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भारतीय युवाओं को क्रॉनिक डिजीज अधिक, इससे बढ़ सकता है कोविड- 19 का खतरा

भारतीय युवाओं को क्रॉनिक डिजीज अधिक, इससे बढ़ सकता है कोविड- 19 का खतरा

भारत में कोरोना वायरस की वजह से अबतक संक्रमित मरीजों की संख्या 25 हजार के पार पहुंच चुकी है। पिछले कुछ दिनों में देश में कोविड- 19 के मामलों में तेजी देखी जा रही है। जहां अभी तक यह कहा जा रहा था, बुजुर्गों में कोरोना वायरस का खतरा अधिक होता है, वहीं अब यह रिसर्च सामने आ रही है कि, युवाओं को भी SARS-CoV-2 के इंफेक्शन का खतरा अधिक हो सकता है। सिर्फ यही नहीं, बल्कि भारतीय युवाओं को क्रॉनिक डिजीज की वजह से कोरोना वायरस का खतरा सबसे अधिक है। आइए, जानते हैं आखिर ऐसा क्यों कहा जा रहा है और इस रिपोर्ट में और क्या-क्या बातें सामने आई हैं।

भारतीय युवाओं को क्रॉनिक डिजीज के कारण कोविड- 19 का खतरा अधिक

एक स्टडी के मुताबिक, भारतीय युवाओं को क्रॉनिक डिजीज के कारण कोविड- 19 का खतरा अधिक है। स्टडी के मुताबिक, भारत में करीब 30 प्रतिशत वर्किंग एज वाले व्यक्तियों को कम से कम कोई न कोई एक क्रॉनिक डिजीज जरूर है। जिसकी वजह से उन्हें कोरोना वायरस का खतरा अधिक है, इस ग्रुप की उम्र 15 वर्ष से 64 वर्ष तक मानी गई है। यह स्टडी लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन की अगुवाई में की गई है, जो कि Medrxiv वेबसाइट पर प्रकाशित हुई है। दुनियाभर में ऐसे लोगों या वर्गों के बारे में अध्ययन किया जा रहा है, जिन्हें इस महामारी का खतरा अधिक है। जिससे इन लोगों को महामारी से बचाने के जरूरी एहतियात बरती जा सकें। आपको बता दें कि, आईसीएमआर के मुताबिक भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित 80 प्रतिशत मरीजों में मामूली बीमारी देखी जा रही है।

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भारतीय युवाओं को क्रॉनिक डिजीज : क्या कहती है स्टडी?

यह स्टडी उम्र, लिंग, देश, कार्डियोवैस्कुलर डिजीज, क्रॉनिक रेस्पिरेटरी डिजीज, क्रॉनिक लिवर डिजीज, डायबिटीज, कैंसर, एचआईवी/एड्स, ट्यूबरकुलोसिस, क्रॉनिक किडनी डिजीज, क्रॉनिक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर्स, सिकल सेल डिसऑर्डर आदि के आंकड़ों और ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज स्टडी को आधार मानकर अध्ययन किया है। शोध के मुताबिक, दुनियाभर की आबादी के लगभग 22 प्रतिशत यानी 170 करोड़ लोग कम से कम एक और 4 लाख लोग कम से कम दो क्रॉनिक डिजीज के शिकार हैं। इन क्रॉनिक डिजीज का खतरा 25 साल की उम्र तक के लोगों में 10 प्रतिशत, 50 साल की उम्र तक के लोगों में 33 प्रतिशत, 70 साल की उम्र तक के लोगों में 70 प्रतिशत है। इन बीमारियों के कारण व्यक्तियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से ही कम होती है और कोविड- 19 से संक्रमित होने के बाद इन लोगों को अत्यधिक व गंभीर समस्याओं से गुजरना पड़ सकता है।

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भारतीय युवाओं को क्रॉनिक डिजीज- कौन-सी बीमारी होती हैं क्रॉनिक डिजीज

जैसा कि आपने जाना कि भारतीय युवाओं को क्रॉनिक डिजीज के कारण कोरोना वायरस का खतरा अधिक होता है। ऐसे में आपके मन में सवाल आ सकता है कि, आखिर क्रॉनिक डिजीज किसे कहा जाता है। देखिए, क्रॉनिक डिजीज का मतलब इन बीमारियों से है, जो धीरे-धीरे शरीर में विकसित होती हैं और जिनका इलाज लंबे समय तक चलता है। जैसे- मधुमेह, अस्थमा, दिल की बीमारी, किडनी की बीमारी, हाइपरटेंशन, कैंसर, ब्रेन ट्यूमर आदि। यह सभी बीमारी आपके शरीर में समय के साथ विकसित होती हैं और अमूमन आपको इनका पता इनकी स्थिति गंभीर होने के बाद ही चल पाता है। ऐसे में यह बीमारियां आपके शरीर या शारीरिक अंगों को काफी समय से अस्वस्थ व कमजोर कर चुकी होती हैं और इसके बाद वह SARS-CoV-2 जैसे खतरनाक वायरस का हमला नहीं झेल पाती हैं। क्रॉनिक डिजीज से ग्रसित लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए काफी सावधानी बरतनी चाहिए और जितना हो सके उतना घर में ही रहना चाहिए।

