स्वस्थ्य दिखने वाला व्यक्ति भी आपको कर सकता है संक्रमित, जानिए कोरोना साइलेंट कैरियर के बारे में

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जून 3, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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आप सोचिए कि कोरोना वायरस के बारे में किसी भी व्यक्ति को कैसे पता चलता है ? यकीनन आपका जवाब होगा कि लक्षणों के आधार पर और फिर जांच के बाद ही कोरोना वायरस का पता चलता है। अगर किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस के लक्षण ही न नजर आएं और वो फिर भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो तो क्या होगा ? ये बहुत भयावह स्थिति है क्योंकि कोरोना साइलेंट कैरियर को खुद भी नहीं पता होता है कि वो कोविड-19 से पीड़ित है। कोरोना साइलेंट कैरियर बिना किसी लक्षण के दूसरे व्यक्ति को आसानी से संक्रमित कर सकता है। कोरोना साइलेंट कैरियर की संख्या विदेशों में लगातार बढ़ रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुंबई में भी करीब 70 फीसदी लोग कोरोना साइलेंट कैरियर हो सकते हैं।

CDC की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना साइलेंट कैरियर दुनियाभर में कितने हैं ,ये कह पाना तो मुश्किल है। लेकिन हम ऐसा अनुमान लगा रहे हैं कि करीब 25 प्रतिशत लोग कोरोना साइलेंट कैरियर हैं और इन लोगों से स्वस्थ्य व्यक्तियों को संक्रमण होने का भी खतरा है। अगर आपको कोरोना सालइलेंट कैरियर के बारे में जानकारी नहीं है ये आर्टिकल तुरंत पढ़ें।

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कोरोना साइलेंट कैरियर : एसिम्टोमैटिक (Asymptomatic) और प्रीसिम्टोमैटिक (Presymptomatic)

आपको हम सरल शब्दों में समझाने की कोशिश करते हैं कि आखिर एसिम्टोमैटिक और प्रीसिम्टोमैटिक होता क्या है ? प्रीसिम्टोमैटिक कंडीशन के दौरानजब किसी व्यक्ति को टेस्ट के दौरान किसी भी प्रकार के लक्षण नहीं दिखाई देते हैं, लेकिन कुछ दिनों के बाद कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। जबिक एसिम्टोमैटिक कंडीशन में व्यक्ति को कभी भी कोरोना वायरस के लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। जो वैज्ञानिक कोरोना वायरस फैलने के कारण और काउंट केस की स्टडी कर रहे हैं, उनमे एसिम्टोमैटिक कंडीशन वाले व्यक्ति नहीं गिने जा सकते हैं क्योंकि वो किसी भी प्रकार के लक्षण प्रदर्शित नहीं करते हैं। ऐसे लोग अन्य लोगों को आसानी से संक्रमित कर सकते हैं। आपको बताते चले कि कोरोना के वाहक के बारे में अभी सिर्फ अनुमान लगाया जा रहा है। सीडीसी ने भी अपनी रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि 30 प्रतिशत लोग कोरोना साइलेंट करियर हो सकते हैं। इस बारे में अभी तक किसी भी स्वास्थ्य संस्थान या डब्लूएचओ आदि ने दावा नहीं किया है।

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कोरोना साइलेंट कैरियर : असम में कोरोना के वाहक होने पर जताया गया शक

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ‘ असम में स्वास्थ्य अधिकारियों ने 111 लोगों की पहचान की है जो एक कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए थे। व्यवसायी की दिल्ली ट्रेवल हिस्ट्री थी, लेकिन ऐसा बताया जा रहा है कि वो व्यक्ति साइलेंट कैरियर की वजह से संक्रमित हुआ था। फिलहाल स्प्रेडर की खोज जारी है और आसपास के इलाके को सैनिटाइज किया जा रहा है।’ फिलहाल भारत में तेजी से जांच  के लिए रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट की स्वीकृति दी जा चुकी है, लेकिन जांच तेजी से नहीं हो पाई तो हालात आगे चलकर बेहद खतरनाक हो सकते हैं। चिकित्सकों के अनुसार कोरोना वायरस के साइलेंट कैरियर में स्वाद और सुगंध का प्रभावित होना एक महत्वपर्ण लक्षण हो सकता है। लेकिन ये जरूरी नहीं है कि साइलेंट कैरियर में ये लक्षण दिखाई ही दें। विशेषज्ञों के अनुसार साइलेंट कैरियर्स अधिकतर युवा होते हैं।

