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आक्रामक कोरोना वायरस बन रहा है वैज्ञानिकों के लिए चिंता का विषय, ये है वजह

आक्रामक कोरोना वायरस बन रहा है वैज्ञानिकों के लिए चिंता का विषय, ये है वजह

हाल ही में चीन के साइंटिस्ट ने कोरोना वायरस को लेकर नई जानकारी दी है। कोरोना वायरस म्यूटेड होकर दो स्ट्रेंस में बंट जाता है, जिनमें से एक स्ट्रेन बहुत ही आक्रामक है। जहां एक ओर वैज्ञानिक कोरोना वायरस के वैक्सीन के लिए प्रयास कर रहे हैं, ऐसे में एग्रेसिव स्ट्रेन की खबर वैज्ञानिकों को थोड़ा परेशान कर सकती है। पीकिंग यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज और शंघाई के इंस्टीट्यूट पाश्चर के शोधकर्ताओं ने पता लगाया कि आक्रामक कोरोना वायरस दो मेजर लिनेजेस (major lineages) में विकसित हुआ है जिसका नाम है डब्ड ‘एल’ और ‘एस’ टाइप (dubbed ‘L’ and ‘S’ types)। ओल्डर यानी पुराना ‘S-type’ स्ट्रेन माइल्ड कम इंफेक्शन फैलाने वाला है, जबकि ‘L-type’ स्ट्रेन के बारे में बाद में पता चला है और ये जल्दी फैलने वाला है और अब तक 70 प्रतिशत केसेज में देखा जा चुका है। आक्रामक कोरोना वायरस का शिकार हुए अमेरिकन व्यक्ति की जांच 21 जनवरी को की गई थी। उस व्यक्ति में वायरस के दोनो प्रकार यानी ‘S-type’ और ‘L-type’ देखने को मिले थे। शोधकर्ता अब ‘L-type’ को आक्रामक कोरोना वायरस की संज्ञा दे रहे हैं।

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‘L-type’ है आक्रामक कोरोना वायरस

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह वायरस बिट्रेन में फैल सकता है, साथ ही वैक्सीन की हेल्प से इस वायरस के स्ट्रेन पर प्रभाव को लेकर भी कई बातें हो रही हैं। लीड्स इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च और वायरस डिवीजन के अध्यक्ष डॉ स्टीफन ग्रिफिन ने कहा कि ‘L-type’और ‘S-type’ स्ट्रेन के बीच में स्पिक प्रोटीन की महत्वपूर्ण भूमिका है, यहीं इंफेक्शन प्रोसेस में मुख्य रोल अदा करता है। वैक्सीन बनाने के दौरान भी इसी को टारगेट करने का उद्देश्य है। वायरस के वैक्सीन को बनने में अभी समय लगेगा, ऐसे में हम कामना करते हैं कि वायरस के प्रोटोटाइप में ज्यादा परिवर्तन नहीं होंगे। वहीं वायरोलॉजिस्ट प्रोफेसर जोनाथन बॉल ने चेतावनी दी थी कि म्युटेशन के कारण वैक्सीन के प्रोडक्शन पर प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही इसके लिए बड़े अध्ययन की जरूरत है।

शोधकर्ताओं की ओर से ये भी जानकारी दी गई है कि उनके पास इस बात के पुख्ता प्रमाण तो नहीं है लेकिन इस बारे में सही जानकारी का जल्द पता लगना बहुत जरूरी है। ये सभी कम्प्यूटर आधारित स्टडी है, आगे के परिणाम अलग भी हो सकते हैं। चीनी वैज्ञानिकों का मानना है कि हमने 103 संक्रमित लोगों में वायरल डीएनए का टेस्ट किया जिसमें एस टाइप स्ट्रेन हमे कम खतरनाक लग रहा है। वहीं टी टाइप आक्रामक कोरोना वायरस है। साइंटिफिक एक्सपर्ट का कहना है कि ये प्रकोप चार से छह महीने और रह सकता है।

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आक्रामक कोरोना वायरस को लेकर बढ़ रही है सतर्कता

जहां एक ओर साइंटिस्ट आक्रामक कोरोना वायरस की बात कर रहे हैं, वहीं भारत में आक्रामक कोरोना वायरस का डर लोगों के मन में बैठ गया है। आपको बताते चलें कि भारत में आक्रामक कोरोना वायरस के पहले तीन संदिग्ध केरल में पाए गए थे। बाद में तीनों ठीक भी हो गए थे। अब जब कुछ ही दिनों बाद भारत में होली का त्योहार आने वाला है तो लोगों के मन में केवल आक्रामक कोरोना वायरस का डर बैठा हुआ है। देश के प्रधानमंत्री से लेकर अन्य मुख्यमंत्रियों ने होली न खेलने का फैसला लिया है।

गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने राज्यसभा में कोरोना वायरस पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना वायरस से जुड़े हुए अपडेट ले रहे हैं और साथ ही मंत्रियों के साथ बैठक भी की जा रही है। आक्रामक कोरोना वायरस के असर को देखते हुए उत्तर प्रदेश के आगरा में प्रशासन की ओर से सतर्कता बढ़ा दी गई है और साथ ही ताज महल आने वाले सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। आक्रामक कोरोना वायरस के कारण अब तक 3000 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। भारत में भी कोरोना वायरस के बारे में लोगों को सतर्क किया जा रहा है। अब तक 80,000 से ज्यादा लोग आक्रामक कोरोना वायरस का शिकार हो चुके हैं।

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सीडीसी के मुताबिक ‘ नया कोरोना वायरस तेजी से और आसानी से फैल रहा है। ये वायरस आसानी से एक-दूसरे को छूने से फैल रहा है। आपको बताते चलें की कोरोना वायरस COVID-19 की शुरुआत छींक और कफ से हुई थी। वैज्ञानिकों का मानना है कि नया कोरोना वायरस कितना आक्रामक है, इस बारे में सही से जानकारी नहीं है।

अभी इस बात को लेकर भी जांच चल रही है कि क्या इंफेक्टेड व्यक्ति के मल को छूने से भी कोरोना वायरस फैल सकता है या फिर नहीं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बात के एविडेंस कम ही हैं कि नया कोरोना वायरस मल से भी फैल सकता है। ये बात भी सामने आई है कि नए कोरोना वायरस लंबे समय तक हवा में जीवित नहीं रह सकते हैं।

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कोरोना वायरस ( COVID-19) से बचना है तो रखें ध्यान

आक्रामक कोरोना वायरस से बचने के लिए आपको कुछ बातों की ओर ध्यान देना होगा। घर में हो या फिर बाहर, हाथ धोना बहुत जरूरी है। साथ ही होली का माहौल भी आने वाला है, ऐसे में भीड़ में जाने से बचना ही बेहतर होगा। आक्रामक कोरोना वायरस लेटेस्ट अपडेट में बताया गया कि, खांसते या छींकते समय अपने मुंह और नाक को किसी टिश्यू पेपर का जरूर यूज करें। अगर भीड़ वाली जगह में जा रहे हैं तो बेहतर होगा कि मास्क जरूर पहनें। एक बार इस्तेमाल किए गए मास्क को दोबारा इस्तेमाल न करें। मास्क को लगाने की सही जानकारी होना भी जरूरी है। एक्लोहॉल बेस्ड हैंड रब का यूज करने के बाद ही मास्क को छुएं। अगर आपको फ्लू के लक्षण दिखाई दे रहे हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। अधिक दिनों तक फ्लू के लक्षणों को नजरअंदाज करना आपके लिए घातक हो सकता है। अगर आपको कोरोना वायरस से जुड़ी जानकारी चाहिए तो सरकार की आधिकारिक वेबसाइट में जाकर भी जानकारी हासिल कर सकते हैं।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

(Accessed on 5/2/2020)

Coronavirus has mutated into more aggressive disease, say scientists

https://www.telegraph.co.uk/science/2020/03/04/coronavirus-has-mutated-aggressive-disease-say-scientists/?utm_content=telegraph&utm_medium=Social&utm_campaign=Echobox&utm_source=Twitter#Echobox=1583342350(Accessed on 5/2/2020)

Chinese scientists identify two strains of the coronavirus, indicating it’s already mutated at least once

https://www.cnbc.com/2020/03/04/coronavirus-chinese-scientists-identify-two-types-covid-19.html(Accessed on 5/2/2020)

Coronavirus: Disease has mutated into two strains – one more aggressive, say scientists

https://www.nzherald.co.nz/world/news/article.cfm?c_id=2&objectid=12313973(Accessed on 5/2/2020)

How COVID-19 Spreads https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/about/transmission.html(Accessed on 5/2/2020)

Coronavirus Updates: California Reports Most Cases in U.S. and Declares an Emergency

https://www.nytimes.com/2020/03/05/world/coronavirus-news.html(Accessed on 5/2/2020)

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 03/06/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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