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सफर के दौरान कोरोना का खतरा कैसे हो सकता है कम?

सफर के दौरान कोरोना का खतरा कैसे हो सकता है कम?

कोरोना वायरस जब चीन के वुहान शहर से फैलना शुरू हुआ था, तब किसी ने भी नहीं सोचा था कि इस वायरस का आतंक कई देशों में फैलेगा। चीन, इटली, अमेरिका, बिट्रेन के साथ ही अन्य देशों में आतंक मचाने वाला कोरोना वायरस भारत में भी अपने पैर पसार रहा है। भारत में सबसे पहले केरल के तीन लोग इस वायरस से संक्रमित हुए थे। केरल के इंफेक्टेड तीन मरीजों को पूरी तरह से ठीक कर लिया गया था। लेकिन कुछ ही दिनों के बाद भारत में फिर से कोरोना वायरस से इंफेक्टेड लोगों की संख्या बढ़ने लगी। हाल में भारत में कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़कर 59 हो गई है। ऐसे में ट्रेवल करने वाले लोगों को खासतौर पर कई बातों का ध्यान रखना जरूरी है, जो हम इस आर्टिकल में आपको बताएंगे।

ट्रेवलिंग में कोरोना वायरस का खतरा क्यों?

केरल में सबसे ज्यादा 14 केस सामने आए हैं। ऐसे में जब पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का कहर जारी है, लोगों के मन में एक देश से दूसरे देश में ट्रेवलिंग को लेकर भी बहुत से सवाल परेशान कर रहे हैं। ऐसे समय में एयरपोर्ट में यात्रियों की संख्या में भी कमी आई है। एयरलाइंस भी यात्रियों को टिकट को लेकर ऑफर दे रही है। ट्रेवलिंग में कोरोना का खतरा कम करने के लिए क्या करना चाहिए, ये प्रश्न अधिकतर लोगों के मन में है। अगर आपके मन में ट्रेवलिंग के दौरान कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर कुछ सवाल हैं तो बेहतर होगा कि आप ये आर्टिकल पढ़े।

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ट्रेवलिंग में कोरोना का खतरा : मास्क है कितना सुरक्षित ?

भारत देश में जब तक कोरोना वायरस का प्रहार नहीं हुआ था, तब तक आम लोगों के लिए मास्क के बारे में जानकारी या फिर मास्क खरीदना आम नहीं था। अब जबकि कोरोना वायरस देश के विभिन्न राज्यों में फैलना शुरू हो चुका है तो लोगों में मास्क को लेकर अवेयरनेस बढ़ रही है। आपको ये बात जाननी बहुत जरूरी है कि ट्रेवलिंग में कोरोना का खतरा खत्म करने के लिए मास्क जरूरी है, लेकिन सही मास्क का चुनाव अधिक जरूरी है। मेडिकल स्टोर में आपको विभिन्न प्रकार के मास्क मिल जाएंगे। ऐसे में कौन सा मास्क लेना चाहिए, इस बात की जानकारी बहुत मायने रखती है। अगर आपने नॉर्मल मास्क ( प्रदूषण से बचाने के काम करता है) खरीदा है और आप ट्रेवलिंग में उसे यूज करते हैं, तो ये आपको कोरोना वायरस के इंफेक्शन से नहीं बचा पाएगा।

कोरोना वायरस से बचाव

कोरोना वायरस के इंफेक्शन से बचने के लिए मास्क का यूज करना चाहिए। हो सकता है कि सभी मेडिकल स्टोर में मास्क उपलब्ध न हो, लेकिन आपको किसी भी प्रकार के सर्दी-जुकाम के लक्षण दिखें तो मास्क जरूर पहनें। आपको ये बात भी ध्यान रखनी चाहिए कि जो लोग मास्क को सही ढंग से नहीं पहनते हैं, उन्हें भी संक्रमण हो सकता है। यानी मास्क को सही से न लगाने पर कोरोना वायरस का इंफेक्शन फैल सकता है। जिन लोगों की दाढ़ी बड़ी होती हैं, उन लोगों में भी मास्क सही से नहीं लग पाता है। ऐसे में ट्रेवलिंग में कोरोना का खतरा अधिक बढ़ जाता है। खतरे से बचने के लिए मास्क को लगाने का सही तरीका डॉक्टर से जानें और दाढ़ी बड़ी है तो उसे तुरंत साफ कर लें।

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ट्रेवलिंग में कोरोना का खतरा : कितना सुरक्षित है केबिन ?

