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हार्ट से संबंधित किन बीमारियों में वेसोडायलेटर का किया जाता है इस्तेमाल?

हार्ट से संबंधित किन बीमारियों में वेसोडायलेटर का किया जाता है इस्तेमाल?

हार्ट से संबंधित बीमारियों को ठीक करने के लिए कई प्रकार की दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। अगर दवाओं का इस्तेमाल सही समय पर किया जाए, तो कई बीमारियों को ठीक भी किया जा सकता है। वेसोडायलेटर (Vasodilator) एक प्रकार के एजेंट्स होते हैं, जो मस्कुलर वॉल्व (Muscular valve) को आराम देने का काम करते हैं। इस कारण से ब्लड वैसल्स को खुलने में मदद मिलती है। वेसोडायलेटर ब्लड वैसल्स को डायलेट करते हैं और ब्लड के फ्लो को बढ़ाने में मदद करते हैं। ये ब्लड प्रेशर (Blood pressure) को भी कंट्रोल करने का काम करते हैं। वेसोडायलेटर (Vasodilator) का इस्तेमाल हायपरटेंशन यानी हाय ब्लड प्रेशर, एंजाइना और हार्ट फेलियर की समस्या को दूर करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको विभिन्न प्रकार के वेसोडायलेटर के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जो हार्ट डिजीज (Heart disease) के दौरान इस्तेमाल किए जाते हैं। जानिए हार्ट डिजीज में वेसोडायलेटर (Vasodilators in heart disease) के इस्तेमाल के बारे में।

और पढ़ें: Heart Infections: दिल को संक्रमण से बचाने के लिए इन लक्षणों को न करें इग्नोर

हार्ट डिजीज में वेसोडायलेटर (Vasodilators in Heart disease)

हार्ट डिजीज में वेसोडायलेटर (Vasodilators in Heart disease)

हार्ट डिजीज में वेसोडायलेटर (Vasodilators in heart disease) का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से किया जाता है। ब्लड प्रेशर (Blood Pressure), हार्ट फेलियर (Heart failure), मायोकार्डियल इन्फार्कशन (Myocardial infarction) आदि हार्ट से संबंधित बीमारियों में वेसोडायलेटर (Vasodilator) का इस्तेमाल किया जाता है। ये कई प्रकार के होते हैं।

एसीई (Angiotensin converting enzyme) इनहिबिटर्स का इस्तेमाल एंजियोटेंसिन (Angiotensin) कैमिकल के प्रोडक्शन को कम करने के लिए किया जाता है, क्योंकि ये कैमिकल ब्लड वैसल्स को नैरो करता है। इस कारण से ब्लड प्रेशर कम हो जाता है।

एआरबी (Angiotensin receptor blockers) ब्लड वैसल्स को इंलार्ज करने का काम करती हैं। ये एंजियोटेंसिन (Angiotensin) को ब्लॉक कर ब्लड वैसल्स में अटैच करने से रोकती हैं।

सीसीबी (Calcium channel blockers) मसल्स सेल्स आर्टरीज को स्मूथ बनाने का काम करते हैं। कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स कैल्शिम को स्मूथ सेल्स में जाने से रोकते हैं और आर्टरीज मसल्स को आराम से काम करने में मदद करते हैं।

नाइट्रेट्स (Nitrates), नाइट्रिक ऑक्साइड (Nitric oxide) में बदल जाता है, जो एक अन्य रसायन को एक्टिव कर देता है, जो वेंस और आर्टरीज को खोलने में मदद करता है। एंजाइना के इलाज के लिए डॉक्टर नाइट्रेट्स का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं।

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हार्ट डिजीज में वेसोडायलेटर के साइड इफेक्ट्स (Side effects of Vasodilator)

हार्ट डिजीज में वेसोडायलेटर (Vasodilators in heart disease) का इस्तेमाल भले ही पेशेंट को कई समस्याओं से छुटकारा दिलाता हो, लेकिन इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी होते हैं। जानिए इन दवाओंका सेवन करने से किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

अगर आपको दवाओं के सेवन करने के लिए बाद उपरोक्त लक्षणों का सामना करना पड़ रहा है, तो आपको इस संबंध में डॉक्टर को जानकारी देनी चाहिए। ऐसा करने से डॉक्टर आपको इन समस्याओं से राहत पाने के लिए अन्य दवाओं का सेवन करने की सलाह दे सकते हैं। हार्ट डिजीज में वेसोडायलेटर (Vasodilators in heart disease) से संबंधित कुछ ब्रांड्स के बारे में जानते हैं।

और पढ़ें: Heart rhythm disorder (Arrhythmia): हार्ट रिदम डिसऑर्डर क्या है?

