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क्या चीन की लैब में हुआ है कोरोना वायरस का जन्म, US कर रहा है जांच

क्या चीन की लैब में हुआ है कोरोना वायरस का जन्म, US कर रहा है जांच

Coronavirus: कोरोना वायरस का जन्म अभी तक वैज्ञानिक और शोधकर्ताओं के लिए एक रहस्य बना हुआ है। न इसके बारे में पूरी जानकारी अभी तक किसी के हाथ लग पाई है और न इसका इलाज व रोकथाम का जरिया ही पता लग पाया है। इसके साथ-साथ दुनिया के कई वैज्ञानिक और शोधकर्ता यह जानने में लगे हुए हैं कि आखिर SARS-CoV-2 विकसित करने वाला नोवेल कोरोना वायरस का स्त्रोत क्या है। कुछ लोगों का मानना था कि, नोवेल कोरोना वायरस को चीन की एक लैब में तैयार किया गया है। इसी क्रम में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने भी कहा है कि, अमेरिका यह पता करने की कोशिश कर रहा है कि क्या नए कोरोना वायरस का जन्म चीन की किसी लैब में हुआ है।

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कोरोना वायरस का जन्म क्या वुहान की लैब में हुआ है

नोवेल कोरोना वायरस के स्त्रोत की जानकारी अभी तक पूरी दुनिया के लिए एक अनसुलझी पहेली बनी हुई है। अभी तक यह कोई नहीं बता पाया कि, असल में इसकी शुरुआत कहां से हुई है। हालांकि, कुछ अटकलें और तुक्के लगाए जा रहे हैं, जिसमें कई बार कहा गया है कि यह खतरनाक वायरस चीन के शहर वुहान में स्थित एक लैब में बनाया गया है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि, यह एक बायोलॉजिकल वेपन है, जो चीन अपनी लैब में तैयार कर रहा था और यह वहां से फैल गया। लेकिन, बाद में इन अटकलों को विराम देते हुए कहा गया कि, यह रेस्पिरेटरी इंफेक्शन करने वाला यह वायरस चमगादड़ों या पैंगोलिन जैसे किसी जानवर से मनुष्य में पहुंचा है। मगर अभी तक हुई खोजबीन के बाद भी वैज्ञानिक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए हैं।

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कोराेना वायरस का जन्म और अमेरिका की थ्योरी

कोविड- 19 का स्त्रोत एक रहस्य बने होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि, ‘अमेरिकी सरकार यह बात की जांच कर रही है कि क्या सच में कोविड- 19 का वायरस चीन के शहर वुहान की किसी लैब से उत्पन्न हुआ है या नहीं। हम इसकी गहनता से जांच कर रहे हैं कि आखिर हुआ क्या था और यह वायरस फैला कैसे।‘ आपको बता दें कि, यूएस ने डब्ल्यूएचओ को दी जाने वाली फंडिंग भी रोक दी है। क्योंकि, उसका यह मानना है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड- 19 के बारे में दुनिया को समय रहते हुए सावधान नहीं किया और उसने पूरे मामले में पक्षपात किया है।

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पूरी बात साफ करे चीन- अमेरिका

यूएस सेक्रेटरी ऑफ स्टेट माइक पोंपियो ने चीन से कहा है कि, ‘कोविड- 19 के बारे में वह जो कुछ भी जानता है, वो पूरी बात दुनिया को बताए।’ उन्होंने अपने चीनी समकक्ष से कहा है कि, ‘कोविड- 19 महामारी से लड़ने के लिए दुनिया को इससे संबंधित पूरी जानकारी और पारदर्शिता की जरूरत है, तभी भविष्य में इसे बढ़ने से रोका जा सकता है।‘ वहीं एक अमेरिकी अधिकारी ने पिछले हफ्ते कहा कि, ‘वैश्विक स्तर पर इतने लोगों की जान जाने से बचाया जा सकता था, अगर चीन अमेरिका को सीधा वुहान स्थित लैबोरेटरी में काम करने देता, जहां से यह महामारी फैली है।‘

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कोरोना वायरस का जन्म : ऐसे भी फैला हो सकता है SARS-CoV-2

एक अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट का कहना है कि, वुहान से फैला कोविड- 19 संक्रमण का वायरस एक बायोवेपन नहीं है, बल्कि यह चीन के प्रयासों का नतीजा है। जिसमें वह किसी वायरस से लड़ने की अपनी क्षमता को अमेरिका जितना या उससे ज्यादा बढ़ाना चाहता था। वहीं, लैब में किसी गलती या सुरक्षा मानदंडो की कमी होने की वजह से इसस कोई कर्मचारी संक्रमित हुआ होगा और उसी से यह वायरस पास की ‘वेट मार्केट’ में फैला होगा।

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कोरोना वायरस के बायोलॉजिकल वेपन मानने के पीछे का कारण

लोगों द्वारा कोरोना वायरस को बायोलॉजिकल वेपन मानने के पीछे कई किताबें, कथित भविष्यवाणियों आदि का हाथ है। जिसमें से एक 1981 में प्रकाशित हुई एक नोवल जिसका नाम ‘द आईज ऑफ डार्कनेस’ है। इसमें एक वायरस की बात की गई थी। जो देखने और सुनने में बिल्कुल मौजूदा कोरोना वायरस की तरह लगता है और इसे भी कोरोना वायरस की भविष्यवाणी माना गया था। सबसे खास बात यह है कि इसमें इस वायरस के रूप के साथ-साथ पनपने की भी सही जगह लिखी है और जो कि चीन का शहर वुहान। इस किताब के लेखर डीन कूंट्ज ने एक चैप्टर में लिखा है कि वुहान के बाहरी इलाके में स्थित एक लैब में वुहान-400 नामक एक बायोलॉजिकल वेपन बनाया गया। जो कि लोगों में सांस संबंधी प्रणाली को नुकसान पहुंचाकर मार देता है। लेकिन, यह सभी जानकारी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से मौजूद कोरोना वायरस के प्रकार से जोड़ी जा रही हैं। जिसका कोई भी आधिकारिक सबूत नहीं है। इसलिए, ऐसी किसी भी जानकारी पर विश्वास करना आपमें और समाज में डर का माहौल फैला सकता है।

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कोरोना वायरस से सावधानी

कोरोना वायरस इंफेक्शन से बचने के लिए भारत सरकार ने लोगों के लिए कुछ सलाह दी है। सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन के साथ इन एहतियात रूपी सलाह को फॉलो करने से आप कोरोना वायरस संक्रमण से काफी हद तक बच सकते हैं।

  • हाथों को अच्छी तरह से धोएं।
  • बेवजह लोगों से न मिलें, भीड़ न लगाएं।
  • आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें।
  • छींकते या खांसते समय अपने मुंह और नाक को किसी टिश्यू पेपर या फिर कोहनी को मोड़कर ढकें।
  • अगर आपको बुखार, खांसी या सांस लेने में दिक्कत हो रही है, तो जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से मिलें।
  • जब तक कोरोना वायरस का जन्म, इलाज व रोकथाम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी नहीं मिल जाती। तबतक अपने हेल्थ केयर प्रोवाइडर की हर सलाह मानें और पूरी जानकारी प्राप्त करते रहें।
  • भारत सरकार का कहना है कि अगर आप मास्क लगा रहे हैं तो उससे पहले अपने हाथों को एल्कोहॉल बेस्ड हैंड रब या फिर साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं।
  • अपने मुंह और नाक को मास्क से अच्छी तरह कवर करें कि उसमें किसी भी तरह का गैप न रहे।
  • एक बार इस्तेमाल किए गए मास्क को दोबारा इस्तेमाल न करें
  • मास्क को पीछे से हटाएं और उसे इस्तेमाल करने के बाद आगे से न छूएं।
  • इस्तेमाल के बाद मास्क को तुरंत एक बंद डस्टबिन में फेंक दें।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Coronavirus – https://www.who.int/health-topics/coronavirus – Accessed on 17/4/2020

Coronavirus (COVID-19) – https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/index.html – Accessed on 17/4/2020

Coronavirus (COVID-19) – https://www.nhs.uk/conditions/coronavirus-covid-19/ – Accessed on 17/4/2020

Coronavirus disease 2019 (COVID-19) – Situation Report – 87 – https://www.who.int/docs/default-source/coronaviruse/situation-reports/20200416-sitrep-87-covid-19.pdf?sfvrsn=9523115a_2 – Accessed on 17/4/2020

Novel Corona Virus – https://www.mohfw.gov.in/ – Accessed on 17/4/2020

लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Surender aggarwal द्वारा लिखित
अपडेटेड 17/04/2020
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