Novel Coronavirus: जानें क्यों बेहद खतरनाक है चीन में फैल रहा कोरोना वायरस संक्रमण

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अपडेट डेट June 9, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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चीन में एक नए कोरोना वायरस (Novel Coronavirus) का प्रकोप फैल रहा है। जिसका खतरा दूसरे एशियाई देशों में भी बढ़ गया है। इस कोरोना वायरस संक्रमण को वैज्ञानिकों ने नोवेल कोरोना वायरस नाम दिया है, जिसका साइंटिफिक नाम 2019-nCoV रखा गया है और इसका फैमिली नाम कोरोनाविरिडिए (Coronaviridae) है। यह कोरोना वायरस इतना खतरनाक है कि चीन के आसपास वाले देशों जैसे थाईलैंड, जापान और दक्षिण कोरिया में भी इसके मामले देखने को मिल रहे हैं। इसी खतरे को भांपते हुए भारत सरकार ने भी नए कोरोना वायरस को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है। क्योंकि, चीन का पड़ोसी होने की वजह से और चीन में यात्रा करने वाली ज्यादा संख्या की वजह से इसके यहां होने का भी बड़ा खतरा है। आपको बता दें कि, नोवेल कोरोना वायरस की वजह से अबतक करीब 6 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 300 लोग इससे संक्रमित हैं। चीन ने बताया कि यह वायरस खांसी या जुकाम के द्वारा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है, जिसकी वजह से यह ज्यादा खतरनाक हो गया है। मगर, इसके फैलने के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। इसके खतरनाक होने का एक अन्य कारण भी है, जो आप इस आर्टिकल में आगे जानेंगे…

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क्यों खतरनाक है नोवेल कोरोना वायरस संक्रमण?

नोवेल कोरोना वायरस अबतक पहले कभी न देखा गया वायरस है, जो कि कोरोना वायरस के सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (Severe Acute Respiratory Syndrome; SARS) के प्रकार का बताया जा रहा है। इस मतलब है कि वायरस के इस प्रकार के कारण सामान्य जुकाम से लेकर रेस्पिरेटरी सिस्टम की गंभीर समस्या तक हो सकती है। जो कि जानलेवा भी साबित हो सकती है। इसी तरह के वायरस ने चीन में 2002 से 2003 तक भी तबाही मचाई थी, जिसमें चीन के मुख्य क्षेत्र में 349 लोगों और हांगकांग में 299 लोगों की मौत हुई थी। चीन के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, यह वायरस लोगों के बीच तेजी से फैल रहा है और इसके मामले और ज्यादा बढ़ने की आशंका भी है। दूसरी तरफ, डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस को लेकर कहा है कि, यह स्थिति इंटरनेशनल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी पैदा कर सकती है।

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कोरोना वायरस संक्रमण क्या है?

दरअसल, कोरोना वायरस कई प्रकार का हो सकता है, जो कि इंसानों समेत सभी मैमल्स (Mammals) में रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं को पैदा कर सकता है। इस वायरस का नाम कोरोना वायरस इस वजह से पड़ा, क्योंकि इलेक्ट्रोन माइक्रोस्कॉप के नीचे यह वायरस क्राउन शेप में दिखता है और लेटिन में कोरोना का अर्थ क्राउन होता है। अधिकतर कोरोना वायरस हानिकारक नहीं होते हैं। लेकिन, कोरोना वायरस के सार्स (SARS) और मार्स (MERS) प्रकार इंसानों के लिए खतरनाक हो सकते हैं। जानवरों में पहला कोरोना वायरस पहली बार 1937 में पक्षियों में संक्रमित ब्रोंकाइटिस वायरस के रूप में मिला था और इसके बाद पहला ह्यूमन कोरोना वायरस 1960 में सामान्य जुकाम से ग्रसित मरीजों की नाक में पाया गया।

कोविड-19 क्यों खतरनाक है?

जैसा कि हमने ऊपर बताया था कि, नोवेल कोरोना वायरस के खतरनाक होने का एक अन्य कारण भी है। वो है कि इसे शुरुआत में पहचानना बहुत मुश्किल है। सामान्य जुकाम या फ्लू वायरस के संपर्क में आने के तुरंत बाद लक्षण दिखाने लगते हैं, लेकिन कोरोना वायरस धीरे-धीरे गंभीर लक्षण दिखाने शुरू करता है और ऐसे में जल्दी देखरेख न मिलने की वजह से यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। नोवेल कोरोना वायरस के शुरुआती लक्षण सामान्य जुकाम या फ्लू के लक्षणों जैसे ही होते हैं, जो कि माइल्ड होते हैं। कोरोना वायरस से सावधानी इस बीमारी से बचाव का रास्ता है। कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया में बदलाव देखने को मिल रहा है।

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नोवेल कोरोना वायरस की शुरुआत कैसे हुई?