भले ही ट्रेवलिंग के दौरान आपने मास्क पहना हुआ हो, लेकिन आप प्लेन में खुद को ट्रे टेवल, सीटबेल्ट बकल आदि को छूने से नहीं रोक सकते हैं। डॉ. टिएर्नो इस बारे में कहते हैं कि साबुन से हाथ धोने में संक्रमण का खतरा 16 प्रतिशत तक कम हो जाता है। वहीं सैनेटाइजर से हाथ साफ करने पर 60 प्रतिशत तक सुरक्षा मिलती है। सैनेटाइजर को हाथ पर लगाने के बाद उसका सूखना बहुत जरूरी है नहीं तो जर्म्स के पनपने का खतरा रहता है।

ट्रेवलिंग में कोरोना वायरस ऐसे फैल सकता है

ट्रेवलिंग के दौरान पूरी सावधानी रखने के बावजूद अगर आपसे कोई चूक हो जाती है तो कोरोना वायरस का संक्रमण आसानी से फैल सकता है। 2015 में गर्वर्नमेंट एकाउंटबिलिटी ऑफिस की ओर से जारी की गई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि नेक्स्ट फ्लाइट के लिए कैबिन को साफ करने का कम ही समय होता है, यानी केबिन की अच्छे से सफाई नहीं हो पाती है। ऐसे में अगर कोई इंफेक्टेड व्यक्ति प्लेन में सफर कर रहा हो और उसी स्थान में कुछ देर बाद कोई स्वस्थ्य व्यक्ति आकर बैठता है तो इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।

अगर स्वस्थ्य व्यक्ति ने मास्क नहीं पहना है या फिर वो सीट बेल्ट छूने के बाद हाथ नाक या आंख में लगाता है तो कोरोना वायरस का इंफेक्शन आसानी से फैल सकता है। ऐसे में सुरक्षा ही वायरस के खतरे से बचाने का काम कर सकती है। बेहतर होगा कि इस बारे में एक बार डॉक्टर से परामर्श कर लें। बेहतर होगा कि ट्रेवलिंग के दौरान सुरक्षा के बारे में डॉक्टर से एक बार जानकारी जरूर लें।

इस बारे में एक मीडिया हाउस को सुझाव देते हुए डॉ हर्ट्जबर्ग ने कहा कि बेहतर होगा कि ट्रेवलिंग के दौरान बाथरूम का यूज करते समय दरवाजे को पेपर टॉवेल की हेल्प से खोले और बंद करें। साथ ही भोजन को सीधे टेबल में न रखें बल्कि कंटेनर का यूज करें। साल 2014 में ऑबर्न यूनीवर्सिटी के एक अध्ययन में कहा गया था कि कोई भी जर्म्स क्लोथ पॉकेट में एक सप्ताह तक जीवित रह सकता है। यानी ट्रेवलिंग में कोरोना का खतरा कम करने के लिए उपाय तो किए जा सकते हैं, लेकिन इसके खतरे को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता है।

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यात्रा के दौरान कोरोना का खतरा : हवा में इंफेक्शन हो सकता है ?

इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की एक 2018 रिपोर्ट के अनुसार, बस में या फिर मूवी थिएटर के साथ ही एयरलाइन में भी संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को हवा के माध्यम से संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है। एयरोप्लेन के अंदर HEPA फिल्टर का यूज किया जाता है, जो माइक्रोब्स को खत्म करने का काम करता है। फिल्टर से माइक्रोब्स कम हो जाते हैं लेकिन पूरी तरह से खत्म नहीं होते हैं। वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में आसानी से प्रवेश कर जाते हैं।

वैसे तो एयर ट्रेवलिंग के दौरान हवा से संक्रमण का खतरा कम ही रहता है लेकिन डब्लूएचओ के अनुसार नाक और स्किन के माध्यम से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ये बात सच है कि यात्रा के दौरान कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखकर यात्रा की जा सकती है। ट्रेवलिंग में कोरोना का खतरा न हो इसलिए आपको बेहद सजग रहने की जरूरत है।

एयरलाइंस दे रही हैं ऑफर

ट्रेवलिंग में कोरोना का खतरा बढ़ते देख ज्यादातर पैसेंजर अपनी एयरोप्लेन की टिकट कैंसिल कर रहे हैं या फिर रिशेड्युल कर रहे हैं। ऐसे में एयरलाइंस अपने पैसेंजर्स को छूट प्रदान कर रही हैं। बड़ी संख्या में एयरटिकट कैंसिल करने की वजह से एयरलाइंस को बड़ा झटका लगा है। इस मामले में एयरलाइन यात्रियों को कुछ राहत प्रदान कर रही हैं। गोएयर 30 अप्रैल तक बुक किए जाने वाले टिकटों पर कैंसिलेशन चार्ज नहीं लेगा।

