disease)
  • पेनक्रिएटिक इंसफिशिएंसी

इसके अलावा डायबिटीज और डायरिया (Diabetes and Diarrohea) की समस्या तब पैदा होती है, जब लोग इन खाद्य पदार्थों का सेवन आम तौर पर करते हैं –

अभी आपने जाना डायबिटीज और डायरिया (Diabetes and Diarrohea) एक दूसरे से किस तरह जुड़े हुए हैं, लेकिन डायबिटीज और डायरिया की समस्या एक साथ होने पर व्यक्ति को और भी कई कॉम्प्लिकेशन हो सकती हैं। आइए जानते हैं इससे जुड़ी जानकारी।

और पढ़ें: डायबिटीज में डायरिसिस स्वास्थ्य को कैसे करता है प्रभावित? जानिए राहत पाने के कुछ आसान उपाय

डायबिटीज और डायरिया : इन समस्याओं से भी पड़ सकता है पाला (Diabetes and Diarrohea)

डायबिटीज और डायरिया (Diabetes and Diarrohea) की समस्या जब एक साथ होती है, तो इसका सीधा असर आपके इम्यून सिस्टम पर पड़ता है। जब आपका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, तो आपका ब्लड शुगर लेवल बिगड़ने लगता है और आपको ये समस्याएं झेलनी पड़ सकती हैं –

टाइप वन डायबिटीज (Diabetes) से ग्रसित लोगों को यदि लंबे समय तक डायरिया (Diarrohea) की समस्या रहती है, तो उनके लिए ब्लड शुगर लेवल मेंटेन रखना मुश्किल हो जाता है।

साथ ही साथ जिन लोगों की उम्र ज्यादा है और वह डायबिटीज और डायरिया (Diabetes and Diarrohea) से ग्रसित होते हैं, तो उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में आपको डॉक्टर से जल्द से जल्द संपर्क करने की जरूरत पड़ती है। यदि आपको अक्सर डायबिटीज और डायरिया (Diarrohea) की समस्या दिखाई देती है, तो आपको अपना ब्लड शुगर लेवल रोजाना चेक करने की जरूरत पड़ सकती है। इसके अलावा यदि आपको और भी कई स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं, तो आपको फिजिकल एग्जामिनेशन की जरूरत पड़ सकती है।

कई बार किसी तरह की मेडिकल कंडिशन के कारण डायबिटीज और डायरिया (Diabetes and Diarrohea) की समस्या एक हो सकती है। इसलिए जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से संपर्क करके इसका इलाज कराना जरूरी माना जाता है। आइए जानते हैं डायबिटीज और डायरिया की समस्या को किस तरह ठीक किया जा सकता है।

टाइप 2 डायबिटीज के बारे में अधिक जानकारी के लिए देखिए ये 3डी मॉडल

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डायबिटीज और डायरिया : किया जा सकता है ये उपाय (Treatment of Diabetes and Diarrohea)

डायबिटीज और डायरिया (Diabetes and Diarrohea) की समस्या अलग-अलग तरह से ठीक हो सकती है। सबसे पहले डॉक्टर आपको लोमोटिल या आयमोडियम (Lomotil or Imodium) जैसी दवाएं लिख कर दे सकते हैं, जो भविष्य में डायरिया (Diarrohea)की समस्या को कम कर सकते हैं। इसके अलावा भविष्य में डायबिटीज और डायरिया की समस्या आपको ना हो, इसलिए आपकी ईटिंग हैबिट में बदलाव लाकर डॉक्टर फाइबर का इंटेक सीमित रखने की सलाह दे सकते हैं।

यदि आपको बार-बार डायबिटीज और डायरिया (Diarrohea) की समस्या हो रही है, तो डॉक्टर एंटीबायोटिक (Antibiotic) भी लिख कर दे सकते हैं, जिससे बैक्टीरिया की ओवर ग्रोथ रुक जाए और बार-बार आपको स्टूल पास करने की जरूरत ना पड़े। यदि आपकी समस्या समय पर ठीक नहीं होती, तो एक्सपर्ट को दिखाने की सलाह डॉक्टर दे सकते हैं।

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डायबिटीज और डायरिया (Diabetes and Diarrohea) की समस्या अपने आप में तकलीफदेह साबित हो सकती है। डायबिटिक न्यूरोपैथी के कारण आपको डायबिटीज व डायरिया की समस्या एक साथ झेलनी पड़ सकती है, इसलिए ब्लड शुगर लेवल (Blood sugar level) को मेंटेन रखना बेहद जरूरी माना जाता है। इसके अलावा आपको रोजाना एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल में बदलाव लाने की भी जरूरत पड़ सकती है। जब आप आपके दैनिक कामों में बदलाव लाकर ब्लड शुगर लेवल मेंटेन रखते हैं, तो डायबिटीज (Diabetes) के साथ-साथ उससे जुड़ी कॉम्प्लिकेशन भी दूर हो जाती है। इस तरह डायबिटीज और डायरिया की समस्या (Diabetes and Diarrohea) में आराम पाया जा सकता है।

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Toshini Rathod द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ घंटे पहले को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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