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कोरोना वायरस के इलाज में प्रभावी हो सकती है रेमडेसिवीर दवा, जानें इसके बारे में

कोरोना वायरस के इलाज में प्रभावी हो सकती है रेमडेसिवीर दवा, जानें इसके बारे में

कोविड- 19 (COVID- 19) का इलाज खोजने के लिए पूरी दुनिया कोशिश कर रही है। इसी कोशिश के दौरान कोरोना वायरस के इलाज (Coronavirus Treatment) में एक दवा का नाम सामने आ रहा है, जो कि इस महामारी के इलाज (Coronavirus Vaccine Development) में काफी प्रभावशाली साबित हो सकती है। इस ड्रग के प्रभाव पर अभी शुरुआती स्टडी चल रही है, लेकिन इसे काफी प्रभावशाली माना जा रहा है और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) भी कोविड- 19 के मरीजों के इलाज में इस दवा का उपयोग करने पर विचार कर सकती है। जिस दवा के बारे में हम बात कर रहे हैं, उसका नाम रेमडेसिवीर (Remdesivir Drug) है। आइए, जानते हैं कि रेमडेसिवीर दवा का कोविड- 19 के इलाज में किस तरह का प्रभाव है।

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रेमडेसिवीर दवा पर स्टडी और ट्रायल (Remdesivir Drug Trial)

अमेरिका की प्रमुख बायोटेक्नेलॉजी कंपनियों में शामिल गिलियड साइंसेज ने रेमडेसिवीर दवा पर एक स्टडी कराई थी। स्टडी के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती किए गए कोविड- 19 के 53 गंभीर मरीजों पर इसका क्लीनिकल ट्रायल किया गया था। कोरोना वायरस के 53 गंभीर मरीजों में से 36 मरीजों में इस दवा से काफी सुधार देखने को मिला है। यह स्टडी शुक्रवार को न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसीन (New England Journal of Medicine) में प्रकाशित हुई थी।

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रेमडेसिवीर दवा पर गिलियड साइंसेज के सीईओ का बयान

नौ देशों से शामिल मरीजों को रेमडेसिवीर ड्रग की पहली डोज 7 मार्च को दी गई, जिसके बाद उनमें से 68 प्रतिशत मरीजों ने क्लिनिकल इंप्रूवमेंट दिखाया, 47 प्रतिशत मरीजों को अस्पतला से छुट्टी दे दी गई और 13 प्रतिशत मरीजों की मृत्यु हो गई। गिलियड साइंसेज के सीईओ डैनियल ओडे ने लिखा कि, ‘रेमडेसिवीर दवा से उपचार पर अभी स्टडी और जांच जारी है और दुनिया के किसी भी देश में इसके उपयोग के लिए अभी मंजूरी नहीं दी गई है। अभी हम यह पता लगा रहे हैं कि यह दवा कितनी सुरक्षित है या इसके कोई साइड इफेक्ट तो नहीं है। हम जांच कर रहे हैं कि विभिन्न स्थितियों में यह दवा कैसे कार्य करती है और इसके लिए दुनियाभर में कई क्लीनिकल ट्रायल चल रहे हैं।’ आपको बता दें कि, रेमडेसिवीर दवा को इबोला वायरस डिजीज (Ebola Virus Disease) के ट्रीटमेंट के लिए भी टेस्ट किया जा रहा है। क्योंकि, यह इबोला आउटब्रेक के दौरान भी काफी प्रभावशाली साबित हुई थी।

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रेमडेसिवीर दवा पर आईसीएमआर का क्या कहना है?

इस स्टडी पर अपनी बात रखते हुए आईसीएमआर के एपिडेमियोलॉजी एंड कम्युनिकेबल डिजीज (Epidemiology and Communicable Disease) विभाग के प्रमुख, रमन गंगाखेडकर ने कहा कि, ‘नई स्टडी के मुताबिक इबोला वायरस आउटब्रेक के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली रेमडेसिवीर दवा को कोरोना वायरस के रिप्रोडक्शन में बाधा डालते हुए देखा गया है, जिस वजह से यह माना जा रहा है कि यह कोविड- 19 ट्रीटमेंट के दौरान इस्तेमाल हो सकती है। लेकिन हम विश्व स्वास्थ्य संगठन के नतीजों का इंतजार करेंगे और अगर डब्ल्यूएचओ ने इसके इस्तेमाल को मंजूरी दी तो हम इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन, चूंकि यह दवा अभी हमारे देश में मौजूद नहीं है और सरकार द्वारा अन्य फार्मासियुटिकल कंपनियों को इसके उत्पादन के लिए आमंत्रित किया जाएगा।’