हार्ट डिजीज में वेसोडायलेटर के रूप में इस्तेमाल की जाती हैं ये मेडिसिंस

मार्केट में कई प्रकार के वेसोडायलेटर मिलते हैं। हार्ट की समस्या के अनुसार ही डॉक्टर इन्हें लेने की राय देते हैं। आपको बिना डॉक्टर की सलाह के हार्ट से संबंधित दवाओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जानिए कुछ वेसोडायलेटर के बारे में।

हार्ट डिजीज में वेसोडायलेटर: एंजिप्लैट कैप्सूल (Angiplat Capsule)

एंजिप्लैट कैप्सूल का इस्तेमाल हार्ट रिलेटेड चेस्ट पेन को दूर करने के लिए किया जाता है। एंजाइना (Angina) के कारण छाती में दर्द की समस्या होती है। जब हार्ट मसल्स में पर्याप्त मात्रा में ब्लड नहीं पहुंच पाता है, तो पेन शुरू हो जाता है। एंजिप्लैट कैप्सूल लेने से ब्लड वैसल्स मोटी हो जाती है और ब्लड फ्लो (Blood flow) में दिक्कत नहीं होती है। एंजिप्लैट कैप्सूल का इस्तेमाल बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए। लंबे समय तक दवा का सेवन करने से इसका प्रभाव भी कम हो सकता है। दवा में एक्टिव इंग्रीडिएंट के रूप में नाइट्रोग्लिसरीन होता है। आपको डॉक्टर से इस दवा के डोज के बारे में जानकारी लेनी चाहिए और साथ ही इससे जुड़े साइड इफेक्ट्स के बारे में भी जानकारी लेनी चाहिए। दवा की कीमत 114 रु है। दवा की कीमत विभिन्न स्थानों में बदल सकती है।

नोट: दवाओं का सेवन डॉक्टर की सलाह के बाद ही करें। दवाओं के मूल्य में अंतर हो सकता है।

और पढ़ें: हायपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी: हार्ट से जुड़ी इस समस्या के बारे में जानते हैं आप?

हार्ट डिजीज में वेसोडायलेटर: एंजिज़ेम टैबलेट (Angizem 30 Tablet)

एंजिज़ेम टैबलेट का इस्तेमाल एंजाइना की समस्या से राहत के लिए किया जाता है। साथ ही ये हाय ब्लड प्रेशर (High blood pressure) और हार्ट बीट की अनियमितता को ठीक करने के लिए भी इस्तेमाल की जाती है। इन्हें कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स के नाम से भी जाना जाता है। इस दवा का सेवन खाने के पहले करना है या फिर बाद में, आपको इस बारे में डॉक्टर से राय जरूर लेनी चाहिए। दवा का सेवन अचानक से बंद नहीं करना चाहिए। अगर दवा का सेवन करने से आपको किसी प्रकार की समस्या महसूस हो, तो डॉक्टर को जरूर बताएं। दवा में एक्टिव इंग्रीडिएंट के रूप में डिल्टियाजेम (Diltiazem) होता है।

और पढ़ें: हार्ट इन्फेक्शन में एंटीबायोटिक आईवी : इस्तेमाल करने से पहले जान लें ये बातें!

नेप्रेसोल टैबलेट (Nepresol Tablet)

नेप्रेसोल टैबलेट हार्ट रिलेटेड चेस्ट पेन में इस्तेमाल की जाती हैं। साथ ही इन्हें हाय ब्लड प्रेशर और हार्ट बीट के रेगुलर न होने पर भी इस्तेमाल किया जाता है। ये ब्लड वैसल्स को रिलेक्स करने का काम करती है और ब्लड प्रेशर को भी कम करती हैं। इसका सेवन करने से हार्ट का वर्कलोड कम होता है। दवा का सेवन अचानक से बंद नहीं करना चाहिए। अगर दवा का सेवन करने से आपको सिर में दर्द या कोई अन्य समस्या होती है, तो डॉक्टर को इस बारे में जरूर बताएँ। दवा में एक्टिव इंग्रीडिएंट के रूप में डायहाइड्रालाजीन (Dihydralazine ) होता है।

आपको दवा के सेवन के साथ एल्कोहॉल या अन्य किसी भी तरह की नशीली दवाओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं, तो दवा का प्रभाव कम हो सकता है और साथ ही दवा दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। अगर आप प्रेग्नेंट हैं या फिर ब्रेस्टफीडिंग करा रही हैं, तो आपको इस बारे में डॉक्टर को जानकारी जरूर देनी चाहिए। कुछ दवाओं का असर बच्चों में बुरा पड़ सकता है, इसलिए बिना जानकारी के दवाओं का सेवन न करें वरना बुरे परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको इस आर्टिकल के माध्यम से हार्ट डिजीज में वेसोडायलेटर (Vasodilators in heart disease) के इस्तेमाल के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिल गई होगी। आप स्वास्थ्य संबंधी अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है, तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं और अन्य लोगों के साथ साझा कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 28/07/2021 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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