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चमगादड़ की सुपर इम्यूनिटीः शरीर में कोरोना वायरस रहने के बाद कैसे जिंदा रहता है चमगादड़?

चमगादड़ की सुपर इम्यूनिटीः शरीर में कोरोना वायरस रहने के बाद कैसे जिंदा रहता है चमगादड़?

जब से दुनिया में कोरोना का प्रकोप फैला है, तब से सबसे अधिक चर्चा किसी बात की हो रही है, तो वह है इम्यूनिटी पावर। डॉक्टर, हॉस्पिटल, भारत सरकार या विश्व स्वास्थ्य संगठन, सभी यही कह रहे हैं कि जिन लोगों की इम्यूनिटी पावर अच्छी होती है, उनके लिए कोरोना वायरस बहुत अधिक घातक नहीं होता। जिनकी इम्यूनिटी पावर कम होती है, कोरोना वायरस के कारण उनके जीवन को जोखिम हो सकता है। जब भी ऐसी बीमारी दुनिया में आती हैं, तो आपने देखा होगा कि अधिकांश लोग यह कहते हैं कि इस बीमारी का कारण चमगादड़ है। लोग कहते हैं कि चमगादड़ के शरीर में कोरोना वायरस रहता है और उससे ही यह जानलेवा बीमारी लोगों को हुई है। क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर क्यों चमगादड़ को कोरोना वायरस नुकसान नहीं पहुंचाता है? क्या चमगादड़ की सुपर इम्यूनिटी पावर होती है? क्या चमगादड़ की तरह आपकी कभी सुपर इम्यूनिटी पावर नहीं हो सकती।

सुपर इम्यूनिटी (इम्यूनिटी को बढ़ाने का तरीका): रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी का उपाय ढूंढ़ रहे लोग

कोरोना एक खतरनाक वायरस है। कोरोना वायरस के कारण दुनिया में पहले भी कई तरह की बीमारियां हुई हैं। इस वायरस के कारण MERS और SARS जैसी बीमारियों ने दुनिया में अपना कहर बरपाया है और लाखों लोगों की जान ले ली है। कोविड-19 भी एक ऐसी ही बीमारी है, जो नोवल कोरोना वायरस के कारण दुनिया में फैली है और पूरा विश्व कोविड-19 का प्रकोप झेल रहा है। ऐसे में हर तरफ लोग इम्यूनिटी बढ़ाने का तरीका ढूंढ़ रहे हैं। आप भी ऐसे उपाय के बारे में जानना चाहते होंगे, जिससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी हो जाए। आइए आपको बताते हैं कि चमगादड़ की सुपर इम्यूनिटी पावर का राज क्या है।

सुपर इम्यूनिटी पावर से कोरोना का इलाज-super immunity se corona ka ilaj

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सुपर इम्यूनिटी (इम्यूनिटी को बढ़ाने का तरीका): कोरोना वायरस से चमगादड़ को नहीं होता कोई नुकसान

कोरोना वायरस दुनिया भर के लिए घातक साबित हो रहा है। कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर लोगों की जान चली जाती है, लेकिन इस वायरस से चमगादड़ को कोई फर्क नहीं पड़ता। इस भयंकर वायरस से चमगादड़ की जान क्यों नहीं जाती है। क्या चमगादड़ की सुपर इम्यूनिटी पावर होती है, जिससे कोरोना वायरस से उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। इस बारे में यूएसएएसके (USask) के माइक्रोबायोलॉजिस्ट विक्रम मिश्रा ने कहा, “कोरोना वायरस चमगादड़ के शरीर में रहता है और चमगादड़ों को इस वायरस से छुटकारा भी नहीं मिलती है, लेकिन इसके बाद भी वे बीमार नहीं होते हैं। इस उदाहरण से हमें यह समझने की जरूरत है कि मनुष्यों की तरह MERS वायरस आखिर क्यों चमगादड़ की रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी नहीं कर पाता है।”

सुपर इम्यूनिटी पावर से कोरोना का इलाज-super immunity se corona ka ilaj

विक्रम मिश्रा ने आगे कहा, “हाल ही में एक रिसर्च प्रकाशित हुआ है। इस रिसर्च में पहली बार यह देखा गया कि कीट खाने वाले एक भूरे रंग के चमगादड़ की कोशिकाओं में एक महीने से अधिक समय से MERS कोरोनो वायरस मौजूद था, लेकिन चमगादड़ को इससे कोई परेशानी नहीं हो रही थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि चमगादड़ के शरीर में वायरस इस प्रकार रह रहा था, जैसे चमगदाड़े के शरीर ने वायरस को स्वीकार कर लिया है और एक दूसरे के लिए अनुकूल है।”

