पेट में दर्द, असहजता, मरोड़ और सिरदर्द, ये सभी स्वास्थ्य विकार के कुछ आम कारण हैं। लगातार बाहर या संक्रमित खाना खाने से आपको पेट के कीड़े की परेशानी हो सकती है। इससे आपको कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस आर्टिकल में जानें कुछ टिप्स जो आपके पेट के कीड़े मारने में मदद कर सकता है।
पेट के कीड़े को कैसे भगाएं दूर?
पेट के कीड़े को निम्नलिखित घरेलू नुस्खों से दूर किया जा सकता है। जैसे-
लहसुन का उपयोग पेट में हो रहे कीड़ों को मारने के लिए किया जाता है। इसे खाने में मिलाकर या फिर पेस्ट बनाकर खाया जा सकता है।
लहसुन क्यों है फायदेमंद?
भारतीय खाने में लहसुन का इस्तेमाल खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है। लहसुन का बोटेनिकल नाम एलियम सैटिवम (Allium sativum) है। लहसुन खाने में स्वाद और फ्लेवर डालने के साथ-साथ शरीर को पोषण देने का भी काम करता है। इसमें एंटीवायरल, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीफंगल गुण होते हैं। इसके अलावा इसमें विटामिन, मैंगनीज, कैल्शियम, आयरन आदि पोषक तत्व होते हैं। इसलिए हेल्थ एक्सपर्ट इसे पेट के कीड़े की बीमारी से बचने के लिए रामबाण मानते हैं।
नारियल तेल में एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण होते हैं और इसका इस्तेमाल भी पेट में हो रहे कीड़ों को मारने के लिए किया जाता है। इसे खाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
नारियल तेल क्यों है फायदेमंद?
कुछ रिसर्च के अनुसार नारियल तेल में मीडियम चेन ट्राइग्लिसराइड्स होते हैं जो शरीर मे मौजूद सैचुरेटेड फैट (Saturated Fat) की तुलना में अलग तरीके से काम करते हैं।
गाजर एक रेशेदार सब्जी है। रोजाना सुबह-शाम एक कटोरी गाजर खाने से आपके पेट के कीड़े बाहर आ सकते हैं। गाजर में पाए जाने वाले रेशे बॉवेल मूवमेंट को आसान बनाते हैं।
गाजर क्यों है फायदेमंद?
गाजर को आयुर्वेद में औषधि की श्रेणी में रखा जाता है। इसमें मौजूद पोटैशियम, विटामिन-ए, विटामिन-ई और कैरोटोनॉइड जैसे तत्व शरीर को पोषण प्रदान करने के साथ-साथ पेट के कीड़े की बीमारी से भी बचाने में मदद करता है।
पेट के कीड़े करने हैं दूर, तो इन बातों का भी रखें ध्यान :
- रोजाना अपने हाथों को धुलें।
- नाखूनों को साफ रखें।
- अपने कपड़े सही ढंग से साफ करें।
- अपने आसपास के वातावरण को साफ रखें।
- साफ खाना खाएं और हाथ जरूर धोएं।
कैसे पता लगेगा कि आपके पेट में समस्या का कारण है स्टमक वर्म?
नित्य क्रिया करते समय आपको कीड़े दिखाई देंगे और कई बार पेट साफ नहीं होगा, ऐसा इसलिए होगा क्योंकि छोटे- छोटे कीड़े आपके इंटेस्टाइन को जाम कर देते हैं और एनल एरिया में खुजली भी हो सकती है।
आइए जानते हैं वे कौन से कीड़े हैं जो आपके इंटेस्टाइन को प्रभावित कर सकते हैं ?
टेपवर्म इंटेस्टाइन वॉल से जुड़ता है। टेपवर्म बहुत से प्रकार के हो सकते हैं, कुछ टेपवर्म पीने के पानी में और कुछ पोर्क और मीट में पाए जाते हैं। संक्रमित पानी पीने से या फिर भोजन करने से आपको संक्रमण हो सकता है।
फ्लूक एक अलग प्रकार का फ्लैटवर्म है। ये ज्यादातर जानवरों में पाए जाते हैं। आमतौर पर फ्लूक बाइल डक्ट और लिवर को प्रभावित करते हैं जिसकी वजह से सूजन और जलन जैसे लक्षण आ सकते हैं।
जैसा कि इसका नाम है, इसका साइज किसी स्टेपलर पिन जैसा ही होता है। पिनवर्म आमतौर पर हानि नहीं पहुंचाते हैं। इनमें से कुछ कोलन और रेक्टम में होते हैं। इसके संक्रमण का एहसास आमतौर पर ऐनस (anus) के आसपास होगा। इसकी वजह से आपको सोने में परेशानी होगी और खुजली होगी।
एस्केरिस हुकवर्म जैसे ही दिखाई देते हैं। ये आमतौर से मिट्टी में अंडे देते हैं और वहीं से ये संक्रमण फैलाते हैं।
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पेट के कीड़े के क्या हैं लक्षण?
पेट के कीड़े के निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं। जैसे-
टेपवर्म के कारण निम्नलिखित परेशानी हो सकती है। जैसे-
- शरीर में लंप या बंप होना
- एलर्जिक रिएक्शन होना
- बार-बार बुखार आना
फ्लूक के निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं। जैसे-
- बार-बार फीवर आना
- अत्यधिक थकान महसूस होना
हुकवर्म के निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं। जैसे-
- रैश के साथ-साथ खुजली होना
- खून की कमी होना (एनीमिया)
- थका हुआ महसूस होना
त्रिकीनोसिस वर्म होने के निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं। जैसे-
पेट के कीड़े की समस्या से कैसे बचा जा सकता है?
पेट के कीड़े से बचने के लिए निम्नलिखित चार बातों का ध्यान रखें। जैसे-
- कच्चे मीट या मछली का सेवन न करें
- 145°F (62.8°C) तापमान पर मीट या मछली अच्छी तरह से पका कर खाना चाहिए
- पेट के कीड़े से बचने के लिए फलों को भी अच्छी तरह से धो कर खायें
- फर्स पर गिरे हुए खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए
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पेट के कीड़े की परेशानी से बचने के लिए यात्रा के दौरान क्या करें?
पेट के कीड़े की परेशानी से बचने के लिए ट्रेवल के दौरान निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए। जैसे-
- साफ-सफाई के साथ बना हुआ खाना खायें
- पैक्ड पानी पीएं
- अपने पास सेनेटाइजर रखें और खाने-पीने के पहले अगर हाथ पानी और साबुन से न धो पायें तो ऐसी परिस्थिति में सेनेटाइजर का इस्तेमाल करें।
ट्रेवल के दौरान इन उपायों को अपना कर पेट के कीड़े की परेशानी से बचा जा सकता है।
बड़ों के साथ-साथ बच्चों में भी पेट के कीड़े की समस्या हो सकती है। अगर बच्चों में पेट की कीड़े की परेशानी है तो यह परेशानी बड़े होने के बाद भी सेहत को हानि पहुंचा सकता है।
बच्चों में क्यों होती है पेट की कीड़े की समस्या?
पेट के कीड़े की समस्या बच्चों में निम्नलिखित कारणों से हो सकती है। जैसे-
- आउट डोर गेम्स के दौरान अगर बच्चा घांस पर खाली पैर चलने के कारण
- मिट्टी खेलने के दौरान
- मल त्यागने के बाद ठीक तरह से हाथ न धोने के कारण
- पालतू जानवरों के संपर्क में रहने के कारण
अगर आप पेट के कीड़े से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।