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कोरोना की वजह से डर्मेटोलॉजी के क्षेत्र में भी संकट के बादल, बचाव के तरीकों पर दिया जा रहा जोर

कोरोना की वजह से डर्मेटोलॉजी के क्षेत्र में भी संकट के बादल, बचाव के तरीकों पर दिया जा रहा जोर

मार्च की शुरुआत में जब भारत में कोरोना ने दस्तक दी, तो शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यहां स्थिति इतनी भयावह हो जाएगी। 25 मार्च को लॉकडाउन के बाद से कोरोना के मामले लगातार बढ़ते ही चले गए और अप्रैल में तो इसमें रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। हर दिन हजार के ऊपर मरीज मिल रहे हैं और भारत में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 20 हजार तक पहुंच चुका है और इससे करीब 640 मौतें हो चुकी हैं। फिलहाल कोरोना वायरस से होने वाली बीमारी कोविड-19 का कहर थमता नहीं दिख रहा। कोरोना ने हर क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है, यहां तक कि अब तो बीमार लोगों के लिए भी अस्पताल जाना आसान नहीं है। आज इस लेख में हम बात करेंगे कोरोना वायरस और डर्मेटोलॉजी क्षेत्र केे बारे मेें।

कोरोना वायरस और डर्मेटोलॉजी

कोरोना ने मेडिकल फील्ड को ऐसी चुनौती दी है जिससे पूरी दुनिया का हेल्थ केयर सिस्टम हिल गया है। कोरोना की वजह से अस्पताल को सामान्य मरीजों के लिए बंद कर दिया गया है। एक तरह से मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति हो गई है। इन हालातों में डर्मेटोलॉजी के क्षेत्र में नई चुनौतियां आ गई हैं। आप सोच रहे होंगे कि कोरोना वायरस और डर्मेटोलॉजी में क्या लेना देना है। बता दें, कि कोरोना वायरस के डर से डर्मेटोलॉजिस्ट अब पहले की तरह बेफिक्र होकर पेशेंट का इलाज नहीं कर सकते, क्योंकि क्या पता किसी संक्रमित को छूने से वह भी इंफेक्टेड हो जाएं। ऐसे में चीन के वुहान, जहां से कोरोना की शुरुआत हुई, वहां के कुछ डर्मेटोलॉजिस्ट ने अपने कोरना के अनुभव और इससे डर्मेटोलॉजिस्ट को बचने के लिए एक ब्लूप्रिंट तैयार किया है ताकि कोरोना के संभावित खतरे से डर्मेटोलॉजिस्ट खुद को और दूसरे मरीजों को बचा सकें।

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कोरोना वायरस और डर्मेटोलॉजी : चीन के डर्मेटोलॉजिस्ट ने दिए ये टिप्स

चीन के डर्मेटोलॉजिस्ट का लेख ब्रिटिश जर्नल ऑफ डर्मेटोलॉजी में पब्लिश हुआ है। उन्होंने बताया कि डर्मेटोलॉजी डिपार्टमेंट को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए क्या एहतियात बरती गईः

  • सभी मरीजों को अस्पताल के गेट पर अलग-अलग भागों में बांटा गया। जिन्हें कोरोना संक्रमण का संदेह था उन्हें सीधे कोरोना से संबंधित डिपार्टमेंट में भेजा गया।
  • जिन मरीजों को स्किन संबंधी समस्या थी और उनके कोरोना संक्रमित होने का संदेह नहीं था, उन्हें डर्मेटोलॉजिस्ट डिपार्टमेंट में भेजा गया। यहां एक बार दोबारा उनकी जांच की जाती है।
  • दूसरी जांच में यदि मरीज संदिग्ध लगता है तो उन्हें कोरोना से संबंधित डिपार्टमेंट में भेज दिया जाता है। यदि दूसरी जांच में संक्रमित होने का संदेह नहीं होता है या कोरोना डिपार्टमेंट मरीज को क्लिन चिट दे देता है, तभी उसे डर्मेटोलॉजिस्ट के क्लिनिक में जाने दिया जाता है।
  • चीन की डर्मेटोलॉजिस्ट टीम का मानना है कि त्वचा संबंधी स्थितियां इससे जुड़े घाव के कारण कोरोना से संक्रमित होने का खतरा अधिक होता है। वायरस त्वचा के नीचे के ऊतकों,श्लैष्मिक सतह और ब्लड वेसल के जरिए संक्रमण फैला सकते हैं। हालांकि यह बात साबित नहीं हुई है।

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कोरोना वायरस और डर्मेटोलॉजी: क्या सचमुच त्वचा के घाव से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है?

