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डायबिटीज में फ्राइड खाना हो सकता है नुकसानदायक, इन बातों का रखें ध्यान

डायबिटीज में फ्राइड खाना हो सकता है नुकसानदायक, इन बातों का रखें ध्यान

डायबिटीज के मरीज क्या खाते है और क्या नहीं? यह दोनों ही बात महत्वपूर्ण है। डायबिटीज में फ्राइड खाना (Fried food in diabetes) जहर की तरह होता है। तले हुए खाद्य पदार्थ आपके ब्लड शुगर को प्रभावित करते हैं, क्योंकि वसा पाचन को धीमा कर देता है। जब आप साधारण कार्बोहाइड्रेट खाते हैं, तो आपका शरीर उन्हें जल्दी से ग्लूकोज में बदल सकता है। तले हुए खाद्य पदार्थों में आमतौर पर कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो डायबिटीज पेशेंट के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। डायबिटीज के मरीजों को कम ऑयल और कम नमक के सेवन की सलाह दी जाती है। डायबिटीज में फ्राइड खाना (Fried food in diabetes) क्यों नुकसानदायक है, जानिए यहां।

और पढ़ें: टाइप 2 डायबिटीज में एनर्जी रिस्ट्रिक्टेड डायट को फॉलो करने से पहले जान लें इसके बारे में!

टाइप 2 डायबिटीज (Diabetes Type 2) क्या है ?

डायबिटीज में फ्राइड खाना नुकसानदायक है, यह फैक्ट है। इससे पहले यह भी जान लें कि डायबिटीज है क्या? टाइप-1 डायबिटीज, टाइप-2 डायबिटीज और जेस्टेशनल डायबिटीज। टाइप 2 डायबिटीज, मधुमेह का सबसे आम प्रकार है और यह समस्या लोगों में सबसे अधिक देखी जाती है। इसमे कोशिकाएं रक्त शर्करा से ऊर्जा का निमार्ण नहीं कर पाती हैं और शुगर का लेवल ब्लड में जाकर बढ़ने लगता है। डायबिटीज होने के कई कारण हो सकते है, जो सबसे अधिक देखे जाते हैं,उनमे शामिल हैं:

और पढ़ें: टाइप टू डायबिटीज में साइलेंट मायोकार्डिया इस्कीमिया की समस्या कैसे होती है?

डायबिटीज के लक्षण (Symptoms of diabetes)

डायबिटीज का इलाज न होना जानलेवा हो सकता है। रक्त में हाय शुगर का लेवल हार्ट के लिए खतरे को बढ़ा देता है। इसलिए इसका समय रहते इलाज बहुत जरूरी है। स्वस्थ रक्त शर्करा का स्तर आमतौर पर खाना खाने से पहले 70 और 130 मिलीग्राम / डीएल के बीच और खाना खाने के दो घंटे बाद 180 मिलीग्राम / डीएल से नीचे होता है। यदि आपके ब्लड में शुगर का लेवल हाय है, तो इस तरह के लक्षण नजर आ सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • बार बार पेशाब होने की समस्या
  • अधिक प्यास लगना
  • भूख अधिक लगना
  • थकावट महसूस होना
  • वजन कम होना

और पढ़ें : रिसर्च: हाई फाइबर फूड हार्ट डिसीज और डायबिटीज को करता है दूर

डायबिटीज में फ्राइड खाना (Fried food in diabetes)

डायबिटीज में फ्राइड खाना (Fried food in diabetes) कई प्रकार से नुकसान देह है, यह केवल ब्लड शुगर लेवल को भी प्रभावित नहीं करता है, बल्कि शरीर के लिए अन्य कई प्रकार से भी हानिकारक है, जो आगे जाकर हाय डायबिटीज का कारण बन सकते हैं, जैसे कि मोटापा। ऑयली फूड खाने से मोटापा बढ़ता है और फैट डायबिटीज के रिस्क को बढ़ाता है। जानें ऐसे अन्य कारणों के बारे में भी:

पाचन और रक्त शर्करा में संबंध (The relationship between digestion and blood sugar)

आपका शरीर जितनी तेजी से भोजन को पचा सकता है, आपके ग्लूकोज का स्तर उतनी ही तेजी से हाय होता जाता है। यदि ग्लूकोज का स्तर बहुत तेज़ी से बढ़ता है, तो आपके शरीर में अग्न्याशय अधिक इंसुलिन का निर्माण कर सकता है। यह उच्च और निम्न रक्त शर्करा का एक चक्र स्थापित कर सकता है, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंट हो सकता है। कुछ कार्बोहाइड्रेट, जैसे कि चीनी, रक्त शर्करा के स्तर पर सबसे अधिक प्रभाव डालते हैं। फाइबर जैसे कॉम्प्लेक्स कार्ब्स, धीमी गति से पाचन में मददगार हैं। ग्लूकोज और इंसुलिन उत्पादन को नियंत्रित करते हैं। कोई भी भोजन जो वसा और प्रोटीन सहित पाचन को धीमा कर देता है, ग्लूकोज उत्पादन धीमा कर देता है।

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फ्राइड फूड्स और ब्लड शुगर (Fried Foods and Blood Sugar)