यह भी पढ़ें: क्या हवा से भी फैल सकता है कोरोना वायरस, क्या कहता है WHO

कोरोना वायरस अपडेट (latest news on corona)

वर्ल्ड ओ मीटर के मुताबिक 26 अप्रैल दोपहर 3 बजे तक दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 29 लाख के पार हो गई है और इस खतरनाक बीमारी से जान गंवाने वालों की तादाद 2 लाख पहुंच चुकी है। वहीं भारत में संक्रमितों का आंकड़ा 25 हजार के पार हो चुका है और मरने वालों की संख्या 800 के पार हो गई है।

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COVID-19 Outbreak updates
Country: India
Data

1,435,453

Confirmed

917,568

Recovered

32,771

Death
Distribution Map

क्रॉनिक बीमारी में कोविड- 19 से खतरा कम करने के लिए सावधानी

कोरोना वायरस इंफेक्शन से बचने के लिए भारत सरकार ने लोगों के लिए कुछ सलाह दी है। इन एहतियात रूपी सलाह को फॉलो करने से आप कोरोना वायरस संक्रमण से काफी हद तक बच सकते हैं।

  1. कोरोना से बचने के लिए हाइजीन का ख्याल रखें।
  2. हाथों को 20 सेकेंड तक जरूर धुलें।
  3. मुंह को छूने से पहले हाथों की सफाई बहुत जरूरी है।
  4. आपको जब भी छींक या खांसी आए तो मुंह में रूमाल का प्रयोग जरूर करें, वरना वायरस फैलने का खतरा रहेगा।
  5. तबियत खराब लगने पर घर में ही मेडिसिन खाकर काम न चलाएं बल्कि डॉक्टर से मिलें।
  6. कोविड- 19 से बचाव के लिए समय-समय पर सही जानकारी जरूर हासिल करें।
  7. मास्क का यूज कर रहे हैं तो पहले हैंड को एल्कोहॉल बेस्ड हैंड रब से जरूर साफ करें।
  8. मास्क का यूज करने से कोरोना का खतरा अधिक कम हो जाता है। घर से बाहर निकले तो मास्क जरूर लगाएं।
  9. घर से बाहर निकलते वक्त मास्क जरूर पहनें और मास्क पहनने से पहले हाथों को अच्छे से साफ करें।
  10. कपड़े के मास्क को जब भी यूज करें, उसे अच्छे से साफ जरूर कर लें।
  11. अगर मास्क डिस्पोजल है तो उसे एक बार यूज करके फेंक दें।
  12. अगर ग्लव्स हैं तो उन्हें भी जरूर यूज करें
  13. घर में सब्जियों को लाने के बाद अच्छे से साफ करें।
  14. आप चाहे तो घर में ही हैंड सैनिटाइजर बनाकर उससे हाथ साफ करें।

कोरोना वायरस महामारी को देश से खत्म करने के लिए आपको लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही मास्क व पर्सनल हाइजीन जैसी सावधानियों का पालन करना होगा। इसके अलावा, सिर्फ सरकार या हेल्थ एक्सपर्ट द्वारा दी गई जानकारी पर ही विश्वास करें।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

और पढ़ें :-

कोरोना के दौरान सोशल डिस्टेंस ही सबसे पहला बचाव का तरीका

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Coronavirus – https://www.who.int/health-topics/coronavirus – Accessed on 24/4/2020

Coronavirus (COVID-19) – https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/index.html – Accessed on 24/4/2020

Coronavirus (COVID-19) – https://www.nhs.uk/conditions/coronavirus-covid-19/ – Accessed on 24/4/2020

Coronavirus disease 2019 (COVID-19) – Situation Report – 94 – https://www.who.int/docs/default-source/coronaviruse/situation-reports/20200423-sitrep-94-covid-19.pdf?sfvrsn=b8304bf0_4 – Accessed on 24/4/2020

Novel Corona Virus – https://www.mohfw.gov.in/ – Accessed on 24/4/2020

Chronic illnesses may put young Indians at higher risk of Covid-19: Study – https://www.hindustantimes.com/india-news/chronic-illnesses-may-put-young-indians-at-higher-risk-of-covid-19-study/story-3OMRxHwDlDpPfRTGM2bUsJ.html – Accessed on 24/4/2020


लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Surender aggarwal द्वारा लिखित
अपडेटेड 26/04/2020
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