ध्यान देने वाली बात ये है कि आठ मार्च और 30 अप्रैल के बीच की गई बुकिंग में ये सुविधा दी जा रही है। डिपार्चर के 14 दिन पहले पैसेंजर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। अगर पैसेंजर री-शेड्युल का ऑप्शन चुनता है और किराए में अंतर होता है तो उसका भुगतान करना पड़ेगा। इसी तरह से कतर एयरवेज ने भी 30 जून तक ऑफर देने की बात कही है। यात्रा के तीन दिन पहले यात्री बदलाव कर सकता है। इंडियन एविएशन वेबसाइट के एडिटर अजय अवंती ने कहा कि गोएयर इस बात का ध्यान भी रख रहा है कि फॉरवर्ड बुकिंग को किसी भी तरह का नुकसान न हो।

वहीं इंडिगो के चीफ कमर्शियल ऑफिसर विलियम बौल्टर ने 7 मार्च को दिए अपने बयान में कहा था कि दो हफ्ते के लिए हम लोग नॉर्मल चेंजेस फीस को माफ कर रहे हैं। ऐसा करने से पैसेंजर की परेशानी कम हो जाएगी। टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस भी 1 मार्च से पहले की गई बुकिंग के कैंसिलेशन चार्ज को माफ कर रही हैं। अभी तक एयर इंडिया ने छूट के बारे में किसी भी तरह की कोई एनाउंसमेंट नहीं की है।

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जानिए कितना घाटा हो रहा है एयरलाइंस को

कोरोना वायरस से अब तक दुनियाभर में 3,800 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। एयरलाइंस को यात्रियों की संख्या में भारी कमी के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है। इंडस्ट्री एसोसिएशन IATA ने अब तक $ 113 बिलियन तक के नुकसान का अनुमान लगाया है। यूनाइटेड एयरलाइंस में सबसे अधिक छूट दी जा रही है। एयरलाइन ने यात्रियों को अगले 12 महीनों के लिए बुकिंग को चेंज करने की अनुमति दे दी है।

ट्रेवल के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

  1. हाथों को अच्छी तरह से धोना बहुत जरूरी है। करीब 20 मिनट के बाद हाथों को धोएं या फिर सैनेटाइजर का यूज करें।
  2. आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें। वायरस का इंफेक्शन ट्रेवल के दौरान नाक और मुंह और आंखों को छूने से जल्दी फैल सकता है।
  3. छींकते या खांसते समय अपने मुंह और नाक को किसी टिश्यू पेपर का यूज करें।
  4. बुखार, खांसी या सांस लेने में दिक्कत हो रही है, तो जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से मिलें। ऐसे में ट्रेवल करने से भी बचे क्योंकि इंफेक्शन होने की स्थिति में ट्रेवल के दौरान दूसरों को भी खतरा हो सकता है।
  5. ट्रेवलिंग में कोरोना का खतरा न बढ़े, इसके लिए आपको अपने साथ पेपर टॉवल और सैनेटाइजर जरूर रखना चाहिए।
  6. अपने मुंह और नाक को मास्क से अच्छी तरह कवर करें ताकि उसमें किसी भी तरह का गैप न रहे।
  7. एक बार इस्तेमाल किए गए मास्क को दोबारा इस्तेमाल न करें।
  8. मास्क को पीछे से हटाएं और उसे इस्तेमाल करने के बाद आगे से न छूएं।
  9. डॉक्टर से पूछने के बाद सही मास्क का ही प्रयोग करें जो आपको वायरस के इंफेक्शन में बचाने में मदद करें।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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सूत्र

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Coronavirus outbreak: Want to reschedule or cancel air ticket? Here’s what airlines are offering https://www.moneycontrol.com/news/business/companies/coronavirus-outbreak-want-to-reschedule-or-cancel-air-ticket-heres-what-airlines-are-offering-5016791.html(Accessed on 11/3/2020)

Here’s what you need to know about changing or canceling your travel plans/https://www.businessinsider.in/science/news/heres-what-you-need-to-know-about-changing-or-canceling-your-travel-plans-due-to-the-coronavirus-as-outbreaks-spread-to-every-continent-except-antarctica/articleshow/74326779.cms/(Accessed on 11/3/2020)

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 03/06/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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