इस बारे में जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के डर्मेटोलॉजिस्ट के प्रोफेसर एडम फ्रीडमैन के मुताबिक,त्वचा संबंधी समस्या या घाव कोरोना संक्रमण के खतरे को बढ़ाते हैं इस बात पर उन्हें संदेह है, क्योंकि वायरस केराटिनोसाइट्स को संक्रमित नहीं करता है। साथ ही उन्होंने चिंता जताई है कि ऐसी बातों से उन मरीजों को परेशानी हो सकती है जिन्हें स्किन रैशेज या त्वचा संबंधी अन्य परेशानी है, क्योंकि ऐसे लोगों को कोरोना संदिग्ध माना जाने लगेगा। हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि डर्मेटोलॉजी में मरीज के इलाज के लिए इम्यूनोसप्रेसिव (प्रतिरक्षा तंत्र को दबाना) एजेंट का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे मरीज कोरोना संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकता है। उनका मानना है कि डर्मेटोलॉजिस्ट को इस बारे में विचार करने की जरूरत है, खासतौर पर बुजुर्ग मरीजों की क्योंकि वह दवाओं पर अधिक निर्भर रहते हैं। यानी पुख्ता तौर पर भले ही कुछ नहीं कहा जा सकता हो, लेकिन कुछ दवाएं इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देती है जिससे मरीज के संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में डर्मेटोलॉजिस्ट को मरीज के इलाज के समय अब दवाओं का ध्यान रखना होगा।

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कोरोना वायरस और डर्मेटोलॉजी: कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए एहतियाती कदम

  • चीन के डर्मेटोलॉजिस्ट का सुझाव है कि आमतौर पर त्वचा से संबंधित समस्याएं बहुत गंभीर नहीं होती है। ऐसे में मामूली स्किन प्रॉब्लम्स के लिए मरीज को क्लिनिक बुलाने की बजाय उनकी समस्याएं समझकर ऑनलाइन सलाह देना बेहतर तरीका है।
  • साथ ही उनका सुझाव है कि जो मरीज त्वचा संबंधी समस्याओं के कारण एडमिट है और उसे अचानक बुखार आता है तो डर्मेटोलॉजिस्ट को कोविड 19 डिपार्टमेंट से संपर्क करना चाहिए।
  • मरीज पहले ठीक था और अस्पताल में भर्ती के दौरान उसे बुखार या कोरोना के अन्य लक्षण दिख सकते हैं, इसलिए वहां कोविड 19 का केस हैंडल करने वाले प्रशिक्षित डॉक्टरों की एक टीम जरूर होनी चाहिए ताकि किसी को यदि संक्रमण होता भी है तो उसे फैलने से रोका जा सके। इस टीम को रेसप्रायट्री इंटेसिव केयर और रेडियोलॉजिस्ट डिपार्टमेंट से लगातार संपर्क में रहना चाहिए। ताकि मरीज को सही देखभाल मिल सके।
  • यदि अस्पताल में भर्ती किसी कोरोना मरीज को त्वचा संबंधी समस्या है तो प्रभावित हिस्से की फोटो लेकर डर्मेटोलॉजिस्ट के पास मूल्यांकन के लिए भेजा जा सकता है और फोन पर पेशेंट से बात करवाई जा सकती है। यदि बहुत जरूरी हो तो डर्मेटोलॉजिस्ट मरीज के बेड के करीब जा सकता है, लेकिन पर्याप्त दूरी और सभी एहतियात बरतने के साथ।

कोरोना से बचाव के लिए सामाजिक दूरी एकमात्र उपाय

पूरी दुनिया में तबाही का पर्याय बन चुके कोरोना से बचाव का फिलहाल एक ही तरीका है जो सारी दुनिया के एक्सपर्ट्स बता रहे हैं और वह है सामाजिक दूरी, चूकि अभी तक इसकी कोई वैक्सीन या दवा नहीं बनाई जा सकती है ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग से ही कोरोना के संक्रमण से बचा जा सकता है। डॉक्टर्स लोगों को सावधानी बरतने के लिए कह रहे हैं क्योंकि यहीं कोरोना से बचने का एक मात्र उपाय है।

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लोगों को इस बात को गंभीरता से समझना और उसे फॉलो करना होगा, क्योंकि यह वायरस बेहद खतरनाक है और इसके खतरे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरी एहतियात बरतने के बावजूद बड़ी तादाद में डॉक्टर और नर्स इससे संक्रमित हो रहे हैं। इसलिए इस समय लोग सामाजिक दूरी और हाइजीन मेंटेन करके ही खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। इस दौरान यदि आपको किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या या स्किन प्रॉब्लम होती है तो फोन पर ही डॉक्टर से परामर्श करें। आपको बताते चले कि कोरोना से बचाव के लिए अमेरिका सहित अन्य देश कोरोना की दवा खोज रहे हैं।

हम आशा करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में कोरोना वायरस और डर्मेटोलॉजी से जुड़ी जानकारी देने की कोशिश की गई है। यदि आप इससे जुड़ी अन्य कोई जानकारी पाना चाहते हैं तो आप अपना सवाल कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैैं।

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सूत्र

What should Dermatologist know: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC7102542/ Accessed April 22, 2020

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What are we doing in the dermatology outpatient department amidst the raging of the 2019 novel coronavirus?

https://www.jaad.org/article/S0190-9622(20)30268-1/pdf Accessed April 22, 2020

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Accessed April 22, 2020

https://www.aad.org/member/practice/coronavirus

Accessed April 22, 2020

लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Mona narang द्वारा लिखित
अपडेटेड 23/04/2020
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