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बीसीजी वैक्सीन और हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन दवा पर भी चल रहा है शोध

रेमडेसिवीर दवा के अलावा बीसीजी वैक्सीन और हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन दवा पर भी कोरोना वायरस के इलाज में प्रभावशीलता पर शोध चल रहा है। हाल ही में हुए शोध में पता चला था कि, जिन देशों में टीबी जैसे लंग इंफेक्शन को खत्म करने के लिए बीसीजी टीके का इस्तेमाल हो रहा है, वहां कोरोना वायरस के मामले कम देखने को मिल रहे हैं। इसके अलावा, कोरोना वायरस के इलाज में हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन ड्रग (Hydrocychloroquine drug) का प्रभाव देखने के लिए भी शोध किया जा रहा है। दरअसल, हाइड्रोक्सी कोलोरोक्वाइन एक एफडीए मान्यता प्राप्त एंटीमलेरियल ड्रग है जो कि मुंह द्वारा लिया जाता है। मलेरिया के अलावा, यह रूमेटाइड अर्थराइटिस और ल्यूपस एरिथेमेटोसस (rheumatoid arthritis and lupus erythematosus) बीमारी में भी इस्तेमाल की जाती है। यह कम उम्र के बच्चों के लिए नहीं दी जाती है, इसलिए इस दवा का सेवन सिर्फ डॉक्टर द्वारा बताए गए तरीके से ही करना चाहिए। हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन टैबलेट्स का गलत इस्तेमाल करने से कई गंभीर दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है।

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कोरोना वायरस से सावधानी

कोरोना वायरस इंफेक्शन से बचने के लिए भारत सरकार ने लोगों के लिए कुछ सलाह दी है। सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन के साथ इन एहतियात रूपी सलाह को फॉलो करने से आप कोरोना वायरस संक्रमण से काफी हद तक बच सकते हैं।

  1. कोरोना से बचाव के लिए हाथों की अच्छी से सफाई जरूरी है।
  2. लोगों से मिलते समय उचित दूरी बनाएं।
  3. आंखों, नाक और मुंह को छूने से पहले हाथ धुल लें।
  4. खांसी या फिर छींक आए तो हैंकी या फिर टिशू का यूज जरूर करें।
  5. कोरोना के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
  6. जब तक कोरोना की वैक्सीन न बन जाएं, तब तक सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।
  7. अगर आपके पास साबुन नहीं है तो एल्कोहॉल बेस्ड सैनिटाइजर का भी यूज कर सकते हैं।
  8. मास्क को मुंह में सही तरह से लगाएं। मास्क और मुंह के बीच स्पेस न रहने दें।
  9. मास्क को दोबारा इस्तेमाल न करें। डिस्पोजल मास्क को एक बार यूज करने के बाद फेंक दें।
  10. मास्क को आगे से छूने की भूल न करें।
  11. इस्तेमाल के बाद मास्क को तुरंत एक बंद डस्टबिन में फेंक दें।

ये भी ध्यान रखें

कोरोना वायरस महामारी को देश से खत्म करने के लिए आपको लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही मास्क व पर्सनल हाइजीन जैसी सावधानियों का पालन करना होगा। इसके अलावा, सिर्फ सरकार या हेल्थ एक्सपर्ट द्वारा दी गई जानकारी पर ही विश्वास करें। हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Coronavirus – https://www.who.int/health-topics/coronavirus – Accessed on 15/4/2020

Coronavirus (COVID-19) – https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/index.html – Accessed on 15/4/2020

Coronavirus (COVID-19) – https://www.nhs.uk/conditions/coronavirus-covid-19/ – Accessed on 15/4/2020

Coronavirus disease 2019 (COVID-19) – Situation Report – 85 – https://www.who.int/docs/default-source/coronaviruse/situation-reports/20200414-sitrep-85-covid-19.pdf?sfvrsn=7b8629bb_4 – Accessed on 15/4/2020

Novel Corona Virus – https://www.mohfw.gov.in/ – Accessed on 15/4/2020

Gilead’s experimental COVID-19 drug shows promise but analysts remain cautious – https://www.marketwatch.com/story/gileads-experimental-covid-19-drug-shows-promise-but-analysts-remain-cautious-2020-04-13 – Accessed on 15/4/2020

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Surender aggarwal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 03/06/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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