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कोरोना महामारी में कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग (Contact Tracing) कैसे कर रही है काम, जानिए

कोरोना महामारी में कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग (Contact Tracing) कैसे कर रही है काम, जानिए

कोरोना महामारी के कारण लोग तेजी से संक्रमित हो रहे हैं। फॉरेन ट्रेवल हिस्ट्री वाले लोगों को अधिक सतर्क रहने के लिए कहा गया। वजह सिर्फ इतनी थी कि भारत में कोरोना महामारी फैलने से पहले विदेशों में कोरोना महामारी तेजी से फैली चुकी थी। जो लोग विदेश से भारत वापस आए, उनमें कई लोग ऐसे थे जिनकी तुरंत जांच करने पर वो लोग निगेटिव पाए गए, जबकि कुछ ही दिनों बाद कोरोना के लक्षण के आधार पर जांच करवाने पर कोरोना का रिजल्ट पॉजिटिव आया। अब ऐसे लोगों की खोज शुरू कर दी गई, जो लोग कोरोना पॉजिटिव लोगों के संपर्क में आए हो। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों को ट्रेस करना ही कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग कहलाता है। कोरोना महामारी में कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की हेल्प से ज्यादा से ज्यादा लोगों को ट्रेस किया जा रहा है। जॉन्स हॉपकिन्स ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ ने कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग का काम शुरू किया है। पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट की सहायता से वर्कर को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

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कोरोना महामारी में कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग है जरूरी

अमेरिका में कोरोना महामारी के कारण बहुत तबाही मच चुकी है। अमेरिका में 12 लाख से ज्यादा लोग कोरोना महामारी से संक्रमित हैं, जबकि करीब 70 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। अमेरिका में कोविड-19 का संक्रमण जब फैलना शुरू हुआ था, तब अमेरिका ने लॉकडाउन नहीं लगाया था। अब लॉकडाउन के बावजूद भी वहां कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की संख्या और कोरोना से मरने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ। अब अमेरिका लॉकडाउन को पूरी तरह से खोलकर अर्थव्यवस्था में तेजी लाना चाहता है। इसी कारण से कोरोना महामारी में कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग से प्रशिक्षित अधिक लोगों की जरूरत महसूस हो रही है। हजारों लोगों को कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि भविष्य में कोरोना के प्रकोप से बचा जा सके।

लाखों कॉन्‍टेक्‍ट ट्रेस‍िंग वर्कर की पड़ेगी जरूरत

पब्लिक हेल्थ ऑनगोइंग रोल में मुख्य भूमिका निभा रहे वॉटसन ने मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए जानकारी दी कि अमेरिका को फिर से खोलने की तैयारी की जा रही है ताकि अर्थव्यवस्था को दुरस्त किया जा सके। ऐसे में कोविड-19 के लिए कॉन्‍टेक्‍ट ट्रेस‍िंग टूल बहुत जरूरी है। उन्होंने ये भी जानकारी दी कि, हमें कॉन्‍टेक्‍ट ट्रेस‍िंग से प्रशिक्षित करीब एक लाख से ज्यादा वर्कर की जरूरत है। राष्ट्रीय आपातकाल में इससे ज्यादा लोगों की जरूरत भी पड़ सकती है।

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कोविड-19 के लिए कॉन्‍टेक्‍ट ट्रेस‍िंग है उम्मीद की किरण

न्यूयार्क के पूर्व मेयर ने इस बारे में कहा कि, अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बहुत जरूरी है कि लॉकडाउन को धीरे-धीरे खोला जाए। लेकिन हम सभी के लिए ये भी बहुत जरूरी है, कि भीड़ में कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति की पहचान भी की जाए। जब सोशल डिस्टेंसिंग रिलेक्स करती है तो कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग उम्मीद की किरण जगाने का काम करती है।

कोरोना महामारी में कैसे काम करती है कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग

कोरोना महामारी में कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग संक्रमण के ट्रांसमिशन की चैन को तोड़ने का काम करती है। साथ ही ये कोरोना के फ्यूचर वेव यानी उछाल के मामलों को कम करने का काम भी करती है। साथ ही भविष्य में लोग कैसे अधिक सुरक्षित ढंग से बाहर निकलकर काम कर सके, इसे सुनिश्चित करती है। कोरोना महामारी में कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की हेल्प से कुल संक्रमित व्यक्तियों तक पहुंचा जा सकता है। कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की हेल्प से संक्रमित व्यक्ति के बारे में जानकारी मिलती है।

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  • संक्रमित व्यक्ति को सबसे पहले अलग किया जाता है।
  • संक्रमित व्यक्ति को कुछ समय के लिए अलग रखा जाता है और उससे पूछताछ की जाती है।
  • फिर उस व्यक्ति से उन लोगों के बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है जो उनसे मिले हैं।
  • इस चेन में जितने भी लोग शामिल होते हैं, उन सभी की जांच की जाती है।
  • सभी संक्रमित व्यक्तियों को अलग कर लिया जाता है और उन सभी से संपर्क में आए अन्य व्यक्तियों के बारे में जानकारी ली जाती है ताकि वो संक्रमण को आगे न फैलाएं।
  • कोविड-19 बीमारी को लेकर अब तक कोई भी वैक्सीन नहीं बन पाई है, इसलिए कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की हेल्प से संक्रमण को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है।

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कोरोना महामारी में कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग से गोपनीयता को खतरा ?

कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के दौरान मेडिकल प्राइवेसी को लेकर कुछ चिंता भी जाहिर की गई है। इस वजह से हेल्थ ऑफिशियल्स ने इसे सीरियस लिया है। अमेरिका के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि, हम लोग इस बारे में सोच रहे हैं और जल्द ही सुरक्षा के लिए महत्मवपूर्ण कदम उठाएंगे। यूके में मिलियन लोगों को कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए मूवमेंट ट्रैक की बात कही गई है। हेल्थ सेकेट्री ने इस बात की जानकारी दी है कि फिलहाल इसका ट्रायल शुरू हो चुका है और टेस्ट, ट्रैक और ट्रेस प्रोग्राम को जल्द चालू कर दिया जाएगा। सभी लोगों को एप को डाउनलोड करने की सलाह दी गई है। कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग को लेकर कुछ लोगों के मन में सवाल भी है। टेक विशेषज्ञों का कहना है कि हैकर्स के लिए एप का नया वर्जन हैक करना मुश्किल है। सभी लोगों को इसका उपयोग करना चाहिए।

हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है। कोरोना वायरस के लक्षण नजर आते हैं लापरवाही न बरतें। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और अपना इलाज कराएं। अगर जरूरत न हो तो घर के बाहर न जाएं और लॉकडाउन का पालन करें। घर के बाहर जाते समय सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

What Is ‘Contact Tracing’ and How Does it Work?  :https://www.webmd.com/lung/news/20200504/what-is-contact-tracing-and-how-does-it-work?ecd=wnl_spr_050420&ctr=wnl-spr-050420_nsl-Bodymodule_Position3&mb=dq%40wqQoR7g0Dw37Z08r7exJZpsk9%40mj5aZRtyV29GS8%3d#2🙁 Accessed on 5/5/2020)

Contact Tracing : Part of a Multipronged Approach to Fight the COVID-19 Pandemic:https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/php/principles-contact-tracing.html 🙁 Accessed on 5/5/2020)

Contact tracing: what is the UK’s test, track and trace plan?:https://www.telegraph.co.uk/news/2020/05/05/contact-tracing-uk-test-track-trace/: ( Accessed on 5/5/2020)

Coronavirus: How does contact tracing work and is my data safe? https://www.bbc.com/news/amp/explainers-52442754 ( Accessed on 5/5/2020)

लेखक की तस्वीर
05/05/2020 पर Bhawana Awasthi के द्वारा लिखा
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
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