वैज्ञानिकों के मुताबिक इस वायरस का केंद्र चीन के हुबेई प्रांत में स्थित वुहान शहर के किसी होलसेल मार्केट या सीफूड मार्केट में है, जहां से यह वायरस फैला है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन में चीन ने इसके बारे में 31 दिसंबर 2019 को दर्ज करवाया गया था। जिसमें, वुहान शहर में अनजान कारणों की वजह से निमोनिया के कुछ मामलों के बारे में बताया गया था। लेकिन, अब इसके बढ़ते प्रकोप को देखते हुए, डब्ल्यूएचओ ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की मीटिंग की है और इससे जुड़े जरूरी कदमों के बारे में बातचीत की है। चीन के वुहान शहर की यात्रा करने वाले लोगों को जरूरी एहतियात रखने की सलाह दी गई है और कई देशों या चीन के दूसरे शहरों में उन लोगों की स्क्रीनिंग भी करवाई जा रही है।

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कोरोना वायरस के लक्षण

  • छींक आना
  • शारीरिक थकान
  • खांसी
  • नाक बहना
  • बुखार
  • गले में दर्द
  • सांस फूलना
  • डायरिया
  • दर्द

इसके अलावा, कोरोना वायरस का इलाज अभी तक नहीं मिल पाया है। जिसकी वजह से यह ज्यादा खतरनाक हो जाता है। इसके इलाज की जगह कोरोना वायरस से ग्रसित व्यक्ति को डॉक्टर की निगरानी और देखरेख न मिल पाने की वजह से यह बीमारी खतरनाक हो जाती है और गंभीर रेस्पिरेटरी डिजीज का कारण बन सकती है। इन बीमारियों की वजह गंभीर फेफड़ों में इंफेक्शन हो सकता है जो कि बाद में लंग्स, लिवर और हार्ट के फेल होने की भी वजह बन सकता है।

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कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर भारत सरकार की एडवाइजरी

भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने नोवेल कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए एक एडवाइजरी जारी की है। जिसमें, भारतीय नागरिकों को कुछ स्वास्थ्य संबंधी सलाह भी दी गई हैं। जो कि, खासकर चीन या चीन के वुहान शहर या उसके आसपास या फिर कोरोना वायरस के मामले पाए गए दूसरे देशों में यात्रा करने वाले लोगों के लिए बहुत जरूरी है। इसके अलावा, अन्य भारतीय नागरिकों को भी इन एहतियातों को बरतने के बारे में सुझाव दिया गया है। भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एडवाइजरी कुछ इस प्रकार है

  1. कोरोना वायरस से बचाव के लिए भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि आप जब भी घर से बाहर निकलें तो मुंह पर मास्क का प्रयोग करके निकलें।
  2. इसके अलावा, चीन की यात्रा करने वाले लोग अपने स्वास्थ्य के बारे में बारीकी से नजर रखें और उसमें जरा-सा भी बदलाव आने पर डॉक्टर को तुरंत दिखाएं।
  3. अगर चीन या उसके आसपास के देशों की यात्रा करने के दौरान या उसके बाद आपको छींक, खांसी, बुखार या शारीरिक थकान महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर की मदद लें।
  4. यदि चीन जा रहे हैं या उससे आ रहे विमान में किसी भी भारतीय नागरिक की तबियत खराब हो, तो इसकी सूचना तुरंत एयरहोस्टेस को दें और उससे मास्क लें। इसके बाद एयरपोर्ट हेल्थ अथॉरिटी से संपर्क करें।
  5. घर से बाहर जाने पर अपने साथ ताजा खाना रखें और बाहर का खाना न खाएं।
  6. किसी से भी हाथ मिलाने से बचें और यदि जरूरी भी है तो हाथ मिलाने के बाद हाथों को साबुन से धोएं।
  7. छींक या खांसी आने पर मुंह को ढक लें।
  8. खांसी और छींक से परेशान मरीज से थोड़ी एहतियात के साथ मिलें या जिसकी तबियत ठीक न हो उससे दूरी बनाकर रखें।
  9. जानवरों के संपर्क से दूर रहें और मीट का सेवन भी कम करें।
  10. किसी भी तरह के जानवरों के फार्म, पशुओं के बाजार और बूचड़खाने में जाने से बचें।

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