कोविड-19 की ताजा जानकारी
देश: भारत
आंकड़े

1,435,453

कंफर्म केस

917,568

स्वस्थ हुए

32,771

मौत
मैप

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क्यों नहीं दिखते हैं कोरोना के लक्षण ?

कोरोना वायरस का संक्रमण उन लोगों को अधिक प्रभावित करता है, जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती है। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को अधिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जिन लोगों की इम्यूनिटी मजबूत होती है, उन लोगों में कोरोना के लक्षण दिखाई नहीं पड़ते हैं या फिर कुछ दिनों के बाद वायरस के लक्षण नजर आते हैं। अब चूंकि जिन लोगों में संक्रमण होने के बावजूद भी कोरोना के लक्षण नजर नहीं आते हैं, वो लोग कोरोना साइलेंट कैरियर का काम करते हैं।ऐसे व्यक्तियों को खुद ही नहीं पता चल पाता है कि शरीर में कोरोना पहुंच भी चुका है। साइलेंट कैरियर को कई बार सूंघने या स्वाद लेने में समस्या हो सकती है।

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चीन में पाए जा चुके हैं कोरोना साइलेंट कैरियर

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चीन के सरकारी आंकड़ों बताते हैं कि फरवरी-2020 के अंत तक 43,000 से ज्यादा ऐसे कोरोना से संक्रमित पाए गए थे, जिनमें इसका कोई लक्षण नहीं दिख रहा था। ये लोग सेल्फ क्वारंटाइन थे, लेकिन संक्रमण पॉजिटिव न पाएं जाने के कारण इन्हें आधिकारिक आंकड़ों में शामिल नहीं किया गया था। उस वक्त चीन में कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीजों की संख्या 80,000 थी। आप इस बात से ही अंदाजा लगा सकते हैं कि साइलेंट कैरियर सभी देशों के लिए कितने घातक सिद्ध हो रहे हैं। वैज्ञानिकों के सामने भी साइलेंट कैरियर को लेकर चुनौती खड़ी हो गई है कि संक्रमण फैलाने के लिए ज्यादा जिम्मेदार किन्हें माना जाए। वायरस के साइलेंट कैरियर को या उन लोगों को जिनमें इसके लक्षण देखे गए।

अगर आपको कोरोना वायरस के लक्षण नजर आएं तो लापरवाही न बरतें।  वायरस इंफेक्शन के लक्षण सर्दी-जुखाम का एहसास दिला सकते हैं। इन लक्षणों के दिखने पर तुरंत जांच कराएं ताकि आपके परिवार और समाज की सुरक्षा बनी रही। फिलहाल घर से बाहर जाने पर मास्क का प्रयोग जरूर करें। अगर आपके पास मास्क नहीं है तो आप रुमाल का भी यूज कर सकते हैं। साइलेंट कैरियर कहीं भी हो सकते हैं और ये किसी को भी संक्रमित कर सकते हैं, इसलिए आप सभी को सावधान रहने की जरूरत है। साथ ही कोरोना वायरस के लक्षणों पर भी ध्यान दें।

  • नाक का बहना (runny nose)
  • सिरदर्द की समस्या
  • खांसी आना
  • गले में खराश महसूस होना (sore throat)
  • बुखार महसूस होना
  • अस्वस्थ्य होने का सामान्य एहसास
  • अस्थमा की समस्या

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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