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सुपर इम्यूनिटी (इम्यूनिटी को बढ़ाने का तरीका): चमगादड़ के शरीर में घर की तरह रहता है वायरस

माइक्रोबायोलॉजिस्ट विक्रम मिश्रा के अनुसार, “इंसान जब कोरोना वायरस से संक्रमित होता है, तो यह वायरस इंसान के शरीर की कोशिकाओं को बीमार बनाने लगता है, लेकिन चमगादड़ के शरीर में MERS कोरोना वारयस लंबे समय तक जीवित रहता है, जैसे चमगादड़ का वह घर हो। दोनों के बीच एक रिश्ता सा बन जाता है। दरअसल इसका बड़ा कारण है कि चमगादड़ की सुपर इम्यूनिटी पावर है।”

सुपर इम्यूनिटी (इम्यूनिटी को बढ़ाने का तरीका): वायरस के कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी

डॉ. मिश्रा की टीम ने चमगादड़ में कोरोना वायरस की मौजूदगी पर शोध करने के साथ-साथ इस बात का अध्ययन किया कि क्या कोरोना वायरस के कारण वेट मार्केट में भी बीमारी फैल सकती है, क्या इससे दूसरी तरह की बीमारियां भी हो सकती हैं या और क्या ये वायरस दूसरे नस्लों के प्राणियों में भी पाए जाते हैं। कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर चमगादड़ के शरीर में क्या बदलाव होते हैं। रिसर्च के बाद पता चला कि जब वायरस किसी चमगादड़ के शरीर में प्रवेश करता है, तो उसकी रोग प्रतिरक्षा प्रणाली में बदलाव होने लगती है और इससे रोग प्रतिरक्षा प्रणाली नाकाम होने लगती है। इसी कारण से वायरस को प्रजनन करने में मदद मिलती है।

सुपर इम्यूनिटी (इम्यूनिटी को बढ़ाने का तरीका): वीडो-इंटरवैक के वैज्ञानिक कर रहे शोध

वैक्सीन एंड इंफेक्शियस डिजीज ऑर्गेनाइजेशन द्वारा किए गए शोध को इंटरनेशनल वैक्सीन सेंटर (VIDO-InterVac) ने भी आगे बढ़ाया। यह विश्व की एक बहुत बड़ी संस्था है, जो इन मामलों पर लगातार रिसर्च करती रहती है। इस जांच टीम का नेतृत्व वैज्ञानिक डारिल फालजारानों कर रहे थे। बता दें कि वैज्ञानिक डारिल फालजारानो ही वह व्यक्ति हैं, जिन्होंने पहली बार MERS-CoV से उपचार का तरीका सुझाया था। इस समय वैज्ञानिक डारिल फालजारानो कोविड-19 की वैक्सीन विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं।

सुपर इम्यूनिटी पावर से कोरोना का इलाज-super immunity se corona ka ilaj

इस विषय पर वैज्ञानिक डेरिल फल्जारानो ने कहा कि कोरोना वारयस के चमगादड़ के शरीर में रहने के विषय पर किए गए शोध से हमें यह पता चला है कि MERS कोरोनो वायरस एक विशेष स्थान पर अपने रहने लायक माहौल बना लेता है। हालांकि हम पूरी तरह से यह समझ नहीं पा रहे हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है। इस रिपोर्ट से इस बात की भी जानकारी मिली है कि कोरोना वायरस एक प्रजातियों से दूसरी प्रजातियों में भी बहुत आसानी से पहुंच सकता है।

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सुपर इम्यूनिटी (इम्यूनिटी को बढ़ाने का तरीका): हाइबरनेशन के लिए चार महीने तक रह सकता है कोरोना वायरस

माइक्रोबायोलॉजिस्ट विक्रम मिश्रा ने आगे कहा, “SARS-CoV-2 वायरस ने दुनिया भर में अब तक 3.5 मिलियन से अधिक लोगों को संक्रमित किया है। इससे सात प्रतिशत संक्रमित लोगों की जान चली गई है। MERS वायरस ने भी साल 2012 में लगभग 2500 लोगों को संक्रमित कर दिया था और इससे कारण भी कई लोगों की जान चली गई थी। अब तक SARS-CoV-2 या MERS के लिए कोई टीका नहीं बना है। MERS-CoV के बारे में पहले जब शोध किया गया था, तो यह पता चला था कि यह ऊंट के शरीर में रहता है, लेकिन चमगादड़ों में कोरोना वायरस के रहने की पुष्टि होनी बाकी है।”