डायबिटीज में फ्राइड खाना नुकसानदायक है। ऑयली फूड आपके रक्त शर्करा के स्तर को अलग तरह से प्रभावित करते हैं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कैसा ऑयली फूड खाया है। जैसा कि फ्रेंच फ्राइज ब्लड शुगर को फ्राइड चिकन की तुलना में तेजी से बढ़ाते हैं, क्योंकि चिकन प्रोटीन होता है और आलू में कार्बोहाइड्रेट होते हैं। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार, ग्लूकोज का उत्पादन निम्नलिखित पर निर्भर करता है: जैसे कि आपके द्वारा खाए कार्बोहाइड्रेट की मात्रा, उन कार्ब्स में चीनी और स्टार्च के प्रकार, उसमें इस्तेमाल ऑयल और खाना पकाने की प्रक्रिया आदि। हालांकि वसा पाचन को धीमा कर सकता है, तले हुए खाद्य पदार्थों में वसा ट्रांस फैट मधुमेह रोगियों के लिए बहुत खराब हैं।

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वजन बढ़ना और इंसुलिन रेजिस्टेंस (Weight gain and insulin resistance)

डायबिटीज में फ्राइड खाना सही नहीं है।ऑयली फूड मोटापे को भी जन्म देता है। कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन में प्रति ग्राम 4 कैलोरी होती है, लेकिन वसा में 9 कैलोरी प्रति ग्राम होती है। तले हुए खाद्य पदार्थ अक्सर कैलोरी में बहुत अधिक होते हैं। ग्रिल्ड स्किनलेस चिकन ब्रेस्ट में लगभग 150 से कम कैलोरी और 3 ग्राम फैट होता है। तो वहीं फ्राइड चिकन ब्रेस्ट में 200 से अधिक कैलोरी और 12 ग्राम वसा होता है – 25 प्रतिशत अधिक कैलोरी और 400 प्रतिशत अधिक वसा होता है। जरूरत से ज्यादा कैलोरी खाने से वजन बढ़ सकता है, और शरीर की अतिरिक्त चर्बी आपके शरीर की इंसुलिन का प्रभावी ढंग से उपयोग करने की क्षमता को प्रभावित करती है। यह इंसुलिन है, जो आपके रक्तप्रवाह से ग्लूकोज को आपकी कोशिकाओं में ले जाता है। यदि आपका शरीर इंसुलिन का सही से उपयोग नहीं कर पा रहा है, तो आपको क्रोनिक हाय ब्लड शुगर हो सकता है।

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ट्रांस फैट (Trans fat)

डायबिटीज में फ्राइड खाना नुकसानदायक इसलिए भी क्योंकि तले हुए खाद्य पदार्थों में ट्रांस फैट होते हैं, जो उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर से जुड़े होते हैं और आपमें हार्ट डिजीज के रिस्क के भी बढ़ा सकते हैं। ट्रांस फैट से पूरी तरह से बचा जाना चाहिए, खासतौर पर डायबिटीज और हार्ट के मरीजों को। ट्रांस वसा के लिए असंतृप्त वसा को प्रतिस्थापित करने से टाइप 2 मधुमेह के विकास का जोखिम 40 प्रतिशत कम हो जाता है और हृदय रोग का खतरा 53 प्रतिशत कम हो जाता है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि डायबिटीज में फ्राइड खाना हर प्रकार से नुकसानदायक है।

और पढ़ें: टाइप टू डायबिटीज का कोलीन और बिटेन से रिलेशन क्या है? जानिए इस आर्टिकल में!

एक्सपर्ट की राय (Expert Tips)

इस बारे में लखनऊ मेडिकल कॉलेज के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ सूर्यकांत का कहना है कि डायबिटीज में फ्राइड खाना (Fried food in diabetes) सही नहीं होता है और डॉक्टर कभी इसकी सलाह नहीं देते हैं। जैसा कि डायबिटीज भी कई प्रकार की होती है। लेकिन दो प्रकार की डायबिटीज सबसे ज्यादा देखी जाती है। टाइप-1 और टाइप-2। टाइप-1, डायबिटीज का शुरुआती दौर होता है। इसे कंट्रोल किया जा सकता है। वहीं, टाइप-2 डायबिटीज में मरीज के शरीर में ब्लड शुगर लेवल बहुत ज्यादा हो जाता है। इसे कंट्रोल करना मुश्किल है। दोनों तरह की शुगर के कारण अलग-अलग हैं और इनका इलाज भी अलग है। टाइप-1 डायबिटीज में शरीर में इंसुलिन बनना बंद हो जाती है। अनुवांशिक कारणों से ऐसा होता है। वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न के ताजा अध्ययन के मुताबिक, रोटावायरस भी टाइप वन डायबिटीज का कारण होता है। यह बीमारी उम्र के किसी भी पड़ाव पर हो सकती है। कभी तो बच्चों में जन्म से हो जाती है। वहीं, टाइप 2 डायबिटीज में शरीर में इंसुलिन बनना कम हो जाता है। इसके लिए मोटापा, हायपरटेंशन और लाइफस्टाइल से जुड़े पक्ष जिम्मेदार होते हैं। यही कारण है कि टाइप 2 डायबिटीज के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। टाइप 1 डायबिटीज में इंजेक्शन या पम्प के जरिए इंसुलिन को शरीर में पहुंचाया जाता है। वहीं टाइप 2 डायबिटीज दवाओं के साथ ही लाइफस्टाइल में सुधार से ठीक हो जाती है। डायबिटीज में फ्राइड खाना (Fried food in diabetes) से क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं, इस पर अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

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Niharika Jaiswal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 09/12/2021 को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड