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इटली में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा लेकिन दक्षिण कोरिया में इतनी कम कैसे?

इटली में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा लेकिन दक्षिण कोरिया में इतनी कम कैसे?

दुनियाभर में कोरोना वायरस को एक महामारी घोषित कर दिया गया है। दुनिया के हर देश में यह वायरस पहुंच चुका है। हर देश को मिलाकर दुनियाभर में लाखों मामले सामने आ चुके हैं। चीन के वुहान से निकले इस वायरस से इटली और दक्षिण कोरिया को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। फिलहाल इटली में 28000 से अधिक मामले पॉजिटिव हैं और लगभग 3,000 लोग ठीक हो गए हैं। वहीं 2500 लोगों की मौत हो गई है।

दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस (Coronavirus in South Korea)

वहीं दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 8,162 हो गई है। वहीं 75 लोगों की मौत हो गई है। कोरिया सेंटर फॉर डिजीज एंड प्रिवेंशन (KCDC) ने इसकी जानकारी दी है। इटली और दक्षिण कोरिया में सबसे ज्यादा मामले सामने आने के बावजूद इटली में मरने वालों की संख्या ज्यादा है। वहीं दक्षिण कोरिया में बेहद कम है। जानते हैं ऐसा क्यों है।

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दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस में मरने वाले क्यों हैं कम?

दक्षिण कोरिया में इस सफलता के पीछे की सबसे बड़ी वजह विस्तृत और सुव्यवस्थित परीक्षण को माना जा रहा है। संक्रमित लोगों को अलग करने और उनके संपर्क में आने वाले लोगों ट्रेस करने में कोरिया सबसे आगे रहा। Worldometer वेबसाइट के अनुसार, दक्षिण कोरिया ने 270,000 से अधिक लोगों का परीक्षण किया है, जो प्रति मिलियन निवासियों पर 5200 से अधिक परीक्षण करते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका ने अब तक प्रति 1 मिलियन निवासियों पर 74 परीक्षण किए हैं।

दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस से निपटने के लिए कई कदम उठाए जा रहे है। देश में आयोजित होने वाले कई कार्यक्रमों को रद्द या स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन ने मास्क निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। दक्षिण कोरिया की न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी के अनुसार, किसी भी संक्रमण के इलाज के लिए सबसे पहले परीक्षण करना जरूरी है। इससे महामारी को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है। परीक्षण ना कर पाना ही इस महामारी के फैलने का सबसे बड़ा कारण है।

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वहीं इटली या अन्य देशों में सही समय पर परीक्षण उपलब्ध ना होने के कारण मौते हुईं। परीक्षण से ही लक्षणों को रोककर जिंदगी बचाई जा सकती है। किसी एक का परीक्षण करने मात्र से कोरोना वायरस नहीं रुकेगा। हर एक का परीक्षण करना जरूरी है फिर चाहे उसमें लक्षण दिखे या ना दिखें। प्रभावी दवा होने से ज्यादा जरूरी है जल्द से जल्द इलाज मिलना।कोरोना वायरस की वैक्सीन अभी तक नहीं बनी है। ऐसे में किसी भी मरीज को बिना इलाज के छोड़ा नहीं जा सकता है। वैक्सीन ना होने पर भी इलाज किया जा रहा है और मरीज ठीक होकर लौटे भी हैं। वैक्सीन का इंतजार करना मूर्खता है।

कोरोना वायरस का कोई विशेष उपचार नहीं है। वास्तव में, कोविड 19 से पीड़ित लोगों की मृत्यु का कारण लंग्स फेल होना होता है और इसका इलाज डॉक्टर करते हैं।

दक्षिण कोरिया में 18.5% आबादी 60 वर्ष की आयु के लोगों की है। वैश्विक स्तर पर यह 53वें स्थान पर है। इटली में, 1,000 से अधिक मौतें 70 या उससे अधिक उम्र के लोगों की हुई हैं। वहीं दक्षिण कोरिया में केवल 20% 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण देखे गए। कोरोना वायरस से मौत में लिंग भी जिम्मेदार है। चीन के आंकड़ों के अनुसार, पुरुषों में मृत्यु दर 4.7% जबकि महिलाओं 2.8% है।

इसके अलावा धूम्रपान भी कोरोना वायरस से मरने वालों का एक कारक है। दक्षिण कोरिया और इटली में धूम्रपान की दर लगभग समान है। इटालियंस के लिए 24% और दक्षिण कोरियाई लोगों के लिए 27% है। इटली में, 28% पुरुष और 20% महिला धूम्रपान करते हैं। जबकि कोरिया में, यह लगभग 50% पुरुष और 5% से कम महिलाएं हैं। दक्षिण कोरिया में युवा महिलाएं ज्यादा धूम्रपान करती हैं। जबकि इटली की बुजुर्ग धूम्रपान के आदी हैं।

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भारत में कोरोना वायरस पर कैसे पाया जा रहा काबू?

आईसीएमआर के अनुसार, कोरोना वायरस फैलने के चार चरण हैं। पहले चरण में वे लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए जो दूसरे देश से संक्रमित होकर भारत में आए। यह स्टेज भारत पार कर चुका है क्योंकि ऐसे लोगों से भारत में स्थानीय स्तर पर संक्रमण फैल चुका है। दूसरे चरण में स्थानीय स्तर पर संक्रमण फैलता है, लेकिन ये वे लोग होते हैं जो किसी ना किसी ऐसे संक्रमित शख्स के संपर्क में आए जो विदेश यात्रा करके लौटे थे। तीसरा चरण थोड़ा खतरनाक है। यह ‘कम्युनिटी ट्रांसमिशन’ का है, जिसे लेकर भारत सरकार चिंतित है।

कम्युनिटी ट्रांसमिशन तब होता है जब कोई व्यक्ति किसी ज्ञात संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए बिना या वायरस से संक्रमित देश की यात्रा किए बिना ही इसका शिकार हो जाता है। पिछले दो सप्ताह में जितनी बार भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेस वार्ता की है, उसमें इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि भारत में अभी तीसरा चरण नहीं आया है। चौथे चरण की बात करें तो संक्रमण स्थानीय स्तर पर महामारी का रूप ले लेता है।

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हाल ही में पीएम मोदी ने कोरोना वायरस को लेकर देश का संबोधन किया। नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ दिन में नवरात्रि का पर्व आ रहा है। ये शक्ति उपासना का पर्व है। भारत पूरी शक्ति के साथ आगे बढ़े, यही शुभकामना है। लोगों को संकल्प लेना चाहिए कि वे केंद्र और राज्य सरकारों के परामर्श का अनुपालन करेंगे। वे नियमित जांच के लिए अस्पताल जाने से बचें ताकि स्वास्थ्यकर्मियों पर दबाव कम हो।

पीएम मोदी ने आगे कहा, हम साथ मिलकर इस वैश्विक महामारी से लड़ सकते हैं। आने वाला समय हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण है। कोरोना वायरस से निपटने के लिए कोई मुकम्मल उपाय नहीं मिला है न ही कोई टीका विकसित हुआ है। यह मानना गलत है कि भारत पर कोरोना वायरस का असर नहीं पड़ेगा, ऐसी महामारी में ‘हम स्वस्थ, जगत स्वस्थ मंत्र काम आ सकता है।

हम आशा करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस की स्थिति के बारे में बताया है। यदि आपको इस लेख से जुड़ी अन्य कोई जानकारी चाहिए तो आप अपना सवाल कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Coronavirus in South Korea: https://edition.cnn.com/2020/03/16/opinions/south-korea-italy-coronavirus-survivability-sepkowitz/index.html Accessed March 20, 2020

Coronavirus in South Korea: https://www.sciencemag.org/news/2020/03/coronavirus-cases-have-dropped-sharply-south-korea-whats-secret-its-success Accessed March 20, 2020

Coronavirus in South Korea: https://www.businessinsider.com/coronavirus-south-korea-spread-daily-case-count-decreases-over-time-2020-3 Accessed March 20, 2020

Coronavirus – https://www.who.int/health-topics/coronavirus – Accessed on 19/3/2020

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Coronavirus (COVID-19) – https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/index.html – Accessed on 19/3/2020

Coronavirus (CO

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Mona narang द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 11/06/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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