सुपर इम्यूनिटी पावर से कोरोना का इलाज-super immunity se corona ka ilaj

उन्होंने आगे कहा कि हमारी रिपोर्ट यह बताती है कि कोरोना वायरस जिस भी प्रजाति के शरीर में रहते हैं, वहां अपने लिए अनुकूल माहौल बना लेते हैं। 2017 के यूएसएएसके का किया गया हमारा एक शोध यह कहता है कि हाइबरनेशन के लिए बैट कोरोना वायरस अपने होस्ट के शरीर में कम से कम चार महीने तक बने रह सकते हैं।

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सुपर इम्यूनिटी (इम्यूनिटी को बढ़ाने का तरीका): चमगादड़ों के शरीर में प्राकृतिक रूप से बनने लगता है एंटीवायल

विक्रम मिश्रा के अनुसार, “रिसर्च से यह भी पता चला है कि जब कोई चमगादड़ MERS वायरस के संपर्क में आता है, तो उसकी कोशिकाएं वायरस के अनुकूल हो जाती हैं। इससे चमगादड़ के शरीर में सूजन नहीं होती, बल्कि इसके विपरीत एक प्राकृतिक रूप से एंटीवायरल बनने लगती है। यही एंटीवायरल प्रतिक्रिया मनुष्यों में नहीं बनती है, जिससे लोगों को बीमारी होने लगती है। इसके अलावा यह भी पता चला है कि MERS वायरस एक विशेष जीन को बहुत तेजी से बदल देता है और बैट होस्ट की कोशिकाओं में भी प्रवेश करता है।”

उन्होंने कहा कि इन परिवर्तनों के कारण वायरस लंबे समय तक चमगादड़ में रहने की क्षमता विकसित कर लेता है। इससे चमगादड़ों को नुकसान नहीं पहुंचाता है। हमारी टीम इस विषय पर लगातार शोध कर रही है, ताकि सटीक जानकारियां इकट्ठी की जाए। ऐसी जानकारियों से भविष्य में बैट कोरोना वायरस के कारण होने वाली दूसरी बीमारियों के बारे में समझने में आसानी होगी।

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वैज्ञानिकों के इस शोध से आपको पता चल गया होगा कि कोरोना वायरस चमगादड़ के शरीर में पहुंचने के बाद जीन को बदल देता है। इसी कारण से चमगादड़ का शरीर कोरोना वायरस के रहने के लिए अनुकूल हो जाता है। यही कारण है कि कोरोना वारयस चमगादड़ की रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी नहीं कर पाता है और महीनों तक शरीर में जीवित रहता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो, तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

All accessed on 09/05/2020

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2.U of S bat ‘super immunity’ study may explain how bats carry coronaviruses-https://thestarphoenix.com/news/local-news/usask-bat-super-immunity-study-may-explain-how-bats-carry-coronaviruses/
3.Bat ‘super immunity’ may explain how bats carry coronaviruses, study finds-https://www.ivanhoe.com/news_flash/bat-super-immunity-may-explain-how-bats-carry-coronaviruses-study-finds-click-here/
4.How bats carry high viral loads without getting sick-https://www.theweek.in/news/health/2020/05/07/how-bats-carry-high-viral-loads-without-getting-sick.html
5.Bat ‘Super Immunity’ May Explain How Bats Carry Coronaviruses—USask Study-https://www.enn.com/articles/63457-bat-super-immunity-may-explain-how-bats-carry-coronaviruses-usask-study
6.Bat ‘super immunity’ may explain how bats carry coronaviruses, study finds-https://www.sciencedaily.com/releases/2020/05/200506133614.htm
7.Coronavirus-https://www.who.int/health-topics/coronavirus-
8.Coronavirus disease (COVID-19) Pandemic –https://www.who.int/emergencies/diseases/novel-coronavirus-2019
9.India ramps up efforts to contain the spread of novel coronavirus-https://www.who.int/india/emergencies/novel-coronavirus-2019
10.#IndiaFightsCorona COVID-19 –https://www.mygov.in/covid-19

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Suraj Kumar Das द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 10/05/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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